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लाड़ली बहनों को सीएम शिवराज की सौगात,450 रुपये घरेलू गैस में मिलेगी सब्सिडी,250 रुपये मिले
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित लाड़ली बहना (ladli behna yojana) कार्यक्रम में सौगातों की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं एक संकल्प ले रहा हूं प्रदेश में नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जाएगा और जहां आधी से ज्यादा बहनें नहीं चाहेंगी, वहां पर शराब की दुकान बंद कर दी जाएगी। नशा सबसे ज्यादा बहनों की जिन्दगी के साथ खिलवाड़ करता है। दूसरी चीज, स्थानीय निकाय के चुनाव में बहनों को आरक्षण दिया ताकि बहनें पंच, सरपंच और अध्यक्ष बनें। पुलिस भर्ती में बेटियों को 30% प्रतिशत आरक्षण दिया। अभी तक पुलिस भर्ती में 30% भर्ती बेटियों की होती थी अब 35% बेटियों की पुलिस में भर्ती होगी। ममुख्यमंत्री ने कहा कि हम ये भी फैसला कर रहे है बाकी सभी भर्तियों में 35% भर्तियां बेटियों की होगी। सरकारी पदों में भी कई पद ऐसे होते हैं जिनमें सरकार नियुक्त करती है उन पदों पर भी 35% नियुक्तिया महिलाओं की होगी। मैंने प्रयास किया बेटियों को लाड़ली लक्ष्मी बनाऊँ, इस योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा का सारा खर्च सरकार उठा रही है। सीएम शिवराज ने अपने संबोधन में कहा कि बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पैसा होता है तो दुनिया पूछती है। बहनों तुम्हारे आंसू, दुःख और तकलीफ पी जाऊंगा। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना बनाई जिसमें हर पात्र बहना को एक हजार रूपये प्रतिमाह दे रहा हूं।एक हजार रुपए मिल रहे है तो उन पैसों से बहनों ने काम-धंधे शुरू किये है। आजीविका मिशन की बहनें 10 हजार रुपए प्रतिमाह कमाए ये मेरा संकल्प है। संपत्ति माँ, बहन और बेटी के नाम पर खरीदी जाएगी तो उनसे 1% शुल्क लिया जाएगा। रक्षाबंधन का संकल्प है जिन बहनों के पास घर नहीं है उन्हें घर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि आज मैं ये फैसला कर रहा हूँ कि बढ़े हुए बिजली के बिलों की वसूली नहीं होगी, मैं उन बिलों का इंतजाम करूँगा, सितम्बर में बढ़े हुए बिल जीरो हो जाएंगे। गरीब बहना का बिल केवल 100 रुपए आए, इसका इंतजाम किया जाएगा। 20 घरों की बस्ती है तो वहाँ भी बिजली ले जाऊंगा, इसके लिए 900 करोड़ रुपए की व्यवस्था मैंने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इसी क्षण सिंगल क्लिक से रक्षाबंधन के लिए 250 रुपए सवा करोड़ बहनों के खातों में डालूंगा जिससे राखी का त्योहार अच्छे से मनाया जा सके। सावन के महीने में रसोई गैस 450 रुपये में दी जाएगी। इसके बाद पर्मानेंट व्यवस्था बनाऊँगा, ताकि बहनें परेशान न हों। अब अक्टूबर माह से लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बहनों के खातों में रु. 1,250 की राशि डाली जाएगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि रु. 1,250 से बढ़ाकर धीरे-धीरे रु. 3 हजार तक करूँगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणाओं के बाद कांग्रेसी खेमें में हलचल मज गई नतीजा ये निकला कि पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की जनता को 11 वचन दिया और कहा कि वो कांग्रेस के वचन पर विश्वास रखें। कांग्रेस जो कहती है वो करती है।

सवर्ण बाहुल्य विंध्य में कांग्रेस ने ओबीसी चेहरा कमलेश्वर पटेल को आगे कर सवर्णों के जख्म पर छिड़का नमक
ओबीसी नेताओं की खोज में जुटी कांग्रेस पार्टी ने विंध्य से कमलेश्वर पटेल (Kamleshwar patel) को आगे कर सवर्णों को नाराज कर दिया है। इस बात में कोई शक नहीं कि देश की सबसे बड़ी सवर्णों की आबादी विंध्य क्षेत्र में रहती है यही कारण रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह और श्रीनिवास तिवारी का विंध्य में सालों तक वर्चश्व रहा है। लेकिन इन दोनों नेताओं के स्वर्गवासी होने के बाद कांग्रेस पार्टी किसी भी सवर्ण नेता की खोज इतने सालों में नहीं कर पाई या फिर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने विंध्य से सवर्ण नेताओं को पनपने नहीं दिया। लेकिन अब कांग्रेस पार्टी ने विंध्य में सवर्णों के जख्म पर मरहम लगाने के बजाय नमक छिड़ने का काम किया है। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने विंध्य से पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (Congress Working Committee) का सदस्य बना दिया है। ये वही कमलेश्वर पटेल हैं जिनके निवास पर ब्राम्हण वर्ग का कोई ब्यक्ति जाता है तो उसे किसी प्रकार का महत्व नहीं दिया जाता है। 15 महीनों तक कमलेश्वर पटेल मंत्री रहे उस दौरान उनके बंगले में जितने स्टाफ थे सभी कुर्मी समाज के ही थे। यहीं नहीं कोई भी सवर्ण वर्ग का ब्यक्ति कमलेश्वर पटेल के पास अपना काम अथवा फरियाद लेकर जाता था तो कमलेश्वर पटेल उस ब्यक्ति को दरवाजे के बाहर कर देते थे अथवा घंटों तक इंतजार करवा कर वो उससे अंत में मिलते थे और काम भी नहीं करते थे। ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस ने विंध्य की ओर से चेहरा बना कर खुद के पैर में कुल्हाड़ी मारने का काम कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की रणनीति पर नजर डालें तो सवर्ण वर्ग भाजपा से भी नाराज था लेकिन भाजपा ने सवर्ण वर्ग को खुश करने के लिए अलग-अलग उपाय तैयार किए जिसमें भाजपा की ओर से गिरीश गौतम (Girish Gautam) को विधानसभा का अध्यक्ष बनाया गया ये बात और है कि गिरीश गौतम का कोई जनाधार नहीं है वो अपने बेटे तक को जिला पंचायत के चुनाव में नहीं जिता पाए और इस चुनाव में उनकी हालत और खराब है। भाजपा के दूसरे बड़े चेहरे हैं राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) जो लोगों के व्यक्तिगत काम तो नहीं करते लेकिन शहर का विकास राजेन्द्र शुक्ला ने बढिया किया है और सहज-सरल व्यक्ति होने के नाते राजेन्द्र शुक्ला चुनाव जीतने में कामयाब हो जाते हैं ये बात और है कि नगर निगम के चुनाव में वो इस बार भाजपा को नहीं जिता पाए और रीवा में कांग्रेस का महापौर बन गया। रीवा सहित पूरे विंध्य का इतिहास उठा कर देखें तो विंध्य में ब्राम्हण और ठाकुरों का वर्चश्व रहा है इन्ही के इर्द- गिर्द राजनीति चलती रही है लेकिन कांग्रेस ने कमलेश्वर पटेल जैसे जातिवादी नेता को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य बना कर अपने लिए विंध्य में ज्यादा मुसीबतें खड़ी कर ली है। कांग्रेस के इस फैसले से सवर्णों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस को विंध्य की 30 सीटों में मात्र छह सीटें मिली थी बांकी 24 सीटें भाजपा के कब्जे में आई थी और उस परिणाम को बदलने के लिए कांग्रेस ने इस बार काफी मेहनत की है लेकिन कमलेश्वर को आगे कर कांग्रेस पार्टी ने खुद की मेहनत पर ही पानी फेर दिया है और इसके अलावा कमलेश्वर पटेल और अजय सिंह (राहुल) की दुश्मनी भी किसी से छुपी नहीं है लिहाजा अब तो विंध्य में कांग्रेस के लिए भगवान ही मालिक है।

मंत्रियों की शपथ पर रोया कुत्ता,'कांग्रेस को हुआ दुख'
शनिवार को जिस वक्त राजभवन में तीन मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही थी (Shivraj Cabinet Expansion) ठीक उसी वक्त राजभवन के बाहर एक कुत्ता (स्वान) जमकर रो रहा था। कुत्ते के रोने की दर्दनाक आवाज कांग्रेस नेताओं के कानों तक पहुंच गई (MP Congress)। कुत्ते को रोता देख कांग्रेस नेताओं का दिल भी फफक-फफक कर रोने लगा फिर क्या था कांग्रेस प्रवक्ताओं से कुत्ते का रोते हुए चेहरा देखा नहीं गया। कांग्रेस नेताओं ने कुत्ते का वीडियो बनाया और फिर उसे वायरल करने के साथ ट्वीट करने में लग गए । कुत्ते को रोता देख कांग्रेस को एक मौका भी मिल गया आनन फानन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गूगल से शकुन शास्त्र निकाला और कुत्ते के रोने के मायने निकालने लगे। अलग-अलग तरीके से गूगल से कुत्ते के रोने के मायने निकाल कर कांग्रेस प्रवक्ताओं ने उसे वायरल करने लगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने चुनाव के महज कुछ समय पहले मंत्रिमंडल का विस्तार किया है जिसमें विंध्य से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla),बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) और राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi) को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इस बात में कोई शक नहीं कि बीजेपी में इस वक्त काफी विवाद की स्थिति है पार्टी के अंदर कलह हावी हो रही है। संगठन की लाख कोशिशों के वाबजूद भी पार्टी में कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर नहीं हो रही है। यही कारण है कि मंत्रिमंडल का विस्तार कर अंतर्कलह को खत्म करने का प्रयास किया गया है। लेकिन लगता है कि तीन को खुश करने के चक्कर में 13 नाराज हो गए हैं। और जिस प्रकार से राजभवन के बाहर कुत्ता रोया है उससे फिलहाल कांग्रेसी खेमें को चुटकी लेने का बेहतर मौका मिल गया है।

सरकार में चल रही कलह के लिए तीन विधायकों को दिलाई गई शपथ
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने मंत्रिमंडल विस्तार कर पार्टी की अंदरुनी कलह को खत्म करने का प्रयास किया है (MP Assembly elections)। चुनाव के लिए महज डेढ महीने का वक्त बचा है ऐसे समय में मंत्रिमंडल (shivraj cabinet expansion) का विस्तार कर भाजपा ने पार्टी की कलह को खत्म करने का प्रयास किया है लेकिन साथ में विपक्षी दलों के लिए मुद्दा भी दे दिया है। दरअसल जिस प्रकार से मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है वो सियासी पंडितों के गले से नहीं उतर रहा है। खास कर जिस प्रकार से तीन विधायकों को मंत्री की शपथ दिलाई गई है और जिस वर्ग से मंत्री बनाए गए हैं वो लोगों की समझ में नहीं आ रहा है। विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज थी खासकर सीधी पेशाब कांड (Sidhi Urination case) के बाद जिस प्रकार से आरोपी प्रवेश शुक्ला के मकान पर बुलडोजर चला था उसके बाद विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज चल रही थी। संघ और संगठन के सर्वे में भी विंध्य की जनता भाजपा से नाराज चल रही थी यही कारण है कि राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को एक बार फिर मंत्री बनाया गया है। लेकिन ओबीसी वर्ग से गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) और राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi) को मंत्री बनाया जाना लोगों के समझ में नहीं आ रहा है । लोगों को उम्मीद थी कि एक एससी वर्ग के विधायक को भी मंत्री बनाया जाएगा लेकिन ऐसा नही हुआ। भाजपा में कुछ नेताओं से बात हुई तो उनका कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के माध्यम से नेताओं की व्यक्तिगत नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया गया है। लेकिन कुछ विधायकों से बात हुई तो वो इस मंत्रिमंडल विस्तार से और ज्यादा नाराज नजर आए। मतलब साफ है भाजपा की सरकार ने कुछ नेताओं को खुश करने के चक्कर में बहुत से नेताओं को नाराज कर दिया है। जिस प्रकार से तीन मंत्रियों के शपथ में दो ओबीसी वर्ग के विधायकों को मंत्री बनाया गया है उससे भाजपा की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ओबीसी वर्ग को भाजपा लगातार साधने का प्रयास कर रही है। एससी वर्ग को खुश करने के लिए भाजपा ने एससी वर्ग के संत सिरोमणि रविदास जी के मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ करवा दिया है। भाजपा मान कर चल रही है कि संत रविदास जी का मंदिर बनने के बाद एससी वर्ग भाजपा की ओर ही आएगा। भाजपा की योजना के मुताबिक राजेन्द्र शुक्ला को मंत्री बनाए जाने के बाद विंध्य का ब्राम्हण खुश हो जाएगा तो गौरीशंकर बिसेन और राहुल लोधी को मंत्री बनाए जाने के बाद बुंदेलखंड का ओबीसी वर्ग खुश हो जाएगा। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी ओर से जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण साधने का प्रयास किया है अब देखना यही दिलचश्प होगा कि दो महीने बाद होने वाले विधानसभा में भाजप का यह दांव कितना सही साबित होता है।

भाजपा की नए मतदाताओं पर नजर,शुरु किया नव मतदाता सदस्यता अभियान
भारतीय जनता पार्टी ने नए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का काम शुरु कर दिया है (new voter membership campaign)। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी (MP BJP) ने नव मतदाता सदस्यता अभियान (Nav Matdata Sadasyata Abhiyan) का आगाज किया है। गौरतलब है कि प्रदेश में पांच लाख नव मतदाता जुड़े हैं और ये वो मतदाता हैं जिन्होने अभी 18 साल की उम्र पार की है। लिहाजा युवा शक्ति को अपनी तरफ करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है (bjp masterplan) विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 51% वोट शेयर का लक्ष्य रखा है और उस प्रतिशत को पाना है तो भाजपा को युवाओं के साथ की जरुरत पड़ेगी। युवा वर्ग को भाजपा विकास की बात बताएगी,18 साल में सरकार द्वारा किए कामों को बताएगी और फिर 2003 के पहले की तस्वीर भी भाजपा युवाओं को दिखाएगी । यानि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) कार्यकाल की बातें युवाओं को बताई जाएंगी। उस दौरान की वीडियो क्लिपिंग भी युवाओं को दिखाई जाएंगी। जिससे उन्हे भाजपा और कांग्रेस की सरकारों का अंतर समझ में आ सके। भारतीय जनता पार्टी का मक्शद साफ है कि युवाओं को महिलाओं को और शासकीय कर्मचारियों को अपनी तरफ कर लिया गया तो चुनाव में फतह हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। लिहाजा भाजपा ने मौके पर चौका मारने का प्रयास किया है। भाजपा नेताओं का मानना है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भाजपा की रीति नीति बताई जाएगी काम करने का तरीका बताया जाएगा तो युवा वर्ग भाजपा में जरुर जुड़ेंगे। और जब युवा जुड़ेगा तो वो अपने घर के वोट भी पार्टी में लेकर आएगा। नव मतदाता अभियान का आगाज प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (Hitanand Sharma) ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया है इस दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे।

तीसरे नाम ने अटकाया मंत्रिमंडल विस्तार
शिवराज कैबिनेट (Shivraj Cabinet) का विस्तार फिलहाल अटक गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) दो दिन के लिए राजधानी से बाहर हैं। हांलाकि मंत्री बनने की आस में दो विधायक राजधानी में रुके हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार दो विधायकों के नामों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण फिलहाल विस्तार नहीं हो पाया। गौरतलब है कि कैबिनेट के विस्तार की चर्चाएं पिछले कई दिन से चल रही है। इसके लिए पार्टी संगठन के कहने पर रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) समर्थकों के साथ भोपाल पहुंचे हैं। इसी तरह टीकमगढ़ के खरगापुर विधायक राहुल लोधी (Rahul Lodhi) भी बुधवार को देर रात भोपाल पहुंचे थे। उन्हे उम्मीद थी कि गुरुवार को कभी भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हो सका गुरुवार सुबह सीएम हाउस में तकरीबन डेढ़ घंटे संभावित नाम को लेकर चर्चा भी चली किंतु तीसरे और चौथा नाम पर सहमत नहीं बन सकी जिससे आम सहमति बनाए जाने तक बिस्तर डाल दिया गया। सूत्रों की मानें तो तो वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गी (Kailash Vijayvargiya) की ओर से विधायक रमेश मेंदोला (Ramesh Mendola) को मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। इधर विधायक संजय पाठक (Sanjay Pathak) को भी मंत्री बनाए जाने के लिए भी कुछ नेताओं द्वारा पैरवी भी की गई है। लेकिन इन दोनों नाम पर सहमत नहीं बन पाई है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दोपहर भोपाल लौटेंगे जबकि राज्यपाल 26 अगस्त की दोपहर को 2 दिन के लिए राजधानी से बाहर रहेंगे। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार अब राज्यपाल के वापस लौटने के बाद हो सकता है। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वापस लौटने से लेकर शनिवार को राज्यपाल के भोपाल से बाहर जाने तक का समय है जिसमें विस्तार किया जा सकता है।

कार्यकर्ता महाकुंभ की तैयारियों में जुटी भाजपा,प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक
चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी भोपाल में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ को लेकर तैयारियां तेज कर दी है (BJP MP)। महाकुंभ को सफल बनाने के लिए बीजेपी प्रदेश कार्यालय में बैठक आयोजित की गई जिसमें प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर,अश्वनी वैष्णव सहित भोपाल के पदाधिकारी इस बैठक में शामिल हुए। गौरतलब है कि 25 सितंबर को विकास यात्राओं (vikas yatra) का समापन होने जा रहा है लिहाजा यात्रा के समापन को यादगार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता महाकुंभ (bjp karyakarta mahakumbh) का आयोजन कर रही है। इस महाकुंभ में पीएम मोदी,केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केन्द्रीय नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। इस महाकुंभ में भाजपा प्रदेश भर से करीब चार लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने की योजना तैयार कर रही है। इस महाकुंभ के माध्यम से भाजपा प्रदेश भर में अपना शक्ति प्रदर्शन दिखा कर पार्टी के प्रति माहौल क्रिएट करने की तैयारी में है। गौरतलब है कि दो सितंबर से भाजपा प्रदेश में पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकालने जा रही है। हर यात्रा में अलग-अलग नेता क्षेत्रवार पार्टी का नेतृत्व करेंगे।

ढाई लाख संविदाकर्मियों को नहीं होगा ज्यादा लाभ,मिलेगी वेतन सुरक्षा
प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारियों को सौ प्रतिशत वेतन देने के लिए पदों की समकक्षता का निर्धारण अब हो गया है (samvida shikshak)। अभी तक इन्हें वेतनमान का 90% ही भुगतान होता था। ढाई घंटे चली बैठक में सभी समकक्षता तय करते हुए वित्त विभाग से कहा गया है कि वो अब सभी विभागों को वेतन निर्धारण के लिए आदेश जारी करें। सभी कर्मचारियों को वेतन सुरक्षा दी जाएगी यानी किसी भी कर्मचारी को वर्तमान में जो वेतन प्राप्त हो रहा है उससे कम नहीं मिलेगा (samvida news)। सातवां वेतनमान (7th pay commission)में जो ग्रेड पे निर्धारित किया गया है उसके अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के हिसाब से महंगाई राशि में वृद्धि होगी। मंत्रालय में बुधवार को मुख्य सचिव ने संविदा कर्मचारियों की नियमित पदों के अनुसार समकक्षता निर्धारित करने के लिए अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव स्टाफ के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके पहले वित्त विभाग ने बैठक कर विभागीय प्रस्तावों पर चर्चा की। मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में इस बात पर सहमत बनी की संविदा कर्मचारियों के लिए वेतन सुरक्षा की व्यवस्था लागू की जाए। इससे किसी भी कर्मचारी को वर्तमान में प्राप्त हो रहे वेतन से कम वेतन नहीं मिलेगा। ऐसे पद जो शासन में नहीं है उनके लिए शैक्षणिक अर्हता और आवश्यकता के आधार पर अन्य पदों के बराबर समकक्षता निर्धारित की जाएगी। दरअसल कुछ बात ऐसे हैं जो संवर्गीय पद के बराबर समकक्षता होगी,यह तय नहीं हो पा रहा था। इसकी ही कवायद एक माह से चल रही थी। सब इंजीनियर का पद संवर्गीय है लेकिन मनरेगा में सब इंजीनियर के के समकक्ष पद जोड़ दिया। मनरेगा में प्रोग्राम इंजीनियर का पद है लेकिन शासन में नहीं है। इसलिए परियोजना अधिकारी के समक्ष लाकर वेतनमान निर्धारण होगा। इसी तरह डाटा एंट्री ऑफिसर के वेतनमान का निर्धारण किया जाएगा। जानकारी के अनुसार संविदा कर्मचारियों को अधिक लाभ नहीं होगा क्योंकि वो पहले से ही अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन उन्हे क्षति न हो इसके लिए उन्हे वेतन सुरक्षा दी जाएगी।

भाजपा के चार लोग विधानसभा चुनाव फतह करने की बनाएंगे रणनीति
मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस को किसी प्रकार का मौका नहीं देना चाहती है (MP elections 2023)। यही कारण है कि भाजपा ने ना सिर्फ 39 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है बल्कि चुनाव कैसे जीतना है उसके लिए भी भाजपा उम्मीदवारों को ट्रेनिंग दे रही है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सभी 39 प्रत्याशियों को बुलाया गया है। इस बैठक (BJP Meeting) में प्रत्याशियों के अलावा विधानसभा प्रभारी,विधानसभा विस्तारक और विधानसभा संयोजकों को शामिल किया गया है। इन चार लोगों के भरोसे ही हर विधानसभा सीट को जीतने की रणनीति तैयार की जा रही है। ट्रेनिंग देने वालों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav),सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw),चुनाव संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (Vd Sharma) भी ट्रेनिंग सेशन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही अपनी बात रखी और फिर वो निकल गए। इस बीच इन सभी उम्मीदवारों को वरिष्ठ नेताओं की ओर से टिप्स दिए गए। उन्हे बताया गया कि आप चुनाव मैदान में उतरेंगे मुद्दे क्या रहेंगे। जनता के सवालों का आरोपों का कैसे जवाब देना है। विपक्षी पार्टी पर कैसे पलटवार करना है इन सभी चीजों पर भाजपा पदाधिकारियों की तरफ से काफी फोकस किया जा रहा है। भाजपा में बैठकों का दौर अगले दो दिनों तक और चलने वाला है। भारतीय जनता पार्टी ने हर विधानसभा सीट में अलग-अलग तरह के चार लोगों को जिम्मेरी सौंप कर यह भी कहा है कि आपको आपसी सामंजस्य के साथ काम करना है। विधानसभा प्रभारी पार्टी की गुटवाजी को खत्म करने का काम करेंगे तो विस्तारक ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क साध कर पार्टी के प्रति माहौल तैयार करेंगे। संयोजक उम्मीदवारों के अलावा अन्य सभी के ऊपर निगरानी रखेंगे जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी वहां सुधार करने की कोशिश करेंगे स्थिति कंट्रोल से बाहर होगी तो वो सीधे भोपाल में बड़े पदाधिकारियों से संपर्क साधेंगे।

एग्रेसिव मूड में भाजपा,चुनाव से पहले सभी प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी
प्रदेश में पांचवीं बार सत्ता हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी एग्रेसिव मूड में आ गई है (BJP MP)। चुनावी रणनीति से लेकर डैमेज कंट्रोल और एंटीइनकमबेंसी जैसी बाधाओं के लिए पार्टी जहां नतीजे कारक नर्णय ले रही है तो वहीं अपने प्रत्याशियों के नामों पर भी जल्द मोहर लगाने की तैयारी में है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले लगभग सभी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर देगी। मप्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी करने में भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया है। पिछले दिनों 39 प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक कर पार्टी ने यह बता दिया है कि वो हर मोर्चे में अव्वल है,पता चला है कि 27 से 30 अगस्त के मध्य 64 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी जाएगी। उसी दौरान भाजपा के केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक भी प्रस्तावित है। इसके बाद 15 सितंबर तक भाजपा की तीसरी सूची जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। पार्टी सूत्रों की माने तो चुनाव आचार संहिता लागू होने तक भाजपा कुछ सीटों को छोड़ कर बांकी सभी सीटों में अपने प्रत्याशियों के ऐलान की योजना बना चुकी है। इसके पीछे भाजपा की रणनीति है कि कहीं भी प्रत्याशियों को लेकर विवाद या विरोध है या उन्हे लेकर गुटवाजी है तो समय रहते उसे दूर किया जा सके। जिससे पार्टी को चुनाव के दौरान किसी तरह का नुकसान ना हो। भाजपा हारी सीटों पर जल्द ही दूसरी सीट जारी करने वाली है लिहाजा उसके लिए चुनाव प्रबंधन और चुनाव संचालन से जुड़े बड़े नेता बुधवार से लेकर 25 अगस्त तक भोपाल प्रदेश कार्यालय में मंथन करेंगे। तीन दिनों में प्रत्याशियों के नामों पर विचार कर संभावित सूची तैयार की जाएगी। जिसे अंतिम मंजूरी के लिए केन्द्रीय चुनाव समिति के पास भेजा जाएगा।

कमजोर बूथों को कांग्रेस के अनुशांगिक संगठन लेंगे गोद
प्रदेश में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी के लिए जो रोड मैप तैयार किया है उसमें सहयोगी संगठनों की बड़ी भूमिका निर्धारित की गई है (MP Congress)। सेक्टर और मंडलम् के साथ बूथ प्रबंधन का काम महिला, युवा, अनुसूचित जाति- जनजाति और किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की टीम संभालेगी। सभी कमजोर मतदान केदो को गोद लेंगे। प्रत्येक केंद्र पर कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाएगा। प्रत्याशियों के साथ सभी संगठनों के कार्यकर्ता प्रचार में जुटेंगे। मतदान के लिए मतदाताओं को घर से निकलने, पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने, पांच गारंटीयों का प्रचार करने, भाजपा सरकार की असफलता को जनता के बीच ले जाने का दायित्व भी सहयोगी संगठनों को सौंपा गया है। सभी ने अपने-अपने स्तर पर तैयारी भी तेज कर दी हैं। पूरा फोकस इस बात पर है कि प्रत्याशियों के साथ पूरा संगठन मैदान में करता दिखे। कांग्रेस संगठन की ओर से मिली जिम्मेदारी का आगाज सितंबर माह से किया जाएगा। इधर,प्रदेश कांग्रेस ने सहयोगी संगठनों के कामों पर नजर रखने के लिए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए हैं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि जो दायित्व संगठनों को दिया गया है,उसकी वास्तव में पूर्ति हो। प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा के संगठन से मुकाबला करने के लिए इस बार मतदान केंद्र पर सर्वाधिक ध्यान केंद्रित किया है। बूथ,सेक्टर और मंडलम् बनाने के बाद सहयोगी संगठनों को भी बड़े-बड़े कार्यक्रम करने के स्थान पर मतदान केन्द्र पर फोकस करने के लिए कहा गया है। संगठन चाहता है कि प्रत्याशी के साथ-साथ संगठन की भी अपनी तैयारी रहे। अभी तक मतदान केन्द्रों पर पूरी टीम प्रत्याशी की रहती थी लेकिन इस बार कांग्रेस इसमें बदलाव करने की तैयारी में है।

भाजपा का 'चक्रब्यूह' हर तरफ से होगा हल्लाबोल,कांग्रेस का कौन होगा अभिमन्यु
शाह की 'शह' को कौन मात देगा यह कांग्रेस के लिए एक पहेली बनता चला जा रहा है। जब कांग्रेस अपने उम्मीदवारों के घोषणा की योजना तैयार कर रही थी तब भारतीय जनता पार्टी ने 39 उम्मीदवारों का ऐलान कर कांग्रेस को 11 हजार वॉट का झटका दे दिया था (। फिलहाल कांग्रेस पार्टी के नेता इस समय सदमे में हैं। कांग्रेस के रणनीतिकार दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और कमलनाथ (Kamalnath) इस समय यही सोच रहे हैं कि भाजपा का अगला दांव क्या होगा। जब तक कांग्रेस के नेता पहले सदमें से बाहर निकलेंगे तब तक भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस को दूसरा झटका दे चुकी होगी। Mukhbir को पता चला है कि इसी महीने के अंत तक भारतीय जनता पार्टी दूसरी सूची जारी कर कांग्रेस को एक और झटका दे सकती है। लेकिन इसके अलावा भाजपा के ब्यूह रचना की बात करें तो अब भाजपा कांग्रेस पर चौतरफा हमला करने की योजना तैयार कर रही है। पता चला है कि दो सितंबर से भारतीय जनता पार्टी की जन आशीर्वाद यात्राओं (Jan Ashirwad Yatra MP) का आगाज होने जा रहा है। इस बार की जन आशीर्वाद यात्र पहले की तुलना में भिन्न होने वाली है। पहले जन आशीर्वाद यात्रा एक निकला करती थी जिसका नेतृत्व सीएम शिवराज करते थे लेकिन इस बार भाजपा की रणनीति अलग है। भारतीय जनता पार्टी इस बार एक साथ पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकालने जा रही है जिसके लिए रथों का निर्माण भी कराया जा रहा है। यानि मतलब साफ है भाजपा प्रदेश भर में हल्लाबोल करने जा रही है। इस दौरा कई रोड शो की भी योजना तैयार हो रही है। पांच जगहों से निकलने वाली जन आशीर्वाद यात्राओं का नेतृत्व अलग-अलग और क्षेत्रावार नेता करते चले जाएंगे। ग्वालियर चंबल में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) सहित अन्य नेता करेंगे तो महाकौशल में प्रहलाद सिंह पटेल (Prahlad Singh Patel) और फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste) करेंगे। मालवा क्षेत्र में कैलाश विजयवर्गी (Kailash Vijayvargiya)यात्रा का नेतृत्व करेंगे। विंध्य की बात करें तो यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) खुद जन आशीर्वाद यात्रा का नेतृत्व करने जा रहे हैं। प्रदेश में 11 संभाग हैं और भाजपा के पांच रथ चलेंगे। एक रथ को दो संभागों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस जन आशीर्वाद यात्रा को भब्यता देने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो रोड शो रखे जाएंगे। एक रोड शो पीएम मोदी भी करेंगे। मतलब साफ है भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में ऐसे सियासी ब्यूह की रचना करने जा रही है जिसके तहत जनता के मन में भाजपा के अलावा कुछ और ना बचे। लेकिन इस शह और मात के खेल में सवाल इस बात का उठ रहा है कि अमित शाह के चक्रब्यूह को तोड़ने के लिए कौन सा अभिमन्यू सामने आएगा। हांलाकि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह भी सियासत के मंझे हुए तीरंदाज हैं लेकिन यह देखना दिलचश्प होगा कि भाजपा के चौतरफा हमले का कांग्रेस कैसे जवाब देती है।