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बीजेपी के वरिष्ठ नेता एमपी आकर चुपचाप ले रहे फीडबैक,अब तक अध्यक्ष को लेकर नहीं बन पाई राय

भूपेन्द्र यादव ने लिखी मोहन यादव के सीएम बनने की स्कृप्ट
मोहन यादव (mohan yadav) के मुख्यमंत्री बनने पर लोग हैरान जरुर हैं लेकिन यह कोई अप्रत्याशित बात नहीं है। मोहन यादव संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं,1982 से वो लगातार छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। 2013 में पहली बार विधायक बने मोहन यादव को 2020 में उच्च शिक्षा मंत्री बनाया गया। नई शिक्षा नीति को सबसे पहले एमपी में लागू करने का रिकार्ड भी मोहन यादव के नाम है। PHD होल्डर मोहन यादव सुलझे हुए नेता हैं। एक सामान्य परिवार से आने वाले मोहन यादव अपने क्षेत्र में काफी सक्रिय नेता माने जाते हैं। अब बात करते हैं कि फैसला चौकाने वाला जरुर है लेकिन अप्रत्याशित नहीं है। दरअसल मोहन यादव प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (bhupendra yadav) के काफी करीबी माने जाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रचंड बहुमत में आने के बाद ही भूपेन्द्र यादव ने मोहन यादव को सीएम बनाने की स्कृप्ट लिखनी शुरु कर दी थी। भूपेन्द्र यादव ने अमित शाह के सामने मोहन यादव का नाम प्रस्तावित किया और यह भी बताया कि मोहन यादव को सीएम बनाने का मतलब ये है कि एमपी में ओबीसी को तो साधा ही जा सकेगा साथ में यूपी और बिहार के लिए भी एक बड़ा मैसेज जाएगा। यानि मतलब साफ है कि मोहन यादव को सीएम बनाने के पीछे तीन राज्यों के वोटरों को साधने की रणनीति तैयार की गई है। भूपेन्द्र यादव ने अपना काम बखूबी किया और यह बता दिया कि वो ना सिर्फ चुनावी रणनीति में माहिर नेता हैं बल्कि सीएम बनाने में भी वही महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं।

जगदीश मीणा ने सैकड़ों समर्थकों सहित ली बीजेपी की सदस्यता
मीणा समाज के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश मीणा (Jagdish Meena) ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। जगदीश मीणा को प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलाई है। जगदीश मीणा चाचौड़ा से आते हैं और मीणा समाज के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उनके भाजपा ज्वाइन करने से विधानसभा चुनाव में काफी फायदा हो सकता है। प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव(Bhupendra Yadav) के मुयाबिक प्रदेश की करीब 32 विधानसभा सीटों में मीणा समाज का वर्चश्व है लिहाजा जगदीश मीणा के बीजेपी ज्वाइन करने से पार्टी को काफी लाभ होने की संभावना जताई जा रही है। दगदीश मीणा के साथ दो सरपंच और दो पूर्व सरपंच के अलावा एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।

मौन होकर चुनाव की बिसात बिछा रहे भाजपा के नेता,असंतुष्टों को भी साधने में हो रहे कामयाब
भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने इन दिनों प्रदेश विधानसभा की चुनाव कमान संभाल रखी है। केन्द्रीय मंत्री और मप्र के चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) और सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) दोनों ही नेता मौन रह कर पार्टी की सारी रणनीति तैयार कर रहे हैं। कई दिनों से दोनों नेताओं ने मध्य प्रदेश में ही डेरा जमाया हुआ है। ये नेता ना सिर्फ मप्र पर नजर रखे हुए हैं बल्कि टिकट वितरण से लेकर कार्यकर्ताओं में उठ रहे असंतोष को थामने के साथ समन्वय भी बिठा रहे हैं (mp elections)। प्रतिदिन दोनों नेता मप्र के सैकड़ों नेताओं से संवाद भी कर रहे हैं। इनके वार रुम से विपक्ष की पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर, कई नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव आयोग प्रबंधन के कार्य में एसएस उप्पल,अशोक विश्वकर्मा सहित छह लोगों की टीम लगाई गई है। इसी तरह चुनाव प्रबंधन के कार्य की जिम्मेदारी प्रदीप त्रिपाठी,आलोक संजर,विनोद गोटिया और राजेन्द्र सिंह को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री,गृह मंत्री राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रवास के दौरान उनके आवागमन और ठहरने की व्यवस्था के लिए अलग से समिति बनाई गई है। इसका जिम्मा आनंद सिंह सेंगर को दिया गया है। विमानन का काम राजेन्द्र राजपूत देख रहे हैं। मीडिया समन्वय का काम आशीष अग्रवाल और इंटरनेट मीडिया का काम अभिषेक शर्मा के जिम्मे है। विज्ञापन क्रिएशन और काल सेंटर के लिए पांच-पांच लोगों की टीम कार्य कर रही है। यह व्यवस्था प्रदेश से लेकर संगठनात्मक 57 जिला मुख्यालयों तक बनाई गई है।

बीजेपी आज बनाएगी जीत का मास्टर प्लान,सभी दिग्गज होंगे बैठक में शामिल
प्रदेश में आदर्श आचार संहिता (model code of conduct) लागू हो चुकी है और अब तक भाजपा 136 सीटों में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान भी कर चुकी है लेकिन अब भी भाजपा को 94 सीटों पर उम्मीदवारों के लिए मंथन करना है (bjp candidate list)। इन चीजों को देखते हुए बीजेपी प्रदेश कार्यालय (bjp office) में शाम को होने वाली कोर कमेटी की बैठक (bjp meeting) अहम हो जाती है। लिहाजा शाम को भाजपा प्रदेश कार्यालय में होने वाली बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मिशन 2023 को फतह करने के लिए अहम रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav),सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ,सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma),केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel),डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) सहित सभी दिग्गज नेता बैठ कर चुनाव जीतने की रणनीति तैयार करेंगे। भाजपा की इस बैठक में अहम बिंदु यह रहने वाला है कि सीएम शिवराज के खिलाफ प्रदेश भर में जिस प्रकार से एंटीइंकबेंसी उससे पार पा कर किस प्रकार से चुनाव में जीत हासिल की जाए। अब तक भाजपा के सर्वे में भाजपा के पक्ष में रुझान नहीं मिले हैं लेकिन भाजपा ने जिस प्रकार से रणनीति तैयार की है उसके मुताबिक भाजपा को 125 से 130 सीट मिलनी चाहिए। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी ने जब अपनी दूसरी सूची जारी की तो उसमें अप्रत्याशित नामों को शामिल किया गया। ये वो सभी नाम हैं जिन्हे प्रदेश का अगला सीएम माना जा रहा है। लेकिन ये भी सत्य है कि एक साथ इतने सीएम तो बन नही सकते, सीएम कोई एक ही बन सकता है लिहाजा शाम को होने वाली बीजेपी की बैठक में भाजपा अलग-अलग रणनीति पर विचार विमर्श करेगी। भारतीय जनता पार्टी एकजुट होकर सामूहिकता के साथ चुनाव लड़ना चाहती है जिससे प्रदेश में एक बार फिर भाजपा का पर्चम लहराया जा सके। भाजपा नेताओं का मानना है कि जनता को सरकार की योजनाएं पसंद आ रही हैं कुछ कमियां और भ्रांतियां हैं जिन्हे दूर करने के लिए पार्टी को काम करने की जरुरत है और अब उन कमियों पर ही भाजपा काम करने की योजना बना रही है। भाजपा सारे बूथों को पहले ही डिजिटल बना चुकी है और अब उन बूथों में जीत का मंत्र भी फूंका जा रहा है। जिससे हर बूथ पर 51% वोट शेयर का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।