महाकाल लोक घोटाले के आरोपी मंत्री भूपेन्द्र सिंह बनाए गए जन आशीर्वाद यात्रा के संयोजक
भारतीय जनता पार्टी तीन सितंबर से प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) निकालने जा रही है। इस यात्रा को सफलता पूर्वक संचालित करने के लिए आठ सदस्यीय केन्द्रीय टोली का गठन किया गया है। टोली की खास बात ये है कि उसका संयोजक नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह (Bhupendra Singh) को बनाया गया है। भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ महाकाल लोक (Mahakal Lok) के घोटाले का आयोप है और आय से आधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच चल रही है। महाकाल लोक का घोटाला सामने आने के बाद भूपेन्द्र सिंह को पीएम मोदी के मंत्री इन वेटिंग के लिए भी चुना गया था लेकिन जैसे ही मामले की जानकारी पीएमओ तक पहुंची थी तो भूपेन्द्र सिंह को पीएम मोदी के स्वागत से अलग कर दिया गया था और उनकी जगह पर संगठन के नेताओं ने पीएम मोदी (PM Narendra Modi) का स्वागत किया था। कुछ समय तक संगठन और सरकार की ओर से मंत्री भूपेन्द्र सिंह को साइडलाइन किया गया लेकिन अब संगठन ने भूपेन्द्र सिंह को बड़ी जिम्मेदारी देकर यह बता दिया है कि उनके खिलाफ जो आरोप लगे हैं वो निराधार हैं। गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच चल रही है। कांग्रेस ने उन पर पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर बेहिसाब संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए थे और इसे लेकर 11 मई 2023 को लोकायुक्त को शिकायत की थी। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा (KK Mishra) का कहना है कि जिस मंत्री के खिलाफ आय से अधिक मामले की जांच चल रही है उस मंत्री को भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा का संयोजक बना कर प्रदेश की जनता के सामने संदेश क्या देना चाहती है। मतलब साफ है कि मंत्री भूपेन्द्र सिंह को लेकर एक बार फिर प्रदेश में सियासत रौद्र रुप लेने वाली है।