करारी हार के बाद भी कांग्रेस के एजेंडे से बाहर है सामान्य वर्ग
मप्र में करारी हार का मंथन करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को दिल्ली में बैठक बुलाई थी (aicc meeting)। जिसमें पीसीसी चीफ कमलनाथ (kamal nath),दिग्विजय सिंह (digvijaya singh),गोविंद सिंह (govind singh) सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान मप्र में कांग्रेस की हुई करारी हार के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया। करीब दो घंटे तक चली बैठक में एमपी कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं से बात की गई। बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला मीडिया से रु-ब-रु हुए । इस दौरान उन्होने बैठक के बिंदुओं का एक-एक करके जवाब दिया। रणदीप सुरजेवाला ने अपने बयान में कहा कि एमपी में कांग्रेस चुनाव भले हार गई है लेकिन जनता की सेवा कांग्रेस लगातार करती रहेगी। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एससी,एसटी और पिछड़ा वर्ग के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय भाजपा की सरकार में हुआ तो कांग्रेस पार्टी बर्दास्त नहीं करेगी। लेकिन इस बयान में सामान्य वर्ग का नाम रणदीप सुरजेवाला ने नहीं लिया। अब सवाल इस बात का उठता है कि क्या सामान्य वर्ग के लोगों के साथ अन्याय नहीं होता है,क्या सामान्य वर्ग के लोग गरीब नहीं होते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस ने टिकट वितरण के दौरान भी सामान्य वर्ग की लगातार उपेक्षा की थी जिसका परिणाम रहा कि कांग्रेस पार्टी को इतनी करारी हार का सामना करना पड़ा जिसकी उम्मीद तो भाजपा के नेताओं को भी नहीं थी। अब कांग्रेस की बैठक में सामान्य वर्ग का किसी प्रकार से नाम नहीं आने का मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी के किसी भी एजेंडे में सामान्य वर्ग शामिल ही नहीं है। कांग्रेस की सरकार नहीं बनी इतनी नाकामी मिली उसके बाद भी कांग्रेस पार्टी सामान्य वर्ग के हित की बात नहीं कर रही है। कांग्रेस का मीडिया विभाग संभालने वाले भी सामान्य वर्ग के खिलाफ ही बात करते नजर आते हैं मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी में सामान्य वर्ग के लिए कोई स्थान नहीं है।