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दलित अत्याचार से सत्ता का रास्ता खोज रही कांग्रेस
भोपाल

दलित अत्याचार से सत्ता का रास्ता खोज रही कांग्रेस

कांग्रेस की ओर से प्रदेश भर में जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का आगाज 19 सितंबर से हो चुका है। कांग्रेस का यह आक्रोश सिर्फ यात्रा में नहीं दिख रहा है। आक्रोश को लगातार बनाए रखने का जिम्मा प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने उठा लिया है। कांग्रेस प्रभारी हर दूसरे,तीसरे दिन एक प्रेस वार्ता का आयोजन करते हैं और राज्य सरकार की नाकामी को गिनाते हैं। कांग्रेस ने अब अपने जन आक्रोश के निशाने पर दलित और आदिवासी को शामिल किया है। जिन पर हुए अत्याचार को कांग्रेस पार्टी हथियार के रुप में इस्तेमाल कर रही है। बुधवार को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन कर राज्य सरकार (Shivraj Government) पर जमकर आरोप लगाया। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एक दो घटनाएं हों तो उसको चूक कहा जा सकता है लेकिन दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के अनगित मामले हों तो साफ है कि प्रदेश की सरकार दलित और आदिवासी विरोधी सरकार है। इसी प्रकार कांग्रेस पार्टी ओबीसी की आबादी को भी अपने पक्ष में करने के लिए अलग-अलग उपाय आजमा रही है। ओबीसी वर्ग के सभी नेताओं को कांग्रेस पार्टी ने ऐक्टिव कर दिया है। सभी ओबीसी वर्ग के नेता अपने वर्ग को साधने में जुटे हुए हैं। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी द्वारा एक टीम का गठन कर सभी वर्गों के खिलाफ हुए अत्याचार की लिस्ट तैयार करवाई जा रही है। कांग्रेस का प्रयास है कि जब भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाए जाएं तो पार्टी के पास उसके कुछ ठोस प्रमाण जरुर होना चाहिए यही कारण है कि कांग्रेस ने टीम का गठन किया है जिससे वो किसी भी आरोप का बारीकी से अध्ययन करें और फिर उसके बाद खुलासा किया जा सके।

20/9/2023100
जन आक्रोश यात्रा में दलबदलू नेताओं की होगी अग्नि परीक्षा
भोपाल

जन आक्रोश यात्रा में दलबदलू नेताओं की होगी अग्नि परीक्षा

कांग्रेस पार्टी की 19 सितंबर से जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का आगाज होने जा रहा है। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी (mp congress) ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। यात्रा की निगरानी का जिम्मा खुद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने उठा रखी है। लेकिन कांग्रेस पार्टी इस यात्रा के माध्यम से एक तीर में दो निशाने भी लगाने जा रही है। दरअसल भाजपा से कांग्रेस में आए उन नेताओं पर कांग्रेस की विशेश नजर रहेगी जिन्होने कांग्रेस ज्वाइन करते समय कांग्रेस कार्यालय में अपने कार्यकर्ताओं की ताकत को दिखाया तो वही ताकत अब अग्नि परीक्षा के रुप में तब्दील हो चुकी है। भाजपा से कांग्रेस में आयातित नेताओं के प्रदर्शन के अनुसार ही पार्टी में उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। कुछ नेता चुनाव की दौड़ में भी शामिल हैं। अभी तक चंद्रभूषण सिंह बुंदेला (Chandra bhushan singh bundela) और रघुनंदन शर्मा (Raghunandan Sharma) को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। चुनाव से पहले जन आक्रोश यात्रा का बड़ा अभियान है। राज्य स्तर पर इसकी निगरानी प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेलाला कर रहे हैं तो लोकसभा पर्यवेक्षक विधानसभा क्षेत्रों में नजर रखेंगे। इसकी रिपोर्ट केन्द्रीय संगठन को सौपी जाएगी। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अधुसार भाजपा से जो लोग आए हैं,उन्हे अपनी ताकत दिखाने का अवसर भी इस यात्रा के माध्यम से दिया जा रहा है। सभी नेताओं से यह कह दिया गया है की वो अपने समर्थकों को साथ लेकर यात्रा को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। जन आक्रोश में इस दावे को भी परखा जाएगा और इस आधार पर यह भी निर्धारित होगा कि जो लोग चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं,उनका आधार कितना है। इसलिए भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं को अब जन आक्रोश यात्रा अग्नि परीक्षा के रुप में बन गई है। भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं का प्रदर्शन ही संगठन में आगे बढ़ने का आधार होगा।

17/9/2023165
कमलनाथ ने दिया भाजपा को चार नाम,बनावटी,मिलावटी,दिखावटी और सजावटी भाजपा
भोपाल

कमलनाथ ने दिया भाजपा को चार नाम,बनावटी,मिलावटी,दिखावटी और सजावटी भाजपा

कांग्रेस पार्टी ने जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का रोडमैप जारी कर दिया है। 15 दिनों तक चलने वाली यात्रा 11 हजार 400 किलोमीटर का सफर तय कर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा से होते हुए गुजरेगी। हर विधानसभा में भाजपा के नेता जनसभा को आयोजित करेंगे और इसके अलावा वो हर विधानसभा में नुक्कड़ सभाओं का भी आयोजन करेंगे (MP Elections)। यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता घर-घर जाकर भाजपा सरकार के खिलाफ पर्चे वितरित करेंगे जिसमें मंहगाई,बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों का उल्लेख किया जाएगा। इस जन आक्रोश यात्रा के लिए कांग्रेस पार्टी ने अलग-अलग नेताओं को प्रभारी नियुक्त किया है (mp congress)। यात्रा का आगाज गणेश चतुर्थी से किया जाएगा मतलब साफ है कि सनातन को लेकर चल रहे विवाद को कांग्रेस यहां से खत्म करने की कोशिश कर रही है। प्रेसवार्ता को प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने इतने सालों में सिवाय घोटालों के और कुछ नहीं किया है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भाजपा को चार नाम भी दिए। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के चार नाम हैं बनावटी भाजपा,मिलावटी भाजपा,दिखावटी भाजपा और सजावटी भाजपा। कमलनाथ ने साफ शब्दों में कहा कि आज प्रदेश की जनता इस सरकार से परेशान है। बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का माहौल पूरे प्रदेश में है। इंडिया गठबंधन पर जब कमलनाथ से सवाल किए गए तो वो टालते नजर आए और कहा कि अभी हम चुनाव की तैयारी में लगे हैं। कांग्रेस नहीं चाहती की इंडिया गठबंधन का कार्यक्रम भोपाल में हो और उसमें कोई भी गलती हो जिसका खामियाजा कां ग्रेस पार्टी को उठाना पड़े। यात्रा में कई वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी बनाया गया लेकिन महिलाओं को प्रभारी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है। हांलाकि इस मामले में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सहयोगी के तौर पर कई महिला नेतृयों को इस यात्रा में जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।

16/9/202385
19 सितंबर से 'आक्रोश' में आएगी कांग्रेस,प्रदेश भर में निकाली जाएगी जन आक्रोश यात्रा
भोपाल

19 सितंबर से 'आक्रोश' में आएगी कांग्रेस,प्रदेश भर में निकाली जाएगी जन आक्रोश यात्रा

भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी 19 सितंबर से प्रदेश भर में जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) निकालने जा रही है। भाजपा के जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Aashirwad Yatra) की तर्ज पर कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा प्रदेश के सात स्थान से प्रारंभ होगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी सभा और छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाएं होंगी। इसकी तैयारियों को लेकर शुक्रवार को भोपाल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने यात्रा के प्रभारी,जिला अध्यक्ष, प्रभारी और संगठन मंत्रियों के साथ बैठक की। यात्रा के दौरान घर-घर भाजपा सरकार के विरुद्ध जारी पार्टी का आरोप पत्र जारी किया जाएगा। यात्रा के दौरान मंहगाई,बेरोजगारी,भ्रष्टाचार,महिलाओं पर अत्याचार,अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के उत्पीड़न की घटनाओं को मुद्दा बना कर भाजपा सरकार को घेरा जाएगा। साथ ही शिवराज सरकार (Shivraj Government) द्वारा की जा रही घोषणाओं की स्थिति भी जनता के बीच रखी जाएगी। इसके अलावा कांग्रेस सरकार बनने पर विभिन्न वर्गों के हित में जो कदम उठाए जाएंगे,उसे भी प्रचारित किया जाएगा। यात्रा की पूरी रुपरेखा आज पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला सार्वजनिक करेंगे।

15/9/2023174
युवाओं और महिलाओं को आगे कर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
भोपाल

युवाओं और महिलाओं को आगे कर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रुप देने में जुटी कांग्रेस पार्टी युवाओं पर ज्यादा दांव लगाने की कोशिश में जुटी है (Congress Meeting)। कांग्रेस की ओर से ना सिर्फ युवाओं को ही आगे रखा जाएगा बल्कि महिलाओं को भी काफी मौके दिए जाएंगे। लगातार दो चुनाव हार चुके उन्ही नेताओं को टिकट मिलेगा जिनके नाम सर्वे के साथ पर्यवेक्षक की रिपोर्ट में जीतने की संभावना वाले दावेदार के रुप में आएंगे। प्रत्याशी चयन को लेकर दिल्ली में मध्य प्रदेश कांग्रेस (MP Congress)की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुई थी (Congress Screening Committee)। इसमें समिति अध्यक्ष पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह(Jitendra Singh),प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) पिछले दिनों भोपाल में जिला,ब्लाक, प्रदेश पदादिकारी, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक और पूर्व विधायकों से दावेदारों को लेकर जो रायशुमारी की थी,उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने प्रत्याशी चयन को लेकर अपनी भी बात रखी। दिल्ली में कांग्रेस के वार रुम में आयोजित बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव,सुरेश पचौरी,नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह,अजय सिंह,अजय कुमार लल्लू,सप्तगिरी उल्का,कमलेश्वर पटेल,प्रदेश प्रभारी सहित अन्य नेता शामिल हुए। देर रात तक चली बैठक में वर्तमान विधायकों और लगातार हारने वाली 66 सीटों की स्थिति को लेकर प्रारंभिक चर्चा की गई। Mukhbirmp.com के अनुसार बैठक में एक बात साफ कर दी गई कि प्रत्याशी कोई भी हो उसे जिताने की जिम्मेदारी सामूहिक होगी। यह चुनाव पार्टी के लिए अहम है। इसका असर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की सभाओं पर पड़ेगा (Loksabha Elections 2024)। इसलिए प्रत्याशी चयन में जातिगत और स्थानीय समीकरण को ध्यान में रखा जाएगा। प्रत्याशी चयन के लिए तीन सूचियां तैयार होंगी। इसमें कमलनाथ और कांग्रेस द्वारा कराए गए सर्वे, पर्यवेक्षक के साथ प्रभारी और पदाधिकारियों की रिपोर्ट में जिन सीटों के लिए एक ही नाम होगा उसकी सूची अलग बनेगी। वर्तमान विधायकों की एक सूची रहेगी और एक सूची उन सीटों की होगी,जहां दो या उससे अधिक दावेदार होंगे। आज एक बार फिर बैठक होगी जिसमें वर्तमान विधायक और लगातार हारने वाली सीटों के प्रत्याशियों को लेकर चर्चा होगी।

12/9/2023192
कांग्रेस में टिकट के लिए स्थानीय नेताओं की सहमति होगी जरुरी
भोपाल

कांग्रेस में टिकट के लिए स्थानीय नेताओं की सहमति होगी जरुरी

मिशन 2023 फतह करने में जुटी कांग्रेस पार्टी (mp congress) में इन दिनों बड़ी संख्या में बाहरी नेताओं का दाखिला हो रहा है। लेकिन उन्हे चुनाव लड़ने के लिए टिकट तभी मिलेगा जब स्थानीय स्तर पर सहमति बनेगी। दरअसल अलग-अलग क्षेत्रों से कांग्रेस में शामिल हो रहे नेताओं को लेकर पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं में नाराजगी का आलम देखने को मिल रहा है यही कारण है कि कांग्रेस ने स्थानीय महत्व देते हुए कहा है कि टिकट उसी को दिया जाएगा जिसको लेकर पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं में सहमति होगी। पार्टी की सदस्यता दिलाने के लिए जिला इकाई के पदाधिकारियों के साथ पहले बैठक की जाती है,फिर उनकी उपस्थिति में ही पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई जाती है,ताकि विरोध जैसी स्थिति ना बने। प्रत्याशी चयन में भी इसी तरह सावधानी बरती जा रही है। यही कारण है कि संभावित दावेदारों की जानकारी ब्लॉक इकाई तक से लग गई है। कांग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के साथ भाजपा में जाने वाले नेताओं की बड़ी संख्या में वापसी हो चुकी है। इसमें ग्वालियर,दतिय,शिवपुरी,गुना,अशोकनगर,निवाड़ी,टीकमगढ़,धार,देवास सहित अन्य जिलों के भाजपा से जुड़े नेता अधिक हैं। कोलारस से भाजपा विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी ने भी कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। इनके पार्टी में आने से अंदरखाने में चर्चा प्रारंभ हो गई है कि इन नेताओं को कुछ विधानसभा में प्रत्याशी भी बनाया जा सकता है। ऐसे में चुनाव के दौरान इनका विरोध न हो,इसलिए यह तय किया गया है कि स्थानीय स्तर पर सहमति के बिना टिकट नहीं दिया जाएगा। दरअसल जब सिंधिया के साथ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भाजपा में गए थे,तब स्थानीय स्तर पर समीकरण गड़बड़ाए और इसका नुकसान पार्टी को नगरीय निकाय चुनाव में भी उठाना पड़ा। अब तो पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भी कह दिया है कि किसी को भी पार्टी में तब तक नहीं लिया जाएगा,जब तक स्थानीय इकाई सहमति नहीं देती है।

10/9/2023121
कमलनाथ की सोशल इंजीनियरिंग ने दावेदारों की बढ़ाई मुश्किलें,अब तक जारी नहीं हुई पहली सूची
भोपाल

कमलनाथ की सोशल इंजीनियरिंग ने दावेदारों की बढ़ाई मुश्किलें,अब तक जारी नहीं हुई पहली सूची

मप्र में समाज के सभी वर्गों को साधने के लिए कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला लागू करेगी। कांग्रेस ने इसके लिए विभिन्न समाजों के अलग-अलग प्रकोष्ठ भी गठित किए हैं। कांग्रेस सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले के तहत हर समाज के प्रतिनिधि को टिकट देने का प्रयास कर रही है। अब तक हुए मंथन में कांग्रेस ने समाज और जातियों के आधार पर सभी को प्रतिनिधित्व यानि टिकट देने का रोडमैप तैयार किया है। पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने विभिन्न समाज और जातियों के लोगों की जनसंख्या का अनुमान लगाने एजेंसी के जरिए सर्वे भी कराया है। इसे टिकट का आधार बनाया जाएगा। 12 सितंबर को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी। गौरतलब है कि साल 2020 में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद कांग्रेस ने सामाजिक संगठनों,जाति आधारित संगठनों और उनके नेताओं को जोड़ने का काम किया है। कांग्रेस ने पूर्व आईएएस देवेन्द्र कुमार राय (Devendra Kumar Rai) को जिम्मेदारी सौंपी कि वो विलुप्त हो रही जनजातियों का अध्ययन कर उन्हे कांग्रेस के मंच पर लाएं। इसके बाद कांग्रेस ने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया, कोरकू भील, भिलाला, गौंड,कोल सहित कई जातियों के सम्मेलन किए। उनके लिए पार्टी संगठन में अलग प्रकोष्ठ भी गठित किया। दूसरे चरण में प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने का एक सर्वे भी कराया है। पार्टी की रणनीति है कि जिस जाति से प्रदेश में दस लाख से अधिक मतदाता हैं,उस वर्ग के व्यक्ति को अनिवार्य रुट से टिकट दिया जाए। पीसीसी चीफ कमलनाथ द्वारा व्यक्तिगत रुप से कराए गए सर्वे से पार्टी को अंदाज लग गया है कि किस विधानसभख क्षेत्र में किस जाति के मतदाताओं की कितनी संख्या है। इस आधार को अब पार्टी टिकट वितरण का आधार बनाएगी। लेकिन कमलनाथ का यह सोशल इंजीनियरिंग फार्मूला पार्टी के अन्य दावेदारों के गले की फांस बन गया है। जो नेता खुद को बाहुबली मानते थे और उन्हे लगता था कि पार्टी उन्हे टिकट भर दे दे। उसके बाद वो धन-बल के दम पर चुनाव जीत लेंगे लेकिन अब कमलनाथ ने सोशल इंजीनियरिंग का पेंच फंसा कर बाहुबली नेताओं के गले में पट्टा डालने की तैयारी कर ली है।

10/9/202380
भाजपा की सियासी रोटी में बटर लगाने वाली कांग्रेस के जल रहे हाथ,गृह युद्ध की बनी स्थिति
भोपाल

भाजपा की सियासी रोटी में बटर लगाने वाली कांग्रेस के जल रहे हाथ,गृह युद्ध की बनी स्थिति

चुनाव करीब आते-आते भाजपा और कांग्रेस में पलायन का दौर तेज होता जा रहा है (MP Election 2023)। कांग्रेस (mp congress) के बड़े नेता अपने नंबर बढ़वाने के लिए भाजपा के कार्यकर्ताओं से संपर्क कर उन्हे कांग्रेस में ज्वाइन तो करवा रहे हैं लेकिन इन कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने के कारण पार्टी में गृह युद्ध की स्थिति निर्मित हो गई है। ताजा मामला नर्मदापुरम कांग्रेस का है जहां पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा (Sitasharan Sharma) के भाई गिरिजा शंकर (Girija Shankar Sharma) को सुरेश पचौरी (Suresh Pachouri) की मिली भगत से कांग्रेस की सदस्यता दिला दी गई है और अब वो एक मजबूत दावेदार के रुप में अपना दावा भी ठोंक रहे हैं। लेकिन इनके दावे के कारण कांग्रेस के मूल कार्यकर्ताओं के बीच कलह की स्थिति बन गई है। उसकी बानगी शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (Madhya Pradesh Congress Committee) में देखने को मिली जहां नर्मदापुरम के कांग्रेस प्रवक्ता राजेन्द्र सिंह राठौर कांग्रेस प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा (KK Mishra) के सामने अपनी भड़ास निकालते नजर आए। राजेन्द्र सिंह राठौर का गुस्सा इतना भारी था कि बार-बार समझाने के बाद भी वो शांत होने के लिए तैयार नहीं थे। दरअसल Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा को इस बार भाजपा टिकट नहीं दे रही है,मामले की जानकारी होने के बाद पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पर जमकर डोरे डाले लेकिन उन्होने भाजपा नहीं छोड़ने का फैसला किया। ऐसी स्थिति में राजनीति में बने रहने के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने अपने भाई गिरिजा शंकर शर्मा को कांग्रेस में जाने के लिए मना लिया। पूर्व विस अध्यक्ष को आशंका है कि इस बार कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाएगी लिहाजा भाई को कांग्रेस में शामिल कर सत्ता का सुख पीछे के दरबाजे से भोगा जा सकता है। अभी तक उनकी रणनीति काफी हद तक कामयाब भी हुई लेकिन गिरिजा शंकर के कांग्रेस में आने से कांग्रेस के गुटों की एकबार फिर कलई खुल गई है। जो कांग्रेस एकजुटता का खोंखला दावा करती दिख रही थी उसी कांग्रेस के अलग-अलग धड़े सतह में आने लगे हैं। पचौरी कांग्रेस,अरुण यादव कांग्रेस,अजय सिंह (राहुल) कांग्रेस, दिग्विजय कांग्रेस, कमलनाथ कांग्रेस और अंत में कांतीलाल भूरिया कांग्रेस। इतने धड़ों में बंटी कांग्रेस अब इस पशोपेश की स्थिति में आ गई है कि भाजपा से आए कार्यकर्ताओं और मूल कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य कैसे स्थापित किया जाए। अभी तक सिंधिया के भाजपा में जाने और सिंधिया गुट और मूल भाजपाई कार्यकर्ताओं के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई पर कांग्रेस के नेता चुटकी लेते नजर आ रहे थे लेकिन अब उसी मुहाने पर कांग्रेस भी खड़ी है जिस मुहाने पर भाजपा सिंधिया खेमे को लेकर खड़ी है। मजे की बात यह है कि भाजपा में नेताओं के बीच विवाद रोकने के लिए अलग से टीम है लेकिन कांग्रेस में सबकुछ कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के भरोसे ही रहता है लिहाजा पार्टी के अंदर चल रहे गृह युद्ध को रोकने का काम दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को करना है साथ में चुनावी तैयारियों को अंतिम रुप देने का काम भी दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और कमलनाथ (Kamal Nath) को ही करना है।

9/9/2023156
कांग्रेस सरकार बनते ही पटवारियों की 2800 रुपए ग्रेड-पे दिए जाएंगेःकमलनाथ
भोपाल

कांग्रेस सरकार बनते ही पटवारियों की 2800 रुपए ग्रेड-पे दिए जाएंगेःकमलनाथ

छिंदवाड़ा में अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले 21 अगस्त से आंदोलनरत पटवारियों (patwaris) के बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal natha) पहुंचे और पटवारियों से मुलाकात कर चर्चा की, साथ ही उनकी मांगों का समर्थन भी किया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हड़ताल स्थल पर पहुंचकर हडताल कर रहे पटवारियों (patwari strike) को यह आश्वासन दिया की आपने 25 साल इंतजार कर लिया है तीन महीने और इंतजार कर लीजिए, मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही आपकी 2800 ग्रेड-पे दिए जाने की 25 साल पुरानी मांग सबसे पहले पूरी की जाएगी। कमलनाथ ने कहा कि सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के संघर्ष में वो उनके साथ हैं, उन्होंने यह भी कहा कि हर वर्ग के साथ न्याय होना चाहिए। पटवारियों से संवाद करते हुए कमलनाथ ने कहा कि एक पटवारी का रोल कितना महत्वपूर्ण होता है, वह कितने विभागों का काम अकेला करता है, यह बात सभी जानते हैं। सभी के साथ न्याय हो ऐसी सरकार होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आगे यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार बनते ही हम पुरानी पेंशन स्कीम लागू करेंगे और सभी सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ न्याय हो ऐसी सरकार स्थापित करेंगे। कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश की तस्वीर आप सबके सामने हैं, आज मध्य प्रदेश की सरकार कर्ज पर कर्ज लेती जा रही है और मध्य प्रदेश पर 3 लाख 30 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्जा हो गया है, लेकिन इस कर्ज का वह कर क्या रही है, यह बात देखने लायक है। भाजपा सरकार कर्ज लेकर बड़े-बड़े ठेके दे रही है, ताकि उनका कमीशन बन सके, सरकार द्वारा लिए गए कर्ज से किसी कर्मचारी का, आशा, उषा बहनों का, आउटसोर्स कर्मचारियों का पटवारियों का, किसी का भला नहीं हो रहा है। यदि भला हो रहा है तो चंद ठेकेदारों और भाजपा नेताओं का। उन्होंने कहा कि आज यह बात हम सबको समझना है कि हमारा प्रदेश कहां घसीटा जा रहा है। मुख्यमंत्री घोषणाओं पर घोषणाएं करते जा रहे हैं, चुनाव सर पर है जो चाहे वह, सब कुछ बोल दो। लेकिन आप सबको भी जागरूक बनना पड़ेगा और आम जनता को भी जागरूक करना पड़ेगा। कमलनाथ ने यह भी कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि मध्य प्रदेश की जनता सच्चाई का साथ देगी, कांग्रेस का साथ देगी।

9/9/2023174
भाजपा के रास्ते पर कांग्रेस,अन्य राज्यों के सांसद-विधायक विधानसभाओं में भेजेगी कांग्रेस
भोपाल

भाजपा के रास्ते पर कांग्रेस,अन्य राज्यों के सांसद-विधायक विधानसभाओं में भेजेगी कांग्रेस

कुछ समय पहले भारतीय जनता पार्टी ने चार राज्यों के 230 प्रवासी विधायकों को एमपी बुला कर पार्टी की स्थिति को खंगालने का प्रयास किया था जिसका कांग्रेस के नेता मजाक उड़ा रहे थे लेकिन अब कांग्रेस ने भी भाजपा के रास्ते पर चलने की योजना तैयार की है (MP Congress)। जिसके तहत कांग्रेस दूसरे राज्यों के सांसद और विधायकों को एमपी बुलाने की योजना पर का कर रही है। दूसरे राज्यों से एमपी में आए कांग्रेस के विधायक-सांसद उन विधानसभा सीटों की तैयारियों का आंकलन करेंगे और अपनी पार्टी के संगठन को उसकी रिपोर्ट सौंपेंगे। लोकसभा वार नियुक्त किये गए इन पर्यवेक्षकों की पहली बैठक 12 सितंबर (मंगलवार) को भोपाल में होगी। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal), प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Surjewala), प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ (Kamal Nath) सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। अन्य राज्यों से आए कांग्रेस के विधायक-सांसद सभी सहयोगी संगठनों की भूमिका,आपसी समन्वय और चुनाव अभियान को लेकर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे। साथ ही लोकसभा की दृष्टि से भी संभावित दावेदारों को लेकर भी अन्य जानकारी जुटा कर संगठन को देंगे। मंगलवार को ही कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। इसमें कमेटी के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह,सदस्य अजय कुमार लल्लू,सप्तागिरी उल्का और प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चार दिनों तक दावेदारों का फीडबैक लिया है। जिस पर इस बैठक में विचार किया जाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी जिन 66 सीटों पर लंबे समय से चुनाव हार रही है और जिन विधायकों को चुनाव लड़ाया जाना है,उन्हे शामिल करते हुए प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित की जा सकती है। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले हर घर दस्तक देने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके लिए जन-आक्रोश यात्रा के साथ हर घर संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में जिला,ब्लॉक,मंडलम् और सेक्टर इकाई के पदाधिकारियों को घर-घर भेज कर ग्रामीणों को भाजपा सरकार की असफलताओं के बारे में बताया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आरोप पत्र बांटे जाएंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने जो 11 वचन दिये हैं उसकी याद भी दिलाई जाएगी।

8/9/2023191
जातियों के सहारे कांग्रेस,जल्द आयोजित करेगी दो बड़े सम्मेलन
भोपाल

जातियों के सहारे कांग्रेस,जल्द आयोजित करेगी दो बड़े सम्मेलन

प्रदेश में सत्ता पाने के लिए कांग्रेस (mp congress) बड़े मतदाता वर्ग आदिवासी और ओबीसी के सम्मेलन करने जा रही है (congress conference)। ये राज्य स्तरीय सम्मेलन होंगे। आदिवासी सम्मेलन (adivasi sammelan) झाबुआ में तो ओबीसी का सम्मेलन (obc sammelan) भोपाल में आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारी की जिम्मेदारी पार्टी आदिवासी और ओबीसी वर्ग के नेताओं को सौंपी गई है। सम्मेलन की तारीख भी आदिवासी और ओबीसी वर्ग के नेता ही तय करेंगे। बुंदेलखंड में भी एससी वर्ग का बड़ा कार्यक्रम भी चुनाव अभियान समिति ने प्रस्तावित किया है। प्रदेश में एसटी वर्ग के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं लेकिन इनका प्रभाव 80 सीटों से ज्यादा पर है। ओबीसी मतदाताओं का प्रभाव भी 100 से अधिक सीटों पर है। इसे देखते हुए भाजपा और कांग्रेस, दोनों आदिवासी और ओबीसी वर्ग को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति (congress election committee) ने तय किया है कि आदिवासी बहुल झाबुआ,अलीराजपुर,बड़वानी,खरगोन सहित अन्य जिलों के आदिवासी भाग लेंगे। इसकी तैयारी का जिम्मा चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष कांतीलाल भूरिया को दिया गया है। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. विक्रांत भूरिया इसमें सहयोगी की भूमिका में होंगे। इसके अलावा भोपाल में आयोजित होने वाले ओबीसी सम्मेलन की जिम्मेदारी कमलेश्वर पटेल और अरुण यादव को सौंपी गई है। दोनों को कार्यक्रम की रुपरेखा निर्धारित करने के लिए कहा गया है। प्रदेश में कई विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां ओबीसी मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं।

8/9/202381
कांग्रेस नए मॉडल हिंदुत्व से डरीःअजीज कुरैशी
भोपाल

कांग्रेस नए मॉडल हिंदुत्व से डरीःअजीज कुरैशी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीज कुरैशी (aziz qureshi) ने कांग्रेस पार्टी पर मुस्लिमों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। साथ ही पूर्व राज्यपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेताओं के कथा कराने और कांग्रेस दफ्तर में सुंदरकांड कराने को लेकर भी अजीज कुरैशी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व राज्यपाल और कांग्रेस नेता अजीज कुरैशी ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर कथा कराने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में इस तरह के आयोजन ठीक नहीं हैं. कांग्रेस ने कहा कि अजीज उम्र के जिस पड़ाव पर है, उन्हें ईश्वर को उनके अपने आराध्य को याद करना चाहिए. धार्मिक विवाद में पड़ने की कुरैशी को जरूरत नहीं है. बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन हो या सुंदरकांड कांग्रेस वोट बैंक की सियासत करती है। अजीज कुरैशी के बयान पर कांग्रेस के नेताओं ने हमला बोलना शुरु कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अजीज कुरैशी को कांग्रेस पार्टी ने सब कुछ दिया है। सांसद भी बने राज्यपाल भी बने। कई अहम पदों पर रहे। शायद यह सारी बातें अजीज कुरैशी जी को याद नहीं आई. उनके जैसे जिम्मेदार व्यक्ति को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए. अजीज उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, उन्हें ईश्वर को उनके अपने आराध्य को याद करना चाहिए. राजी खुशी से बच्चों के साथ परिवार के साथ बिताना चाहिए. धार्मिक विवाद में पड़ने की कुरैशी को जरूरत नहीं. धार्मिक भावनाओं को लेकर बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। बीजेपी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन हो या सुंदरकांड कांग्रेस वोट बैंक की सियासत करती है। यही कांग्रेस की सबसे बड़ी विशेषता है। रोज इफ्तार में जालीदार टोपी लगाकर जाते हैं। चुनावी दौर में सुंदरकांड करते हैं. आपस में ही लड़ भिड़ रहे हैं और कांग्रेसी धर्म के नाम पर एकमत नहीं होते हैं।

6/9/2023125