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#M Modi

Total published stories tagged under #M Modi: 1767

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70000 अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त,हजारों अतिथि शिक्षकों को वेतन तक का नहीं हुआ भुगतान
भोपाल

70000 अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त,हजारों अतिथि शिक्षकों को वेतन तक का नहीं हुआ भुगतान

1/5/2024954
भाजपा जल्द फोड़ेगी और बम,दो विधायक जल्द ले सकते हैं बीजेपी की सदस्यता,आखिरी दौर में चल रही बात
भोपाल

भाजपा जल्द फोड़ेगी और बम,दो विधायक जल्द ले सकते हैं बीजेपी की सदस्यता,आखिरी दौर में चल रही बात

30/4/202495
राहुल गांधी ने भाजपा को दिया मुद्दा,लोकसभा चुनाव में 'शक्ति' होगा चुनावी मुद्दा
भोपाल

राहुल गांधी ने भाजपा को दिया मुद्दा,लोकसभा चुनाव में 'शक्ति' होगा चुनावी मुद्दा

लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी का काम राहुल गांधी (rahul gandhi) खुद आसान करते चले जा रहे हैं। उनकी भाषाई पकड़ और उनका ज्ञान भारतीय जनता पार्टी के लिए ब्रम्हास्त्र का काम कर रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुंबई में एक रैली के दौरान कहा कि वो 'शक्ति के विरुद्ध लड़ाई' (rahul gandhi on shakti) लड़ रहे हैं। फिर क्या था प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस मामले को ऐस लपका कि राहुल गांधी अब सफाई देते फिर रहे हैं। राहुल गांधी ने जब यह बयान दिया तब उन्हे इस बात का अहसास नहीं था कि भारत में महिलाओं को 'शक्ति' का रुप माना जाता है और राहुल गांधी ने उसी शक्ति के विरुद्ध लड़ाई लड़ने की बात कह कर भारतीय जनता पार्टी का काम आसान कर दिया। जैसे ही पीएम मोदी ने राहुल गांधी को शक्ति विरोधी बताया पूरी भाजपा ने राहुल गांधी पर अटैक करना शुरु कर दिया। राहुल गांधी के बयान पर करारा हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनके लिए हर मां-बेटी शक्ति का स्वरुप है और इस शक्ति की रक्षा के लिए वो जान लगा देंगे। पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए खुद को शक्ति का उपासक बताया तो वहीं राहुल गांधी को शक्ति का विनाशक बताया। लोकसभा चुनाव का प्रचार करने के लिए राहुल गांधी जहां भी जा रहे हैं वो कुछ ऐसा बयान दे देते हैं जिससे भाजपा का काम आसान हो जाता है।

19/3/2024128
देश की पहली वैदिक घड़ी का एक मार्च को पीएम मोदी करेंगे वर्चुअली शुभारंभ
भोपाल

देश की पहली वैदिक घड़ी का एक मार्च को पीएम मोदी करेंगे वर्चुअली शुभारंभ

भारत की पहली वैदिक घड़ी (vedic watch) उज्जैन की प्राचीन वेधशाला में स्थापित की जा रही है। हिन्दू कालगणना और ग्रीनविच पद्धति की दोनों घड़ियों का समय एक साथ देखा जा सकेगा। एप के द्वारा अलग-अलग लोकेशन के सूर्योदय का समय, मुहूर्त काल, विक्रम संवत कैलेंडर, राहु काल, शुभ मुहूर्त पंचाग सहित समय गणना का भी पता लगाया जा सकेगा। घड़ी का लोकार्पण एक मार्च को वर्चुअली रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा होगा। उज्जैन को काल गणना का केंद्र माना जाता रहा है और उज्जैन कर्क रेखा पर स्थित है। कभी यह रेखा शहर के बीच थी, जो कि आज डोंगला में स्थित है। उज्जैन को कालगणना का केंद्र दोबारा बनाने की बात मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कह चुके हैं। प्राचीन नगरी उज्जैन में वैदिक घड़ी को लगाने का उद्देश्य भारतीय समय गणना से आम लोगों को परिचित कराना तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उज्जैन की कालगणना को फिर से स्थापित करना है। गौरतलब है कि दुनिया की पहली वैदिक घड़ी को जीवाजी वैधशाला के पास लगाया जा रहा है। इसके लिए यहां 85 फीट ऊंचा घड़ी का टावर खड़ा हो गया है। इसका काम अपने अंतिम चरण में है और आने वाली एक मार्च को पीएम मोदी द्वारा इसका लोकार्पण किया जाएगा। अभी वैदिक घड़ी नहीं लग पाई है। जीवाजी वैधशाला में यह विशेष करीब 10x12 फ़ीट की वैदिक घड़ी लगाई जा रही है, जो 30 मुहूर्त के साथ समय बताने वाली विश्व की पहली वैदिक घड़ी होगी। घड़ी की खास बात यह है कि वैदिक घड़ी में विक्रम पंचांग समाहित रहेगा, जो सूर्योदय से सूर्यास्त तक की जानकारी के साथ ग्रह, योग, भद्रा, चंद्र स्थिति, नक्षत्र, चौघड़िया, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगा। विक्रम शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि ये घड़ी दुनिया की पहली घड़ी होगी, जिसमें भारतीय काल गणना को शुद्धतम रूप से दर्शाया जाएगा। घड़ी में विधि, घटी काल, पल का मुहूर्त सब कुछ मिलेगा। हम भारतीय काल गणना को पुनः स्थापित करने के उद्देशय से घड़ी लगा रहे हैं। आगे चलकर इसके एप को आम लोग अपने मोबाइल पर उपयोग कर सकेंगे। घड़ी के लिए लखनऊ और भोपाल में काम अपने अंतिम चरणों में चल रहा है।

25/2/2024188
बीजेपी ने निकाली बंपर भर्तियां,कांग्रेस से आने वालों को भर्ती में मिलेगी विशेष छूट
भोपाल

बीजेपी ने निकाली बंपर भर्तियां,कांग्रेस से आने वालों को भर्ती में मिलेगी विशेष छूट

मिशन 2024 फतह करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने बंपर भर्तियां निकाल दी हैं (mp bjp)। बीजेपी की निकली भर्ती की विशेश बात यह है कि कांग्रेस से आने वाले नेताओं को विशेश छूट का लाभ मिलेगा (congress mp)। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया है और उस नारे को सत्य साबित करने के लिए बीजेपी ने भर्ती अभियान शुरु कर दिया हैं। गांव-गांव चलो अभियान के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी टोला और मोहल्ला में विशेश पहचान और वर्चश्व रखने वालों को पार्टी में शामिल करने का अभियान चलाया है तो वहीं शहरी क्षेत्रों में बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल किया जा रहा है। दरअसल 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में हुई भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण कांग्रेस हाई कमान को भी दिया गया था जिस कांग्रेस की तरब से अस्वीकार कर दिया गया था। तभी से कांग्रेस पार्टी में भगवान राम पर आस्था रखने वाले नेताओं ने पार्टी से किनारा करना शुरु कर दिया। कांग्रेस के कुछ नेताओं का तो यहां तक कहना है कि उनका कांग्रेस पार्टी में दम घुट रहा था क्योंकि वो कांग्रेस में रह कर भगवान राम का खुल कर नाम भी नहीं ले पा रहे थे। यही कारण है कि अब वो भाजपा में शामिल हो रहे हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की तरफ से आने वाले नेताओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती चली जा रही है। पता चला है कि जबलपुर से भी कांग्रेस के एक दिग्गज नेता भाजपा में शामिल होने वाले हैं और उनको भाजपा जबलपुर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार भी बना सकती है। भाजपा का भर्ती अभियान सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। भाजपा की तरफ से कांग्रेस के ऐसे नेताओं की सूची तैयार की जा रही है जो ब्यक्तिगत तौर पर अपने क्षेत्रों में दमखम रखते हों और उनसे भाजपा को नुकसान हो। ऐसे कांग्रेस नेताओं को भाजपा में शामिल कराने के लिए अलग से रणनीति तैयार की जा रही है। हालाकि भाजपा ज्वाइनिंग कमेटी का संयोजक पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को बनाया गया है जो तोड़ फोड़ के मामले में काफी माहिर माने जाते हैं। भाजपा ने जब भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा को किसी अभियान का जिम्मा सौंपा है तो वो पार्टी को निराश नहीं करते हैं। साल 2020 में जब आपरेशन लोटस हुआ और कांग्रेस की सरकार धराशाही हो गई थी तब भी उस पूरे अभियान के प्रमुख कर्ता धरता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ही थे। यानि यह स्पष्ट हो गया है कि लोकसभा चुनाव के पहले ही भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस की ऐसी घेराबंदी कर देना चाहती है जिससे उन्हे मजबूत उम्मीदवार न मिल पाएं।

13/2/2024153
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को कौन सी 'जड़ी बूटी' दी,क्या है 'जड़ी बूटी' का रहस्य
भोपाल

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को कौन सी 'जड़ी बूटी' दी,क्या है 'जड़ी बूटी' का रहस्य

रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झाबुआ (pm modi in jhabua) प्रवास पर थे। ये माना जा रहा है कि पीएम मोदी के इस प्रवास से भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है (madhya pradesh elections)। झाबुआ जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है और पीएम मोदी ने जनजातीय वर्ग को देखते हुए हजारों करोड़ रुपये की सौगात भी दी है मतलब साफ है कि भारतीय जनता पार्टी इस लोकसभा चुनाव में 400 पार का लक्ष्य लेकर चल रही है उसको देखते हुए पीएम मोदी से लेकर पार्टी के हर स्तर का कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जुट गया है। इस बीच झाबुआ में पीएम मोदी की प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) से कुछ देर मुलाकात हुई जिसमे उन्होने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को एअ जड़ी बूटी दी है। अब सवाल ये उठता है कि पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष को कौन सी जड़ी बूटी दी है और वो किस बीमारी के काम आती है। तो हम आपको बताते हैं कि ये चुनावी जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल करने से प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें भालतीय जनता पार्टी जीतेगी। पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात के दौरान कहा कि हर बूथ में 370 पार का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। मतलब साफ है कि विपक्षी पार्टी को चारों खाने चित्त करना है तो उससे 370 वोट अधिक लाना जरुरी है। इस नारे के साथ एक और मतलब निकल रहा है। जम्मू कास्मीर में मोदी सरकार ने ही धारा 370 को खत्म किया है। मतलब मोदी ने 370 की जो जड़ी बूटी दी है वो ऐसे कारगर होनी चाहिए कि किसी भी असाध्य रोग को वो जड़ से खत्म कर सके।

12/2/2024163
पीएम मोदी ने दी मप्र को हजारों करोड़ रुपये की सौगात,सीएम मोहन यादव और अध्यक्ष रहे मौजूद
भोपाल

पीएम मोदी ने दी मप्र को हजारों करोड़ रुपये की सौगात,सीएम मोहन यादव और अध्यक्ष रहे मौजूद

लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने आदिवासी बाहुल क्षेत्र झाबुआ में एक जनसभा संबोधित करने से पहले प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी है (pm modi in jhabua)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने झाबुआ (Jhabua) में 7,550 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) और उनके कैबिनेट मंत्री भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र की महत्वपूर्ण आदिवासी आबादी को लाभ होगा। पीएमओ के एक बयान के मुताबिक, इन परियोजनाओं से आदिवासी आबादी को लाभ पहुंचेगा। साथ ही आहार अनुदान योजना के तहत लगभग दो लाख महिला लाभार्थियों को आहार अनुदान की मासिक किश्तों का वितरण पीएम मोदी द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा SVAMITVA योजना के लाभार्थियों को 1.75 लाख अधिकार अभिलेख (अधिकारों का रिकॉर्ड) भी वितरित किया जाएगा। बता दें कि यह लोगों को उनकी जमीन के अधिकार के लिए दस्तावेजी सबूत प्रदान करेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 559 गांवों के लिए 55.90 करोड़ रुपये भी हस्तांतरित किए जाएंगे और झाबुआ में 'सीएम राइज स्कूल' की आधारशिला रखेंगे। पीएमओ ने कहा कि स्कूल छात्रों को स्मार्ट क्लास, ई-लाइब्रेरी आदि जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी को एकीकृत करेगा।

11/2/2024179
ओल्ड पेंशन स्कीम फिर लागू करने पर केन्द्र कर रहा विचार,तैयार किया ड्रॉफ्ट
देश-विदेश

ओल्ड पेंशन स्कीम फिर लागू करने पर केन्द्र कर रहा विचार,तैयार किया ड्रॉफ्ट

न्यू पेंशन स्कीम (New Pension Scheme) के खिलाफ कई राज्यों में विरोध के बीच जानकारी है कि सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम (old pension scheme) का विकल्प तैयार कर लिया है। NPS में कई नए प्रावधान लाए जाने पर चर्चा चल रही है। इसमें मिनिमम गारंटीड रिटर्न भी शामिल है। इसपर वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) में चर्चा हो रही हैं। हालांकि, कई राज्य सरकारों ने पहले ही न्यू पेंशन स्कीम को अपनाने से इनकार कर दिया है और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को ही बरकरार रखा है। जानकारी है कि न्यू पेंशन स्कीम में मिनिमम गारंटीड पेंशन का प्लान हो सकता है और अतिरिक्त कमाई भी पेंशनर को मिलेगी। कंट्रीब्यूशन 14% से ज्यादा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकारी खजाने पर बिना बोझ डाले कंट्रीब्यूशन बढ़ेगा। पेंशन बढ़ाने के लिए एन्यूटी (Annuity) में ज्यादा निवेश संभव हो सकता है। फिलहाल कुल फंड का 40% एन्यूटी में निवेश होता है, जिससे आखिरी वेतन की करीब 35% पेंशन मिलती है। हालांकि, मार्केट से लिंक होने पर इसकी गारंटी नहीं होती। नेशनल पेंशन योजना (National Pension Scheme) देश में 1 अप्रैल, 2004 से प्रभावी है। ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme -OPS) को दिसंबर 2003 में वाजपेयी सरकार ने बंद कर दिया था। पुरानी पेंशन योजना में सरकारी कर्मचारियों को आखिरी वेतन की 50 फीसदी पेंशन मिलती थी। इसकी पूरी राशि का भुगतान सरकार करती थी। वहीं, NPS में उन कर्मचारियों के लिए है, जो 1 अप्रैल 2004 के बाद सरकारी नौकरी में शामिल हुए। कर्मचारी अपनी सैलरी से 10 फीसदी हिस्सा पेंशन के लिए योगदान करते हैं। इसके अलावा राज्य सरकाराें का 14 फीसदी योगदान होता है। पेंशन का पूरा पैसा पेंशन रेगुलेटर PFRDA के पास जमा होता है, जो इसे निवेश करता है। साल 2004 में सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) शुरू की थी। NPS सरकारी कर्मचारियों को निवेश की मंजूरी देता है. इसके तहत वो अपने पूरे करियर में पेंशन खाते में नियमित तौर पर योगदान करके अपने पैसे के निवेश को अनुमति दे सकते हैं. रिटायरमेंट के बाद पेंशन राशि का एक हिस्सा एकमुश्त निकालने की छूट है. बाकी रकम के लिए एन्युटी (Annuity) प्लान खरीद सकते हैं. एन्युटी एक तरह का इंश्‍योरेंस प्रोडक्‍ट है. इसमें एकमुश्‍त निवेश करना होता है. इसे मंथली, क्वॉटरली या सालाना विड्रॉल कर सकते हैं. रिटायर्ड कर्मचारी की मृत्यु तक उसे नियमित आमदनी मिलती है. वहीं, मृत्यु के बाद पूरा पैसा नॉमिनी को मिल जाता है।

3/1/2024376
पीएम मोदी से मिले मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजेन्द्र शुक्ला
भोपाल

पीएम मोदी से मिले मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजेन्द्र शुक्ला

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) और जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) के साथ दिल्ली दौरे पर गए। इस दौरान उन्होने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (amit shah) ,राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm narendra modi) से मुलाकात की। तीनों नेताओं का यह दिल्ली दौरा मप्र की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ दो उप मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन किसी मंत्री को शपथ नहीं दिलाई गई। इस वक्त मप्र में हर ब्यक्ति की जुवान पर एक ही नाम है कि मंत्रिमंडल में कौन शामिल होगा। सूत्रों के मुताबिक आज मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की सूची पर अंतिम मुहर लगवा ली है। अब शपथ का इंतजार है। बताया जा रहा है कि इस मंत्रिमंडल में कुछ पुराने चेहरों के लिया जाएगा। बांकी नए चेहरों को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की बात सामने आ रही है। इस बार की विधानसभा में बहुत से ऐसे नेता हैं जो तीसरी अथवा चौथी बार जीत कर आए हैं और वो सभी मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। सभी नेताओं को खुश नहीं किया जा सकता लेकिन केन्द्रीय नेत्रृत्व ऐसे नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहता है जो लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मेहनत कर सकें।

22/12/2023141
अयोध्या में किस रुप में बिराजेंगे रामलला,कौन बना रहा भगवान की छवि
धर्म

अयोध्या में किस रुप में बिराजेंगे रामलला,कौन बना रहा भगवान की छवि

अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां अपने आखिरी दौर में चल रही हैं (ayodhya ram mandir). 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) के हाथों रामलला मंदिर के गर्भगृह में विराजेंगे. मंदिर में रामलला के पांच वर्ष की बालस्वरूप की खड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी. इस मूर्ति का निर्माण अयोध्या में चल रहा है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्ट के महासचिव ने कहा कि रामलला की प्रतिमा तीन लोग बना रहे हैं, ये जो भी बना रहे हैं उनके बारे में सभी को जानकारी दी जाएगी। चंपत राय ने कहा कि, 'रामलला की नई प्रतिमा अयोध्या में बन रही है, इतना पर्याप्त है. तीन लोग उसे बना रहे हैं, कौन लोग बना रहे हैं ये बात मैं पहले भी कई बार बोल चुका हूं. बार-बार कहने की कोई जरुरत नहीं है. मूर्ति वहीं बनाएगा जो उसका जानकार होगा, जिसमें 100-50 मूर्तियां पहले बनाई होंगी, तकनीकी काम वहीं करता है जो उसका जानकार होता है। तकनीक को मनुष्य-मनुष्य का भेद करके नहीं देखा जाता है.' राम मंदिर में विद्वानों के चयन और पूजा पद्धति को लेकर भी चंपत राय ने जानकारी दी और कहा कि राम मंदिर के लिए विद्वानों का चयन किस प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है ये बताया नहीं जा सकता है. जो लोग इस तरह के सवाल पूछ रहे हैं वो इन विद्वानों को जानते भी नहीं होंगे और जब विद्वान आएँगे तो उनके नाम भी प्रकाशित किए जाएंगे. मंदिर में आज भी विद्वान लोग ही पूजा अर्चना कर रहे हैं. वैसे ही आगे भी रामलला की पूजा होगी. आज भी लोग मंदिर में पूजा कर रहे हैं, आगे भी ऐसे ही करेंगे, इसमें ज्यादा विचार करने की बात नहीं हैं।

16/12/2023130
क्रिकेट की पिच पर 'पनौती' का बाउंसर,राहुल गांधी को निर्वाचन आयोग ने थमाया नोटिश
देश-विदेश

क्रिकेट की पिच पर 'पनौती' का बाउंसर,राहुल गांधी को निर्वाचन आयोग ने थमाया नोटिश

क्रिकेट का विश्वकप खत्म हो चुका है लेकिन बाउंसर अब भी लगातार फेंके जा रहे हैं (icc cricket world cup)। दरअसल वर्ल्डकप का फायनल मैच हारने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm narendra modi) खिलाड़ियों को ढाढ़स बंधाने के लिए ड्रेसिंग रुम गए थे जहां पर उन्होने कप्तान रोहित शर्मा (rohit sharma) और विराट कोहली (virat kohli) का हाथ पकड़ कर उन्हे ढाढ़स बंधाया तो वहीं तेज गेंदवाज मोहम्मत समी को पीएम मोदी ने गले लगा कर उनकी पीठ थपथपाते हुए ढाढ़स बंधाया था। लेकिन यह मामला इतना उछलेगा किसी को यह उम्मीद नहीं थी। मैच के ठीक एक दिन बाद ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमारे लड़के अच्छा खासा वर्ल्ड कप जीत रहे थे लेकिन पनौती के पहुंचने से वो मैच हार गए। हांलाकि राहुल गांधी ने 'पनौती' कहते वक्त किसी का नाम नहीं लिया था लेकिन जिस प्रकार से पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से मुलाकात की थी तो भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी (rahul gandhi) के बयान को पीएम मोदी से ही जोड़ रही है। यही कारण है कि भाजपा ने निर्वाचन आयोग (election commission) में राहुल गांधी की शिकायत भी की है। जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने राहुल गांधी को नोटिस जारी कर चार दिन के अंदर जवाब मांगा है। इस पूरे मामले में बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल (ashish agrawal) ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होने देश की सवा सौ करोड़ जनता का अपमान किया है। क्योंकि प्रधानमंत्री कोई ब्यक्तिगत नहीं होता है बल्कि देश की पूरी जनता की भावनाएं उसके साथ होती हैं लिहाजा राहुल गांधी को अपने इस बयान पर देश की जनता से मांफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने किसी का नाम नहीं लिया था। उन्होने खुद को 'पनौती' (panauti) मान लिया तो फिर कुछ नहीं किया जा सकता है।

24/11/2023203
बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल्स पर श्रीराम का आगमन,मंदिर के साथ पीएम मोदी और नड्डा की लगी तस्वीर
देश-विदेश

बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल्स पर श्रीराम का आगमन,मंदिर के साथ पीएम मोदी और नड्डा की लगी तस्वीर

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के उद्घाटन की तैयारियां तेजी से जारी है (Ram Mandir)। इच बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक x (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक हैंडल पर एक नयी बैनर तस्वीर को पोस्ट किया है। आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के लिए केंद्र की सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है। अयोध्या में बन रहे राम मंदिर हमेशा से भाजपा के अहम मुद्दों में से एक रहा था। अब पार्टी चुनावी सीजन में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को भी भुनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी ने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस मुद्दे को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है (bjp social media(। भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक x (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक हैंडल पर एक नयी बैनर तस्वीर पोस्ट की है। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm modi) और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) को अयोध्या में आगामी राम मंदिर के साथ में दिखाया गया है। अयोध्या में होने वाले उद्घाटन समारोह के संदर्भ में बैनर तस्वीर की टैगलाइन में ‘जय श्री राम, 22 जनवरी, 2024’ लिखा गया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने हाल ही में राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख का खुलासा कर दिया था। चंपत राय ने बताया था कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्री रामलला सरकार के श्री विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा दिनांक 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों द्वारा की जाएगी। प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक घड़ी पर 4000 पूजनीय संत और 2500 गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

23/11/2023123
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