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कांग्रेस पर चौतरफा वॉर करेगी भाजपा,UP के 12 मंत्रियों सहित हजारों प्रवासी कार्यकर्ताओं नें संभाली जिम्मेदारी
भोपाल

कांग्रेस पर चौतरफा वॉर करेगी भाजपा,UP के 12 मंत्रियों सहित हजारों प्रवासी कार्यकर्ताओं नें संभाली जिम्मेदारी

विधानसभा चुनाव (MP Elections) में भाजपा को जिताने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संगठन ने प्रवासी कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है। वह प्रदेश के सभी जिलों में जाकर चुनावी तैयारियों को परखेंगे। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर संगठन को देंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों के कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे हैं। यहां बुधवार को पलाश होटल में आयोजित कार्यशाला में पार्टी की वर्तमान स्थिति, प्रमुख मुद्दे, दूसरी पार्टियों की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर प्रवासी कार्यकर्ताओं को जानकारी और जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान प्रदेश के चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav), पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (Shiv Prakash) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (VD Sharma) मौजूद थे। प्रवासी कार्यकर्ताओं में उत्तर प्रदेश के 12 मंत्री, एक दर्जन से अधिक सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक व मंत्री समेत 50 कार्यकर्ता शामिल हैं। इन्हें अलग-अलग जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है, जिससे पार्टी को जिताने में उनका अनुभव काम आएगा। ये संबंधित जिले की सभी विधानसभाओं की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल सहित विभिन्न पहलुओं पर मैदानी स्थिति का परीक्षण कर अपना फीडबैक देंगे। जिला स्तर पर चुनाव की रणनीति में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव के लिए भी सुझाव देंगे। उत्तर प्रदेश के मंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) को भोपाल, बेबी रानी मौर्य (Baby Rank Maurya) को ग्वालियर, दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) को बालाघाट, दिनेश प्रताप सिंह (Dinesh Pratap Singh)को रायसेन, स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) को सतना, दयाशंकर मिश्र दयालु (Dayashankar Mishra Dayalu) को दतिया, कपिल देव अग्रवाल (Kapil Dev Aggarwal) को दमोह और अनिल राजभर (Anil Rajbhar) को सिवनी जिले की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यशाला में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि प्रवासी कार्यकर्ता देशभर से आए हैं। ये सभी संगठन के काम में पारंगत हैं। चुनाव की रणनीति बनाने में इनका व्यापक अनुभव है। इसका लाभ चुनाव में पार्टी को मिलेगा। ये प्रत्येक जिले और संभाग में जाएंगे। प्रदेश के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनाव में अपनी भूमिका निभाएंगे। आने वाले चुनाव में इन सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से हम ऐतिहासिक बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। हर बूथ पर चुनाव जीतने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दिया है। इसे पूरा करना है।

28/9/2023188
विंध्य में सामंजस्य बैठाने में चूकी भाजपा,गणेश सिंह और रीति पाठक दोनों सबसे कमजोर उम्मीदवार
भोपाल

विंध्य में सामंजस्य बैठाने में चूकी भाजपा,गणेश सिंह और रीति पाठक दोनों सबसे कमजोर उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी सूची (BJP Second List) में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को टिकट देकर सभी को चौका तो दिया है लेकिन भाजपा का विंध्य में गणेश सिंह (Ganesh Singh) और रीति पाठक (Riti Pathak) पर लगाया दांव खाली जा सकता है। दरअसल भाजपा नेताओं के मुताबिक गणेश सिंह विंध्य से बड़े कुर्मी नेता हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि वो सिर्फ कुर्मी नेता ही हैं उसके अलावा वो और कुछ नहीं हैं। लोकसभा चुनाव में सतना की जनता पीएम मोदी का चेहरा देख कर गणेश सिंह को वोट देती है जिसके कारण गणेश सिंह चुनाव जीत जाते हैं और उनकी उस जीत को भाजपा ने गणेश सिंह की जीत मान लिया है। लेकिन गणेश सिंह पर कट्टर कुर्मी नेता होने का ठप्पा लगा है वो अपने घर में ब्राम्हणों का आना तक पसंद नहीं करते हैं जिसके कारण ब्राम्हण वर्ग के लोग गणेश सिंह से दूर ही रहती है। ऊपर से भाजपा ने गणेश सिंह को जिस सीट से टिकट दिया है वो ब्राम्हण बाहुल सीट है। गणेश सिंह को टिकट मिलते ही सतना में एक ही बात चल रही है अबकी बार गणेश विसर्जन पर वार। दूसरी तरफ सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक को चुनाव मैदान में उतारा गया है जिस सीट से रीति पाठक को मौका मिला है वो सीट भाजपा के कद्दावर नेता केदारनाथ शुक्ला की है जिसमें वो कई बार चुनाव जीत चुके हैं लेकिन पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) के छीटे इतना ज्यादा फैले कि केदारनाथ को टिकट से हाथ धोना पड़ा। अब टिकट नही मिलने के बाद केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) बगावती मूड में आ गए हैं और अगर वो बागी होते हैं तो रीति पाठक का चुनाव जीतना संभव नहीं हो पाएगा। इसके अलावा भाजपा रीवा से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को बड़ा और ब्राम्हण नेता मानती है लेकिन उन्हे रीवा जिले की जनता अपना नेता नहीं मानती। राजेन्द्र शुक्ला की खुद की सीट खतरे में है और भाजपा उनके भरोसे रीवा की सभी आठ सीटों को टारगेट कर रही है। कुल मिला कर भाजपा के पास विंध्य में नेता नहीं है और वहां की जनता इस बार भाजपा से काफी नाराज है जिसको खत्म करने के लिए भाजपा के पास कोई खास प्लान भी नहीं है।

27/9/2023353
चुनाव से पहले लाड़ली बहना होंगी और सशक्त,मिलेंगे 1500 रुपये
भोपाल

चुनाव से पहले लाड़ली बहना होंगी और सशक्त,मिलेंगे 1500 रुपये

आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लगने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) आखिरी दांव खेलने की तैयारी में हैं। पता चला है कि सीएम शिवराज आदर्श आचार संहिता लगने से पहले 1500 रुपये देने की घोषणा कर सकते हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले लाडली बहनों (Ladli Behna Yojana) को एक हजार रुपये देने की घोषणा की थी उसके बाद उन्होने इस योजना को तीन हजार रुपये तक करने का वादा किया था। उसी के तहत अक्टूबर में अब लाड़ली बहनों को बढ़ी हुई राशि 1250 रुपये मिलेगी। लेकिन अब पता चल रहा है कि सीएम शिवराज इस योजना में वृध्दि कर 1500 रुपये करने की प्लानिंग कर रहे हैं। इस राशि में ढाई सौ रुपए की वृद्धि की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में कर सकते हैं। महिला एवं बाल विकास (women and child development) विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में एक करोड़ 31 लाख लाडली बहनों को अभी तक एक हजार रुपये प्रतिमा मिल रहे थे। अक्टूबर से यह राशि ढाई सौ रुपए बढ़ाकर दी जाएगी यानी 1250 रुपए प्रतिमा मिलेंगे। इसमें ढाई सौ रुपए की वृद्धि की घोषणा अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में की जा सकती है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने भी सरकार में आने पर महिलाओं को डेढ़ हजार रुपए प्रतिमा देने के लिए नारी सम्मान योजना (Nari Samman Yojana) लागू करने की गारंटी दी है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने धीरे-धीरे प्रतिमा दी जाने वाली राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये तक ले जाने की घोषणा की है। 4 अक्टूबर को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कभी भी विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। इसके साथ ही आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी और फिर तब कोई घोषणा नहीं हो सकती है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री 1,250 रुपये लाड़ली बहनों के खाते में अंतरित करने के साथ ही राशि में वृद्धि की घोषणा कर सकते हैं।

27/9/2023181
भाजपा की रणनीति को 'डी-कोड' करने में जुटी कांग्रेस,वरिष्ठ नेताओं के सामने चुनाव लड़ने में घबरा रहे कांग्रेस नेता
भोपाल

भाजपा की रणनीति को 'डी-कोड' करने में जुटी कांग्रेस,वरिष्ठ नेताओं के सामने चुनाव लड़ने में घबरा रहे कांग्रेस नेता

भारतीय जनता पार्टी की दूसरी सूची (BJP Second List) ने ना सिर्फ राजनीतिक पंडितों के गणित को फेल कर दिया है बल्कि कांग्रेस के बड़े रणनीतिकारों को भी टेंशन में लाकर खड़ा कर दिया है। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसदों कों चुनाव मैदान में उतारा गया है। जिसमें चार नेता सीएम उम्मीदवार के रुप में भी देखे जाते हैं। सबसे पहले नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की बात करें तो वो ग्वालियर-चंबल से पार्टी के बड़े चेहरे हैं और चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक भी हैं। महाकौशल से दो बड़े नेता प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह (Rakesh Singh) हैं दोनों नेता पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। मालवा की बात की जाए तो यहां से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को पार्टी ने चुनाव मैदान में उतार कर सभी को चौंका दिया है। विंध्य से बात करें तो सतना से गणेश सिंह (Ganesh Singh) को चुनावी मैदान में उतारा गया है जिन पर कट्टर जातिवादी होने का ठप्पा भी लगा है और भाजपा का यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है। सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक (Riti Pathak) को वरिष्ठ नेता केदारनाथ शुक्ला की जगह मौका दिया गया है। केदारनाथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं लेकिन इस बार पार्टी ने उनकी छुट्टी कर दी है माना यह भी जा रहा है कि केदारनाथ ने अगर बगावती तेवर अपना लिया तो रीति पाठक को चुनाव निकालना मुश्किल हो जाएगा। अब बात करते हैं भाजपा के रणनीति की। साल 2018 में भाजपा को ग्वालियर-चंबल से हार मिली थी इसी लिए 15 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई। अब केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को दिमनी से चुनाव मैदान में उतार कर वहां की अलग-अलग सीटों को कवर करने की योजना है। माना जा रहा है कि सभी जगह नरेन्द्र सिंह तोमर को सीएम उम्मीदवार के रुप में प्रजेंट किया जाएगा तो आसपास की सभी सीटों का लाभ भाजपा को मिलेगा। इसी प्रकार महाकौशल से राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल को भी सीएम कैंडीडेट के रुप में प्रजेंट किया जाएगा तो आसपास की सभी सीटों में भाजपा को फायदा होगा। ठीक इसी प्रकार मालवा से कैलाश विजयवर्गीय को चुनाव मैदान में उतार कर महाकौशल को साधने की रणनीति तैयार की गई है। केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste) को भी चुनाव मैदान में उतार दिया गया है और वो भाजपा की तरफ से बड़ा आदिवासी चेहरा माने जाते हैं। भाजपा की इस रणनीति को अब कांग्रेस 'डी-कोड' करने में जुट गई है। दरअसल ये वो सीटें हैं जहां पर भाजपा को हार मिली थी और इन सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं। इन हारी हुई सीटों को भाजपा ने आकांक्षी सीटों का नाम दिया था इसी लिए भाजपा ने इन हारी हुई सीटों पर पहले उम्मीदवारों का ऐलान किया है। अभी तक भाजपा 79 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के कद्दावर नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेस खेमें में हलचल मच गई है। केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ लड़ने की कांग्रेस नेता हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। फिलहाल कांग्रेस की दिल्ली में लगातार बैठक जारी है और माना जा रहा है कि भाजपा की गुत्थी को सुलझाने के लिए कांग्रेस के रणनीतिकार लगातार लगे हुए हैं।

26/9/2023183
भाजपा की दूसरी लिष्ट जारी होने पर कांग्रेस ने खोया आपा,ट्विटर में बीजेपी नेताओं को लिखा रावण और कुंभकरण
भोपाल

भाजपा की दूसरी लिष्ट जारी होने पर कांग्रेस ने खोया आपा,ट्विटर में बीजेपी नेताओं को लिखा रावण और कुंभकरण

भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second List)। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को मौका दिया गया है। लेकिन भाजपा की सूची जारी होने पर कांग्रेस ने खुद से आपा खो दिया है। दरअसल भाजपा की दूसरी सूची में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste),प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और राकेश सिंह (Rakesh Singh)जैसे नेताओं को विधानसभा चुनाव में उतार दिया है (MP Elections)। इन नामों के आते ही कांग्रेस पार्टी ने आपा खो दिया है। एमपी कांग्रेस (MP Congress) ने अपने ऑफिसियल ट्विटर के पोस्ट में लिखा है कि 'हार को सामने देख कर रावण,कुंभकरण,अहिरावण और मेघनाथ को चुनाव मैदान में उतार दिया है' कांग्रेस के ट्वीट से स्पष्ट होता है कि बड़े नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेसी खेमे में बौखलाहट की स्थिति निर्मित हो गई। भाजपा ने जिन उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार दिया है उनसे पार पाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। यही कारण है कि अब कांग्रेस पार्टी की ओर से भाजपा नेताओं की रावण और कुंभकरण से तुलना की जा रही है। कांग्रेस पार्टी को जिस प्रकार से उम्मीद थी उसके ठीक उलट भाजपा की सूची जारी हुई है। जिन नेताओं को भाजपा ने दूसरी सूची में उम्मीदवार बनाया है उन पर खुद की सीट जीतने का दबाव तो है ही बांकी आसपास की अन्य सीटें जितवाने का दबाव भी उन नेताओं पर है। कांग्रेस के कुछ नेता इन सभी नेताओं पर कटाक्ष कर रहे हैं कुछ का कहना है कि इन सभी नेताओं का अंतिम चुनाव है तो वहीं कुछ नेता कह रहे हैं कि अबकी बार लंका दहन होगा।

26/9/2023175
भाजपा ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट की जारी,नरेन्द्र सिंह तोमर,राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल ने चौकाया
भोपाल

भाजपा ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट की जारी,नरेन्द्र सिंह तोमर,राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल ने चौकाया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल से उड़ान भरते ही भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट जारी कर दिया है (BJP Second list)। इस लिष्ट में भाजपा ने ज्यादातर सांसदों पर विधानसभा चुनाव के लिए भरोसा दिखाया है। कुछ सीटों पर भाजपा ने चौकाने वाले नाम घोषित किए हैं तो कुछ में सांसदों को मौका देकर चौकाने का काम भी किया है। सतना सांसद गणेश सिंह (Ganesh Singh) को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट देकर स्थानीय दावेदारों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। इसी प्रकार भितरवार सीट से मोहन सिंह राठौर (Mohan Singh Rathore) को टिकट देकर चौकाया है तो वहीं सीधी से दो बार की सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को सीधी प्रॉपर से टिकट देकर एक बड़ा बदलाव करने का प्रयास किया है। मैहर से श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को मौका दिया गया है।जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह (Rakesh Singh) अपना भाग्य आजमाएंगे। नरसिंहपुर से प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) चुनाव मैदान में रहेंगे। इंदौर-1 से कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) चुनाव मैदान पर रहेंगे। भाजपा की दूसरी लिष्ट ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिस प्रकार दूसरी सूची जारी हुई है इससे भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा अपने सभी तुरुप के इक्कों को इस चुनाव मैदान में आजमाने जा रही है। मुरैना से रघुराज कंसान,दिमनी से नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,लहार से अमरीश शर्मा (गुड्डू) डबरा (अजा) इमरती देवी (Imarti Devi),सेवड़ा से प्रदीप अग्रवाल, करैरा (अजा) से रमेश खटीक, सहित अन्य नामों की हुई घोषणा।

25/9/2023187
पीएम मोदी का बयान विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं,भटके नहीं और अटके भी नहीं,'मेरी गारंटी' मित्थ्या नहीं होगी
भोपाल

पीएम मोदी का बयान विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं,भटके नहीं और अटके भी नहीं,'मेरी गारंटी' मित्थ्या नहीं होगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘मोदी यानी हर गारंटी पूरी होने की गारंटी’ है। भोपाल में भाजपा कार्यकर्ता महाकुंभ (karyakarta mahakumbh) को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि ‘जब मोदी गारंटी देता है, जब भाजपा गारंटी देती है तो वो जमीन तक उतरती है। घर घर तक पहुंचती है, हर लाभार्थी तक पहुंती है।’ इसी के साथ उन्होने कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए (PM Modi in Bhopal)। पीएम मोदी ने कहा कि आज कांग्रेस ने अपनी इच्छाशक्ति खो दी है और उसका ठेका अब कुछ अर्बन नक्सलियों के पास है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपना ठेका दूसरों को दे दिया है। वो एक ऐसी कंपनी बन गई है जिसमें नारों से नीतियों तक हर चीज आउटसोर्स हो रही है और ये ठेका कुछ अर्बन नक्सलियों के पास है। भोपाल के जंबूरी मैदान में लाखों बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया कि वो आने वाले चुनाव के लिए जी जान से जुट जाएं। उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश को देश का दिल कहा जाता है और भाजपा के साथ देश के दिल का जुड़ाव कुछ विशेष रहा है। भाजपा को हमेशा एमपी के लोगों ने भरपूर आशीर्वाद दिया है। अटल जी, कुशाभाऊ ठाकरे, कैलाश जोशी, प्यारेलाल खंडेलवाल, राजमाता विजयाराजा सिधिंया, सुंदरलाल पटवा जैसे अनेक महान व्यक्तित्व ने हमें आज यहां तक पहुंचाया है। ऐसे अनेक लोगों का तप और त्याग आज भी भाजपा के हर कार्यकर्ता को प्रेरित करता है। इसलिए मध्य प्रदेश सिर्फ भाजपा के विचार का ही नहीं, बल्कि विकास के विजन का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होने कहा कि आने वाला चुनाव (MP Elections 2023) बेहद अहम है। हमें ध्यान रखना है कि विकास का जो रास्ता एमपी के लोगों ने बनाया है उस विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं, भटके नहीं और अटके भी नहीं।

25/9/2023145
ना 'मामा हूं ना चाचा हूं, मै प्रदेश का भाई हूं' कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का बयान
भोपाल

ना 'मामा हूं ना चाचा हूं, मै प्रदेश का भाई हूं' कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का बयान

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) ने प्रदेश सरकार पर करारा हमला बोलते हुए खुद को प्रदेश की जनता का भाई बताया है। कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने पिछले दो महीना में घोषणाओं के स्पीड ब्रेकर पर पैर रख दिया है और दोगुनी रफ्तार में घोषणाएं करते चले जा रहे हैं। एक न्यूज़ चैनल में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़ी बेबाकी के साथ भाजपा और प्रदेश सरकार (MP Government) पर ताबड़ तोड़ हमले किए। कमलनाथ ने साल 2020 की बात करते हुए कहा कि जब उनकी सरकार गिराई गई,भाजपा नेताओं की बात जब कांग्रेस विधायकों से शुरु हुई तो उसकी जानकारी उन्हे दो महीने से थी। कमलनाथ ने साफ कहा कि उन्होने विधायकों से कहा था कि मजे करो। एमपी में निवेश आने के मामले में एमपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि निवेश विश्वास से आता है लेकिन इस वक्त निवेशकों को एमपी पर भरोसा नहीं है अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो एमपी में निवेशक भी आएंगे। दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और खुद के संबंधों पर कमलनाथ ने कहा कि उनके और दिग्विजय के बीच अच्छे संबंध हैं और वो बयान देते हैं तो उनका ब्यक्तिगत बयान होता है उस बयान का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। कमलनाथ ने एक और बड़ी बात कही। दरअसल सीएम शिवराज को एमपी में मामा के नाम से संबोधित किया जाता है जिस पर कटाक्ष करते हुए कमलनाथ ने कहा कि वो न मामा हैं न चाचा हैं वो प्रदेश की जनता के भाई हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने उन पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कहा कि मंत्रालय में सीसीसीटीवी कैमरे लगे हैं अधिकार सरकार के पास है वो वीडियो फुटेज निकलवा कर चेक कर सकते हैं कि मैने किस प्रकार का भ्रष्टाचार किया है और उनसे मिलने के लिए कौन आया करते थे। कमलनाथ ने एक बड़ी बात कही कि अगर गलत है तो बुलडोजर चलाना गलत नहीं लेकिन कई जगहों पर लोगों को टारगेट करके बुलडोजर चलाए गए हैं जो गलत है। कमलनाथ ने यह भी कहा कि इस बार भाजपा पर जनता का बुलडोजर चलेगा।

24/9/2023140
'सनातन पर बात आती है तो कमलनाथ मौनी बाबा और वोट लेना हो तो ढोंगी बाबा होते हैंःशिवराज सिंह चौहान
भोपाल

'सनातन पर बात आती है तो कमलनाथ मौनी बाबा और वोट लेना हो तो ढोंगी बाबा होते हैंःशिवराज सिंह चौहान

जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) समाप्त होने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की संयुक्त प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता के दौरान सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) और दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) पर बड़ा हमला बोला। सीएम शिवराज ने कहा कि जब सनातन का अपमान होता है, तो कमलनाथ आप मौनी बाबा बन जाते हैं और जब वोट लेना होता है, तो ढोंगी बाबा बन जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी नकारात्मकता की राजनीति करती है और भाजपा सकारात्मकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम एकात्म यात्रा निकालते हैं, स्नेह यात्रा निकालते हैं, जन आशीर्वाद यात्रा निकालते हैं, कांग्रेसी जन आक्रोश यात्रा निकालते हैं। दिग्विजय सिंह जनआक्रोश (Jan Aakrosh Yatra) के पोस्टर से गायब है, कमलनाथ यात्रा से गायब हैं।जिनका नेता पहियों वाले सूटकेस को सिर पर लेकर चलता हो, उस पार्टी का क्या भविष्य होगा! प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आए जो गौरव की बात है। आजादी के अमृतकाल में आधी आबादी को न्याय मिला है। भाजपा की प्राथमिकता नारी सशक्तीकरण है। मुक्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने स्थानीय निकाय चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया। जिसने सेक्स रेशियो ठीक करने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई, जहां महिलाओं को पुलिस में 35% आरक्षण मिलेगा,जहां महिलाओं के नाम पर संपत्ति लेने पर स्टाम्प शुल्क में छूट दी जाती है। जहां संबल योजना बनाई गई, जहां एक करोड़ 32 लाख बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पहले 1,000 रुपये डाले गए और अब 1,250 रुपये डाले जा रहे हैं। हम जनता की सेवा के काम करने के लिए हैं जनआशीर्वाद यात्रा को अभूतपूर्व सफलता मिली है, इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा (VD Sharma) और समस्त कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं।

23/9/2023144
भाजपा की दूसरी सूची पर अब तक रहस्य, कांग्रेस के नाम के कारण रुकी भाजपा की सूची
भोपाल

भाजपा की दूसरी सूची पर अब तक रहस्य, कांग्रेस के नाम के कारण रुकी भाजपा की सूची

भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची (MP BJP Candidate list) बहुत पहले आ चुकी है लेकिन दूसरी सूची पर रहस्य लगातार बरकरार है। कहा यह जा रहा है कि भाजपा (mp bjp) की दूसरी सूची को कांग्रेस के दो विधायकों ने रोक रखा है। यह दोनों विधायक बुंदेलखंड और ग्वालियर- चंबल के दो अलग-अलग क्षेत्र में कांग्रेस के गद्दार विधायक हैं। दोनों ही सीटें भाजपा के सर्वे में भी डेंजर जोन में रखी गई हैं, इसीलिए दोनों विधायकों को भाजपा में शामिल करने की कोशिश जारी हैं। दोनों को भाजपा में प्रवेश दिलाने और उनका टिकट पक्का करवाने के लिए प्रदेश के दो दिग्गज नेता प्रयास कर रहे हैं। इनमें से एक सीट भी दरबार है तो दूसरी राजनगर। छतरपुर जिले की राजनगर सीट कांग्रेस के पास 2008 से है। यहां से कांग्रेस के कुमार विक्रम सिंह 'नाती राजा' ने पिछला चुनाव मात्र 632 वोटों से भाजपा के अरविंद पटेरिया को हराया था। वही ग्वालियर जिले की भितरवार सीट से लखन सिंह यादव विधायक हैं। यह सीट 2008 में कांग्रेस के पास आई थी दरअसल दूसरी सूची में भी 35 ऐसी सिम शामिल हैं जिनमें कांग्रेस मजबूत है। गौरतला अब है कि भाजपा ने 17 अगस्त को ही विधानसभा चुनाव के लिए 39 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी थी। दूसरी सूची पर भी 13 सितंबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चर्चा हो चुकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) राजनगर सीट पर जिताऊ प्रत्याशी को ही टिकट दिए जाने के पक्ष में हैं। वही एक बड़े नेता भितरवार से लखन सिंह यादव को भाजपा में ले जाने के पक्षधर हैं। लाखन सिंह यादव मूल रूप से दिग्विजय सिंह समर्थक हैं। साल 2018 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें कमलनाथ (kamal natha) सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वहीं दूसरे बड़े नेता ने भितरवार के एक अन्य ओबीसी नेट का नाम प्रस्तुत किया है जो ग्वालियर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। दोनों सीटों के टिकट पर अंतिम निर्णय नहीं होने के कारण फिलहाल दूसरी सूची जारी नहीं हो पा रही है।

19/9/2023157
जन आक्रोश यात्रा में दलबदलू नेताओं की होगी अग्नि परीक्षा
भोपाल

जन आक्रोश यात्रा में दलबदलू नेताओं की होगी अग्नि परीक्षा

कांग्रेस पार्टी की 19 सितंबर से जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का आगाज होने जा रहा है। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी (mp congress) ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। यात्रा की निगरानी का जिम्मा खुद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने उठा रखी है। लेकिन कांग्रेस पार्टी इस यात्रा के माध्यम से एक तीर में दो निशाने भी लगाने जा रही है। दरअसल भाजपा से कांग्रेस में आए उन नेताओं पर कांग्रेस की विशेश नजर रहेगी जिन्होने कांग्रेस ज्वाइन करते समय कांग्रेस कार्यालय में अपने कार्यकर्ताओं की ताकत को दिखाया तो वही ताकत अब अग्नि परीक्षा के रुप में तब्दील हो चुकी है। भाजपा से कांग्रेस में आयातित नेताओं के प्रदर्शन के अनुसार ही पार्टी में उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। कुछ नेता चुनाव की दौड़ में भी शामिल हैं। अभी तक चंद्रभूषण सिंह बुंदेला (Chandra bhushan singh bundela) और रघुनंदन शर्मा (Raghunandan Sharma) को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। चुनाव से पहले जन आक्रोश यात्रा का बड़ा अभियान है। राज्य स्तर पर इसकी निगरानी प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेलाला कर रहे हैं तो लोकसभा पर्यवेक्षक विधानसभा क्षेत्रों में नजर रखेंगे। इसकी रिपोर्ट केन्द्रीय संगठन को सौपी जाएगी। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अधुसार भाजपा से जो लोग आए हैं,उन्हे अपनी ताकत दिखाने का अवसर भी इस यात्रा के माध्यम से दिया जा रहा है। सभी नेताओं से यह कह दिया गया है की वो अपने समर्थकों को साथ लेकर यात्रा को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। जन आक्रोश में इस दावे को भी परखा जाएगा और इस आधार पर यह भी निर्धारित होगा कि जो लोग चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं,उनका आधार कितना है। इसलिए भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं को अब जन आक्रोश यात्रा अग्नि परीक्षा के रुप में बन गई है। भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं का प्रदर्शन ही संगठन में आगे बढ़ने का आधार होगा।

17/9/2023165
कमलनाथ ने दिया भाजपा को चार नाम,बनावटी,मिलावटी,दिखावटी और सजावटी भाजपा
भोपाल

कमलनाथ ने दिया भाजपा को चार नाम,बनावटी,मिलावटी,दिखावटी और सजावटी भाजपा

कांग्रेस पार्टी ने जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का रोडमैप जारी कर दिया है। 15 दिनों तक चलने वाली यात्रा 11 हजार 400 किलोमीटर का सफर तय कर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा से होते हुए गुजरेगी। हर विधानसभा में भाजपा के नेता जनसभा को आयोजित करेंगे और इसके अलावा वो हर विधानसभा में नुक्कड़ सभाओं का भी आयोजन करेंगे (MP Elections)। यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता घर-घर जाकर भाजपा सरकार के खिलाफ पर्चे वितरित करेंगे जिसमें मंहगाई,बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों का उल्लेख किया जाएगा। इस जन आक्रोश यात्रा के लिए कांग्रेस पार्टी ने अलग-अलग नेताओं को प्रभारी नियुक्त किया है (mp congress)। यात्रा का आगाज गणेश चतुर्थी से किया जाएगा मतलब साफ है कि सनातन को लेकर चल रहे विवाद को कांग्रेस यहां से खत्म करने की कोशिश कर रही है। प्रेसवार्ता को प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने इतने सालों में सिवाय घोटालों के और कुछ नहीं किया है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भाजपा को चार नाम भी दिए। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के चार नाम हैं बनावटी भाजपा,मिलावटी भाजपा,दिखावटी भाजपा और सजावटी भाजपा। कमलनाथ ने साफ शब्दों में कहा कि आज प्रदेश की जनता इस सरकार से परेशान है। बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का माहौल पूरे प्रदेश में है। इंडिया गठबंधन पर जब कमलनाथ से सवाल किए गए तो वो टालते नजर आए और कहा कि अभी हम चुनाव की तैयारी में लगे हैं। कांग्रेस नहीं चाहती की इंडिया गठबंधन का कार्यक्रम भोपाल में हो और उसमें कोई भी गलती हो जिसका खामियाजा कां ग्रेस पार्टी को उठाना पड़े। यात्रा में कई वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी बनाया गया लेकिन महिलाओं को प्रभारी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है। हांलाकि इस मामले में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सहयोगी के तौर पर कई महिला नेतृयों को इस यात्रा में जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।

16/9/202385
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