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पीएम मोदी का बयान विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं,भटके नहीं और अटके भी नहीं,'मेरी गारंटी' मित्थ्या नहीं होगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘मोदी यानी हर गारंटी पूरी होने की गारंटी’ है। भोपाल में भाजपा कार्यकर्ता महाकुंभ (karyakarta mahakumbh) को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि ‘जब मोदी गारंटी देता है, जब भाजपा गारंटी देती है तो वो जमीन तक उतरती है। घर घर तक पहुंचती है, हर लाभार्थी तक पहुंती है।’ इसी के साथ उन्होने कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए (PM Modi in Bhopal)। पीएम मोदी ने कहा कि आज कांग्रेस ने अपनी इच्छाशक्ति खो दी है और उसका ठेका अब कुछ अर्बन नक्सलियों के पास है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपना ठेका दूसरों को दे दिया है। वो एक ऐसी कंपनी बन गई है जिसमें नारों से नीतियों तक हर चीज आउटसोर्स हो रही है और ये ठेका कुछ अर्बन नक्सलियों के पास है। भोपाल के जंबूरी मैदान में लाखों बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया कि वो आने वाले चुनाव के लिए जी जान से जुट जाएं। उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश को देश का दिल कहा जाता है और भाजपा के साथ देश के दिल का जुड़ाव कुछ विशेष रहा है। भाजपा को हमेशा एमपी के लोगों ने भरपूर आशीर्वाद दिया है। अटल जी, कुशाभाऊ ठाकरे, कैलाश जोशी, प्यारेलाल खंडेलवाल, राजमाता विजयाराजा सिधिंया, सुंदरलाल पटवा जैसे अनेक महान व्यक्तित्व ने हमें आज यहां तक पहुंचाया है। ऐसे अनेक लोगों का तप और त्याग आज भी भाजपा के हर कार्यकर्ता को प्रेरित करता है। इसलिए मध्य प्रदेश सिर्फ भाजपा के विचार का ही नहीं, बल्कि विकास के विजन का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होने कहा कि आने वाला चुनाव (MP Elections 2023) बेहद अहम है। हमें ध्यान रखना है कि विकास का जो रास्ता एमपी के लोगों ने बनाया है उस विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं, भटके नहीं और अटके भी नहीं।

'सनातन पर बात आती है तो कमलनाथ मौनी बाबा और वोट लेना हो तो ढोंगी बाबा होते हैंःशिवराज सिंह चौहान
जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) समाप्त होने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की संयुक्त प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता के दौरान सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) और दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) पर बड़ा हमला बोला। सीएम शिवराज ने कहा कि जब सनातन का अपमान होता है, तो कमलनाथ आप मौनी बाबा बन जाते हैं और जब वोट लेना होता है, तो ढोंगी बाबा बन जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी नकारात्मकता की राजनीति करती है और भाजपा सकारात्मकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम एकात्म यात्रा निकालते हैं, स्नेह यात्रा निकालते हैं, जन आशीर्वाद यात्रा निकालते हैं, कांग्रेसी जन आक्रोश यात्रा निकालते हैं। दिग्विजय सिंह जनआक्रोश (Jan Aakrosh Yatra) के पोस्टर से गायब है, कमलनाथ यात्रा से गायब हैं।जिनका नेता पहियों वाले सूटकेस को सिर पर लेकर चलता हो, उस पार्टी का क्या भविष्य होगा! प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आए जो गौरव की बात है। आजादी के अमृतकाल में आधी आबादी को न्याय मिला है। भाजपा की प्राथमिकता नारी सशक्तीकरण है। मुक्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने स्थानीय निकाय चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया। जिसने सेक्स रेशियो ठीक करने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई, जहां महिलाओं को पुलिस में 35% आरक्षण मिलेगा,जहां महिलाओं के नाम पर संपत्ति लेने पर स्टाम्प शुल्क में छूट दी जाती है। जहां संबल योजना बनाई गई, जहां एक करोड़ 32 लाख बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पहले 1,000 रुपये डाले गए और अब 1,250 रुपये डाले जा रहे हैं। हम जनता की सेवा के काम करने के लिए हैं जनआशीर्वाद यात्रा को अभूतपूर्व सफलता मिली है, इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा (VD Sharma) और समस्त कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं।

अविवाहित महिलाएं भी होंगी 'लाड़ली बहना' मिलेंगे 1250 रुपये महीना
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने जबलपुर में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Aashirwad Yatra) के दौरान एक बड़ी घोषणा करते हुए ‘लाडली बहना योजना’ (Ladli Behna Yojana) के तहत, 21 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को प्रति माह 1,250 रुपये की सहायता प्रदान करने की बात कही है। यह घोषणा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान एक रैली में की। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य की अविवाहित महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस सहायता राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर आखिरकार प्रति माह 3,000 रुपये कर दिया जाएगा। यह योजना राज्य की लगभग 1.32 करोड़ अविवाहित महिलाओं तक पहुंचेगी। इसके अलावा,सीएम चौहान ने बताया कि यह योजना विधानसभा चुनावों के आगमन से पहले आने वाले समय में महिलाओं के वेलफेयर के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वे आशा व्यक्त करते हैं कि यह योजना समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकेगी। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव साल के अंत में होने की संभावना है (MP Elections), और इस योजना की घोषणा भाजपा के वोट बैंक को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकती है। यह भी देखना दिलचस्प होगा कि इस योजना का विधानसभा चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ता है। महिलाओं के अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पथ विक्रेताओं को भी बड़ी सौगात देने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले कोरोनाकाल के बाद मुख्यमंत्री ने पथ विक्रेताओं के लिए बगैर ब्याज दस हजार ऋण की योजना लांच की थी जिसका पथ विक्रेताओं ने जमकर समर्थन किया था। माना जा रहा है कि पथ विक्रेताओं के सम्मेलन में सीएम शिवराज कोई बड़ी घोषणा करेंगे।

दलित अत्याचार से सत्ता का रास्ता खोज रही कांग्रेस
कांग्रेस की ओर से प्रदेश भर में जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का आगाज 19 सितंबर से हो चुका है। कांग्रेस का यह आक्रोश सिर्फ यात्रा में नहीं दिख रहा है। आक्रोश को लगातार बनाए रखने का जिम्मा प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने उठा लिया है। कांग्रेस प्रभारी हर दूसरे,तीसरे दिन एक प्रेस वार्ता का आयोजन करते हैं और राज्य सरकार की नाकामी को गिनाते हैं। कांग्रेस ने अब अपने जन आक्रोश के निशाने पर दलित और आदिवासी को शामिल किया है। जिन पर हुए अत्याचार को कांग्रेस पार्टी हथियार के रुप में इस्तेमाल कर रही है। बुधवार को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन कर राज्य सरकार (Shivraj Government) पर जमकर आरोप लगाया। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एक दो घटनाएं हों तो उसको चूक कहा जा सकता है लेकिन दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के अनगित मामले हों तो साफ है कि प्रदेश की सरकार दलित और आदिवासी विरोधी सरकार है। इसी प्रकार कांग्रेस पार्टी ओबीसी की आबादी को भी अपने पक्ष में करने के लिए अलग-अलग उपाय आजमा रही है। ओबीसी वर्ग के सभी नेताओं को कांग्रेस पार्टी ने ऐक्टिव कर दिया है। सभी ओबीसी वर्ग के नेता अपने वर्ग को साधने में जुटे हुए हैं। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी द्वारा एक टीम का गठन कर सभी वर्गों के खिलाफ हुए अत्याचार की लिस्ट तैयार करवाई जा रही है। कांग्रेस का प्रयास है कि जब भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाए जाएं तो पार्टी के पास उसके कुछ ठोस प्रमाण जरुर होना चाहिए यही कारण है कि कांग्रेस ने टीम का गठन किया है जिससे वो किसी भी आरोप का बारीकी से अध्ययन करें और फिर उसके बाद खुलासा किया जा सके।

जनता का आशीर्वाद लेने के बाद बस्ती संपर्क अभियान चलाएगी भाजपा
मिशन 2023 की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी अब बस्तियों में भी दस्तक देने जा रही है। बस्तियों में एक बड़ा वोट बैंक रहता है और लाडली बहन योजना (ladli behna yojana) का सबसे बड़ा प्रभाव उन्हीं बस्तियों में ही देखने को मिलता है। लिहाजा भाजपा ने प्लान तैयार किया है कि इसके लिए कार्यकर्ताओं की टोलियां बनाई जाएंगी। भाजपा के कार्यकर्ता बस्तियों में जाकर भाजपा सरकार की उपलब्धियां बताएंगे और भाजपा सरकार क्यों जरूरी है इसकी आवश्यकता भी वो बताएंगे। इस अभियान में रक्तदान से लेकर स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम 2 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे (Basti Sampark Campaign)। गौरतलब है कि भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) के दौरान अब तक 11 लाख नए सदस्य बना चुकी है। भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस (PM Modi Birthday) को सेवा पखवाड़े के रूप में मना रही है। यह 17 सितंबर से शुरू हो चुका है और महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलेगा। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 24 सितंबर तक विभिन्न योजनाओं के हितग्राही प्रधानमंत्री के दीर्घायु की कामना करेंगे। साथ ही आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Yojana) के अंतर्गत अधिक से अधिक कार्ड बनवाने एवं वितरण की व्यवस्था भी कार्यकर्ता करेंगे। युवा मोर्चा द्वारा प्रत्येक जिले में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा और पार्टी का चिकित्सा प्रकोष्ठ निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करेगा। इस दौरान केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नव वर्ष की उपलब्धियां और राज्य में शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की सरकार की 18 साल की उपलब्धियां को भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर बताएंगे। योजना के लाभ से वंचित पत्रों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। सेवा पखवाड़ा में सातों मोर्चा और प्रकोष्ठों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भाजपा 'जनता का आशीर्वाद' लेने के चक्कर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का 'आशीर्वाद' लेना भूली
भारतीय जनता पार्टी इन दिनों प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रही है (Jan Ashirwad Yatra)। लेकिन भाजपा की इस यात्रा के दौरान भाजपा यह भूल गई कि पार्टी के नेताओं का आशीर्वाद भी जरुरी होता है क्योंकि उनके एक मत हुए बगैर चुनाव जीतना संभव नहीं है। जबकि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home minister Amit Shah) ने सबसे पहले पार्टी की एकजुटता पर ही सभी नेताओं का ध्यान आकर्षित किया था लेकिन एमपी बीजेपी (mp bjp) के नेताओं ने जब जन आशीर्वाद यात्रा का रोडमैम तैयार किया तो उसमें कई वरिष्ठ नेताओं को उन्होने अनदेखा करते हुए ऐसे नेताओं को आगे किया जो वरिष्ठता की सूची में काफी पीछे आते हैं। जब जन आशीर्वाद यात्रा का रोडमैप तैयार हुआ तो केन्द्रीय नेतृत्व ने क्षेत्रीय और प्रभावशाली नेताओं को महत्व देने के लिए कहा था लेकिन पार्टी ने सबसे पहले महाकौशल क्षेत्र से राकेश सिंह (Rakesh Singh) की ही उपेक्षा कर दी जिनको प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav)के हस्तक्षेप के बाद टीम में शामिल किया गया। लेकिन बुंदेलखंड से वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava) एमपी बीजेपी संगठन ने अपने किसी प्लान में शामिल नहीं किया जिसके चलते उन्होने खुद को अपनी विधानसभा तक सीमित कर लिया। जबकि अमित शाह ने भोपाल दौरे पर सभी नेताओं को स्पष्ट तौर पर बोल दिया ता कि सभी अपने गिले सिकवे दूर कर लें फिर भी उनकी बात को नजरअंदाज कर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और मंत्री गोपाल भार्गव को उपेक्षित कर दिया गया। यात्रा के बैकड्राप में भी गोपाल भार्गव और राकेश सिंह के चेहरे गायब हैं जबकि महिला होने के नाते राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार (Kavita Patidar) को बैकड्राप में स्थान दिया गया है। पाटीदार के चेहरे पर भी नेताओं को आपत्ति है,दबी जुबान में वो कह रहे हैं कि ओबीसी से कृष्णा गौर से लेकर सांसर रीति पाठक और एससी वर्ग से संध्या राय का अधिकार वरिष्ठता के चलते बनता है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन ने अपने तरीके से अपने पसंदीदा लोगों को यात्रा के बैकड्राप में शामिल कर एक बार फिर पार्टी के अंदर गुटवाजी को हवा दे दिया है। एक तरफ भाजपा चुनाव जीतने और पार्टी में किसी प्रकार के गुटबाजी होने के दावे को शिरे से खारिज करती है दूसरी तरफ पार्टी के नेता अंदर ही अंदर गुटबाजी की बात को भी स्वीकार कर रहे हैं। सालों से सत्ता और संगठन के लिए काम करने वाले कई नेता हर तीसरे दिन प्रदेश कार्यालय दस्तक देने पहुंचते हैं जिन्हे ऐसे नजरअंदाज किया जाता है जैसे वो किसी अन्य ग्रह के प्राणी हों। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के ऐसे बर्ताव से बहुत से पदाधिकारी काफी नाराज हैं। बहुत से नेता कांग्रेस के दरवाजे झांक रहे हैं।

जमीनी कार्यकर्ताओं पर भाजपा का फोकस,कल दिल्ली में हो सकती है बैठक,दूसरी सूची जल्द होगी जारी
भारतीय जनता पार्टी दूसरी सूची जारी करने की तैयारियों में जुट गई है। बुधवार को दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व की बैठक (BJP Meeting) के दौरान सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है। कांग्रेस जहां भाजपा के बड़े नेताओं को शामिल कर रही है तो भाजपा का फोकस जमीनी नेताओं पर है। जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) में ऐसे तीन हजार से अधिक नेता और कार्यकर्ताओं को अब तक की सदस्यता दिलाई जा चुकी है। दरअसल केन्द्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि बड़े नेताओं के स्थान पर उन लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा जाए जो जमीनी स्तर पर पकड़ रखते हैं। 25 सितंबर को होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ (Karyakarta Mahakumbh) से पहले 50 हजार कार्यकर्ता भाजपा की ओर से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कांग्रेस सहित सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोग शामिल हैं। भाजपा इन दिनों पंचामत से लेकर मंडल स्तर पर सक्रिय दूसरे दलों के प्रभावी कार्यकर्ताओं को जोड़ रही है। पिछले महीने जब गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक ली थी तब उन्होने पार्टी नेताओं को जमीन पर आधार को मजबूत करने के लिए कुछ रणनीतिक नुस्खे दिए थे। इस बार पार्टी बड़े चेहरों से ज्यादा फोकस निचले स्तर पर बूथों पर सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने पाले में खींचने पर काम कर रही है। सतना के रैगांव विधानसभा में चार सितंबर को गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) की उपस्थिति में कई पंचायतों के 130 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली थी। पंधाना विस क्षेत्र में कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने 40 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई थी। इसी प्रकार प्रदेश कार्यालय में अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) कई सरपंचों और अन्य प्रभावशाली लोगों को भाजपा की सदस्यता दिला चुके हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार 25 सितंबर को भाजपा के कार्यकर्ता महाकुंभ में पीएम मोदी की मौजूदगी में हजारों लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलाई जा सकती है जिसमें कांग्रेस के कुछ बड़े चेहरे भी शामिल हैं।

'झूठ बोलने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कोई रिकॉर्ड बनेगा तो वो दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के नाम होगा'
मुरैना में एक प्रेस वार्ता के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश में हार के डर से बौखलाकर एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल की बाईट को जिस प्रकार से एडिट करके कांग्रेस ने झूठ परोसने का काम किया है और जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री मि. बंटाधार के द्वारा ट्वीट किया गया है, उससे स्पष्ट है कि कांग्रेस हार के डर से बौखला गई है। भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता इनके झूठ का जवाब देने के लिए प्रत्येक बूथ पर सजग प्रहरी बनकर खड़ा है और कमलनाथ (Kamal Nath), दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) का झूठ मध्यप्रदेश में नहीं चलेगा। पार्टी इसका कड़ा जवाब देगी। इस मौके पर प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) पार्टी के प्रदेश महामंत्री रणवीर सिंह रावत (Ranveer Singh Rawat) एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल (Ashish Agrawal) उपस्थित रहे। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि 2003 से पहले बंटाधार युग में मध्यप्रदेश जिस दुर्दशा का शिकार था, उसे लेकर प्रदेश के लोगों में व्यापक आक्रोश मौजूद है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश में जो जन आशीर्वाद यात्राएं निकाली जा रही हैं, वो जनता को यह बता रही हैं कि बंटाधार युग के मध्यप्रदेश को भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने विकास के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके चलते जन आशीर्वाद (Jan Ashirwad Yatra) यात्राओं को व्यापक जन समर्थन मिल रहा है। जनता के इस समर्थन और यात्राओं के प्रति उमड़ रहे उत्साह से घबराई कांग्रेस झूठ का सहारा ले रही है। वीडी शर्मा ने कहा कि उस नेशनल न्यूज चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर ने भी यह स्पष्ट किया है कि जो न्यूज फैलाई जा रही है, वह फेक न्यूज है और हमारी खबर को जिस तरह से एडिट करके उसका दुरुपयोग किया जा रहा है, उसके खिलाफ हम कानूनी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ मध्यप्रदेश में लगातार झूठ परोसने का काम कर रहे हैं। अगर सबसे ज्यादा झूठ बोलने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कोई रिकॉर्ड बनेगा, तो वह दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के नाम ही दर्ज होगा। कुछ समय पहले इन्होंने एक पत्र जारी करके भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया था, वह भी फेक निकला। उस पत्र को लिखने वाले संगठन का पता ही नहीं चला। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई और कांग्रेस की नेत्री प्रियंका गांधी को भी झूठी साबित होकर मध्यप्रदेश से जाना पड़ा। दिग्विजयसिंह ने मध्यप्रदेश के सौहार्द्रपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने के लिए भगवान कुंडेश्वर को लेकर झूठे ट्वीट किए। बाद में उन्हें अपने ही ट्वीट डिलीट करना पड़ा और वे मैदान छोड़कर भाग गए।

खंडवा में केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जन आशीर्वाद यात्रा को दिखाई झंडी
केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने खंडवा में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) को हरी झंडी दिखाते कहा कि गांव, गरीब, मजूदर और किसानों का कल्याण भारतीय जनता पार्टी का लक्ष्य है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh Chouhan) को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार 7 बार से कृषि कर्मण अवार्ड जीत रहा है। यहां सिंचित क्षेत्र बढ़ा है और उसके साथ ही उत्पादन भी बढ़ रहा है। हर हाथ को काम और हर खेत को पानी के मंत्र पर चलते हुए मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार आगे बढ़ी और कृषि विकास दर के साथ कृषि उत्पादन को बढ़ाया। केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं, लेकिन कृषि उपज का वांछित मूल्य न मिल पाना उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा है, क्योंकि इनके दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय होते हैं। इसलिए हमने तय किया कि किसानों को ऊर्जादाता बनाना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में यह सपना पूरा हो रहा है। आज 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाली कारें आ रही हैं, हवाई जहाज उड़ रहे हैं, स्कूटर भी आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश 16 लाख करोड़ से अधिक का फॉसिल फ्यूल आयात करता है। अगर ये पैसा बचेगा, तो हमारे किसानों को ही मिलेगा। निति गडकरी ने कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में अच्छा काम हो रहा है। थर्मल एनर्जी, सोलर एनर्जी और सोलर संयंत्रों में इलेक्ट्रोलाइजर लगाकर हाइड्रोजन उत्पादन का काम हो रहा है। इस क्षेत्र में प्रदेश में जो काम हो रहा है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि जल्द ही मध्यप्रदेश हाइड्रोजन के उत्पादन में देश का नं.1 राज्य बनेगा और यहां के किसान ऊर्जादाता बनेंगे। खंडवा में गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार लगातार विकास और गरीब कल्याण के काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना में 44 लाख लोगों को आवास दिये गए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। उज्जवला योजना में गैस सिलेंडर मिल रहे हैं, तो आयुष्मान योजना में मुफ्त इलाज हो रहा है। जिस मध्यप्रदेश में 5-6 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे, वहां अब 30 से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं। बच्चों को शिक्षा, किसानों को पानी और बिजली मिल रही है। गांवों में उद्योग लग रहे हैं, जिनसे लोगों को रोजगार मिलेगा। अधोसंरचना में तेजी से सुधार हो रहा है। मध्यप्रदेश में इंदौर-हैदराबाद और देहली-मुंबई हाईवे बन रहे हैं, जिनके तैयार हो जाने पर एक घंटे में ओंकारेश्वर और 2 घंटे में बुरहानपुर से इंदौर पहुंचा जा सकेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सड़क, बिजली, पानी, ट्रांसमिशन नेटवर्क का लगातार विकास हो रहा है और मध्यप्रदेश देश के पॉवर स्टेशन के रूप में उभर रहा है। नितिन गडकरी ने कहा कि ये सब विकास का सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है। मैं आपसे यही आग्रह करने आया हूं कि पूरी फिल्म देखने के लिए भाजपा को अपना आशीर्वाद दीजिए। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे और सभी ने संकल्प लिया कि अबकी बार फिर भाजपा की सरकार।

भाजपा की नैया पार लगाने निकले गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा,विंध्य में जन आशीर्वाद यात्रा का मिला जिम्मा
भारतीय जनता पार्टी जब-जब संकट में आती है तो उसके संकटमोचक डॉ. नरोत्तम मिश्रा होते हैं (Narottam Mishra)। इसकी बानगी आए दिन देखने को मिलती रहती है। सदन में सरकार पर कोई आरोप लगता है तो गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा अंगद की तरह पांव जमा कर विपक्ष को करारा जवाब देते हैं और जब पार्टी में कोई संकट आता है तो गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा 'दादा' संकटमोचक बन कर सामने खड़े हो जाते हैं। पिछले कुछ समय से लगातार यह बातें उठ रहीं थी कि विंध्य इस बार भाजपा से नाराज है। खासकर विंध्य के ब्राम्हण भाजपा से खासे नाराज हैं। विंध्य में ब्राम्हणों की बहुत बड़ी आवादी निवास करती है और वहां की 30 सीटों में उन्ही का प्रभाव देखने को मिलता है। सबसे पहले विंध्य की नाराजी इस बात को लेकर थी कि उन्हे उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला जबकि विंध्य के लोगों ने 30 सीटों में 24 सीटें भाजपा को दी। नाराजगी पर तड़का उस वक्त और लग गया जब सीधी में पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) हुआ और सरकार ने जल्दबाजी में आरोपी के घर पर बुल्डोजर चलवा दिया इससे ना सिर्फ ब्राम्हण वर्ग भाजपा से नाराज हुआ बल्कि सवर्ण वर्ग में आने वाले सभी लोग भाजपा से नाराज हो गए इस बात की जानकारी भाजपा की इंटरनल रिपोर्ट में सामने आई। ऐसी स्थिति में विंध्य में डैमेज कंट्रोल के लिए भाजपा के पास एक ही चेहरा था डॉ. नरोत्तम मिश्रा। ब्राम्हणों की नाराजगी के चलते ही भाजपा ने चित्रकूट से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) से जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) को हरी झंडी दिखवाई और फिर उसको गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के हवाले कर दिया। गृह मंत्री पूर्व में रीवा के प्रभारी मंत्री रहे हैं और उनको वहां की तासीर मालूम है। विंध्य में नरोत्तम मिश्रा को बाहरी नहीं बल्कि घर का नेता माना जाता है। वैसे भी गृह मंत्री जिस विधानसभा दतिया से चुनाव लड़ते हैं पहले वो विंध्य का ही हिस्सा माना जाता था। डॉ. नरोत्तम मिश्रा की ब्राम्हणों के बीच जिस प्रकार की लोकप्रियता है उसी को भुनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हे विंध्य की जिम्मेदारी सौंपी है। और भाजपा यह मान कर चल रही है कि जब गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को जब एक बार कोई जिम्मेदारी सौंप दी जाती है तो उसको पूरा करके ही वो चैन की सांस लेते हैं। लिहाजा अब देखना यह दिलचश्प होगा कि भाजपा द्वारा खेला गया यह ब्राम्हण कार्ड विंध्य को रिझाने में कामयाब होगा अथवा नहीं यह तो वक्त बताएगा।

रुठे विंध्य को पहले मनाएगी भाजपा,बीजेपी से आज रवाना हुए रथ,कल नड्डा दिखाएंगे हरी झंडी
कहा जाता है कि पर्वतराज सुमेरू के शिखर कहे जाने वाले चित्रकूट गिरि को कामदगिरि होने का वरदान भगवान राम ने दिया था। तभी से विश्व के इस अलौकिक पर्वत के दर्शन मात्र से आस्थावानों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। और अब भाजपा का भगवान राम ही बेड़ा पार कर सकते हैं। दरअसल Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार विंध्य (Vindhya) की जनता का मोह अब भाजपा से भंग हो चुका है और इसका खुलासा भाजपा की आंतरिक सर्वे रिपोर्ट (Bjp internal report) में हो चुका है यही कारण है कि चुनाव के महज डेढ़ महीने पहले भाजपा ने राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को मंत्री बना कर विंध्य की जनता के जख्म पर मरहम लगाने का काम किया है। लेकिन विंध्य की जनता जितनी भावुक मानी जाती है ठीक उसी प्रकार से विंध्य की जनता राजनीतिक मामलों की भी जानकार मानी जाती है। विंध्य की जनता जब वोट देती है तो सभी प्रकार के सोच विचार करती है। जिस वक्त 2018 में माई के लाल का नारा चल रहा था और ग्वारियर-चंबल के सवर्णों ने भाजपा का साथ छोड़ कर कांग्रेस को जिताने में अपना योगदान दिया था तब विंध्य की जनता ने जाति की परवाह किए बगैर सीएम शिवराज के (Shivraj Singh Chouhan) द्वारा किए विकास को तरजीह दी जिसका नतीजा ये निकला कि विंध्य की 30 सीटों में 24 सीटें भाजपा की छोली में आई। साल 2020 में जब सिंधिया के भाजपा में शामिल होने से फिर भाजपा की सरकार बनी तो विंध्य की जमकर उपेक्षा की गई और ग्वालियर-चंबल के हर तीसरे विधायक में एक को मंत्री बनाया गया। विंध्य देश का सबसे बड़ा सवर्ण बाहुल क्षेत्र माना जाता है इसके बाद भी विंध्य के एक भी सवर्ण नेता को मंत्री नहीं बनाया गया। यहां से भाजपा का ओबीसी प्रेम विंध्य की जनता के सामने आया। बात चस वक्त और गंभीर हो गई जब सीधी में आदिवासी पेशाबकांड (Sidhi Peshab Kand) का मामला सामने आया। विंध्य के सवर्णों ने घटना का जमकर विरोध किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भी समर्थन किया लेकिन जब आरोपी के घर पर बुल्डोजर चला और उसके परिवार को सड़क पर आना पड़ा तो विंध्य की जनता में शिवराज सरकार और भाजपा के खिलाफ आक्रोश की लहर दौड़ गई। लगातार उपेक्षा का दंश झेलने वाली विंध्य की जनता का इस बार भाजपा से मोह भंग हो गया है। जिस प्रकार से सीएम शिवराज और भाजपा के हर नेता का ओबीसी प्रेम जनता के सामने आया उसके बाद विंध्य की जनता ने भाजपा अलग होने पर खुद की भलाई देख रहे हैं। इन सब बातों की जानकारी भाजपा हाई कमान को है। इसी लिए केन्द्रीय नेतृत्व ने विंध्य में लगातार फोकस किया और मोदी की दो सभाएं रीवा और शहडोल में आयोजित की गई। अमित शाह ने सतना में सभा की। सीएम शिवराज ने महीने भर में विंध्य की ज्यादा तर सीटों का दौरा किया है लेकिन इस बार विंध्य की जनता का मूड बदल पाने में अब तक भाजपा नाकाम साबित हुई है इसी लिए अब भाजपा एक बार फिर भगवान राम का सहारा लेकर उनकी तपोभूमि चित्रकूट से जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) का आगाज करने जा रही है जिसको राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे।

भाजपा की तस्वीर से अमित शाह गायब,अब जेपी नड्डा यात्रा को दिखाएंगे हरी झंडी
भारतीय जनता पार्टी तीन सितंबर से प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) का आगाज करने जा रही है। लेकिन यात्रा के पहले ही भारतीय जनता पार्टी में चल रहे आपसी विवाद और मन मुटाव की तस्वीर सामने आने लगी है। दरअसल दो दिन पहले भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भाजपा की तरफ से जन आशीर्वाद यात्रा का प्रारुप बताने के लिए प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की तरफ से एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया था। प्रेसवार्ता के दौरान एक होर्गिंग लगाई गई थी जिसमें पीएम मोदी (PM Narendra Modi) की तस्वीर के साथ एमपी के कुछ कद्दावर नेताओं की तस्वीर लगाई गई। लेकिन उस तस्वीर में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को स्थान नहीं दिया गया था जबकि अमित शाह को ही चित्रकूट से पहली विकास यात्रा (vikas yatra) को हरी झंडी दिखानी थी। पोस्टर में एक और मजे की बात देखने को मिली कि भूपेन्द्र सिंह को विकास यात्र की टोली का संयोजक बनाया गया है लेकिन पोस्टर में भूपेन्द्र सिंह (Bhupendra Singh) को स्थान नहीं दिया गया। हांलाकि भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच भी चल रही है यही कारण हो सकता है कि भाजपा भूपेन्द्र सिंह को लाइमलाइट से दूर रख कर उनकी संगठनात्मक काबिलियत का फायदा उठाना चाहती होगी। लेकिन महत्वपूर्ण यही है कि इस पूरी भूमिका में जिस प्रकार से अमित शाह को पोस्टर से गायब किया गया वो राजनीतिक पंडितों के गले से नहीं उतर रहा है और सभी इस सवाल का जवाब ढूंढ़ रहे हैं कि आखिर अमित शाह को पोस्टर से गायब क्यों किया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस पूरे मामले की जानकारी अमित शाह को हुई तो उन्होने काफी नाराजगी ब्यक्त की बात यहीं खत्म नहीं हुई अमित शाह ने चित्रकूट आने से इंकार कर दिया जिसके बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चित्रकूट आकर जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाने वाले हैं। गौरतलब है कि भाजपा के सर्वे के अनुसार विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज है जिनको मनाने के लिए भाजपा की ओर से अलग-अलग प्रयास किए गए लेकिन नतीजा शिफर ही रहा है। इसी लिए अब भाजपा ने विंध्य से जन आशीर्वाद यात्रा का आगाज करने की योजना तैयार की है।