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जीत कर भी हारे कमलनाथ,अब राजनीति से सन्यास लेने की तैयारी,बेटे को बीजेपी में सेट करने की मजबूरी
भोपाल

जीत कर भी हारे कमलनाथ,अब राजनीति से सन्यास लेने की तैयारी,बेटे को बीजेपी में सेट करने की मजबूरी

कई बार खेल में जीतते जीतते भी टीमें हार जाती हैं। और ठीक उसी प्रकार राजनीति में भी देखने को मिलता है। ताजा उदाहरण पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) का है जिनकी बीजेपी में बात हो ग ई लेकिन अंत में बीजेपी के कुछ नेताओं ने कमलनाथ को लेकर विरोध कर दिया जिसके चलते कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ (nakul nath) की बीजेपी में ज्वाइनिंग पर सस्पेंश बन गया है।दरअसल भाजपा के नेताओं का मानना है कि सिक्ख दंगे के मुख्य आरोपी कमलनाथ थे और अभी तक भारतीय जनता पार्टी के नेता कमलनाथ पर सिक्ख दंगे को लेकर लगातार टिप्पड़ी करते रहे हैं ऐसे में कमलनाथ भाजपा ज्वाइन करते हैं तो पार्टी को दिक्कत हो सकती है। हांलाकि भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान कमलनाथ की बात भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से हुई थी और यही कारण था कि कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ के साथ दिल्ली गए थे लेकिन वहां पर ठीक से बात नहीं बन पाई। अब माना जा रहा है कि अगले कुछ समय में कमलनाथ फिर भाजपा नेताओं से बात करेंगे और भाजपा में भी कमलनाथ को लेकर आपसी सहमति बनाई जाएगी। माना जा रहा है कि कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को भाजपा में ज्वाइनिंग कराई जाएगी और कमलनाथ राजनीति से दूरी बना लेंगे। हांलाकि नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने से पहले शर्ते भी हैं जिन्हे पूरा करना कमलनाथ के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। भाजपा की शर्त है कि नकुलनाथ के साथ कमसे कम 20 विधायक भाजपा में शामिल होने चाहिए। कमलनाथ के साथ कुछ विधायक भाजपा ज्वाइन करने के लिए तो तैयार हैं लेकिन उनकी संख्या 20 तक नहीं पहुंच रही है। इधर कांग्रेस पार्टी को भी जबसे इसकी जानकारी हुई है तभी से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी विधायकों की घेराबंदी करने में जुट गए हैं। जोड़ तोड़ की राजनीति अगले कुछ समय पर पूरे शबाब में पहुंचने वाली है। आने वाले कुछ समय में कांग्रेस और भाजपा में काफी बदलाव देखने को मिलने वाले हैं।

20/2/2024147
गौ पालकों के लिए खुशखबरी,बढ़ेगी राशि और मानदेय,कैबिनेट बैठक में हुआ फैसला
भोपाल

गौ पालकों के लिए खुशखबरी,बढ़ेगी राशि और मानदेय,कैबिनेट बैठक में हुआ फैसला

मोहन कैबिनेट (mohan cabinet) में बड़ा फैसला लिया गया है। सड़क में दिखने वाले गौ वंशों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) कैबिनेट में अलग से बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर वर्षा काल में प्रमुख सड़कों और राजमार्गो पर गौ माता के बैठे रहने की घटनाएं सामने आती हैं। गौ माता दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाती हैं। ऐसी व्यवस्था आवश्यक है कि गौ माता सड़कों पर न दिखें , इसके लिए गौशालाओं के लिए राशि और मानदेय वृद्धि का निर्णय लिया जाएगा। श्रेष्ठ प्रबंधन से गौ माता के सम्मान में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। यदि गौ माता मृत्यु का शिकार होती हैं तो उनके सम्मानजनक दाह संस्कार की व्यवस्था की जाए। साथ ही गौ माता के अवशेष कहीं अपमानित न हों इसके लिए समाधि अथवा अन्य व्यवस्थाओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। मंत्री परिषद के सदस्यों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का हर्ष ध्वनि के साथ मेजें थपथपाकर स्वागत किया। मंत्री परिषद के सदस्यों ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी इस कार्य में लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पशु पालन एवं डेयरी विभाग को इस संबंध में आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए। पशु पालन मंत्री लखन पटेल (lakhan patel) ने कहा कि वो शीघ्र ही गौशाला संचालकों (cow farmers) को बैठक में आमंत्रित कर सुझाव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इसी माह यह बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरों के महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल किए जाएं। बैठक में गौ शालाओं के बेहतर संचालक, गौ पालकों द्वारा भी गौ माता के स्वतंत्र विचरण पर अंकुश, पुलिस द्वारा सहयोग प्राप्त करने और केंद्र सरकार से इस संबंध में अधो संरचनात्मक कार्यों के लिए राशि प्राप्त करने पर भी चर्चा हुई।

19/2/2024252
संविदा कर्मियों को भाजपा सरकार ने दिया धोखा,नियमित के समान वेतन और सुविधा का किया वादा,आज तक नहीं किया पूरा
भोपाल

संविदा कर्मियों को भाजपा सरकार ने दिया धोखा,नियमित के समान वेतन और सुविधा का किया वादा,आज तक नहीं किया पूरा

विधानसभा चुनाव (madhya pradesh elections) से पहले प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) ने जमकर पंचायतों का आयोजन किया। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों (samvida workers) की महापंचायत बुलाई। सभी संविदा कर्मियों को बड़े-बड़े प्रलोभन दिए गए और उसका फायदा भाजपा को वोट के रुप में हुआ। सभी संविदा कर्मियों ने एकमुस्त भाजपा को वोट दिया और उसका परिणाम ये निकला की भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाई। जबकि सर्वे और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा नहीं किया जा रहा था। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद प्रदेश के अलग-अलग विभागों में पदस्थ संविदा कर्मियों ने शिवराज सिंह चौहान के वादे पर विश्वास किया और वोट दिया। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वादे के मुताबिक संविदा कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य जितनी भी शासकीय सुविधाएं हैं वो सभी देने का वादा किया गया था। इसके लिए फर्जी आदेश भी जारी किए गए जिससे संविदा कर्मियों को लगे कि सरकार अपने किए वादे पर कायम है और प्रक्रिया जारी है। घोषणा के कुछ समय बाद चुनाव आचार संहिता लग गई तब तक संविदा कर्मी यह ढाढ़स बांध कर बैठे रहे कि चुनाव आचार संहिता लगने के कारण सरकार उनको वेतन और सुविधाएं नहीं दे पार रही। लेकिन इस बीच सरकार ने भले अपना वादा पूरा न किया हो लेकिन संविदा कर्मियों ने अपना वादा भाजपा के पक्ष में वोट देकर निभाया और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाई। सरकार तो बनी लेकिन मुख्यमंत्री बदल गए जिसके बाद प्रशासनिक अमले ने संविदा कर्मियों की सुध नहीं ली। आज तक संविदा कर्मियों से किया वादा पूरा नहीं हुआ। खुले तौर पर कहा जाए तो वोट के नाम पर भाजपा की सरकार ने संविदा कर्मियों को ठगने का काम किया है। अब सभी संविदा कर्मी लोकसभा चुनाव में अपना बदला लेने की योजना बना रहे हैं।

18/2/2024914
19 फरवरी को बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं कमलनाथ के साथ सात कांग्रेस विधायक
भोपाल

19 फरवरी को बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं कमलनाथ के साथ सात कांग्रेस विधायक

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच कमलनाथ के करीबी विधायक ने बड़ा दावा किया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के एक विधायक ने दावा किया कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ 19 फरवरी को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक बीजेपी और कमलनाथ की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं सामने आई है। बीजेपी का अभी राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में दो दिवसीय अधिवेशन चल रहा है और यह माना जा रहा है कि अधिवेशन समाप्त होने के बाद कमलनाथ अपने बेटे नकुकलनाथ के साथ बीजेपी ज्वाइन करेंगे। कमलनाथ के साथ 10 से 12 विधायक और एक मेयर भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हांलाकि कमलनाथ को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके बीजेपी में शामिल होने की उम्मीद नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि कमलनाथ हमेशा साथ खड़े रहे है, ऐसा व्यक्ति बीजेपी के साथ कैसे जा सकता है। गौरतलब है कि कमलनाथ के बारे में कहा जाता है कि वो राज्यसभा जाना चाहते थे. लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया. कांग्रेस ने अशोक सिंह को राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया. कमलनाथ की 'नाराजगी' तब भी देखने को मिली जब वो अशोक सिंह के नामांकन में शामिल नहीं हुए थे. हालांकि, जब पार्टी ने अशोक सिंह को उम्मीदवार बनाया था तो कमलनाथ ने अशोक सिंह को शुभकामनाएं दी थीं। यहां ये भी जानना जरूरी है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कमलनाथ ही कांग्रेस का सीएम चेहरा था। लेकिन पार्टी को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

17/2/2024329
अब 65 वर्ष नहीं होगी शासकीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट की आयु,वित्त विभाग ने किया क्लियर
भोपाल

अब 65 वर्ष नहीं होगी शासकीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट की आयु,वित्त विभाग ने किया क्लियर

मध्य प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों (mp government employees) की सेवानिवृत्ति की आयु अब 65 वर्ष नहीं होगी। पिछले कुछ समय से इस बात को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे थे कि शासकीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट की सीमा बढ़ने वाली है। इस मामले में जहां युवाओं में सरकार के प्रति विरोध के स्वर निकलने लगे थे वहीं शासकीय कर्मचारी भी इस फैसले पर हैरान थे। कुछ कर्मचारी तो रिटायरमेंट आयु की सीमा बढ़ाए जाने से नाराज थे कुछ इसका समर्थन कर रहे थे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार मंत्रालय ने रिटायरमेंट एज लिमिट बढ़ाने से इनकार कर दिया है। यह मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए गुड न्यूज़ है लेकिन सरकार के लिए चिंता की बात है क्योंकि सरकार के पास रिटायर होने वाले कर्मचारियों को देने के लिए GPF और दूसरा फंड नहीं है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र-2023 में मप्र सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु में एकरूपता लाने का बिंदु शामिल था। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बीती 11 जनवरी को राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष रमेश शर्मा ने मप्र के शासकीय सेवकों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा में एकरूपता लाने के लिए नोटशीट लिखी। जिसमें कहा गया कि शासकीय सेवकों की सेवानिवत्ति की आयु सीमा 62 से बढ़ाकर 65 करने पर शासन को विचार करना चाहिए। उन्होंने पदोन्नति नहीं होने की वजह से सरकारी विभागों में कैडर गड़बड़ाने और खाली पदों को लेकर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित कराया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की फाइल मंत्रालय में दौड़ पड़ी थी। सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने वित्त विभाग से खजाने पर पड़ने वाले भार के लिए अभिमत मांगा था। इसी बीच कई कर्मचारी संगठन व युवा सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का विरोध करने लगे। वहीं, अब वित्त विभाग ने सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने का आईडिया ड्रॉप कर देने के लिए कहा है। विद्युत विभाग का कहना है कि अब इन कर्मचारियों को देने के लिए वेतन भी नहीं है।

16/2/202417121
भाजपा सात सीटों पर हफ्ते भर के अंदर घोषित करेगी नाम,गणेश सिंह,फग्गन सिंह कुलस्ते,जनार्दन का टिकट कटना तय
भोपाल

भाजपा सात सीटों पर हफ्ते भर के अंदर घोषित करेगी नाम,गणेश सिंह,फग्गन सिंह कुलस्ते,जनार्दन का टिकट कटना तय

मिशन 2024 (lok sabha elections 2024)फतह करने की ओर बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां अपने आखिरी पड़ाव पर हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार विधानसभा चुनाव में पहली सूची चुनाव के दो महीने पहले ही जारी कर दी थी ठीक उसी प्रकार लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी पहली सूची जारी करने वाली है (bjp lok sabha list)। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के केन्द्रीय नेत्रृत्व ने पहली सूची तैयार कर ली है। पहली सूची के नामों को केन्द्रीय नेत्रृत्व द्वारा फायनल कर लिया गया है। अब उन नामों को सार्वजनिक करना बांकी है। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों में लगी है जो 17 और 18 फरवरी को दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस अधिवेशन के समाप्त होते ही भाजपा का केन्द्रीय नेत्रृत्व सात सीटों के नाम को सार्वजनिक कर देगा। ये सातों वही सीटें हैं जिन सांसदों को भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उतारा था। उन सांसदों में पांच जीत कर विधायक बन चुके हैं कुछ को मंत्री भी बना दिया गया है। दो सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और सतना से गणेश सिंह विधानसभा का चुनाव हार गए थे जिनका टिकट काटा जा रहा है। सात नामों की सूची फायनल है। पहले नामों की घोषणा कर भाजपा उन उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी के लिए मौका देना चाहती है। बांकी 22 सीटों को लेकर भाजपा में लगातार मंथन जारी है। जानकारी के मुताबिक भाजपा इस बार एमपी की 29 लोकसभा सीटों में करीब 20 सीटों पर नए और युवा नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने जा रही है। रीवा से भी जनार्दन मिश्रा का टिकट कटना तय माना जा रहा है।

15/2/2024478
चयनित पटवारियों के लिए खुशखबरी,नियुक्ति संबंधी जारी हुए आदेश
भोपाल

चयनित पटवारियों के लिए खुशखबरी,नियुक्ति संबंधी जारी हुए आदेश

कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा (patwari exam) के घोषित परिणाम के आधार पर नियुक्ति संबंधी कार्यवाही के आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संबंधित विभागों को दिए गए हैं। गौरतलब है कि पटवारी परीक्षा (mp patwari) में धांधरी का आरोप लगा कर चयनित पटवारियों की नियुक्ति पर रोक लगाते हुए चांच बैठा दी गई थी। जिसके बाद चयनित पटवारियों ने लगातार नेताओं के चक्कर काटे साथ ही उन्होने न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया। आखिरकार उनके नियुक्ति संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं अब सामान्य प्रशासन विभाग अब भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रुप देगा।

15/2/2024274
'श्री कृष्ण' ने पत्नी के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत,बेटियों के लिए मांगी सुरक्षा
भोपाल

'श्री कृष्ण' ने पत्नी के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत,बेटियों के लिए मांगी सुरक्षा

महाभारत में भगवान कृष्ण का पात्र निभाने वाले अभिनेता और राजनेता नितीश भारद्वाज (Nitish Bharadwaj) ने अपनी जुड़वा बेटियों की सुरक्षा के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नर हरि नारायणचारी मिश्र (harinarayan chari mishra) से सहायता मांगी है। नितीश भारद्वाज ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को मेल से पत्र भेज कर अपनी पत्नी मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी के विरुद्ध शिकायत की है। पुलिस कमिश्नर ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि नितीश भारद्वाज और उनकी पत्नी के बीच कुटुंब न्यायालय में मामला चल रहा है। पुलिस कमिश्नर ने महिला एडिशनल डीपी को मामले की जांच सौंप दी है शिकायती आवेदन में बताया गया है कि 2009 में मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी स्मिता भारद्वाज के साथ उनका विवाह हुआ था। इसके बाद उनकी दो जुड़वा बेटियां हुई थी। पत्नी के अप्रिय व्यवहार एवं आचरण के कारण उनके समस्त प्रयासों के बावजूद वैवाहिक जीवन टूटने की कगार पर है। जिसकी कानूनी कार्यवाही न्यायालय में चल रही है। पत्नी वर्तमान में भोपाल में पदस्थ हैं और उनके पिता को उनकी बेटियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। नितीश भारद्वाज ने अपने पत्र में भोपाल पुलिस कमिश्नर से बेटियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने एवं कानूनी सहायता मांगी है।

15/2/2024156
बीजेपी ने निकाली बंपर भर्तियां,कांग्रेस से आने वालों को भर्ती में मिलेगी विशेष छूट
भोपाल

बीजेपी ने निकाली बंपर भर्तियां,कांग्रेस से आने वालों को भर्ती में मिलेगी विशेष छूट

मिशन 2024 फतह करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने बंपर भर्तियां निकाल दी हैं (mp bjp)। बीजेपी की निकली भर्ती की विशेश बात यह है कि कांग्रेस से आने वाले नेताओं को विशेश छूट का लाभ मिलेगा (congress mp)। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया है और उस नारे को सत्य साबित करने के लिए बीजेपी ने भर्ती अभियान शुरु कर दिया हैं। गांव-गांव चलो अभियान के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी टोला और मोहल्ला में विशेश पहचान और वर्चश्व रखने वालों को पार्टी में शामिल करने का अभियान चलाया है तो वहीं शहरी क्षेत्रों में बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल किया जा रहा है। दरअसल 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में हुई भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण कांग्रेस हाई कमान को भी दिया गया था जिस कांग्रेस की तरब से अस्वीकार कर दिया गया था। तभी से कांग्रेस पार्टी में भगवान राम पर आस्था रखने वाले नेताओं ने पार्टी से किनारा करना शुरु कर दिया। कांग्रेस के कुछ नेताओं का तो यहां तक कहना है कि उनका कांग्रेस पार्टी में दम घुट रहा था क्योंकि वो कांग्रेस में रह कर भगवान राम का खुल कर नाम भी नहीं ले पा रहे थे। यही कारण है कि अब वो भाजपा में शामिल हो रहे हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की तरफ से आने वाले नेताओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती चली जा रही है। पता चला है कि जबलपुर से भी कांग्रेस के एक दिग्गज नेता भाजपा में शामिल होने वाले हैं और उनको भाजपा जबलपुर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार भी बना सकती है। भाजपा का भर्ती अभियान सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। भाजपा की तरफ से कांग्रेस के ऐसे नेताओं की सूची तैयार की जा रही है जो ब्यक्तिगत तौर पर अपने क्षेत्रों में दमखम रखते हों और उनसे भाजपा को नुकसान हो। ऐसे कांग्रेस नेताओं को भाजपा में शामिल कराने के लिए अलग से रणनीति तैयार की जा रही है। हालाकि भाजपा ज्वाइनिंग कमेटी का संयोजक पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को बनाया गया है जो तोड़ फोड़ के मामले में काफी माहिर माने जाते हैं। भाजपा ने जब भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा को किसी अभियान का जिम्मा सौंपा है तो वो पार्टी को निराश नहीं करते हैं। साल 2020 में जब आपरेशन लोटस हुआ और कांग्रेस की सरकार धराशाही हो गई थी तब भी उस पूरे अभियान के प्रमुख कर्ता धरता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ही थे। यानि यह स्पष्ट हो गया है कि लोकसभा चुनाव के पहले ही भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस की ऐसी घेराबंदी कर देना चाहती है जिससे उन्हे मजबूत उम्मीदवार न मिल पाएं।

13/2/2024146
शासकीय कर्मचारियों के लिए अंतरिम बजट में मोहन की सौगात,4% डीए और मंहगाई राहत देने का लिया संकल्प
भोपाल

शासकीय कर्मचारियों के लिए अंतरिम बजट में मोहन की सौगात,4% डीए और मंहगाई राहत देने का लिया संकल्प

लगभग दो महीने पुरानी डा. मोहन यादव की सरकार ने 1,45, 229 करोड़ रुपये का पहला अंतरिम बजट (interim budget) यानी लेखानुदान विधानसभा में प्रस्तुत किया। भाजपा के मिशन 370 को केंद्र में रखकर तैयार किए गए इस अंतरिम बजट में ' मोदी की गारंटी और विकसित मध्य प्रदेश' की झलक दिखाई दे रही है, जिसमें समाज के सभी वर्गो के विकास और कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूल मंत्र को अमलीजामा पहनाने का प्रयास अंतरिम बजट में किया गया है। मोदी की चार जाति गरीब, महिला, किसान और युवा वर्ग के कल्याण के लिए भरसक प्रयत्न किए गए हैं। कर्मचारियों और पेंशनर के लिए चार प्रतिशत डीए और महंगाई राहत का प्रविधान किया गया है। एक अप्रैल से 31 जुलाई तक के लिए महिलाओं की लाड़ली बहना (ladli behna) और अन्य योजनाओं के लिए 9438 करोड़ का प्रविधान किया गया है। किसानों को ब्याजरहित ऋण देने और स्थाई विद्युत पंप पर अनुदान देने के लिए कृषक मित्र योजना को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने के लिए 9593 करोड़ रुपये किसान कल्याण विभाग को दिए गए हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्वादन पर प्रतिलीटर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सड़क, औद्योगिक कारिडोर निर्माण और एक्सप्रेस वे को गति देने के लिए पीडब्ल्यूडी को 4098 करोड़ रुपये दिए गए हैं ताकि ठेकेदारों के लंबित भुगतान पूरा कर नई परियोजनाओं के काम को तेज किया जा सके। स्वस्थ मध्य प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने के लिए एयर एंबूलेंस सेवा आरंभ की जाएगी। युवा वर्ग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पीएम एक्सीलेंस कालेज का निर्माण सभी जिलों में किया जाएगा। केरल की तरह पर्यटन क्षेत्र से रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए पांच पर्यटन केंद्रो तक हेलीकाप्टर चलाने की तैयारी मोहन सरकार ने अंतरिम बजट में की है। आदिवासी विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए 23 जिलों में प्रधानमंत्री जनमन योजना को जमीन पर उतारने के लिए अनुसूचित जनजाति कल्याण के बजट में 7500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। गरीब परिवार की महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान मिलने वाली प्रसूति सहायता योजना के लिए 2024-25 के अंतरिम बजट (लेखानुदान) में 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।श्रमिकों के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अंतरिम बजट में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी सरकार ने समान प्राथमिकता दी है। शहरी विकास के लिए 6143 और गांव के विकास के लिए 6314 करोड़ रुपये चार महीने में खर्च किए जाएंगे।

12/2/20249399
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को कौन सी 'जड़ी बूटी' दी,क्या है 'जड़ी बूटी' का रहस्य
भोपाल

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को कौन सी 'जड़ी बूटी' दी,क्या है 'जड़ी बूटी' का रहस्य

रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झाबुआ (pm modi in jhabua) प्रवास पर थे। ये माना जा रहा है कि पीएम मोदी के इस प्रवास से भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है (madhya pradesh elections)। झाबुआ जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है और पीएम मोदी ने जनजातीय वर्ग को देखते हुए हजारों करोड़ रुपये की सौगात भी दी है मतलब साफ है कि भारतीय जनता पार्टी इस लोकसभा चुनाव में 400 पार का लक्ष्य लेकर चल रही है उसको देखते हुए पीएम मोदी से लेकर पार्टी के हर स्तर का कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जुट गया है। इस बीच झाबुआ में पीएम मोदी की प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) से कुछ देर मुलाकात हुई जिसमे उन्होने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को एअ जड़ी बूटी दी है। अब सवाल ये उठता है कि पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष को कौन सी जड़ी बूटी दी है और वो किस बीमारी के काम आती है। तो हम आपको बताते हैं कि ये चुनावी जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल करने से प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें भालतीय जनता पार्टी जीतेगी। पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात के दौरान कहा कि हर बूथ में 370 पार का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। मतलब साफ है कि विपक्षी पार्टी को चारों खाने चित्त करना है तो उससे 370 वोट अधिक लाना जरुरी है। इस नारे के साथ एक और मतलब निकल रहा है। जम्मू कास्मीर में मोदी सरकार ने ही धारा 370 को खत्म किया है। मतलब मोदी ने 370 की जो जड़ी बूटी दी है वो ऐसे कारगर होनी चाहिए कि किसी भी असाध्य रोग को वो जड़ से खत्म कर सके।

12/2/2024150
'की' वोटर्स के हाथ से खुलेगा मोदी सरकार का ताला,विधानसभा सत्र के बाद मोहन सरकार गांव-गांव में करेगी रात्रि विश्राम
भोपाल

'की' वोटर्स के हाथ से खुलेगा मोदी सरकार का ताला,विधानसभा सत्र के बाद मोहन सरकार गांव-गांव में करेगी रात्रि विश्राम

जहां एक ओर कांग्रेस पार्टी अभी लोकसभा चुनाव को लेकर बैठकें कर रही है वहीं भारतीय जनता पार्टी धरातल में उतर चुकी है। भाजपा के नेताओं में गांव में डेरा डाल दिया है और मिशन 2024 को फतह करने के लिए जी जीन लगा रहे हैं। (gaon chalo abhiyan) भारतीय जनता पार्टी ने अब पन्ना और अर्ध पन्ना प्रभारियों से भी नीचे उतरते हुए की वोटरों को अपने टारगेट पर लिया है। की वोटर भाजपा की तरफ से उन्हे कहा जाता है जो गांव मोहल्ले में चर्चित लोग हों। वो किसी भी जाति वर्ग अथवा धर्म के लोग हो सकते हैं। ऐसे की वोटरों को भाजपा के पदाधिकारियों के द्वारा पहले सम्मानित किया जाता है और फिर उन्हे भाजपा में शामिल होने का न्योता दिया जाता है। भाजपा नेताओं का मानना है कि गांव के टोला मोहल्ले में ऐसा कोई ब्यक्ति होता है जिसका प्रभाव जनता के बीच होता है यानि उसी के हाथ में उस गली मोहल्ले के वोटरों की चाभी होती है। मतलब साफ है कि भारतीय जनता पार्टी शहर और गांव का ऐसा कोई कोना नहीं छोड़ना चाहती जहां पर भाजपा के वोटर न हों। अभी तक इस अभियान में भारतीय जनता पार्टी का संगठन अकेले चल रहा है लेकिन विधानसभा का सत्र समाप्त होते ही मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और विधायक भी गांव में रात्रि विश्राम करेंगे। इस अभियान के तहत एक नेता किसी एक गांव में जाएगा और पूरे 24 घंटे तक उसी गांव में चाय पर चर्चा,खाने पर चर्चा अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित कर उस गांव की जनता को मोदी सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं को बताएगा और उन्हे प्रेरित कर भाजपा के पक्ष में वोट करने के लिए कहेगा। प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ड़ॉ. नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि भाजपा जनता के घर पर पहुंचती है। उनका सुख और दुख सुनती है उसी से जनता का झुकाव भाजपा की तरफ होता है। और कांग्रेस पार्टी सिर्फ बातें और ट्विटर पर ही सीमित है अज भी कांग्रेस में सामंतवाद के अलावा कुछ और नहीं है। कांग्रेस के नेताओं को लगता है कि जनता घर बैठे उन्हे जिताएगी इसी लिए आज उनकी यह दशा हो रही है। लेकिन भाजपा अपने काम पर विश्वास रखती है यही कारण है कि जब वोटर ईवीएम तक पहुंचता है तो उनकी उंगली कमल के बटन पर ही जाती है और कांग्रेस कहती है कि ईवीएम की हैकिंग हो रही है जबकि उसके पीछे भाजपा के नेताओं की मेहनत और मोदी की योजनाएं हैं और कुछ नहीं है। (lok sabha elections)

12/2/2024179
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