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भोपाल RTO कार्यालय को किससे खतरा है निजी एजेंसियों से सुरक्षा कर्मी हायर कर सुरक्षा व्यवस्था की गई है दुरुस्त आखिर कौन देता है वेतन

कांग्रेस पर चौतरफा वॉर करेगी भाजपा,UP के 12 मंत्रियों सहित हजारों प्रवासी कार्यकर्ताओं नें संभाली जिम्मेदारी
विधानसभा चुनाव (MP Elections) में भाजपा को जिताने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संगठन ने प्रवासी कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है। वह प्रदेश के सभी जिलों में जाकर चुनावी तैयारियों को परखेंगे। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर संगठन को देंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों के कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे हैं। यहां बुधवार को पलाश होटल में आयोजित कार्यशाला में पार्टी की वर्तमान स्थिति, प्रमुख मुद्दे, दूसरी पार्टियों की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर प्रवासी कार्यकर्ताओं को जानकारी और जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान प्रदेश के चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav), पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (Shiv Prakash) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (VD Sharma) मौजूद थे। प्रवासी कार्यकर्ताओं में उत्तर प्रदेश के 12 मंत्री, एक दर्जन से अधिक सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक व मंत्री समेत 50 कार्यकर्ता शामिल हैं। इन्हें अलग-अलग जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है, जिससे पार्टी को जिताने में उनका अनुभव काम आएगा। ये संबंधित जिले की सभी विधानसभाओं की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल सहित विभिन्न पहलुओं पर मैदानी स्थिति का परीक्षण कर अपना फीडबैक देंगे। जिला स्तर पर चुनाव की रणनीति में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव के लिए भी सुझाव देंगे। उत्तर प्रदेश के मंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) को भोपाल, बेबी रानी मौर्य (Baby Rank Maurya) को ग्वालियर, दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) को बालाघाट, दिनेश प्रताप सिंह (Dinesh Pratap Singh)को रायसेन, स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) को सतना, दयाशंकर मिश्र दयालु (Dayashankar Mishra Dayalu) को दतिया, कपिल देव अग्रवाल (Kapil Dev Aggarwal) को दमोह और अनिल राजभर (Anil Rajbhar) को सिवनी जिले की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यशाला में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि प्रवासी कार्यकर्ता देशभर से आए हैं। ये सभी संगठन के काम में पारंगत हैं। चुनाव की रणनीति बनाने में इनका व्यापक अनुभव है। इसका लाभ चुनाव में पार्टी को मिलेगा। ये प्रत्येक जिले और संभाग में जाएंगे। प्रदेश के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनाव में अपनी भूमिका निभाएंगे। आने वाले चुनाव में इन सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से हम ऐतिहासिक बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। हर बूथ पर चुनाव जीतने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दिया है। इसे पूरा करना है।

विंध्य में सामंजस्य बैठाने में चूकी भाजपा,गणेश सिंह और रीति पाठक दोनों सबसे कमजोर उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी सूची (BJP Second List) में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को टिकट देकर सभी को चौका तो दिया है लेकिन भाजपा का विंध्य में गणेश सिंह (Ganesh Singh) और रीति पाठक (Riti Pathak) पर लगाया दांव खाली जा सकता है। दरअसल भाजपा नेताओं के मुताबिक गणेश सिंह विंध्य से बड़े कुर्मी नेता हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि वो सिर्फ कुर्मी नेता ही हैं उसके अलावा वो और कुछ नहीं हैं। लोकसभा चुनाव में सतना की जनता पीएम मोदी का चेहरा देख कर गणेश सिंह को वोट देती है जिसके कारण गणेश सिंह चुनाव जीत जाते हैं और उनकी उस जीत को भाजपा ने गणेश सिंह की जीत मान लिया है। लेकिन गणेश सिंह पर कट्टर कुर्मी नेता होने का ठप्पा लगा है वो अपने घर में ब्राम्हणों का आना तक पसंद नहीं करते हैं जिसके कारण ब्राम्हण वर्ग के लोग गणेश सिंह से दूर ही रहती है। ऊपर से भाजपा ने गणेश सिंह को जिस सीट से टिकट दिया है वो ब्राम्हण बाहुल सीट है। गणेश सिंह को टिकट मिलते ही सतना में एक ही बात चल रही है अबकी बार गणेश विसर्जन पर वार। दूसरी तरफ सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक को चुनाव मैदान में उतारा गया है जिस सीट से रीति पाठक को मौका मिला है वो सीट भाजपा के कद्दावर नेता केदारनाथ शुक्ला की है जिसमें वो कई बार चुनाव जीत चुके हैं लेकिन पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) के छीटे इतना ज्यादा फैले कि केदारनाथ को टिकट से हाथ धोना पड़ा। अब टिकट नही मिलने के बाद केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) बगावती मूड में आ गए हैं और अगर वो बागी होते हैं तो रीति पाठक का चुनाव जीतना संभव नहीं हो पाएगा। इसके अलावा भाजपा रीवा से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को बड़ा और ब्राम्हण नेता मानती है लेकिन उन्हे रीवा जिले की जनता अपना नेता नहीं मानती। राजेन्द्र शुक्ला की खुद की सीट खतरे में है और भाजपा उनके भरोसे रीवा की सभी आठ सीटों को टारगेट कर रही है। कुल मिला कर भाजपा के पास विंध्य में नेता नहीं है और वहां की जनता इस बार भाजपा से काफी नाराज है जिसको खत्म करने के लिए भाजपा के पास कोई खास प्लान भी नहीं है।

चुनाव से पहले लाड़ली बहना होंगी और सशक्त,मिलेंगे 1500 रुपये
आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लगने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) आखिरी दांव खेलने की तैयारी में हैं। पता चला है कि सीएम शिवराज आदर्श आचार संहिता लगने से पहले 1500 रुपये देने की घोषणा कर सकते हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले लाडली बहनों (Ladli Behna Yojana) को एक हजार रुपये देने की घोषणा की थी उसके बाद उन्होने इस योजना को तीन हजार रुपये तक करने का वादा किया था। उसी के तहत अक्टूबर में अब लाड़ली बहनों को बढ़ी हुई राशि 1250 रुपये मिलेगी। लेकिन अब पता चल रहा है कि सीएम शिवराज इस योजना में वृध्दि कर 1500 रुपये करने की प्लानिंग कर रहे हैं। इस राशि में ढाई सौ रुपए की वृद्धि की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में कर सकते हैं। महिला एवं बाल विकास (women and child development) विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में एक करोड़ 31 लाख लाडली बहनों को अभी तक एक हजार रुपये प्रतिमा मिल रहे थे। अक्टूबर से यह राशि ढाई सौ रुपए बढ़ाकर दी जाएगी यानी 1250 रुपए प्रतिमा मिलेंगे। इसमें ढाई सौ रुपए की वृद्धि की घोषणा अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में की जा सकती है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने भी सरकार में आने पर महिलाओं को डेढ़ हजार रुपए प्रतिमा देने के लिए नारी सम्मान योजना (Nari Samman Yojana) लागू करने की गारंटी दी है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने धीरे-धीरे प्रतिमा दी जाने वाली राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये तक ले जाने की घोषणा की है। 4 अक्टूबर को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कभी भी विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। इसके साथ ही आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी और फिर तब कोई घोषणा नहीं हो सकती है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री 1,250 रुपये लाड़ली बहनों के खाते में अंतरित करने के साथ ही राशि में वृद्धि की घोषणा कर सकते हैं।

भाजपा की रणनीति को 'डी-कोड' करने में जुटी कांग्रेस,वरिष्ठ नेताओं के सामने चुनाव लड़ने में घबरा रहे कांग्रेस नेता
भारतीय जनता पार्टी की दूसरी सूची (BJP Second List) ने ना सिर्फ राजनीतिक पंडितों के गणित को फेल कर दिया है बल्कि कांग्रेस के बड़े रणनीतिकारों को भी टेंशन में लाकर खड़ा कर दिया है। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसदों कों चुनाव मैदान में उतारा गया है। जिसमें चार नेता सीएम उम्मीदवार के रुप में भी देखे जाते हैं। सबसे पहले नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की बात करें तो वो ग्वालियर-चंबल से पार्टी के बड़े चेहरे हैं और चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक भी हैं। महाकौशल से दो बड़े नेता प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह (Rakesh Singh) हैं दोनों नेता पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। मालवा की बात की जाए तो यहां से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को पार्टी ने चुनाव मैदान में उतार कर सभी को चौंका दिया है। विंध्य से बात करें तो सतना से गणेश सिंह (Ganesh Singh) को चुनावी मैदान में उतारा गया है जिन पर कट्टर जातिवादी होने का ठप्पा भी लगा है और भाजपा का यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है। सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक (Riti Pathak) को वरिष्ठ नेता केदारनाथ शुक्ला की जगह मौका दिया गया है। केदारनाथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं लेकिन इस बार पार्टी ने उनकी छुट्टी कर दी है माना यह भी जा रहा है कि केदारनाथ ने अगर बगावती तेवर अपना लिया तो रीति पाठक को चुनाव निकालना मुश्किल हो जाएगा। अब बात करते हैं भाजपा के रणनीति की। साल 2018 में भाजपा को ग्वालियर-चंबल से हार मिली थी इसी लिए 15 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई। अब केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को दिमनी से चुनाव मैदान में उतार कर वहां की अलग-अलग सीटों को कवर करने की योजना है। माना जा रहा है कि सभी जगह नरेन्द्र सिंह तोमर को सीएम उम्मीदवार के रुप में प्रजेंट किया जाएगा तो आसपास की सभी सीटों का लाभ भाजपा को मिलेगा। इसी प्रकार महाकौशल से राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल को भी सीएम कैंडीडेट के रुप में प्रजेंट किया जाएगा तो आसपास की सभी सीटों में भाजपा को फायदा होगा। ठीक इसी प्रकार मालवा से कैलाश विजयवर्गीय को चुनाव मैदान में उतार कर महाकौशल को साधने की रणनीति तैयार की गई है। केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste) को भी चुनाव मैदान में उतार दिया गया है और वो भाजपा की तरफ से बड़ा आदिवासी चेहरा माने जाते हैं। भाजपा की इस रणनीति को अब कांग्रेस 'डी-कोड' करने में जुट गई है। दरअसल ये वो सीटें हैं जहां पर भाजपा को हार मिली थी और इन सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं। इन हारी हुई सीटों को भाजपा ने आकांक्षी सीटों का नाम दिया था इसी लिए भाजपा ने इन हारी हुई सीटों पर पहले उम्मीदवारों का ऐलान किया है। अभी तक भाजपा 79 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के कद्दावर नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेस खेमें में हलचल मच गई है। केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ लड़ने की कांग्रेस नेता हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। फिलहाल कांग्रेस की दिल्ली में लगातार बैठक जारी है और माना जा रहा है कि भाजपा की गुत्थी को सुलझाने के लिए कांग्रेस के रणनीतिकार लगातार लगे हुए हैं।

भाजपा की दूसरी लिष्ट जारी होने पर कांग्रेस ने खोया आपा,ट्विटर में बीजेपी नेताओं को लिखा रावण और कुंभकरण
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second List)। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को मौका दिया गया है। लेकिन भाजपा की सूची जारी होने पर कांग्रेस ने खुद से आपा खो दिया है। दरअसल भाजपा की दूसरी सूची में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste),प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और राकेश सिंह (Rakesh Singh)जैसे नेताओं को विधानसभा चुनाव में उतार दिया है (MP Elections)। इन नामों के आते ही कांग्रेस पार्टी ने आपा खो दिया है। एमपी कांग्रेस (MP Congress) ने अपने ऑफिसियल ट्विटर के पोस्ट में लिखा है कि 'हार को सामने देख कर रावण,कुंभकरण,अहिरावण और मेघनाथ को चुनाव मैदान में उतार दिया है' कांग्रेस के ट्वीट से स्पष्ट होता है कि बड़े नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेसी खेमे में बौखलाहट की स्थिति निर्मित हो गई। भाजपा ने जिन उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार दिया है उनसे पार पाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। यही कारण है कि अब कांग्रेस पार्टी की ओर से भाजपा नेताओं की रावण और कुंभकरण से तुलना की जा रही है। कांग्रेस पार्टी को जिस प्रकार से उम्मीद थी उसके ठीक उलट भाजपा की सूची जारी हुई है। जिन नेताओं को भाजपा ने दूसरी सूची में उम्मीदवार बनाया है उन पर खुद की सीट जीतने का दबाव तो है ही बांकी आसपास की अन्य सीटें जितवाने का दबाव भी उन नेताओं पर है। कांग्रेस के कुछ नेता इन सभी नेताओं पर कटाक्ष कर रहे हैं कुछ का कहना है कि इन सभी नेताओं का अंतिम चुनाव है तो वहीं कुछ नेता कह रहे हैं कि अबकी बार लंका दहन होगा।

भाजपा की दूसरी सूची जारी होने पर कांग्रेस में हड़कंप,दिल्ली में हो रही बैठकें
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second list)। दूसरी सूची में जिस प्रकार से भाजपा ने अपने सबसे कद्दावर नेताओं को मौका दिया है उसे कांग्रेसी खेमे में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। सूची को देखकर कांग्रेस के अलग-अलग नेता अलग-अलग तरह से बयान भी दे रहे हैं। जिन नेताओं को भाजपा ने विधानसभा में मौका दिया है वह सभी केंद्र में बड़े पदों पर हैं और पीएम मोदी (PM Modi) के करीबी भी माने जाते हैं। तीन मंत्रियों सहित कुल 7 सांसदों को दूसरी सूची में भाजपा ने विधानसभा उम्मीदवार घोषित किया है। यह सूची घोषित होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने अपने सबसे मजबूत और विश्वसनीय सिपेसालारों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। भाजपा की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस में भी दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू हो गया है (congress meeting) । सोमवार से दिल्ली में कांग्रेस की शुरू हुई बैठक अगले एक-दो दिनों तक चलनी है। बताया जा रहा है कि जहां दावेदारों की संख्या अधिक है वहां पैनल बनाकर कांग्रेस पार्टी केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेगी। सर्वे और संगठन की ओर से दिए गए नाम के आधार पर सूची तैयार कर जातिगत और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी का नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा। प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath), प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार -विमर्श किया है। Mukhbirmp को मिली जानकारी के अनुसार कुछ सीटों पर सर्वे और संगठन की रिपोर्ट में अलग-अलग नाम सामने आए हैं। ऐसी सीटों के लिए पैनल तैयार किया जा रहा है। इस पर स्क्रीनिंग कमेटी में विचार होगा (congress screening committee)। पार्टी का प्रयास है कि प्रत्याशी सहमत के आधार पर चुने जाएं ताकि विरोध जैसी स्थिति ही निर्मित ना हो।

'शिव' के सामने 'उमा' की चुनौती,अब महिला ओबीसी आरक्षण पर होगा आर-पार
मप्र भाजपा में उपेक्षाओं का शिकार हो रहीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने अपनी ही सरकार के खिलाफ एक बार फिर बगावती तेवर अपनाते हुए संघर्ष का ऐलान कर दिया है। उमा भारती ने ओबीसी नेताओं के साथ एक बैठक आयोजित की जिसमें उन्होने महिला आरक्षण (अन्य पिछड़ा वर्ग) के मुद्दे को लेकर बैठक में महिला आरक्षण बिल में ओबीसी महिलाओं को विशेष स्थान दिलाने के लिए विचार मंथन किया (women reservation bill) । उमा भारती ने महिलाओं के समक्ष संकल्प दिलाया कि आप मेरी शक्ति बनाए रखिए, मैं 33% महिला आरक्षण पर ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार के ऊपर दबाव बनाऊंगी। उमा भारती पहले ही कह चुकी हैं कि वह महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के विशेष स्थान की पक्षधर हैं। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र भी लिख चुकी हूं। उमा भारती ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब कभी भी मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में वह अपने लिए कोई जमीन नहीं तलाश रही हैं। उनका संकल्प अब केवल पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को न्याय दिलाना है। उमा भारती ने यह भी कहा कि मैं गरीब, गाय और समाज के लिए हमेशा लड़की रहूंगी और लड़की रही हूं। गौरतलब है कि इससे पहले उमा भारती ने शराबबंदी के नाम पर प्रदेश सरकार (MP Government) के खिलाफ मोर्चा खोला था जिसके बाद सरकार बैकफुट पर आई और आहाते बंद कर दिए गए। लेकिन अब उमा भारती ने ओबीसी महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरने का नया मुद्दा ढूंढ निकाला है और इस वक्त भाजपा और कांग्रेस किसी भी सूरत में ओबीसी वर्ग को अपने पक्ष में करने के लिए जी जान से जुटा हुआ है।

अविवाहित महिलाएं भी होंगी 'लाड़ली बहना' मिलेंगे 1250 रुपये महीना
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने जबलपुर में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Aashirwad Yatra) के दौरान एक बड़ी घोषणा करते हुए ‘लाडली बहना योजना’ (Ladli Behna Yojana) के तहत, 21 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को प्रति माह 1,250 रुपये की सहायता प्रदान करने की बात कही है। यह घोषणा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान एक रैली में की। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य की अविवाहित महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस सहायता राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर आखिरकार प्रति माह 3,000 रुपये कर दिया जाएगा। यह योजना राज्य की लगभग 1.32 करोड़ अविवाहित महिलाओं तक पहुंचेगी। इसके अलावा,सीएम चौहान ने बताया कि यह योजना विधानसभा चुनावों के आगमन से पहले आने वाले समय में महिलाओं के वेलफेयर के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वे आशा व्यक्त करते हैं कि यह योजना समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकेगी। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव साल के अंत में होने की संभावना है (MP Elections), और इस योजना की घोषणा भाजपा के वोट बैंक को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकती है। यह भी देखना दिलचस्प होगा कि इस योजना का विधानसभा चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ता है। महिलाओं के अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पथ विक्रेताओं को भी बड़ी सौगात देने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले कोरोनाकाल के बाद मुख्यमंत्री ने पथ विक्रेताओं के लिए बगैर ब्याज दस हजार ऋण की योजना लांच की थी जिसका पथ विक्रेताओं ने जमकर समर्थन किया था। माना जा रहा है कि पथ विक्रेताओं के सम्मेलन में सीएम शिवराज कोई बड़ी घोषणा करेंगे।

'इस बार भाजपा की अप्रत्याशित जीत होगी' सीएम शिवराज का बयान
जहां एक ओर प्रदेश में भाजपा की सरकार को लेकर कानाफूसी चल रही है वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने बड़ा बयान देकर विरोधियों को करारा जवाब देने का प्रयास किया है। सीएम शिवराज ने कहा कि इस बार भाजपा की अप्रत्याशित जीत होगी जिसे विपक्षी दल समझ भी नहीं पाएंगे (MP Elections 2023)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल के जंबूरी मैदान का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उसी मैदान में 25 सितंबर को भाजपा का कार्यकर्ता महाकुंभ (BJP karykarta Mahakumbh) का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें पीएम मोदी (PM Narendra Modi) शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विश्वास है कि प्रदेश की महिलाओं के लिए जिस प्रकार से भाजपा की सरकार ने काम किया है उसका फायदा वोट के रुप में जरुर मिलेगा। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से लाड़ली बहना योजना (Ladli Behana Yojana) के तहत महिलाओं को पहले एक हजार और अब 1250 रुपये दिये जा रहे हैं जिसे आगे बढ़ाकर तीन हजार तक करने के लिए कहा गया है। वहीं लाड़ली बहनों के लिए रसोई गैस भी 450 रुपये में सीएम शिवराज ने देने का वादा किया है, इसके अलावा संविदा कर्मियों (samvida teachers) को नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन और सुविधाएं देने की बात सीएम शिवराज ने कही थी जिसे पूरा कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले रोजगार सहायकों का वेतन भी नौ से बढ़ा कर 18000 रुपये किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय भी बढ़ाया गया है। इसलिए मुख्यमंत्री को पूरा विश्वास है कि इस चुनाव में अप्रत्याशित जीत होगी। सीएम ने यह भी कहा कि वो लगातार जनता के बीच में रहते हैं और उनका भाव समझते हैं इसी लिए अप्रत्याशित जीत का दावा वो कर रहे हैं।

गंगा जल देकर 11 गारंटी पूरा करने का वचन देगी कांग्रेस
एमपी में विधानसभा चुनाव (MP Elections) में अब गंगाजल की एंट्री हो चुकी है। कांग्रेस कार्यकर्ता (MP Congress) गंगाजल के साथ कमलनाथ (Kamal Nath) के 11 वचनों का पर्चा लेकर जनमानस के बीच जाएगें। सरकार बनने के बाद 11 वचनों को पूरा करने का यकीन दिलाएगें। इसकी औपचारिक घोषणा भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में गंगाजल से भरी बोतल और 11 वचन के पोस्टर जारी कर की गई हैं। गंगाजल से भरी बोतलें कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर की सभी 9 विधानसभा क्षेत्र लेकर जाएंगे, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के दस हजार घरों में गंगाजल की बोतल और 11 वचन पत्र के पोस्टर देगें। कांग्रेस ने एक लाख घरों में गंगाजल और 11 वचन पोस्टर भेंट करने का लक्ष्य तय किया है। इंदौर ओबीसी प्रकोष्ठ के लोकसभा अध्यक्ष हिमांशु यादव (Himanshu Yadav) हरिद्वार से गंगाजल की बोतल लेकर भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे (PCC)। यहां उन्होंने गंगाजल की बोतल और उन पर लगे 11 वचन के पर्चे जारी किए। इन पर कमलनाथ की तस्वीर भी है। इसी प्रकार कांग्रेस पार्टी के कुछ अन्य नेता भी प्रचार के अलग-अलग तरीके अपनाने की योजना बना रहे हैं। जिस प्रकार से गंगा जल को हिंदू वर्ग में पवित्रता का प्रतीक माना जाता है ठीक उसी का अनुसरण करते हुए कांग्रेस के और नेता जनता को विश्वास दिलाने के लिए और भी नुस्खे तैयार कर रहे हैं जिससे जनता को विश्वास दिलाया जा सके कि कांग्रेस की सरकार आएगी तो सारे वचन पूरे किए जाएंगे।

दलित अत्याचार से सत्ता का रास्ता खोज रही कांग्रेस
कांग्रेस की ओर से प्रदेश भर में जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का आगाज 19 सितंबर से हो चुका है। कांग्रेस का यह आक्रोश सिर्फ यात्रा में नहीं दिख रहा है। आक्रोश को लगातार बनाए रखने का जिम्मा प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने उठा लिया है। कांग्रेस प्रभारी हर दूसरे,तीसरे दिन एक प्रेस वार्ता का आयोजन करते हैं और राज्य सरकार की नाकामी को गिनाते हैं। कांग्रेस ने अब अपने जन आक्रोश के निशाने पर दलित और आदिवासी को शामिल किया है। जिन पर हुए अत्याचार को कांग्रेस पार्टी हथियार के रुप में इस्तेमाल कर रही है। बुधवार को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन कर राज्य सरकार (Shivraj Government) पर जमकर आरोप लगाया। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एक दो घटनाएं हों तो उसको चूक कहा जा सकता है लेकिन दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के अनगित मामले हों तो साफ है कि प्रदेश की सरकार दलित और आदिवासी विरोधी सरकार है। इसी प्रकार कांग्रेस पार्टी ओबीसी की आबादी को भी अपने पक्ष में करने के लिए अलग-अलग उपाय आजमा रही है। ओबीसी वर्ग के सभी नेताओं को कांग्रेस पार्टी ने ऐक्टिव कर दिया है। सभी ओबीसी वर्ग के नेता अपने वर्ग को साधने में जुटे हुए हैं। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी द्वारा एक टीम का गठन कर सभी वर्गों के खिलाफ हुए अत्याचार की लिस्ट तैयार करवाई जा रही है। कांग्रेस का प्रयास है कि जब भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाए जाएं तो पार्टी के पास उसके कुछ ठोस प्रमाण जरुर होना चाहिए यही कारण है कि कांग्रेस ने टीम का गठन किया है जिससे वो किसी भी आरोप का बारीकी से अध्ययन करें और फिर उसके बाद खुलासा किया जा सके।