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जन आशीर्वाद यात्रा का मास्टर प्लान तैयार,दो सितंबर से यात्रा की होगी शुरुआत
प्रदेश सरकार की जन आशीर्वाद यात्राएं दो सितंबर से प्रारंभ हो सकती हैं (Jan Ashirwad Yatra)। इस संबंध में ग्वालियर में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि पांच संभागों में एक साथ यात्राएं निकाली जाएंगी,जिसके लिए रथ तैयार किए जा रहे हैं। भाजपा चुनाव से पहले अपने विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर जनता से आशीर्वाद लेने यात्राएं निकालती है (BJP MP)। इसी क्रम में यात्राएं निकाली जानी हैं,लेकिन इस बार पांच अलग-अलग यात्राएं निकाली जाएंगी,जिसमें वरिष्ठ नेता जनता के पास जाकर एक बार फिर से भाजपा को समर्थन देने का आग्रह करेंगे। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की यात्रा ग्वालियर से,महाकौशल क्षेत्र की जबलपुर से,मालवा की उज्जैन और खंडवा से और विंध्य क्षेत्र की यात्रा रीवा से निकाली जाएगी। शुभारंभ में पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। यात्रा का समापन 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi)भोपाल में करेंगे। यहां मोदी की जनसभा होगी। यात्राओं को लेकर सोमवार को चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव,चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की मौजूदगी में नव गठित केन्द्रीय और संभागीय टोली की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में हाल ही में बनाए गए भाजपा प्रत्याशी भी शामिल थे। इन सभी को वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि यात्राओं के माध्यम से जनता से सीधे रु-ब-रु होने का मौका मिलता है जो नेताओं और जनता के लिहाज से बढ़िया होता है।

शिक्षक भर्ती अभ्यार्थियों ने नियुक्ति की मांग के लिए किया विरोध प्रदर्शन
सोमवार को जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) शिक्षक पात्रता परीक्षा-2022 के साढे पांच हजार चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे रहे थे,वहीं दूसरी तरफ ओबीसी चयनित वर्ग के करीब 500 से अधिक अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास में सुबह आठ बजे पहुंच अपनी नौकरी के लिए गुहार लगाने की कोशिश की लेकिन सीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। उन्होने द्वितीय काउंसलिंग में चयनित 882 ओबीसी अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग की। हांलाकि उनकी सीएम शिवराज से मुलाकात नहीं हो पाई इस दौरान अधिकारियों ने 25 अगस्त के बाद सीएम से मिलवाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद सभी अभ्यर्थी बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्राथमिक शिक्षक के 7500 पदों पर नियुक्ति के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरु हुई। प्रथम काउंसलिंग जिलेवार आरक्षण के अनुसार ही पूरी की गई। द्वितीय काउंसलिंग में अभ्यर्थियों ने दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम चयन सूची में स्थान प्राप्त किया और प्रक्रिया के तहत विभाग द्वारा जिला आवंटन भी किया गया,लेकिन दस अगस्त को जारी आदेश में अंतिम चयन सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 6380 में से मात्र 5498 अभ्यर्थियों के आदेश ही जारी किए गए (teacher recruitment mp)। ओबीसी वर्ग के 882 अभ्यार्थियों के आदेश बिना किसी स्पष्टीकरण के रोक दिए गए। अभ्यर्थिकों का कहना है कि उन्हे अधिकारी बता रहे हैं कि भर्तियों में आरक्षण संबंधी लंबित याचिकाएं उच्च न्यायालय में क्रियाधीन है। जबकि वर्ग-03 का आरक्षण संबंधी प्रकरण न्यायालय में दर्ज ही नहीं है। चयनित शिक्षक खोमेश ने जानकारी देते कि महे अपने भविष्य की चिंता सता रही है। सीएम साहब से बस इतनी गुजारिश है कि वो 882 अभ्यर्थियों को नियुक्त दे दें।

भाजपा नेत्री रौशनी यादव छोड़ेंगी पार्टी,कांग्रेस का थामेंगी दामन
भाजपा समर्थित जन प्रतिनिधि रोशनी यादव (Roshni Yadav) ने भाजपा को छोड़ कांग्रेस में जाने का मन बना लिया है। उन्होंने लंबे नोट में कहा कि भाजपा की रीति, नीति और नेतृत्व से वो काफ़ी समय से नाखुश हैं। रोशनी का कहना है कि भाजपा सिर्फ महिलाओं को ठगने का काम करती है। जनता में प्रदेश और केंद्र की नेतृत्व दोनों से नाराजगी है, जिस दल से जानता खुश नही है उससे जुड़ा कर भला सेवा का कार्य कैसे हो सकता है। रोशनी यादव ने कहा क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ता दोनो का अपार समर्थन और स्नेह उनके साथ है। हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मैं दिनांक 24 अगस्त को कांग्रेस ज्वाइन करूंगी। रौशनी यादव ने कहा बहुत दुखी मन से मै भाजपा की सदस्यता त्याग रही हूं। मेरे राजनीतिक सफर में कई अनुभव मुझे भाजपा में रहते मिला जिसके लिए मैं आजीवन आभारी रहूंगी लेकिन कुछ महीनों से शीर्ष नेतृत्व का कार्यकर्ताओं के प्रति निराशा, नीति और नेतृत्व में उदासीनता, महिलाओं के प्रति दिखावटी योजना एवं उनके प्रति बढ़ते अत्याचार को देखकर मैं आहत हूं, भाजपा की सदस्य होकर रोजाना जनता से उठ रहे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई के सवालों का उत्तर देने में असमर्थ हूं। कार्यकर्ता केंद्रित दल अब नेता केन्द्रित है। गौर करने वाली बात ये है कि एक तरह से यह रोशनी की घर वापसी है क्योंकि इनका परिवार पुराना कांग्रेसी परिवार के रूप में देखा जाता है, रोशनी कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नरेश यादव की पुत्रवधु है इसलिए इन्हे विरासत में राजनीति प्राप्त है जिसका इन्हें अच्छा अनुभव है। जानता का ना प्रदेश सरकार में विश्वास है ना केंद्र सरकार पर, जिस दल से जनता खुश नहीं है उस दल में रहकर सेवा नही किया जा सकता है। भाजपा सरकार में भाजपा संगठन के ही कार्यकर्ताओं की अनदेखी और उनके साथ सौतेला व्योवहार के चलते प्रदेश में भाजपा की लगातार छवि खराब हो रही है। भाजपा कार्यकर्ता (MP BJP) जब भी संगठन के उच्च अधिकारियों से या सरकार के मंत्रियों और नेताओं से अपनी समस्या साझा करते हैं, तो मंत्री और नेता तथा पदाधिकारी निराकरण तो दूर उनकी बात तक नहीं सुनते। कार्यकर्ताओं की इस स्तर की उपेक्षा से रौशनी यादव आहत हैं। निवाड़ी की जनता लगातार भाजपा शासन में स्वयं को पीड़ित महसूस कर रही है। चूंकि जनता की पीड़ा मेरी अपनी भी पीड़ा है।इसलिए नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौप रही हूं।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का भाजपा के प्रवासी विधायकों पर तंज 'किराए के टट्टुओं से चुनाव नहीं जीते जाते'
भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर प्रवासी विधायकों को भेजा है (BJP MLA)। भाजपा साशित चार राज्यों से आए विधायकों को भोपाल में ट्रेनिंग देने के बाद उन्हे अलग-अलग विधानसभा सीटों में रवाना भी कर दिया गया है। भाजपा के प्रवासी विधायक अलग-अलग विधानसभा सीटों पर जाएंगे और उन विधानसभा सीटों की क्या स्थिति है उसकी रिपोर्ट तैयार कर भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे। लेकिन इस बीच प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह (Govind Singh) ने एक विवादास्पद बयान देकर प्रवासी विधायकों के दौरे पर सवाल खड़ा कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि किराए के टट्टुओं से कभी चुनाव नहीं जीते जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने साफ कहा कि भाजपा का यह प्लान पूरी तरह से फ्लॉप साबित होगा। भारतीय जनता पार्टी की चुनाव में हालत खराब है इसी लिए भाजपा इस प्रकार के हथकंडे आजमा रही है लेकिन इसके नतीजे सार्थक साबित नहीं होंगे। नेता प्रतिपक्ष ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर भी जमकर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज देश में जो भी विकास दिख रहा है वो कांग्रेस की देन है। साथ ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) दस साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। दस सालों में अमित शाह दिग्विजय सिंह पर एक भी घोटाला साबित करके दिखा दें। अमित शाह सिर्फ जनता को बर्गलाने का प्रयास कर रहे हैं उससे ज्यादा कुछ नहीं लेकिन प्रदेश की जनता इस बार भाजपा की बातों में आने वाली नहीं है (MP BJP)।

कांग्रेस की सरकार में गरीबों का राशन कांग्रेसी चट्टे-बट्टे ही चट कर जाते थे,हिम्मत है तो 50 साल का रिपोर्ट कार्ड दे कांग्रेस
शिवराज सरकार का रिपोर्ट कार्ड (Shivraj Government Report Card) पेश करने आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को भोपाल (Amit Shah in Madhya Pradesh) में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। शाह ने कहा कि 53 साल में 6-7 साल छोड़कर पूरे समय मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही। कांग्रेस के 53 साल के शासन में मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, लेकिन अब डबल इंजन की सरकार में मध्य प्रदेश में तेजी से विकास हुआ। शिवराज सिंह के नेतृत्व में कई परिवर्तन हुए। गृह मंत्री ने कहा कि बीजेपी ने राजनीति में जवाबदेही की परंपरा शुरू की। अमित शाह ने कहा कि 2024 को लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी सीटें बीजेपी जीतेगी (MP Elections)। शाह ने कहा कि 2014 में लोकसभा की 29 में से 27 सीटें, 2019 में 29 में 28 सीटें भाजपा को मिली। अब मैं विश्वास के साथ कह रहा हूं कि एक सीट की कमी है, 2024 में यह कमी भी मध्य प्रदेश की जनता पूरी कर देगी, मुझे पूरा विश्वास है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मैं कांग्रेस नेताओं से कहना चाहता हूं कि इधर-उधर की बातें करके जनता को भ्रमित ना करते हुए मध्य प्रदेश के विकास के इस रिपोर्ट कार्ड का जवाब दें। कांग्रेस सरकार के 53 सालों का हिसाब दे मिस्टर बंटाधार और कमलनाथ की जोड़ी। शाह ने कहा कि कभी बंटाधार माना जाने वाला मध्य प्रदेश आज विकास की बुलंदियां छू रहा है। 20 साल में बिजली, पानी, सड़क और शिक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाते हुए भाजपा सरकार ने मध्य प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। अमित शाह ने शाह ने आगे कहा कि यहां 11,700 से 1 लाख 40 हजार तक प्रति व्यक्ति आय पहुंचाना, ये सारे पैमाने को रिकॉर्ड तोड़ने वाला विकास है। मोदी जी और शिवराज जी की जोड़ी ने मध्य प्रदेश को यहां तक पहुंचाया है। इस दौरान शाह ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर भी निशाना साधा। शाह ने कहा कि कमलनाथ ने कभी हल नहीं पकड़ा, लेकिन एमएसपी की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में राशन उनके चट्टे-बट्टे ही खा जाते थे। कांग्रेस के समय में 52 लाख राशन के लाभार्थी परिवार थे, अब एक करोड़ 25 लाख परिवारों को राशन पहुंच रहा है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस के पास अगर हिम्मत है अपने 50 साल का रिपोर्ट कार्ड लेकर आए। हमने राजनीति के अंदर जवाबदेही की परंपरा खड़ी की है। जहां-जहां हमारी सरकार है, वहां हम हिसाब लेकर जाते हैं। शाह ने कहा कि 15 महीने की कमलनाथ सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की गरीब कल्याण योजनाओं को बंद कर दिया या फिर उन योजनाओं का पोषण ना करके लंगड़ी करने का काम किया। उन्हें अपने 15 महीने के सरकार का हिसाब जनता को देना चाहिए।

'कांग्रेस वाले बौखला गए हैं' देखते रहें हम क्या-क्या करने वाले हैंःसीएम
भारतीय जनता पार्टी की ओर से 230 प्रवासी विधायकों के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया (BJP MLA training)। अलग-अलग सत्रों में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma), राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश (Shivprakash) सहित अन्य नेताओं ने प्रदेश सरकार की ओर से किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। चार राज्यों से आए विधायक अगले सात दिन तक प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों का दौरा करेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रवासी विधायक खुद के वाहनों से विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे,प्रवासी विधायकों को स्थानीय कार्यकर्ताओं से ज्यादा करीबता नहीं बनाने की ताकीद दी गई है। विंध्य क्षेत्र में जाने वाले विधायकों को पहले ट्रेन से भेजा जाएगा उसके बाद उन्हे संगठन की ओर से वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विधायक को एक स्थानीय कार्यकर्ता गाइड के रुप में दिया जाएगा बांकी पार्टी का कोई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता विधायकों के पास नहीं जा पाएगा। यह सभी विधायक उनको मिली प्रभार वाली विधानसभा में पार्टी की स्थिति का आंकलन करेंगे,कितने दावेदार हैं उसकी लिष्ट अलग तैयार करेंगे,इसके अलावा क्षेत्र में किस कार्यकर्ता का कितना वर्चश्व है और उसे चुनाव के लिए टिकट दिया जाता है तो वो कितनी मजबूती के साथ विपक्षी दल पर कितना प्रभाव डाल पाएगा इन सभी की रिपोर्ट तैयार कर केन्द्रीय नेतृत्व को ये विधायक सौंपेंगे। बैठक में विधायकों को संबोधित करने पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोई भी विधायक यहां पर खुद को बाहरी ना समझें। सारे विधायक हमारे परिवार का हिस्सा हैं। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस बौखला गई है। जिस प्रकार से भाजपा की सरकार और संगठन काम कर रहे हैं उसको देखते हुए कांग्रेसी खेमे में बेचैनी छा गई है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि अभी तो देखते जाइए हम क्या-क्या करने वाले हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 27 अगस्त को कोई बड़ी घोषणा करने वाले हैं और माना जा रहा है कि उस दिन सीएम कोई बड़ी घोषणा कर अपना सबसे बड़ा दांव खेलने वाले हैं और मुख्यमंत्री ने उसी ओर इशारा करते हुए उन्होने कहा है कि देखते जाइए हम क्या-क्या करने वाले हैं।

सीएम को राखी भेज चयनित पटवारियों ने नियुक्ती की लगाई गुहार
पटवारी चयन परीक्षा में भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद चयनित पटवारियों (Patwari Result) की नियुक्ति पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी थी। चयनित पटवारियों का आरोप है कि उन्हे राजनीति की भेंट चढ़ाया जा रहा है। इस बीच चयनित पटवारियों ने हर दरवाजे पर गुहार लगाई,सीएम हाउस की बात हो अथवा भोपाल के नीलम पार्क में विरोध प्रदर्शन सबकुछ किया लेकिन राज्य सरकार का दिल नहीं पसीजा। सालों से मेहनत कर रहे चयनित पटवारियों ने जब किसी तरह से परीक्षा उत्तीर्ण की तो उनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। अब चयनित पटवारी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। सभी तरह के उपाय करने के बाद अब चयनित पटवारियों ने सीएम (Shivraj Singh Chouhan) तक अपनी बात पहुंचाने के अलग-अलग रास्ते तैयार किए हैं। चयनित पटावरियों ने ट्विटर पर पोस्ट डाल कर मामा से नियुक्ति की गुहार लगाई थी और अब उन्ही चयनित पटवारियों ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सीएम शिवराज को राखी भेज कर उन्हे नियुक्ति देने की मांग उठाई है। सभी चयनित पटवारी शांति तरीके से मर्यादाओं में रह कर अपना विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं और अपनी बात सीएम शिवराज सिंह तक पहुंचाने का भी प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इतनी मेहनत के बाद भी अब तक सरकार का दिल नहीं पसीजा है। चयनित पटवारी इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि कभी भी चुनाव आचार सहिंता लग जाएगी जिसके बाद उनकी नियुक्ति अधर में लटक जाएगी। अगली सरकार किसकी बनेगी पटवारी इस बात को लेकर भी संशय में हैं और यही कारण है कि चयनित पटवारी अपनी बात सीएम तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और अब उन्होने सीएम शिवराज को रक्षा सूत्र भेज कर भांजे होने का फर्ज निभा दिया है अब देखना यह दिलचश्प होगा कि मामा को भांजों की याद कब तक आती है।

'मामा जी एमपी पटवारी नियुक्ति दो' चयनित पटवारियों का सोशल वॉर
पटवारी चयन परीक्षा में घोटाले की खबर मिलने के बाद मप्र सरकार ने पटवारियों की नियुक्त पर रोक लगा दी है (MP Patwari)। सरकार के रोक लगाने के बाद चयनित पटवारियों का भविष्य अधर में लटक गया है। न्याय की गुहार के लिए चयनित पटवारियों ने सरकार को मनाने का हर तरह का प्रयास किया है। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) से मुलाकात से लेकर सीएम हाउस(Shivraj Singh Chouhan) के घेराव की बात हो अथवा भोपाल के नीलम पार्क में नियुक्ति की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन ही क्यों ना हो चयनित पटवारियों ने वो सब किया जो कर सकते थे लेकिन इतना सबकुछ होने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से पटवारियों को न्याय नहीं मिला। एक तरफ राज्य सरकार अलग-अलग विभागों में भर्तियां निकाल रही है वहीं दूसरी तरफ पटवारी अपनी नियुक्ति को लेकर परेशान हैं। कुछ चयनित पटवारियों का कहना है कि उन्होने ब्यावसायिक परीक्षाओं को छोड़ कर पटवारी की परीक्षा दी थी जिससे उन्हे नौकरी मिल जाए,पास होने के लिए रात दिन एक कर दिया और जब पास हुए तो उसमें भ्राष्टाचार का आरोप लगा कर नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। कुछ चयनित पटवारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए यहां तक कहा है कि सरकार उनको नियुक्ति नहीं देती है तो वो खुदकुशी करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। अब चयनित पटवारियों ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एक अनोखा तरीका अपनाया है। पटवारियों ने सोशल वार करते हुए ट्विटर पर करीब डेढ़ लाख ट्वीट किए और उसमें लिखा है 'मामा जी एमपी पटवारी नियुक्ति दो' चयनित पटवारियों ने इतनी बड़ी संख्या में ट्वीट किया है जिसके चलते ट्विट पर वो ट्रेंड कर रहे हैं। लेकिन मूल बात यह है कि नियुक्ति को लेकर पटवारी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं लेकिन अभी तक सियासी उलझनों में फंसे पटवारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं दिख रहा। ऐसे ही हखलात चलते रहे तो आने वाले समय में चुनाव आचार संहिता लग जाएगी और पटवारियों की नियुक्ति पूरी तरह से अधर में लटक जाएगी।

भाजपा का मास्टर स्ट्रोक 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान,दूसरी सूची जल्द होगी जारी
भारतीय जनता पार्टी ने 39 (BJP MP) प्रत्याशियों की सूची जारी कर कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फेरने का काम किया है। अभी तक कांग्रेस लगातार कहती रही है कि वो लगातार हारने वाली सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर देगी लेकिन हुआ उसके ठीक उलट। कांग्रेस से पहले भारतीय जनता पार्टी ने 39 विधानसभा सीटों में अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। मतलब साफ है भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशियों को लंबा समय देना चाहती है जिसके चलते भाजपा ने एमपी और सीजी की संयुक्त रुप से पहली सूची जारी कर सभी राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के लिए अभी तीन महीनों से ज्यादा का वक्त बचा है चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है लेकिन भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने सूची जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा का नेतृत्व एमपी विधानसभा को कितनी गंभीरता के साथ देख रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा की दूसरी लिष्ट भी तैयार है। उस लिष्ट में पैनल बनाए गए हैं और पैनल में शामिल दावेदारों के नामों का सर्वे चल रहा है। जैसे ही निजी एजेंसिया अपनी सर्वे रिपोर्ट केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपेगी ठीक उसके तुरंत बात भाजपा अपने मजबूत उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर देगी। भाजपा का मानना है कि चुनाव जीतना है तो उम्मीदवारों को वक्त देना होगा। कांग्रेस जब तक भाजपा की अगली रणनीति को समझने का प्रयास करेगी तब तक भाजपा कांग्रेस को अगला झटका दे चुकी होगी।

लगातार हारने वाली 50 सीटों पर भाजपा जल्द तय करेगी प्रत्याशी
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक बुधवार को दिल्ली में हुई। इसमें मप्र से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश ध्यक्ष वीडी शर्मा,संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ प्रदेश चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव शामिल हुए। केन्द्रीय नेताओं के सामने मप्र (MP BJP) ने हारी हुई सीटों का ब्योरा रखा। इसके बाद तय हुआ कि प्रदेश नेतृत्व जल्द ही इन 40 से 50 सीटों पर दो से तीन नाम का पैनल बनाएगा। भाजपा इस बार सितंबर में ही हारी सीटों के प्रत्याशी तय कर देगी,ताकि उन उम्मीदवारों को पर्याप्त समय मिल सके। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक ऐसी विधानसभा सीटें चुनी गई हैं जिनमें पिछले तीन-चार या इससे अधिक चुनावों में हार रही भाजपा मजबूत तैयारियों के साथ जाना चाहती है। उदाहरण के तौर पर भोपाल उत्तर और मध्य सीटों की सूची में रखा गया है। दक्षिण-पश्चिम को बाहर रखा गया है। क्योंकि भाजपा इसे जीती सीट मान कर चल रही है। जानकारी के मुताबिक जल्द ही भोपाल में प्रदेश चुनाव प्रभारी-सह प्रभारी संगठन के प्रमुख लोगों के साथ बैठक लेंगे। बुधवार को दिल्ली में हुई भाजपा की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मप्र के एक मात्र सदस्य सत्यनारायण जटिया शामिल हुए। पहली बार मप्र के साथ समिति की आधे घंटे बैठक हुई। बीच में अन्य राज्यों पर मंथन किया गया फिर करीब डेढ़ घंटे बाद मप्र को फिर बुलाया गया। जानकारी मिली है कि कुछ और घोषणाएं करने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने केन्द्रीय नेतृत्व से अनुमति मांगी है। बात स्पष्ट है भारतीय जनता पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश चुनाव के लिए सक्रिय है और केन्द्रीय नेतृत्व कांग्रेस को ऐसा कोई मौका नहीं देना चाहता जिससे एकबार फिर से एमपी में कांग्रेस को मौका मिल पाए।

प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का जारी होगा रिपोर्ट कार्ड
प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Singh Chouhan) अब जनता के बीच अपने काम का लेखा-जोखा लेकर जाएगी और फिर उसी के हिसाब से जनता से वोट मांगेगी। दरअसल Mukhbirmp.com को मिली जानकारी मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने योजना तैयार की है जिसके तहत भाजपा ना सिर्फ अपने कार्यकाल की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएगी बल्कि साल 2003 के पहले वाले मध्यप्रदेश की तस्वीर भी जनता के सामने पेश करेगी। इतने सालों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जिस प्रकार से प्रदेश के विकास की गति को तेज किया है उसका फल लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी को फ्लैशबैक में जाकर साल 2003 से पहले की तस्वीर से युवा पीढ़ी को अवगत कराएगी। भाजपा के नेताओं का मानना है कि जब भाजपा की सरकार बनी उस वक्त जो बच्चा था वो आज युवा है लिहाजा उसे दिग्विजय सरकार के कार्यकाल की ज्यादा जानकारी नहीं है इस लिए उन युवाओं को यह बताया जाएगा कि दिग्विजय सरकार में प्रदेश की क्या स्थिति थी। यही कारण है कि प्रदेश की सरकार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के हाथों अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रख कर फिर कांग्रेस के जमाने की बात करेगी। रिपोर्ट कार्ड में सड़क,पुल-पुलिया सहित बिजली की आपूर्ति,सिंचाई का रकवा बढ़ा उसकी जानकारी दी जाएगी,युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए गए और फिर संविदा कल्चर समाप्त कर उन्हे नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं दी गई इतना ही नहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना से लेकर लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत की गई जिसके कारण आज प्रदेश में सेक्स रेसियो भी बढ़ा यही कारण है कि अब सरकार चाहती है कि उसने जनता के हित में इतने फैसले लिए हैं तो उसका लाभ भी पार्टी को मिलना चाहिए इसी लिए अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर जनता को बताएगी कि इतने सालों में भाजपा की सरकार ने उनके लिए क्या किया। बांकी जो काम रह गए हैं उसके लिए सरकार ने अभी से कमर कस ली है। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी अपने घोषणा पत्र को तैयार करने में जुट गई है। 20 अगस्त को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित साह भोपाल और ग्वालियर दौरे पर रहेंगे इसी दौरान अमित शाह के हाथों मुख्यमंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर एकबार फिर भाजपा सरकार बनाने की नींव रखेंगे।

पीढ़ी परिवर्तन से 'नमो शिव' को नहीं पड़ेगा फर्क अंत में 'कमल' को ही थामेंगे युवा!
मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी को 'नमो शिव' का ही सहारा है। दरअसल जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी चुनाव में पिछड़ रही थी उसको देखते हुए केन्द्रीय नेतृत्व ने ऐसी योजना तैयार की जिसमें कांग्रेस के सारे आरोप धराशाही हो गए। कांग्रेस ने जो भी प्लान तैयार किया उसको पीएम मोदी और सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) ने ध्वस्त करके रख दिया। लगातार भाजपा में और आम जनता के बीच सीएम चेहरे को लेकर बात उठती रही है लेकिन हकीकत यही है कि केन्द्र में मोदी और एमपी में शिवराज सिंह चौहान के चेहरे का अभी तक भाजपा के पास कोई विकल्प नहीं है। भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व खुल कर नहीं लेकिन दबी जुवान यह स्वीकार करता है कि एमपी का चुनाव जिस लेवल पर पहुंच गया है वहां पर शिवराज सिंह चौहान के अलावा भाजपा की सरकार को कोई दूसरा नहीं चला सकता। हाल ही में भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) ने पत्रकारों से अनौपचारिक बात करते हुए इस बात के संकेत दिए कि विकल्प क्या है। दरअसल भूपेन्द्र यादव से पूछा गया था कि जब शिवराज जी सीएम बने थे उस दौरान जो बच्चे चार या पांच साल के थे आज वही बच्चे बीस 22 साल के हो चुके हैं लिहाजा प्रदेश में पीढ़ी परिवर्तन के चलते चेहरा बदलने की मांग उठ रही है। इस मामले में प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने सहमति जताते हुए बड़ा सधा हुआ जवाब दिया। भूपेन्द्र यादव ने कहा कि पीढ़ी परिवर्तन हुआ है लेकिन आज की पीढ़ी 60 साल और 80 साल के नेता में फर्क करना नहीं जानती क्या? भूपेन्द्र यादव ने राज्य सरकार की कुछ योजनाओं के भी नाम गिनाए जिसमें उन्होने कहा कि प्रदेश में शिवराज सरकार ने जिस प्रकार से युवाओं के लिए अलग-अलग योजनाएं शुरु की है जिसमें 'सीखो-कमाओ' जैसी योजना चल रही है बच्चे सीख भी सकते हैं और उस दौरान कमा भी सकते हैं। साथ में अन्य और योजनाएं हैं जो प्रदेश की शिवराज सरकार ने लांच की है इसके अलावा युवाओं को शासकीय नौकरी के लिए वैकेंसी भी निकाली जा रही है ऐसी स्थिति में कोई युवा क्यों कमलनाथ का साथ देगा। बीजेपी के प्रदेश चुनाव प्रभारी ने एक और बड़ी बात कही जिसके अंतर्गत उन्होने कहा कि कर्नाटक चुनाव में भाजपा की हार पर काफी बात हो रही है लेकिन गुजरात और यूपी में भाजपा जीती उसकी बात कोई नहीं कर रहा है। गुजरात भी एमपी की सीमा से लगा है और यूपी भी एमपी की सीमा से लगा है। इन राज्यों में भाजपा ने प्रचंड जीत दर्ज की उसके लिए कोई बात नहीं कर रहा है। कर्नाटक की भाषा अलग है कल्चर अलग है सभी चीजें एमपी से अलग हैं लिहाजा कर्नाटक की तुलना एमपी से करना ठीक नहीं है। इस बीच बीजेपी प्रदेश चुनाव प्रभारी ने अच्छा करफॉर्मेंस नहीं करने वाले विधायकों के टिकट खुल कर प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन उनकी बातों में यह इशारा था कि नाराजगी स्थानीय विधायकों को लेकर है लिहाजा दूसरे कार्यकर्ताओं को टिकट देकर उस नाराजगी को खत्म कर दिया जाएगा। ऐसी कोई वजह ही नहीं छोड़ी जाएगी जिससे भाजपा को चुनाव जीतने में दिक्कत आए। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी बूथ सम्मेलनों में ब्यस्त है और भाजपा का मानना है कि पार्टी का कार्यकर्ता खुश रहेगा तो पार्टी की जीत को कोई नहीं रोक सकता। भूपेन्द्र यादव साफ कहते हैं कि भाजपा एमपी में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। ऐसा कोई ठोस कारण बता दे जिसमें यह स्पष्ट हो रहा हो कि जनता भाजपा को वोट नहीं देगी। जिस प्रकार से शिवराज जी के नेतृत्व में एमपी ने विकास की गति पकड़ा है जनता उसको कभी अनदेखा नहीं कर सकती है लिहाजा एमपी में 'नमो शिव' का जादू कायम रहेगा और सरकार भाजपा की ही बनेगी।