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महाकाल को 'मोहने' निकले डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) भोपाल में शपथ लेते ही महाकाल की नगरी के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने भगवान महाकाल (mahakaleshwar) का पूरे विधि विधान के साथ पूजन किया और प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन के ही रहने वाले हैं और वो अक्शर भगवान महाकाल का दर्शन करने के लिए जाते हैं। मुख्यमंत्री के पिता भी महाकाल के भक्त हैं। मोहन यादव के सीएम बनने के बाद उनके पिता का बयान भी आया था कि वो भगवान महाकाल के सेवक हैं और उसी सेवा के फल स्वरुप उनके बेटे को प्रदेश का सीएम बनने का मौका मिला है।

अल्प वर्शा से परेशान सरकार,'शिव' ने की महाकाल की 'साधना'
प्रदेश में इस वर्ष बारिश कम होने के चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं (monsoon season)। ऐसे मौके पर किसान पुत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंभ चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने भी बारिश कम होने पर चिंता व्यक्त की है। दो सितंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की जनता से भी अपील करते हुए कहा था कि सभी लोग प्रार्थना करें कि बारिश हो। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि 50 साल बाद देखने में आया है कि अगस्त के महीने में सबसे कम बारिश हुई है। लोकतंत्र में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ही राजा का दर्जा दिया जाता है। लिहाजा भगवान को मनाने की प्रक्रिया सबसे पहले प्रदेश के राजा सीएम शिवराज ने शुरु कर दी। और सोमवार सुबह मुख्यमंत्री उज्जैन पहुंचे जहां उन्होने महाकाल (mahakaleshwar) के सामने प्रदेश की जनता की फरियाद सुनाते हुए अच्छी बारिश की कामना की। मुख्यमंत्री ने महाकाल में पूरे बिधि विधान के साथ पूजा आराधना करते हुए ना सिर्फ बारिश की कामना की है बल्कि प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की है। गौरतलब है कि इस साल प्रदेश में बारिश ठीक से नहीं होने के कारण धान की फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। बारिश की कमी के कारण धान की फसल में अलग-अलग तरह के रोग फैल रहे हैं जिससे किसान और ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं। ऐसे में पांव-पांव भैया कहलाने वाले सीएम शिवराज ने भगवान महाकाल के दर पर पूजा अर्चना कर यह बता दिया है कि वो किसानों की चिंता से परिचित हैं और उनसे जो भी यथा संभव प्रयास हो सकते हैं वो सबकुछ करने के लिए तैयार हैं।

महाकाल लोक घोटाले के आरोपी मंत्री भूपेन्द्र सिंह बनाए गए जन आशीर्वाद यात्रा के संयोजक
भारतीय जनता पार्टी तीन सितंबर से प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) निकालने जा रही है। इस यात्रा को सफलता पूर्वक संचालित करने के लिए आठ सदस्यीय केन्द्रीय टोली का गठन किया गया है। टोली की खास बात ये है कि उसका संयोजक नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह (Bhupendra Singh) को बनाया गया है। भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ महाकाल लोक (Mahakal Lok) के घोटाले का आयोप है और आय से आधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच चल रही है। महाकाल लोक का घोटाला सामने आने के बाद भूपेन्द्र सिंह को पीएम मोदी के मंत्री इन वेटिंग के लिए भी चुना गया था लेकिन जैसे ही मामले की जानकारी पीएमओ तक पहुंची थी तो भूपेन्द्र सिंह को पीएम मोदी के स्वागत से अलग कर दिया गया था और उनकी जगह पर संगठन के नेताओं ने पीएम मोदी (PM Narendra Modi) का स्वागत किया था। कुछ समय तक संगठन और सरकार की ओर से मंत्री भूपेन्द्र सिंह को साइडलाइन किया गया लेकिन अब संगठन ने भूपेन्द्र सिंह को बड़ी जिम्मेदारी देकर यह बता दिया है कि उनके खिलाफ जो आरोप लगे हैं वो निराधार हैं। गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच चल रही है। कांग्रेस ने उन पर पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर बेहिसाब संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए थे और इसे लेकर 11 मई 2023 को लोकायुक्त को शिकायत की थी। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा (KK Mishra) का कहना है कि जिस मंत्री के खिलाफ आय से अधिक मामले की जांच चल रही है उस मंत्री को भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा का संयोजक बना कर प्रदेश की जनता के सामने संदेश क्या देना चाहती है। मतलब साफ है कि मंत्री भूपेन्द्र सिंह को लेकर एक बार फिर प्रदेश में सियासत रौद्र रुप लेने वाली है।

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने एक साथ पांच हजार श्रद्धालुओं को महाकाल भेजा
प्रदेश में धार्मिक कम चुनावी यात्राएं इस वक्त जम कर हो रही हैं। इसी कड़ी में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने करीब 85 बसों को महाकाल (उज्जैन) के लिए रवाना किया है जिसमें करीब पांच हजार यात्री उज्जैन के लिए रवाना हुए हैं। दर्शनार्थियों को रवाना करने के दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा। कि जो लोग खुद के पैसों से बाबा महाकाल का दर्शन करने के लिए नहीं पहुंच पाचे हैं उनके लिए उन्होने ये निशुल्क ब्यवस्था की है जिससे वो बाबा महाकाल के दर्शन का लाभ प्राप्त करें और अपने घरों में सुख समृद्धि ला सकें। पूर्व मंत्री ने यात्रियों के लिए ना सिर्फ बसों की ब्यवस्था की है बल्कि उन्होने सभी यात्रियों के लिए बस में भोजन की भी ब्यवस्था कराई है जिससे किसी भी यात्री को किसी प्रकार की असुविधा ना होने पाए। इससे पहले दो जत्थे को पीसी शर्मा और यात्रा करवा चुके हैं। वहीं सावन का महीना शुरु होने से पहले पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने श्रीमद भागवत कथा का भी आयोजन किया था जिसमें कथा सुनने वालों के लिए पारिवारिक माहौल तैयार किया गया था। जिससे यह साफ दिखे कि कथा का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं बल्कि धार्मिक है। पीसी शर्मा ने बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा भी है कि वो लोगों के सुख समृद्दि के लिए ये सब कर रहे हैं जब सभी लोग खुश होंगे तो उनका आशीर्वाद और महाकाल की कृपा जरुर मिलेगी।