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जातियों के सहारे कांग्रेस,जल्द आयोजित करेगी दो बड़े सम्मेलन
भोपाल

जातियों के सहारे कांग्रेस,जल्द आयोजित करेगी दो बड़े सम्मेलन

प्रदेश में सत्ता पाने के लिए कांग्रेस (mp congress) बड़े मतदाता वर्ग आदिवासी और ओबीसी के सम्मेलन करने जा रही है (congress conference)। ये राज्य स्तरीय सम्मेलन होंगे। आदिवासी सम्मेलन (adivasi sammelan) झाबुआ में तो ओबीसी का सम्मेलन (obc sammelan) भोपाल में आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारी की जिम्मेदारी पार्टी आदिवासी और ओबीसी वर्ग के नेताओं को सौंपी गई है। सम्मेलन की तारीख भी आदिवासी और ओबीसी वर्ग के नेता ही तय करेंगे। बुंदेलखंड में भी एससी वर्ग का बड़ा कार्यक्रम भी चुनाव अभियान समिति ने प्रस्तावित किया है। प्रदेश में एसटी वर्ग के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं लेकिन इनका प्रभाव 80 सीटों से ज्यादा पर है। ओबीसी मतदाताओं का प्रभाव भी 100 से अधिक सीटों पर है। इसे देखते हुए भाजपा और कांग्रेस, दोनों आदिवासी और ओबीसी वर्ग को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति (congress election committee) ने तय किया है कि आदिवासी बहुल झाबुआ,अलीराजपुर,बड़वानी,खरगोन सहित अन्य जिलों के आदिवासी भाग लेंगे। इसकी तैयारी का जिम्मा चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष कांतीलाल भूरिया को दिया गया है। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. विक्रांत भूरिया इसमें सहयोगी की भूमिका में होंगे। इसके अलावा भोपाल में आयोजित होने वाले ओबीसी सम्मेलन की जिम्मेदारी कमलेश्वर पटेल और अरुण यादव को सौंपी गई है। दोनों को कार्यक्रम की रुपरेखा निर्धारित करने के लिए कहा गया है। प्रदेश में कई विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां ओबीसी मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं।

8/9/202394
कांग्रेस नए मॉडल हिंदुत्व से डरीःअजीज कुरैशी
भोपाल

कांग्रेस नए मॉडल हिंदुत्व से डरीःअजीज कुरैशी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीज कुरैशी (aziz qureshi) ने कांग्रेस पार्टी पर मुस्लिमों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। साथ ही पूर्व राज्यपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेताओं के कथा कराने और कांग्रेस दफ्तर में सुंदरकांड कराने को लेकर भी अजीज कुरैशी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व राज्यपाल और कांग्रेस नेता अजीज कुरैशी ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर कथा कराने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में इस तरह के आयोजन ठीक नहीं हैं. कांग्रेस ने कहा कि अजीज उम्र के जिस पड़ाव पर है, उन्हें ईश्वर को उनके अपने आराध्य को याद करना चाहिए. धार्मिक विवाद में पड़ने की कुरैशी को जरूरत नहीं है. बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन हो या सुंदरकांड कांग्रेस वोट बैंक की सियासत करती है। अजीज कुरैशी के बयान पर कांग्रेस के नेताओं ने हमला बोलना शुरु कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अजीज कुरैशी को कांग्रेस पार्टी ने सब कुछ दिया है। सांसद भी बने राज्यपाल भी बने। कई अहम पदों पर रहे। शायद यह सारी बातें अजीज कुरैशी जी को याद नहीं आई. उनके जैसे जिम्मेदार व्यक्ति को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए. अजीज उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, उन्हें ईश्वर को उनके अपने आराध्य को याद करना चाहिए. राजी खुशी से बच्चों के साथ परिवार के साथ बिताना चाहिए. धार्मिक विवाद में पड़ने की कुरैशी को जरूरत नहीं. धार्मिक भावनाओं को लेकर बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। बीजेपी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन हो या सुंदरकांड कांग्रेस वोट बैंक की सियासत करती है। यही कांग्रेस की सबसे बड़ी विशेषता है। रोज इफ्तार में जालीदार टोपी लगाकर जाते हैं। चुनावी दौर में सुंदरकांड करते हैं. आपस में ही लड़ भिड़ रहे हैं और कांग्रेसी धर्म के नाम पर एकमत नहीं होते हैं।

6/9/2023135
कांग्रेस की बनाई पिच पर खेल रही भाजपा,हड़बड़ाहट में किया उम्मीदवारों का ऐलान
भोपाल

कांग्रेस की बनाई पिच पर खेल रही भाजपा,हड़बड़ाहट में किया उम्मीदवारों का ऐलान

अपनी रणनीति से कांग्रेस को चारों खाने चित्त करने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी इन दिनों कांग्रेस की बनाई पिच पर खेल रही है (MP BJP)। कांग्रेस के रणनीतिकार जिस प्रकार की रणनीति तैयार कर रहे हैं भाजपा उस रणनीति पर लगातार फंसती चली जा रही है। बात उस वक्त की है जब कांग्रेस पार्टी ने ऐलान किया था कि इस बार चुनाव के 06 महीने पहले ही कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी (congress candidate list)। इस इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के खेमे में हलचल पैदा हो गई। भाजपा ने आकांक्षी सीटों पर तेजी से मंथन करना शुरु कर दिया और कांग्रेस को इस बीच मौका मिला तो भाजपा के कार्यकर्ताओं को अपने पाले में करना शुरु कर दिया। भाजपा उम्मीदवारों के चयन में जुटी रही और कांग्रेस पार्टी भाजपा के करीब दर्जन भर पदाधिकारियों और इससे ज्यादा कार्यकर्ताओं को अपनी तरफ लाने में कामयाब हो गई। हड़बड़ाहट में भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की पहली सूची जारी कर कांग्रेस को बताने का प्रयास किया कि हम आपसे आगे हैं (BJP Candidate list)। दरअसल भाजपा को यह नहीं मालूम था कि कांग्रेस के रणनीतिकार यही तो चाहते थे। भाजपा ने जो सूची जारी की उसमें एक-दो को छोड़ दिया जाए तो कुछ ज्यादा चौकाने वाली लिष्ट नहीं थी। ज्यादातर पिटे हुए मोहरों पर भाजपा ने फिर दांव लगाया। कांग्रेस यह भी चाहती थी कि पहले भाजपा अपने पत्ते खोले जिससे उनके खिलाफ अपने प्रत्याशियों का ऐलान करने में कांग्रेस को आसानी हो सके। कांग्रेस भाजपा से वचन पत्र के मामले में धोखा भी खा चुकी थी। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र के कुछ वचन सार्वजनिक कर दिए जिसका तोड़ सीएम शिवराज ने तत्काल निकाल लिया और कांग्रेस के वो वचन फीके पड़ गए। कांग्रेस नेताओं ने यहां से सबक लेते हुए वचन पत्र में आगे क्या शामिल होने वाला है उसका खुलासा बंद कर दिया। कांग्रेस की हड़बड़ाहट के कारण भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा का आगाज किया है जिसमें सारे नेता लग गए हैं इस बीच कांग्रेस अपने उम्मीदवारों पर मंथन करने में जुट गई है। अब कांग्रेस ने भी रणनीति तैयार की है जिसके तहत अब इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। भाजपा द्वारा कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोप का करारा जवाब दिया जाएगा। यह निर्णय रविवार रात पीसीसी चीफ कमलनाथ के निवास पर हुई बैठक पर लिया गया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कमलनाथ के निवास पर चली करीब डेढ़ घंटे की बैठक में निर्देश दिए गए कि भाजपा सरकार के खिलाफ जो आरोप पत्र जारी किया गया है उसके आधार पर घेराबंदी की जाए। मंहगाई,बेरोजगारी,कानून ब्यवस्था,अनुसूचित जाति-जनजाति,अन्य पिछड़ा वर्ग के उत्पीड़न के मुद्दों को प्रमुखता के साथ जनता के बीच रखा जाएगा।

4/9/2023152
भाजपा को करारा जवाब देगी कांग्रेस की चेतना सभा,हर विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंचने का लक्ष्य
भोपाल

भाजपा को करारा जवाब देगी कांग्रेस की चेतना सभा,हर विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंचने का लक्ष्य

भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी चेतना सभा का आयोजन कर रही है (congress chetna sabha)। कांग्रेस की ओर से गांवों में चेतना सभा का आतोजन किया जाएगा। और इस चेतना सभा के माध्यम से कांग्रेस करीब 50 हजार घरों में पहुंचने वाली है। कांग्रेस पार्टी इसके माध्यम से 50 प्रतिशत कमीशन और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाएगी। कांग्रेस की ओर से यह अभियान 15 सितंबर तक चलाया जाएगा। कांग्रेस पदाधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में सत्ता वापसी के लिए पार्टी के कार्यकर्ता अति उत्साहित हैं और उसका फायदा उठाते हुए पार्टी ने चेतना अभियान चलाने की योजना तैयार की है। दरअसल अति उत्साह के चलते कांग्रेस के कार्यकर्ता निष्कृय होते चले जा रहे थे यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी के हाई कमान ने चेतना अभियान चलाने की योजना तैयार की है। जिला अध्यक्ष और प्रभारियों की सामूहिक बैठक में निर्देश दिए गए गांवों में चेतना सभाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। जिसमें भ्रष्टाचार,50% कमीशन और झूठी घोषणाओं के विषया को उठाया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंच कर भाजपा सरकार के विरोध में पर्चे वितरित किए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर भाजपा की बात करें तो साल 2003 से पहले की याद को फिर से ताजा करने के लिए वीडियो वार की तैयारी की जा रही है। जिसकी थीम भी तैयार कर ली गई है। जिसके तहत वीडियो में एक महिला अपनी बेटी से कहती नजर आएगी कि 'बेटी ये वही शिवराज सरकार है जिसकी बदौलत तेरा ब्याह हुआ' मिशन- 2023 की तैयारियों में जुटी भाजपा इंटरनेट मीडिया का सर्वाधिक इस्तेमाल का प्लान तैयार कर रही है। भाजपा का थिंक टैंक ऐसी सामग्री तैयार कर रहा है जो महिलाओं को आकर्षक लगे और वो भावनात्मक तरीके से सीएम शिवराज से जुड़ पाएं। 'शिवराज नहीं होता तो क्या होता' जैसी कई पंचलाइनें तैयार की जा रही हैं जो महिलाओं को असर पहुंचा सकें और वो सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) को भाई के रुप में स्वीकार कर एक बार फिर भाजपा को वोट दे सकें।

2/9/2023175
स्पेशल 100 कांग्रेस के जीत का तैयार करेंगे मास्टर प्लान
भोपाल

स्पेशल 100 कांग्रेस के जीत का तैयार करेंगे मास्टर प्लान

मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पार्टी इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों का भरपूर इस्तेमाल करने जा रही है। इसके लिए कांग्रेस ने वार रुम बनाने के साथ प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 100-100 कार्यकर्ता तैयार किए हैं (MP Congress)। इन कार्यकर्ताओं को कमलनाथ (Kamalnath) के स्पेशर 100 का नाम दिया गया है। इनका काम प्रत्याशियों और पार्टी का प्रचार सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर सूचनाएं प्रसारित करने से लेकर फीडबैक जुटाने का होगा। पार्टी का आईटी विभाग विभिन्न मुद्दों को लेकर वीडियो भी तैयार करवा रहा है, जिन्हे प्रत्याशियों की घोषणां के साथ ही प्रसारित किया जाने लगेगा। वहीं विभाग की एक टीम केवल भाजपा द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों का अध्ययन करके उसका तोड़ निकालने के लिए तैयार की गई है। कांग्रेस ने प्रदेश में भाजपा (MP BJP) के संगठन से मुकाबला करने के लिए मतदान केन्द्र पर फोकस किया है। भारत जोड़ो यात्रा (bharat jodo yatra) और कर्नाटक चुनाव (karnataka election) का काम देख चुके सुनील कानूगोलू (Sunil Kanugolu) की टीम ने भोपाल में डेरा डाल लिया है और वार रुम भी बन गया है। यहां फिलहाल मैदानी स्तर से चुनावी मुद्दों,संभावित दावेदार और चुनाव की तैयारियों पर फीडबैक लिया जा रहा है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार ये स्पेशल 100, प्रत्याशी कोई भी हो उसके लिए काम करेंगे। इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफार्म का उपयोग पार्टी की बात आमजन तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। प्रत्याशी की ओर से सामग्री पोस्ट करने का काम ये कार्यकर्ता करेंगे और फिर उस पर मिलने वाला फीडबैक संगठन तक पहुंचाएंगे। कांग्रेस द्वारा घोषित होने वाले वचन पत्र, प्रमुख नेताओं की सभा,रोड शो सहित अन्य कार्यक्रमों की लिंक साझा होगी तो समय-समय पर पार्टी की रीति-नीति से जुड़े वीडियो प्रसारित किए जाएंगे। ये सभी सामग्री राज्य स्तर से उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि एकरुपता बनी रहे।

1/9/2023132
सवर्ण बाहुल्य विंध्य में कांग्रेस ने ओबीसी चेहरा कमलेश्वर पटेल को आगे कर सवर्णों के जख्म पर छिड़का नमक
भोपाल

सवर्ण बाहुल्य विंध्य में कांग्रेस ने ओबीसी चेहरा कमलेश्वर पटेल को आगे कर सवर्णों के जख्म पर छिड़का नमक

ओबीसी नेताओं की खोज में जुटी कांग्रेस पार्टी ने विंध्य से कमलेश्वर पटेल (Kamleshwar patel) को आगे कर सवर्णों को नाराज कर दिया है। इस बात में कोई शक नहीं कि देश की सबसे बड़ी सवर्णों की आबादी विंध्य क्षेत्र में रहती है यही कारण रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह और श्रीनिवास तिवारी का विंध्य में सालों तक वर्चश्व रहा है। लेकिन इन दोनों नेताओं के स्वर्गवासी होने के बाद कांग्रेस पार्टी किसी भी सवर्ण नेता की खोज इतने सालों में नहीं कर पाई या फिर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने विंध्य से सवर्ण नेताओं को पनपने नहीं दिया। लेकिन अब कांग्रेस पार्टी ने विंध्य में सवर्णों के जख्म पर मरहम लगाने के बजाय नमक छिड़ने का काम किया है। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने विंध्य से पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (Congress Working Committee) का सदस्य बना दिया है। ये वही कमलेश्वर पटेल हैं जिनके निवास पर ब्राम्हण वर्ग का कोई ब्यक्ति जाता है तो उसे किसी प्रकार का महत्व नहीं दिया जाता है। 15 महीनों तक कमलेश्वर पटेल मंत्री रहे उस दौरान उनके बंगले में जितने स्टाफ थे सभी कुर्मी समाज के ही थे। यहीं नहीं कोई भी सवर्ण वर्ग का ब्यक्ति कमलेश्वर पटेल के पास अपना काम अथवा फरियाद लेकर जाता था तो कमलेश्वर पटेल उस ब्यक्ति को दरवाजे के बाहर कर देते थे अथवा घंटों तक इंतजार करवा कर वो उससे अंत में मिलते थे और काम भी नहीं करते थे। ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस ने विंध्य की ओर से चेहरा बना कर खुद के पैर में कुल्हाड़ी मारने का काम कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की रणनीति पर नजर डालें तो सवर्ण वर्ग भाजपा से भी नाराज था लेकिन भाजपा ने सवर्ण वर्ग को खुश करने के लिए अलग-अलग उपाय तैयार किए जिसमें भाजपा की ओर से गिरीश गौतम (Girish Gautam) को विधानसभा का अध्यक्ष बनाया गया ये बात और है कि गिरीश गौतम का कोई जनाधार नहीं है वो अपने बेटे तक को जिला पंचायत के चुनाव में नहीं जिता पाए और इस चुनाव में उनकी हालत और खराब है। भाजपा के दूसरे बड़े चेहरे हैं राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) जो लोगों के व्यक्तिगत काम तो नहीं करते लेकिन शहर का विकास राजेन्द्र शुक्ला ने बढिया किया है और सहज-सरल व्यक्ति होने के नाते राजेन्द्र शुक्ला चुनाव जीतने में कामयाब हो जाते हैं ये बात और है कि नगर निगम के चुनाव में वो इस बार भाजपा को नहीं जिता पाए और रीवा में कांग्रेस का महापौर बन गया। रीवा सहित पूरे विंध्य का इतिहास उठा कर देखें तो विंध्य में ब्राम्हण और ठाकुरों का वर्चश्व रहा है इन्ही के इर्द- गिर्द राजनीति चलती रही है लेकिन कांग्रेस ने कमलेश्वर पटेल जैसे जातिवादी नेता को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य बना कर अपने लिए विंध्य में ज्यादा मुसीबतें खड़ी कर ली है। कांग्रेस के इस फैसले से सवर्णों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस को विंध्य की 30 सीटों में मात्र छह सीटें मिली थी बांकी 24 सीटें भाजपा के कब्जे में आई थी और उस परिणाम को बदलने के लिए कांग्रेस ने इस बार काफी मेहनत की है लेकिन कमलेश्वर को आगे कर कांग्रेस पार्टी ने खुद की मेहनत पर ही पानी फेर दिया है और इसके अलावा कमलेश्वर पटेल और अजय सिंह (राहुल) की दुश्मनी भी किसी से छुपी नहीं है लिहाजा अब तो विंध्य में कांग्रेस के लिए भगवान ही मालिक है।

26/8/2023401
मंत्रियों की शपथ पर रोया कुत्ता,'कांग्रेस को हुआ दुख'
भोपाल

मंत्रियों की शपथ पर रोया कुत्ता,'कांग्रेस को हुआ दुख'

शनिवार को जिस वक्त राजभवन में तीन मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही थी (Shivraj Cabinet Expansion) ठीक उसी वक्त राजभवन के बाहर एक कुत्ता (स्वान) जमकर रो रहा था। कुत्ते के रोने की दर्दनाक आवाज कांग्रेस नेताओं के कानों तक पहुंच गई (MP Congress)। कुत्ते को रोता देख कांग्रेस नेताओं का दिल भी फफक-फफक कर रोने लगा फिर क्या था कांग्रेस प्रवक्ताओं से कुत्ते का रोते हुए चेहरा देखा नहीं गया। कांग्रेस नेताओं ने कुत्ते का वीडियो बनाया और फिर उसे वायरल करने के साथ ट्वीट करने में लग गए । कुत्ते को रोता देख कांग्रेस को एक मौका भी मिल गया आनन फानन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गूगल से शकुन शास्त्र निकाला और कुत्ते के रोने के मायने निकालने लगे। अलग-अलग तरीके से गूगल से कुत्ते के रोने के मायने निकाल कर कांग्रेस प्रवक्ताओं ने उसे वायरल करने लगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने चुनाव के महज कुछ समय पहले मंत्रिमंडल का विस्तार किया है जिसमें विंध्य से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla),बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) और राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi) को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इस बात में कोई शक नहीं कि बीजेपी में इस वक्त काफी विवाद की स्थिति है पार्टी के अंदर कलह हावी हो रही है। संगठन की लाख कोशिशों के वाबजूद भी पार्टी में कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर नहीं हो रही है। यही कारण है कि मंत्रिमंडल का विस्तार कर अंतर्कलह को खत्म करने का प्रयास किया गया है। लेकिन लगता है कि तीन को खुश करने के चक्कर में 13 नाराज हो गए हैं। और जिस प्रकार से राजभवन के बाहर कुत्ता रोया है उससे फिलहाल कांग्रेसी खेमें को चुटकी लेने का बेहतर मौका मिल गया है।

26/8/2023176
कमजोर बूथों को कांग्रेस के अनुशांगिक संगठन लेंगे गोद
भोपाल

कमजोर बूथों को कांग्रेस के अनुशांगिक संगठन लेंगे गोद

प्रदेश में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी के लिए जो रोड मैप तैयार किया है उसमें सहयोगी संगठनों की बड़ी भूमिका निर्धारित की गई है (MP Congress)। सेक्टर और मंडलम् के साथ बूथ प्रबंधन का काम महिला, युवा, अनुसूचित जाति- जनजाति और किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की टीम संभालेगी। सभी कमजोर मतदान केदो को गोद लेंगे। प्रत्येक केंद्र पर कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाएगा। प्रत्याशियों के साथ सभी संगठनों के कार्यकर्ता प्रचार में जुटेंगे। मतदान के लिए मतदाताओं को घर से निकलने, पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने, पांच गारंटीयों का प्रचार करने, भाजपा सरकार की असफलता को जनता के बीच ले जाने का दायित्व भी सहयोगी संगठनों को सौंपा गया है। सभी ने अपने-अपने स्तर पर तैयारी भी तेज कर दी हैं। पूरा फोकस इस बात पर है कि प्रत्याशियों के साथ पूरा संगठन मैदान में करता दिखे। कांग्रेस संगठन की ओर से मिली जिम्मेदारी का आगाज सितंबर माह से किया जाएगा। इधर,प्रदेश कांग्रेस ने सहयोगी संगठनों के कामों पर नजर रखने के लिए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए हैं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि जो दायित्व संगठनों को दिया गया है,उसकी वास्तव में पूर्ति हो। प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा के संगठन से मुकाबला करने के लिए इस बार मतदान केंद्र पर सर्वाधिक ध्यान केंद्रित किया है। बूथ,सेक्टर और मंडलम् बनाने के बाद सहयोगी संगठनों को भी बड़े-बड़े कार्यक्रम करने के स्थान पर मतदान केन्द्र पर फोकस करने के लिए कहा गया है। संगठन चाहता है कि प्रत्याशी के साथ-साथ संगठन की भी अपनी तैयारी रहे। अभी तक मतदान केन्द्रों पर पूरी टीम प्रत्याशी की रहती थी लेकिन इस बार कांग्रेस इसमें बदलाव करने की तैयारी में है।

22/8/202395
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का भाजपा के प्रवासी विधायकों पर तंज 'किराए के टट्टुओं से चुनाव नहीं जीते जाते'
भोपाल

नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का भाजपा के प्रवासी विधायकों पर तंज 'किराए के टट्टुओं से चुनाव नहीं जीते जाते'

भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर प्रवासी विधायकों को भेजा है (BJP MLA)। भाजपा साशित चार राज्यों से आए विधायकों को भोपाल में ट्रेनिंग देने के बाद उन्हे अलग-अलग विधानसभा सीटों में रवाना भी कर दिया गया है। भाजपा के प्रवासी विधायक अलग-अलग विधानसभा सीटों पर जाएंगे और उन विधानसभा सीटों की क्या स्थिति है उसकी रिपोर्ट तैयार कर भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे। लेकिन इस बीच प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह (Govind Singh) ने एक विवादास्पद बयान देकर प्रवासी विधायकों के दौरे पर सवाल खड़ा कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि किराए के टट्टुओं से कभी चुनाव नहीं जीते जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने साफ कहा कि भाजपा का यह प्लान पूरी तरह से फ्लॉप साबित होगा। भारतीय जनता पार्टी की चुनाव में हालत खराब है इसी लिए भाजपा इस प्रकार के हथकंडे आजमा रही है लेकिन इसके नतीजे सार्थक साबित नहीं होंगे। नेता प्रतिपक्ष ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर भी जमकर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज देश में जो भी विकास दिख रहा है वो कांग्रेस की देन है। साथ ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) दस साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। दस सालों में अमित शाह दिग्विजय सिंह पर एक भी घोटाला साबित करके दिखा दें। अमित शाह सिर्फ जनता को बर्गलाने का प्रयास कर रहे हैं उससे ज्यादा कुछ नहीं लेकिन प्रदेश की जनता इस बार भाजपा की बातों में आने वाली नहीं है (MP BJP)।

21/8/2023213
'कांग्रेस करप्शन की दुकान है' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा आरोप
भोपाल

'कांग्रेस करप्शन की दुकान है' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा आरोप

कांग्रेस और भाजपा के बीच आर-पार की लड़ाई शुरु हो गई है (MP Elections 2023)। पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने प्रेसवार्ता का आयोजन कर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर ताबड़ तोड़ आरोप लगाए। आरोपों का असर इतना तेज हुआ कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने कमलनाथ को 1983 दगों का माडल बता डाला। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के घोटालों का जखीरा खोलते हुए 15 महीने की सरकार में किए घोटालों की लंबी लिस्ट पेस की। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ की सरकार को दिग्विजय सिंह चला रहे थे। उन्ही के इशारों पर प्रदेश में घोटाले हुए। बीजेपी अध्यक्ष ने ग्वालियर में हुई प्रियंका गांधी की सभा का जिक्र करते हुए कहा कि वो भाजपा के घोटालों की लिष्ट लेकर आई थी और मंच पर उनकी लिष्ट गायब हो गई। वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की सरकार पर 50% कमीशन का आरोप लगाती है वो ये क्यों नहीं बताते कि रतुलपुरी कौन है रतुलपुरी के घर पर छापा क्यों पड़ा था। मृगलानी का जिक्र करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रतुलपुरी के साथ मृगलानी का नाम क्यों जोड़ा जाता है। सिंचाई परियोजनाओं में हुए घोटाले को लेकर अध्यक्ष ने कहा कि बिना काम शुरु हुए 877 करोड़ का पेमेंट किसने करवाया था। मोबाइल घोटाले का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बगैर मोबाइल खरीदे 63 करोड़ का पेमेंट किसने किया था। आइफा अवार्ड अवार्ड का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उद्योगपतियों पर दबाव डाल कर बृजक्राफ्ट कंपनी को किसने फायदा पहुंचाया है। इसी प्रकार के बहुत सारे घोटालों की लिष्ट बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जारी की और कहा कि भाजपा पहले से ही कहती रही है कि वल्लभ भवन को कांग्रेस ने दलाली का अड्डा बना दिया था। यही कारण था कि 15 महीने में जितने तबादले हुए उतना कभी किसी सरकार में तबादले नहीं हुए हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ की प्रेसवार्ता के बाद जिस प्रकार से बीजेपी अध्यक्ष ने हड़बड़ाहट में प्रेसवार्ता आयोजित कर उनके आरोपों के बदले जवाब नहीं दिया बल्कि कांग्रेस सरकार पर आरोपों और घोटालों की जमकर बारिश की है। मतलब साफ है कि अब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है और आने वाले समय में जहां कांग्रेस 18 महीने की भाजपा सरकार का पोस्टमार्टम करेगी तो वहीं भाजपा ने भी जमकर तैयारी कर रखी है और कांग्रेस के हर आरोप पर कटाक्ष करने के लिए भाजपा के नेता तत्काल अटैक करेगी।

18/8/2023158
AICC ने बनाई EVM जांच कमेटी,दिग्विजय सिंह बने चेयरमैन
भोपाल

AICC ने बनाई EVM जांच कमेटी,दिग्विजय सिंह बने चेयरमैन

EVM को लेकर कांग्रेस पार्टी अब भी संशय में है यही कारण है कि AICC ने EVM का परीक्षण करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है। गौरतलब है कि देश में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है और केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है तभी से कांग्रेस पार्टी EVM से होने वाली वोटिंग का विरोध करती रही है। लेकिन मजे की बात उस वक्त देखने को मिलती है जब EVM से वोटिंग होती है और कांग्रेस की सरकार बनती है तब कांग्रेस के नेता EVM का विरोध नहीं करते हैं। अब एमपी,राजस्थान सहित अन्य राज्यों में इसी साल विदानसभा चुनाव होने जा रहे हैं ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी ने EVM मशीन पर अविश्वास जाहिर करते हुए उसकी जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कमेटी का गठन कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी EVM में गड़बड़ी करके चुनाव जीतती है इसी लिए भाजपा की सरकारें बनती हैं। लिहाजा अब आरोपों का पटाक्षेप करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने कमेटी का गठन कर दिया है। अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली टीम ईवीएम की जांच पड़ताल करेगी और अगर कांग्रेस पार्टी को ईवीएम में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो उसका विरोध कर ईवीएम से होने वाली वोटिंग बंद करने के लिए कहा जाएगा। इस पूरे मामले में बीजेपी का मानना है कि कांग्रेस पार्टी को जब खुद की पार्टी का हार वाला फीडबैक मिलने लगता है तो इस प्रकार की हरकतें कांग्रेस पार्टी पहले से ही करने लगती है। जिससे चुनाव के बाद जब नतीजे आएं और कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़े तो वो पहले से ही ईवीएम से हार का प्रारुप तैयार कर लेती है। और इस बार कांग्रेस पार्टी ने ईवीएम की जांच के लिए कमेटी का गठन कर पहले ही साबित कर दिया है कि उसके फीडबैक पार्टी की हार सुनिश्चित है इसी लिए मतगणना के बाद की तैयारी कांग्रेस पार्टी अभी से करने लगी है।

16/8/2023135
सीएम की तरकश में अभी और कई तीर बांकी...
भोपाल

सीएम की तरकश में अभी और कई तीर बांकी...

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बनते चले जा रहे हैं। उनकी सभाओं में बढ़ रही महिलाओं की भीड़ ने कमलनाथ की नींद उड़ा दी है। कांग्रेस का कोई कार्ड मुख्यमंत्री के सामने नहीं चल पा रहा है। इसी फस्ट्रेशन में कांग्रेस ने फर्जी लेटर कांड गढ़ डाला। मुख्यमंत्री ना केवल महिलाओं के लिए बल्कि सभी समुदायों के लिए कोई ना कोई घोषणा कर रहे हैं। और सिर्फ घोषणाएं ही नहीं कर रहे उनका तत्काल क्रियान्वयन भी सीएम करवाते जा रहे हैं। इसी कारण कमलनाथ का कोई पत्ता नहीं चल पा रहा है। रीवा में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत तीसरी किस्त देने के बाद मुख्यमंत्री राखी के पहले 27 तारीख को कोई बड़ी घोषणा करने जा रहे हैं जिसका केन्द्रबिंदु भी लाड़ली बहने ही रहेंगी। मुख्यमंत्री ने पहले ही घोषणा कर रखा है कि लाड़ली बहना योजना की राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये तक की जाएगी। प्रदेश में सवा करोड़ लाभार्थी महिलाओं का वोट बैंक बनाने का मतलब है कि मुख्यमंत्री ने इतने ही परिवारों को अपने साथ जोड़ लिया है। क्योंकि महिलाएं परिवार की धुरी होती हैं उनको अपने तरफ करने का मतलब है कि मुख्यमंत्री ने एक बड़ा वोटबैंक भाजपा की तरफ मोड़ लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी के लाभार्थी वोटबैंक की तर्ज पर मध्यप्रदेश में महिलाओं का वोटबैंक तैयार कर लिया है। जाहिर है कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री जैसा महिलाओं में लोकप्रिय नेता नहीं है। इस मामले में कमलनाथ उनके समक्ष खड़े भी नहीं हो सकते। मुख्यमंत्री ने 12वीं में प्रथम श्रेणी में आने वाली बच्चियों को स्कूटी देने की घोषणा भी की है। इस घोषणा से भी भाजपा का वोटबैंक मजबूत होगा क्योंकि स्कूटी पूरे परिवार के काम आएगी। खास बात यह है कि यह स्कूटी इलेक्ट्रिकल होगी यानि पेट्रोल का टेंशन नहीं होगा। इस योजना को भी सीएम शिवराज का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। बीस अक्टूबर तक सीएम शिवराज लाड़ली बहनों के खाते में करीब छह किस्त डाल चुके होंगे और फिर नवंबर में चुनाव होना है इसलिए माना जा रहा है कि लाड़ली बहना योजना सीएम शिवराज के लिए और सरकार के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित होने वाली है। अब कांग्रेस पार्टी यह योजना तैयार कर रही है कि सीएम की घोषणाओं का तोड़ कैसे निकाला जाए।

15/8/2023214
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