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भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ में बड़ी नियुक्तियां 10 संभागों में पदाधिकारी घोषित कर्नल ईशान हैं प्रकोष्ठ के संयोजक

'शीर्षासन' करती प्रदेश की सरकार अब विपक्ष के 'शीर्षासन' की बारी दो दिन कुकरू में बना प्लान मेडिटेशन से मिली शक्ति

कांग्रेस पर चौतरफा वॉर करेगी भाजपा,UP के 12 मंत्रियों सहित हजारों प्रवासी कार्यकर्ताओं नें संभाली जिम्मेदारी
विधानसभा चुनाव (MP Elections) में भाजपा को जिताने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संगठन ने प्रवासी कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है। वह प्रदेश के सभी जिलों में जाकर चुनावी तैयारियों को परखेंगे। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर संगठन को देंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों के कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे हैं। यहां बुधवार को पलाश होटल में आयोजित कार्यशाला में पार्टी की वर्तमान स्थिति, प्रमुख मुद्दे, दूसरी पार्टियों की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर प्रवासी कार्यकर्ताओं को जानकारी और जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान प्रदेश के चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav), पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (Shiv Prakash) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (VD Sharma) मौजूद थे। प्रवासी कार्यकर्ताओं में उत्तर प्रदेश के 12 मंत्री, एक दर्जन से अधिक सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक व मंत्री समेत 50 कार्यकर्ता शामिल हैं। इन्हें अलग-अलग जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है, जिससे पार्टी को जिताने में उनका अनुभव काम आएगा। ये संबंधित जिले की सभी विधानसभाओं की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल सहित विभिन्न पहलुओं पर मैदानी स्थिति का परीक्षण कर अपना फीडबैक देंगे। जिला स्तर पर चुनाव की रणनीति में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव के लिए भी सुझाव देंगे। उत्तर प्रदेश के मंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) को भोपाल, बेबी रानी मौर्य (Baby Rank Maurya) को ग्वालियर, दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) को बालाघाट, दिनेश प्रताप सिंह (Dinesh Pratap Singh)को रायसेन, स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) को सतना, दयाशंकर मिश्र दयालु (Dayashankar Mishra Dayalu) को दतिया, कपिल देव अग्रवाल (Kapil Dev Aggarwal) को दमोह और अनिल राजभर (Anil Rajbhar) को सिवनी जिले की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यशाला में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि प्रवासी कार्यकर्ता देशभर से आए हैं। ये सभी संगठन के काम में पारंगत हैं। चुनाव की रणनीति बनाने में इनका व्यापक अनुभव है। इसका लाभ चुनाव में पार्टी को मिलेगा। ये प्रत्येक जिले और संभाग में जाएंगे। प्रदेश के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनाव में अपनी भूमिका निभाएंगे। आने वाले चुनाव में इन सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से हम ऐतिहासिक बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। हर बूथ पर चुनाव जीतने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दिया है। इसे पूरा करना है।

विंध्य में सामंजस्य बैठाने में चूकी भाजपा,गणेश सिंह और रीति पाठक दोनों सबसे कमजोर उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी सूची (BJP Second List) में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को टिकट देकर सभी को चौका तो दिया है लेकिन भाजपा का विंध्य में गणेश सिंह (Ganesh Singh) और रीति पाठक (Riti Pathak) पर लगाया दांव खाली जा सकता है। दरअसल भाजपा नेताओं के मुताबिक गणेश सिंह विंध्य से बड़े कुर्मी नेता हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि वो सिर्फ कुर्मी नेता ही हैं उसके अलावा वो और कुछ नहीं हैं। लोकसभा चुनाव में सतना की जनता पीएम मोदी का चेहरा देख कर गणेश सिंह को वोट देती है जिसके कारण गणेश सिंह चुनाव जीत जाते हैं और उनकी उस जीत को भाजपा ने गणेश सिंह की जीत मान लिया है। लेकिन गणेश सिंह पर कट्टर कुर्मी नेता होने का ठप्पा लगा है वो अपने घर में ब्राम्हणों का आना तक पसंद नहीं करते हैं जिसके कारण ब्राम्हण वर्ग के लोग गणेश सिंह से दूर ही रहती है। ऊपर से भाजपा ने गणेश सिंह को जिस सीट से टिकट दिया है वो ब्राम्हण बाहुल सीट है। गणेश सिंह को टिकट मिलते ही सतना में एक ही बात चल रही है अबकी बार गणेश विसर्जन पर वार। दूसरी तरफ सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक को चुनाव मैदान में उतारा गया है जिस सीट से रीति पाठक को मौका मिला है वो सीट भाजपा के कद्दावर नेता केदारनाथ शुक्ला की है जिसमें वो कई बार चुनाव जीत चुके हैं लेकिन पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) के छीटे इतना ज्यादा फैले कि केदारनाथ को टिकट से हाथ धोना पड़ा। अब टिकट नही मिलने के बाद केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) बगावती मूड में आ गए हैं और अगर वो बागी होते हैं तो रीति पाठक का चुनाव जीतना संभव नहीं हो पाएगा। इसके अलावा भाजपा रीवा से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को बड़ा और ब्राम्हण नेता मानती है लेकिन उन्हे रीवा जिले की जनता अपना नेता नहीं मानती। राजेन्द्र शुक्ला की खुद की सीट खतरे में है और भाजपा उनके भरोसे रीवा की सभी आठ सीटों को टारगेट कर रही है। कुल मिला कर भाजपा के पास विंध्य में नेता नहीं है और वहां की जनता इस बार भाजपा से काफी नाराज है जिसको खत्म करने के लिए भाजपा के पास कोई खास प्लान भी नहीं है।

भाजपा की रणनीति को 'डी-कोड' करने में जुटी कांग्रेस,वरिष्ठ नेताओं के सामने चुनाव लड़ने में घबरा रहे कांग्रेस नेता
भारतीय जनता पार्टी की दूसरी सूची (BJP Second List) ने ना सिर्फ राजनीतिक पंडितों के गणित को फेल कर दिया है बल्कि कांग्रेस के बड़े रणनीतिकारों को भी टेंशन में लाकर खड़ा कर दिया है। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसदों कों चुनाव मैदान में उतारा गया है। जिसमें चार नेता सीएम उम्मीदवार के रुप में भी देखे जाते हैं। सबसे पहले नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की बात करें तो वो ग्वालियर-चंबल से पार्टी के बड़े चेहरे हैं और चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक भी हैं। महाकौशल से दो बड़े नेता प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह (Rakesh Singh) हैं दोनों नेता पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। मालवा की बात की जाए तो यहां से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को पार्टी ने चुनाव मैदान में उतार कर सभी को चौंका दिया है। विंध्य से बात करें तो सतना से गणेश सिंह (Ganesh Singh) को चुनावी मैदान में उतारा गया है जिन पर कट्टर जातिवादी होने का ठप्पा भी लगा है और भाजपा का यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है। सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक (Riti Pathak) को वरिष्ठ नेता केदारनाथ शुक्ला की जगह मौका दिया गया है। केदारनाथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं लेकिन इस बार पार्टी ने उनकी छुट्टी कर दी है माना यह भी जा रहा है कि केदारनाथ ने अगर बगावती तेवर अपना लिया तो रीति पाठक को चुनाव निकालना मुश्किल हो जाएगा। अब बात करते हैं भाजपा के रणनीति की। साल 2018 में भाजपा को ग्वालियर-चंबल से हार मिली थी इसी लिए 15 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई। अब केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को दिमनी से चुनाव मैदान में उतार कर वहां की अलग-अलग सीटों को कवर करने की योजना है। माना जा रहा है कि सभी जगह नरेन्द्र सिंह तोमर को सीएम उम्मीदवार के रुप में प्रजेंट किया जाएगा तो आसपास की सभी सीटों का लाभ भाजपा को मिलेगा। इसी प्रकार महाकौशल से राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल को भी सीएम कैंडीडेट के रुप में प्रजेंट किया जाएगा तो आसपास की सभी सीटों में भाजपा को फायदा होगा। ठीक इसी प्रकार मालवा से कैलाश विजयवर्गीय को चुनाव मैदान में उतार कर महाकौशल को साधने की रणनीति तैयार की गई है। केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste) को भी चुनाव मैदान में उतार दिया गया है और वो भाजपा की तरफ से बड़ा आदिवासी चेहरा माने जाते हैं। भाजपा की इस रणनीति को अब कांग्रेस 'डी-कोड' करने में जुट गई है। दरअसल ये वो सीटें हैं जहां पर भाजपा को हार मिली थी और इन सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं। इन हारी हुई सीटों को भाजपा ने आकांक्षी सीटों का नाम दिया था इसी लिए भाजपा ने इन हारी हुई सीटों पर पहले उम्मीदवारों का ऐलान किया है। अभी तक भाजपा 79 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के कद्दावर नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेस खेमें में हलचल मच गई है। केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ लड़ने की कांग्रेस नेता हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। फिलहाल कांग्रेस की दिल्ली में लगातार बैठक जारी है और माना जा रहा है कि भाजपा की गुत्थी को सुलझाने के लिए कांग्रेस के रणनीतिकार लगातार लगे हुए हैं।

भाजपा ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट की जारी,नरेन्द्र सिंह तोमर,राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल ने चौकाया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल से उड़ान भरते ही भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट जारी कर दिया है (BJP Second list)। इस लिष्ट में भाजपा ने ज्यादातर सांसदों पर विधानसभा चुनाव के लिए भरोसा दिखाया है। कुछ सीटों पर भाजपा ने चौकाने वाले नाम घोषित किए हैं तो कुछ में सांसदों को मौका देकर चौकाने का काम भी किया है। सतना सांसद गणेश सिंह (Ganesh Singh) को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट देकर स्थानीय दावेदारों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। इसी प्रकार भितरवार सीट से मोहन सिंह राठौर (Mohan Singh Rathore) को टिकट देकर चौकाया है तो वहीं सीधी से दो बार की सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को सीधी प्रॉपर से टिकट देकर एक बड़ा बदलाव करने का प्रयास किया है। मैहर से श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को मौका दिया गया है।जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह (Rakesh Singh) अपना भाग्य आजमाएंगे। नरसिंहपुर से प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) चुनाव मैदान में रहेंगे। इंदौर-1 से कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) चुनाव मैदान पर रहेंगे। भाजपा की दूसरी लिष्ट ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिस प्रकार दूसरी सूची जारी हुई है इससे भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा अपने सभी तुरुप के इक्कों को इस चुनाव मैदान में आजमाने जा रही है। मुरैना से रघुराज कंसान,दिमनी से नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,लहार से अमरीश शर्मा (गुड्डू) डबरा (अजा) इमरती देवी (Imarti Devi),सेवड़ा से प्रदीप अग्रवाल, करैरा (अजा) से रमेश खटीक, सहित अन्य नामों की हुई घोषणा।

पीएम मोदी का बयान विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं,भटके नहीं और अटके भी नहीं,'मेरी गारंटी' मित्थ्या नहीं होगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘मोदी यानी हर गारंटी पूरी होने की गारंटी’ है। भोपाल में भाजपा कार्यकर्ता महाकुंभ (karyakarta mahakumbh) को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि ‘जब मोदी गारंटी देता है, जब भाजपा गारंटी देती है तो वो जमीन तक उतरती है। घर घर तक पहुंचती है, हर लाभार्थी तक पहुंती है।’ इसी के साथ उन्होने कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए (PM Modi in Bhopal)। पीएम मोदी ने कहा कि आज कांग्रेस ने अपनी इच्छाशक्ति खो दी है और उसका ठेका अब कुछ अर्बन नक्सलियों के पास है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपना ठेका दूसरों को दे दिया है। वो एक ऐसी कंपनी बन गई है जिसमें नारों से नीतियों तक हर चीज आउटसोर्स हो रही है और ये ठेका कुछ अर्बन नक्सलियों के पास है। भोपाल के जंबूरी मैदान में लाखों बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया कि वो आने वाले चुनाव के लिए जी जान से जुट जाएं। उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश को देश का दिल कहा जाता है और भाजपा के साथ देश के दिल का जुड़ाव कुछ विशेष रहा है। भाजपा को हमेशा एमपी के लोगों ने भरपूर आशीर्वाद दिया है। अटल जी, कुशाभाऊ ठाकरे, कैलाश जोशी, प्यारेलाल खंडेलवाल, राजमाता विजयाराजा सिधिंया, सुंदरलाल पटवा जैसे अनेक महान व्यक्तित्व ने हमें आज यहां तक पहुंचाया है। ऐसे अनेक लोगों का तप और त्याग आज भी भाजपा के हर कार्यकर्ता को प्रेरित करता है। इसलिए मध्य प्रदेश सिर्फ भाजपा के विचार का ही नहीं, बल्कि विकास के विजन का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होने कहा कि आने वाला चुनाव (MP Elections 2023) बेहद अहम है। हमें ध्यान रखना है कि विकास का जो रास्ता एमपी के लोगों ने बनाया है उस विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं, भटके नहीं और अटके भी नहीं।

'सनातन पर बात आती है तो कमलनाथ मौनी बाबा और वोट लेना हो तो ढोंगी बाबा होते हैंःशिवराज सिंह चौहान
जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) समाप्त होने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की संयुक्त प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता के दौरान सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) और दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) पर बड़ा हमला बोला। सीएम शिवराज ने कहा कि जब सनातन का अपमान होता है, तो कमलनाथ आप मौनी बाबा बन जाते हैं और जब वोट लेना होता है, तो ढोंगी बाबा बन जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी नकारात्मकता की राजनीति करती है और भाजपा सकारात्मकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम एकात्म यात्रा निकालते हैं, स्नेह यात्रा निकालते हैं, जन आशीर्वाद यात्रा निकालते हैं, कांग्रेसी जन आक्रोश यात्रा निकालते हैं। दिग्विजय सिंह जनआक्रोश (Jan Aakrosh Yatra) के पोस्टर से गायब है, कमलनाथ यात्रा से गायब हैं।जिनका नेता पहियों वाले सूटकेस को सिर पर लेकर चलता हो, उस पार्टी का क्या भविष्य होगा! प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आए जो गौरव की बात है। आजादी के अमृतकाल में आधी आबादी को न्याय मिला है। भाजपा की प्राथमिकता नारी सशक्तीकरण है। मुक्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने स्थानीय निकाय चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया। जिसने सेक्स रेशियो ठीक करने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई, जहां महिलाओं को पुलिस में 35% आरक्षण मिलेगा,जहां महिलाओं के नाम पर संपत्ति लेने पर स्टाम्प शुल्क में छूट दी जाती है। जहां संबल योजना बनाई गई, जहां एक करोड़ 32 लाख बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पहले 1,000 रुपये डाले गए और अब 1,250 रुपये डाले जा रहे हैं। हम जनता की सेवा के काम करने के लिए हैं जनआशीर्वाद यात्रा को अभूतपूर्व सफलता मिली है, इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा (VD Sharma) और समस्त कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं।

जनता का आशीर्वाद लेने के बाद बस्ती संपर्क अभियान चलाएगी भाजपा
मिशन 2023 की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी अब बस्तियों में भी दस्तक देने जा रही है। बस्तियों में एक बड़ा वोट बैंक रहता है और लाडली बहन योजना (ladli behna yojana) का सबसे बड़ा प्रभाव उन्हीं बस्तियों में ही देखने को मिलता है। लिहाजा भाजपा ने प्लान तैयार किया है कि इसके लिए कार्यकर्ताओं की टोलियां बनाई जाएंगी। भाजपा के कार्यकर्ता बस्तियों में जाकर भाजपा सरकार की उपलब्धियां बताएंगे और भाजपा सरकार क्यों जरूरी है इसकी आवश्यकता भी वो बताएंगे। इस अभियान में रक्तदान से लेकर स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम 2 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे (Basti Sampark Campaign)। गौरतलब है कि भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) के दौरान अब तक 11 लाख नए सदस्य बना चुकी है। भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस (PM Modi Birthday) को सेवा पखवाड़े के रूप में मना रही है। यह 17 सितंबर से शुरू हो चुका है और महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलेगा। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 24 सितंबर तक विभिन्न योजनाओं के हितग्राही प्रधानमंत्री के दीर्घायु की कामना करेंगे। साथ ही आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Yojana) के अंतर्गत अधिक से अधिक कार्ड बनवाने एवं वितरण की व्यवस्था भी कार्यकर्ता करेंगे। युवा मोर्चा द्वारा प्रत्येक जिले में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा और पार्टी का चिकित्सा प्रकोष्ठ निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करेगा। इस दौरान केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नव वर्ष की उपलब्धियां और राज्य में शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की सरकार की 18 साल की उपलब्धियां को भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर बताएंगे। योजना के लाभ से वंचित पत्रों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। सेवा पखवाड़ा में सातों मोर्चा और प्रकोष्ठों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।

19 सितंबर से 'आक्रोश' में आएगी कांग्रेस,प्रदेश भर में निकाली जाएगी जन आक्रोश यात्रा
भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी 19 सितंबर से प्रदेश भर में जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) निकालने जा रही है। भाजपा के जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Aashirwad Yatra) की तर्ज पर कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा प्रदेश के सात स्थान से प्रारंभ होगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी सभा और छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाएं होंगी। इसकी तैयारियों को लेकर शुक्रवार को भोपाल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने यात्रा के प्रभारी,जिला अध्यक्ष, प्रभारी और संगठन मंत्रियों के साथ बैठक की। यात्रा के दौरान घर-घर भाजपा सरकार के विरुद्ध जारी पार्टी का आरोप पत्र जारी किया जाएगा। यात्रा के दौरान मंहगाई,बेरोजगारी,भ्रष्टाचार,महिलाओं पर अत्याचार,अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के उत्पीड़न की घटनाओं को मुद्दा बना कर भाजपा सरकार को घेरा जाएगा। साथ ही शिवराज सरकार (Shivraj Government) द्वारा की जा रही घोषणाओं की स्थिति भी जनता के बीच रखी जाएगी। इसके अलावा कांग्रेस सरकार बनने पर विभिन्न वर्गों के हित में जो कदम उठाए जाएंगे,उसे भी प्रचारित किया जाएगा। यात्रा की पूरी रुपरेखा आज पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला सार्वजनिक करेंगे।

भाजपा 'जनता का आशीर्वाद' लेने के चक्कर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का 'आशीर्वाद' लेना भूली
भारतीय जनता पार्टी इन दिनों प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रही है (Jan Ashirwad Yatra)। लेकिन भाजपा की इस यात्रा के दौरान भाजपा यह भूल गई कि पार्टी के नेताओं का आशीर्वाद भी जरुरी होता है क्योंकि उनके एक मत हुए बगैर चुनाव जीतना संभव नहीं है। जबकि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home minister Amit Shah) ने सबसे पहले पार्टी की एकजुटता पर ही सभी नेताओं का ध्यान आकर्षित किया था लेकिन एमपी बीजेपी (mp bjp) के नेताओं ने जब जन आशीर्वाद यात्रा का रोडमैम तैयार किया तो उसमें कई वरिष्ठ नेताओं को उन्होने अनदेखा करते हुए ऐसे नेताओं को आगे किया जो वरिष्ठता की सूची में काफी पीछे आते हैं। जब जन आशीर्वाद यात्रा का रोडमैप तैयार हुआ तो केन्द्रीय नेतृत्व ने क्षेत्रीय और प्रभावशाली नेताओं को महत्व देने के लिए कहा था लेकिन पार्टी ने सबसे पहले महाकौशल क्षेत्र से राकेश सिंह (Rakesh Singh) की ही उपेक्षा कर दी जिनको प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav)के हस्तक्षेप के बाद टीम में शामिल किया गया। लेकिन बुंदेलखंड से वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava) एमपी बीजेपी संगठन ने अपने किसी प्लान में शामिल नहीं किया जिसके चलते उन्होने खुद को अपनी विधानसभा तक सीमित कर लिया। जबकि अमित शाह ने भोपाल दौरे पर सभी नेताओं को स्पष्ट तौर पर बोल दिया ता कि सभी अपने गिले सिकवे दूर कर लें फिर भी उनकी बात को नजरअंदाज कर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और मंत्री गोपाल भार्गव को उपेक्षित कर दिया गया। यात्रा के बैकड्राप में भी गोपाल भार्गव और राकेश सिंह के चेहरे गायब हैं जबकि महिला होने के नाते राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार (Kavita Patidar) को बैकड्राप में स्थान दिया गया है। पाटीदार के चेहरे पर भी नेताओं को आपत्ति है,दबी जुबान में वो कह रहे हैं कि ओबीसी से कृष्णा गौर से लेकर सांसर रीति पाठक और एससी वर्ग से संध्या राय का अधिकार वरिष्ठता के चलते बनता है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन ने अपने तरीके से अपने पसंदीदा लोगों को यात्रा के बैकड्राप में शामिल कर एक बार फिर पार्टी के अंदर गुटवाजी को हवा दे दिया है। एक तरफ भाजपा चुनाव जीतने और पार्टी में किसी प्रकार के गुटबाजी होने के दावे को शिरे से खारिज करती है दूसरी तरफ पार्टी के नेता अंदर ही अंदर गुटबाजी की बात को भी स्वीकार कर रहे हैं। सालों से सत्ता और संगठन के लिए काम करने वाले कई नेता हर तीसरे दिन प्रदेश कार्यालय दस्तक देने पहुंचते हैं जिन्हे ऐसे नजरअंदाज किया जाता है जैसे वो किसी अन्य ग्रह के प्राणी हों। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के ऐसे बर्ताव से बहुत से पदाधिकारी काफी नाराज हैं। बहुत से नेता कांग्रेस के दरवाजे झांक रहे हैं।

ई-बाइक से अब भाजपा प्रदेश की पगडंडियों में करेगी पार्टी का प्रचार
भारतीय जनता पार्टी ने प्रचार का नया तरीका इजात किया है। यह नया तरीका लोगों को कितना पसंद आएगा ये तो बाद की बात है लेकिन जिस प्रकार से भाजपा के प्रचार का यह तरीका गांव की पगडंडियों में उतरेगा तो उसको देखने के लिए ग्रामीण लोग उस वाहन तक जरुर पहुंचेंगे। दरअसल भाजपा की तरफ से ई-बाइक को चुनाव प्रचार का जरिया बनाया गया है (BJP E bike)। यह तरीका एमपी के लिए नया है लेकिन इससे पहले इस तरीके को भाजपा गुजरात में अपना चुकी है जो सफल भी रहा है। जिस निजी एजेंसी ने इस ई-बाइक को तैयार किया है उसी एजेंसी ने गुजरात भाजपा संगठन को 180 ई-बाइक तैयार करके दिया था। इस ई-बाइक के माध्यम से भाजपा का मक्शद उन सुदूर अंचलों तक पहुंचने का इरादा है जहां चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। यानि मतलब साफ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कों में इन ई-बाइक के माध्यम से भाजपा प्रचार करेगी (MP Elctions 2023)। ई-बाइक की खासियत यह है कि इनमें पेट्रोल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी इस बाइक में पीछे एक टीवी स्क्रीन लगाई गई है जिसमें केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार किया जाएगा। आवाज तेज आए इसलिए ई-बाइक में दो स्पीकर भी लगाए गए हैं जिसमें 200 मीटर से ज्यादा दूरी तक आवाज आती है। निजी कंपनी के संचालक ने बताया कि इसकी कीमत एक लाख 15 हजार रुपये है। अभी डेमो के तौर पर एक बाइक मंगाई गई है पार्टी की ओर से आर्डर मिला तो बड़ी संख्या में ई-बाइक पर्चेस की जाएंगी। मतलब साफ है कि सरकार बनाने के लिए भाजपा कोई भी तरीका अपनाने के लिए तैयार है। अब देखना यही दिलचश्प होगा कि भाजपा के इस तरीके को प्रदेश की जनता कितना पसंद करती है।