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'भारत के मुसलमानों को इंडोनेशिया के मुसलमानों से सीखने की जरुरत है' बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिया बयान

भाजपा ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट की जारी,नरेन्द्र सिंह तोमर,राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल ने चौकाया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल से उड़ान भरते ही भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट जारी कर दिया है (BJP Second list)। इस लिष्ट में भाजपा ने ज्यादातर सांसदों पर विधानसभा चुनाव के लिए भरोसा दिखाया है। कुछ सीटों पर भाजपा ने चौकाने वाले नाम घोषित किए हैं तो कुछ में सांसदों को मौका देकर चौकाने का काम भी किया है। सतना सांसद गणेश सिंह (Ganesh Singh) को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट देकर स्थानीय दावेदारों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। इसी प्रकार भितरवार सीट से मोहन सिंह राठौर (Mohan Singh Rathore) को टिकट देकर चौकाया है तो वहीं सीधी से दो बार की सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को सीधी प्रॉपर से टिकट देकर एक बड़ा बदलाव करने का प्रयास किया है। मैहर से श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को मौका दिया गया है।जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह (Rakesh Singh) अपना भाग्य आजमाएंगे। नरसिंहपुर से प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) चुनाव मैदान में रहेंगे। इंदौर-1 से कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) चुनाव मैदान पर रहेंगे। भाजपा की दूसरी लिष्ट ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिस प्रकार दूसरी सूची जारी हुई है इससे भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा अपने सभी तुरुप के इक्कों को इस चुनाव मैदान में आजमाने जा रही है। मुरैना से रघुराज कंसान,दिमनी से नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,लहार से अमरीश शर्मा (गुड्डू) डबरा (अजा) इमरती देवी (Imarti Devi),सेवड़ा से प्रदीप अग्रवाल, करैरा (अजा) से रमेश खटीक, सहित अन्य नामों की हुई घोषणा।

10 हजार KM का सफर, 678 रथ और 211 बड़ी सभाएं, 25 सितंबर को भोपाल में होगा कार्यकर्ता महाकुंभ
विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) के माध्यम से चुनाव प्रचार से पूर्व ही लोगों के बीच पहुंचेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) यात्रा की शुरुआत करेंगे। जबकि इसके समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शामिल होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। वीडी शर्मा ने बताया कि भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से जनकल्याण के कार्यों को प्रत्येक विधानसभा में जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। शर्मा के अनुसार भाजपा इस बार पांच जनआशीर्वाद यात्राएं निकालेगी। पहली जन आशीर्वाद यात्रा 3 सितंबर को विंध्य संभाग के चित्रकूट से शुरू होगी। इसका शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। दूसरी जन आशीर्वाद यात्रा महाकौशल के मंडला से 5 सितंबर को शुरू होगी। इसका भी शुभारंभ अमित शाह ही करेंगे। तीसरी जन आशीर्वाद यात्रा 4 सितंबर से इंदौर संभाग के खंडवा से शुरू होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) इसकी शुरुआत करेंगे। चौथी यात्रा उज्जैन संभाग से 4 सितंबर को ही प्रारंभ होगी, जिसका शुभारंभ भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। पांचवी और अंतिम यात्रा ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर से निकाली जाएगी। यह 6 सितंबर को शुरू होगी। जिसकी शुरुआत भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) करेंगे। जन आशीवार्द यात्रा का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया जाएगा। समापन कार्यक्रम भोपाल में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ में होगा। जिसमें 10 लाख भाजपा कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदेश में निकाली जाने वाली ये पांचों जनआशीर्वाद यात्राएं 10 हजार 643 किमी का सफर तय करेगी। इस दौरान 678 रथ सभाएं और 211 बड़ी सभाओं का आयोजन किया जाएगा।

जन आशीर्वाद यात्रा का मास्टर प्लान तैयार,दो सितंबर से यात्रा की होगी शुरुआत
प्रदेश सरकार की जन आशीर्वाद यात्राएं दो सितंबर से प्रारंभ हो सकती हैं (Jan Ashirwad Yatra)। इस संबंध में ग्वालियर में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि पांच संभागों में एक साथ यात्राएं निकाली जाएंगी,जिसके लिए रथ तैयार किए जा रहे हैं। भाजपा चुनाव से पहले अपने विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर जनता से आशीर्वाद लेने यात्राएं निकालती है (BJP MP)। इसी क्रम में यात्राएं निकाली जानी हैं,लेकिन इस बार पांच अलग-अलग यात्राएं निकाली जाएंगी,जिसमें वरिष्ठ नेता जनता के पास जाकर एक बार फिर से भाजपा को समर्थन देने का आग्रह करेंगे। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की यात्रा ग्वालियर से,महाकौशल क्षेत्र की जबलपुर से,मालवा की उज्जैन और खंडवा से और विंध्य क्षेत्र की यात्रा रीवा से निकाली जाएगी। शुभारंभ में पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। यात्रा का समापन 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi)भोपाल में करेंगे। यहां मोदी की जनसभा होगी। यात्राओं को लेकर सोमवार को चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव,चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की मौजूदगी में नव गठित केन्द्रीय और संभागीय टोली की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में हाल ही में बनाए गए भाजपा प्रत्याशी भी शामिल थे। इन सभी को वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि यात्राओं के माध्यम से जनता से सीधे रु-ब-रु होने का मौका मिलता है जो नेताओं और जनता के लिहाज से बढ़िया होता है।

महंगाई पर लगेगी लगाम,केन्द्र सरकार ने ब्लू-प्रिंट किया तैयार
केन्द्र सरकार (Modi government) आम चुनाव से पहले मंहगाई नियंत्रित करने के लिए एक्शन में आ गई है। जानकारी के मुताविक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आने वाले हफ्ते में पेट्रोल की बिक्री पर टैक्स कम करने,खाद्य तेल और गेहूं पर आयात शुल्क कम करने जैसे बड़े फैसले ले सकते हैं। इतना ही नहीं केन्द्र सरकार के अधिकारी खाद्य और ईंधन की लागत में वृद्धि को रोकने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के बजट से करीब एक लाख करोड़ रुपये को पुनः आवंटित करने की योजना पर काम कर रहे हैं (inflation control)। यह फंड कुल बजट का करीब 2% है। इसका इस्तेमाल गरीबों के लिए सस्ता कर्ज और घर उपलब्ध कराने में किया जा सकता है। इस सप्ताह प्रधानमंत्री ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र के नाम दिए संबोधन में 15 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची मंहगाई से लड़ने का भी ऐलान किया है। इससे नौकरशाही में उत्सुकता बढ़ गई है। हांलाकि सरकार के पास कीमतों पर लगाम कसने के लिए कुछ ही महीने बचे हैं। बताया जा रहा है कि देश के कई हिस्सों में असामान्य बारिश और बाढ़ के कारण कई घरेलू वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई है,जिसमें टमाटर और प्याज जैसी प्रमुख खाद्य सामग्री शामिल है। सरकार ने मंहगाई पर अंकुश लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं। खाद्य जमाखोरों पर कार्रवाई से कीमतें कम होती रहेंगी। 2022 के गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध के बाद,सरकार ने पिछले महीने चावल की कुछ किस्मों में शिपमेंट पर भी रोक लगा दी है। साथ ही कुछ खाद्य पदार्थों के भंडारण पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

पीढ़ी परिवर्तन से 'नमो शिव' को नहीं पड़ेगा फर्क अंत में 'कमल' को ही थामेंगे युवा!
मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी को 'नमो शिव' का ही सहारा है। दरअसल जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी चुनाव में पिछड़ रही थी उसको देखते हुए केन्द्रीय नेतृत्व ने ऐसी योजना तैयार की जिसमें कांग्रेस के सारे आरोप धराशाही हो गए। कांग्रेस ने जो भी प्लान तैयार किया उसको पीएम मोदी और सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) ने ध्वस्त करके रख दिया। लगातार भाजपा में और आम जनता के बीच सीएम चेहरे को लेकर बात उठती रही है लेकिन हकीकत यही है कि केन्द्र में मोदी और एमपी में शिवराज सिंह चौहान के चेहरे का अभी तक भाजपा के पास कोई विकल्प नहीं है। भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व खुल कर नहीं लेकिन दबी जुवान यह स्वीकार करता है कि एमपी का चुनाव जिस लेवल पर पहुंच गया है वहां पर शिवराज सिंह चौहान के अलावा भाजपा की सरकार को कोई दूसरा नहीं चला सकता। हाल ही में भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) ने पत्रकारों से अनौपचारिक बात करते हुए इस बात के संकेत दिए कि विकल्प क्या है। दरअसल भूपेन्द्र यादव से पूछा गया था कि जब शिवराज जी सीएम बने थे उस दौरान जो बच्चे चार या पांच साल के थे आज वही बच्चे बीस 22 साल के हो चुके हैं लिहाजा प्रदेश में पीढ़ी परिवर्तन के चलते चेहरा बदलने की मांग उठ रही है। इस मामले में प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने सहमति जताते हुए बड़ा सधा हुआ जवाब दिया। भूपेन्द्र यादव ने कहा कि पीढ़ी परिवर्तन हुआ है लेकिन आज की पीढ़ी 60 साल और 80 साल के नेता में फर्क करना नहीं जानती क्या? भूपेन्द्र यादव ने राज्य सरकार की कुछ योजनाओं के भी नाम गिनाए जिसमें उन्होने कहा कि प्रदेश में शिवराज सरकार ने जिस प्रकार से युवाओं के लिए अलग-अलग योजनाएं शुरु की है जिसमें 'सीखो-कमाओ' जैसी योजना चल रही है बच्चे सीख भी सकते हैं और उस दौरान कमा भी सकते हैं। साथ में अन्य और योजनाएं हैं जो प्रदेश की शिवराज सरकार ने लांच की है इसके अलावा युवाओं को शासकीय नौकरी के लिए वैकेंसी भी निकाली जा रही है ऐसी स्थिति में कोई युवा क्यों कमलनाथ का साथ देगा। बीजेपी के प्रदेश चुनाव प्रभारी ने एक और बड़ी बात कही जिसके अंतर्गत उन्होने कहा कि कर्नाटक चुनाव में भाजपा की हार पर काफी बात हो रही है लेकिन गुजरात और यूपी में भाजपा जीती उसकी बात कोई नहीं कर रहा है। गुजरात भी एमपी की सीमा से लगा है और यूपी भी एमपी की सीमा से लगा है। इन राज्यों में भाजपा ने प्रचंड जीत दर्ज की उसके लिए कोई बात नहीं कर रहा है। कर्नाटक की भाषा अलग है कल्चर अलग है सभी चीजें एमपी से अलग हैं लिहाजा कर्नाटक की तुलना एमपी से करना ठीक नहीं है। इस बीच बीजेपी प्रदेश चुनाव प्रभारी ने अच्छा करफॉर्मेंस नहीं करने वाले विधायकों के टिकट खुल कर प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन उनकी बातों में यह इशारा था कि नाराजगी स्थानीय विधायकों को लेकर है लिहाजा दूसरे कार्यकर्ताओं को टिकट देकर उस नाराजगी को खत्म कर दिया जाएगा। ऐसी कोई वजह ही नहीं छोड़ी जाएगी जिससे भाजपा को चुनाव जीतने में दिक्कत आए। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी बूथ सम्मेलनों में ब्यस्त है और भाजपा का मानना है कि पार्टी का कार्यकर्ता खुश रहेगा तो पार्टी की जीत को कोई नहीं रोक सकता। भूपेन्द्र यादव साफ कहते हैं कि भाजपा एमपी में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। ऐसा कोई ठोस कारण बता दे जिसमें यह स्पष्ट हो रहा हो कि जनता भाजपा को वोट नहीं देगी। जिस प्रकार से शिवराज जी के नेतृत्व में एमपी ने विकास की गति पकड़ा है जनता उसको कभी अनदेखा नहीं कर सकती है लिहाजा एमपी में 'नमो शिव' का जादू कायम रहेगा और सरकार भाजपा की ही बनेगी।

देशभक्ति की अलख जगा कर भाजपा जनता के दिल में करेगी राज
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ना सिर्फ पार्टी के लिए काम करना चाहती है बल्कि देश के बलिदानियों को याद करने का भी कोई मौका नहीं छोड़ती। यही कारण है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 13 से 15 अगस्त के बीच भाजपा प्रदेश भर में तिरंगा यात्रा निकालने जा रही है। और 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भी भाजपा मना रही है। इस दौरान भाजपा की ओर से मेरी माटी-मेरा देश अभियान के लिए भाजपा की ओर से टोलिया गठित की गई हैं। दरअसल पीएम मोदी ने मन की बात के दौरान मेरी माटी-मेरा देश अभियान मनाने के लिए देश की जनता से आह्वान किया था। इसके अंतर्गत तिरंगा यात्राएं और हर घर तिरंगा अभियान चला कर भारतीय जनता पार्टी देश के युवाओं में देशभक्ति की अलख जगाना चाहती है। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ता महापुरुषों की मूर्तियों और स्मारकों पर माल्यार्पण करेंगे। 14 अगस्त को प्रदेश भर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस पूरे अभियान में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा खुद रुचि ले रहे हैं और इसी लिए उन्होने मेरी मेटी-मेरा देश अभियान के लिए टोलियों का गठन किया है। इस अभियान के माध्यम से भाजपा एक बार फिर प्रदेश (BJP MP) की जनता के बीच पहुंचना चाहती है। भाजपा एक तीर से दो शिकार कर रही है। भाजपा इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के युवाओं के दिलों में देश भक्ति की अलख तो जगाएगी ही साथ ही जनता के बीच पहुंच कर भाजपा और कांग्रेस के बीच का फर्क भी बताएगी। भाजपा के कार्यकर्ता लोगों से संपर्क और संवाद करेंगे और उन्हे बताएंगे कि प्रदेश की शिवराज सरकार और देश की मोदी सरकार ने पिछले कुछ सालों में देश की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया है। भाजपा के नेताओं का मानना है कि राजनीति अपनी जगह होती है लेकिन देश के प्रति भक्ति अपनी जगह होती है और आने वाली पीढियों को देश भक्ति के प्रति जागरुक करना जरुरी है इसी लिए भाजपा की ओर से इस प्रकार से नवाचार किए जा रहे हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का मानना है कि सिर्फ तिरंगा लहरा देना ही देश भक्ति नहीं अथवा आजादी का सम्मान नहीं है बल्कि देश के लिए जिन असंख्य लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दे दिया उनको याद करना और फिर उसे युवा पीढ़ी तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है तभी आज की नई पीढ़ी चन्द्रशेखर आजाद,मेता जी सुभाष चन्द्रबोष सहित अन्य बलिदानियों के बलिदान को समझेगी और आजादी की कीमत को पहचानेगी। क्योंकि इस आजादी के लिए देश के महापुरुषों ने बहुत कुछ किया है लिहाजा उके बलिदान को बताना देश के हर नागरिक का फर्ज है।

पीएम मोदी का वंशवाद पर करारा प्रहार,गांधी प्रतिमा के सामने NDA के सांसदों ने किया प्रदर्शन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वंशवाद पर करारा प्रहार करते हुए कुछ नारे बुलंद किया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने तीन सन्देश दिए हैं जिसमें उन्होने कहा है कि वंशवाद छोड़ो इंडिया, तुष्टिकरण छोड़ो इंडिया, भ्रष्टाचार छोड़ो इंडिया। पीएम मोदी की तरफ से वंशवाद पर संदेश मिलते ही NDA के सांसदों ने संसद भवन स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने वंशवाद के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने हाथ में तख्ती थाम कर अन्य सांसदों के साथ जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। गौरतलब है कि पीएम मोदी राजनीति में लगातार वंशवाद को खत्म करने की वकालत करते रहे हैं। जब भी पीएम मोदी की जनसभाएं होती हैं तो वंशवाद के निशाने पर सबसे आगे गांधी खानदान ही होता है। भोपाल दौरे पर भी पीएम मोदी ने कहा था कि अगर गांधी खानदान को समृद्ध करना है तो कांग्रेस को वोट दीजिए और देश को समृद्ध करना करना है तो भाजपा को वोट दीजिए। पीएम मोदी ने जिस इंडिया की बात कही है वो कांग्रेस सहित अन्य दलों ने महागठबंधन बनाया है जिसको 'इंडिया' नाम दिया गया है। इसी लिए पीएम मोदी ने वंशवाद छोड़ो इंडिया का नारा दिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा पीएम मोदी ने अपनी आवाज बुलंद की है और वो जीरो टालरेंस की हमेशा बात करते रहे हैं। वंशवाद को लेकर जिस प्रकार से पीएम मोदी ने रणनीति अपनाई है उसी का नतीजा है कि भाजपा के कई नेता पुत्रों का राजनीतिक भविष्य दांव पर लग गया है। गोपाल भार्गव बेटे को टिकट दिलाने के लिए अपनी सारी ताकत झोंक चुके हैं लेकिन उन्हे संगठन की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला है। इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अपने बेटे के लिए राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं तो वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान खुद अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं। भाजपा में भी लिष्ट बहुत बड़ी है नेता पुत्रों की जिन नेताओं के बेटे राजनीति में सफल हो गए उन्हे दिक्कत नहीं है लेकिन अब जो मंत्री और विधायक हैं उनके पुत्रों को लेकर राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। और यही कारण है कि कई वरिष्ठ नेता इस वक्त केन्द्रीय नेतृत्व से नाराज भी चल रहे हैं।