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बीजेपी में दो दिन तक चला 'मंथन' अमृत के इंतजार में दावेदार

बीजेपी में 28 मार्च को बड़ी बैठक,हारे बूथों पर बनाई जाएगी जीतने की रणनीति
भारतीय जनता पार्टी अपनी कमजोरियों पर हमेशा काम करती है। और यही कारण है कि भाजपा अक्सर चुनाव जीतती है। अब लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता जुट गए हैं। खासकर विधानसभा चुनाव के दौरान जिन बूथों पर भारतीय जनता पार्टी को करारी हार मिली थी उन बूथों पर भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मंथन करना शुरु कर दिया है। विधानसभा चुनाव में हारने वाले बूथों की भाजपा ने लिष्ट तैयार कर ली है और 28 मार्च को बीजेपी प्रदेश कार्यालय में होने वाली बैठक (bjp meeting) में उसी पर मंथन किया जाएगा। बैठक प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नेतृत्व में होगी,सीएम मोहन यादव सहित पार्टी के अन्य सभी पदाधिकारी इस बैठक में शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में करीब दस ऐसी सीटें हैं जहां भाजपा,कांग्रेस और बसपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की नौवत बन रही है। खास कर विंध्य की सतना और रीवा की सीट फंसती नजर आ रही है। बुंदेलखंड की भी कुछ सीटों पर कड़ा मुकाबला होने की बात सामने आई है तो वहीं ग्वालियर-चंबल से भी कुछ सीटों के फंसने की बात सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय टीम ने सभी 29 लोकसभा सीटों का आंतरिक सर्वे भी करा लिया है। सर्वे में कुछ सीटें फंसने की बात सामने आई है। और अब उन्ही उलझी सीटों को सुलझाने के लिए 28 मार्च को पार्टी के वरिष्ठ मंथन करेंगे। इसके अलावा खजुराहो संसदीय क्षेत्र के एक बड़े कांग्रेस नेता को भी बीजेपी में शामिल कराया जाएगा। जिस नेता की बयान बीजेपी में ज्वाइनिंग होने जा रही है उन्हे हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए शुरेश पचौरी के माध्यम से बीजेपी में एंट्री दी जा रही है।

मोदी की जड़ी बूटी और माइक्रो मैनेजमेंट से बीजेपी ने तैयार किया जीत का ड्राफ्ट,कैसा होगा ड्राफ्ट देखिए Mukhbir
भारतीय जनता पार्टी की और मध्य प्रदेश चुनाव समिति (mp bjp meeting) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) की दृष्टि से पूरे एजेंडों पर सभी सदस्यों ने गंभीरता से चर्चा की। बैठक में आगामी चुनाव की दृष्टि से माइक्रो मैनेजमेंट प्रत्येक बूथ पर चुनाव लड़ना और प्रत्येक बूथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) की जड़ी बूटी 370 वोट हर बूथ पर बढ़ाने का जो संकल्प है उसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई कि किस प्रकार से हर बूथ पर 370 वोट प्रधानमंत्री के नेतृत्व में और हर बूथ पर 10% वोट बढ़ाना और मध्य प्रदेश में जो 70% वोट का भाजपा का संकल्प है उस पर गंभीरता से बात सभी सदस्यों ने की है। चुनाव समिति में आने वाले लोकसभा चुनाव की दृष्टि से 29 के 29 लोकसभा पर विस्तृत चर्चा की गई है। कार्यकर्ता चुनाव की दृष्टि से अच्छे से अच्छे प्रत्याशी के तौर पर हो सकते हैं। एक अच्छे भाव के साथ सभी सदस्यों ने मिलकर गंभीरता से चर्चा की। माना जा रहा है कि जिस प्रकार से एमपी बीजेपी ने लोकसभा चुनाव जीतने के लिए ड्राफ्ट तैयार किया है उसी ड्राफ्ट के हिसाब से अब भाजपा में बूथ स्तर के कार्यकर्ता काम करेंगे। जल्दी ही लोकसभा चुनाव की दृष्टि से केंद्रीय नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर भी निर्णय लेगा।

एमपी की 23 सीटों पर बीजेपी ने की रायशुमारी,दिल्ली से मुहर लगना बांकी,बीजेपी जल्द जारी करेगी सूची
भारतीय जनता पार्टी विधानसभा की तर्ज पर लोकसभा चुनाव में भी अपने प्रत्याशियों की सूची जल्द जारी करना चाहती है जिससे चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों को प्रचार करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके (lok sabha elections)। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (mp bjp) ने मंगलवार को 23 लोकसभा सीटों पर रायशुमारी की है। उसके बाद प्रदेश कार्यालय में चुनाल समिति की बैठक में उन्ही 23 सीटों पर चर्चा हुई। मप्र के मंत्रियों और संगठन नेताओं द्वारा सभी संसदीय सीटों पर राजकुमारी करने के बाद भाजपा ने 6 सीटों पर नाम का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया है। इनमें सांसदों के चुनाव लड़ने पर रिक्त हुई पांच सिटें मुरैना, दमोह, सीधी, जबलपुर, होशंगाबाद, और एक अन्य छिंदवाड़ा संसदीय सीट शामिल है। वहीं मंगलवार की बैठक में उन 14 सीटों को लेकर मंथन हुआ जहां बड़े नेताओं की भी दावेदारी है। इन सीटों पर तीन-तीन नाम का पैनल बनाया गया है। शेष नौ सीटों पर भी प्रत्याशियों के नाम को लेकर चर्चा हुई है। प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, क्षेत्री संगठन महामंत्री अजय जमवाल सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।

बीजेपी ने हारे हुए उम्मीदवारों के साथ किया जीत के लिए मंथन
मप्र में विधानसभा चुनाव (mp elections) में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है लेकिन भाजपा इतने में संतुष्ट होने वाली नहीं है। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी में एक बार फिर मंथन और समीक्षा का दौर शुरु हो गया है (bjp meeting)। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव में हारने वाले नेताओं के साथ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का नेत्रृत्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (hitanand sharma) के साथ राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (shivprakash) भी शामिल हुए। इस मंथन में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (dr narottam mishra) को छोड़ कर करीब सभी हारने वाले नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान हारने की वजहों का पता लगाने का प्रयास किया गया। साथ में सभी नेताओं को लोकसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ जुटने के लिए कहा गया है। इस मंथन में दस उम्मीदवार ऐसे भी थे जो बहुत ही कम मतों से हारे हैं। हारने वाली सीटों पर विकसित भारत यात्रा को मजबूती से शुरू करना के लिए भी कहा गया है। विधानसभा चुनाव में हारने वाले नेताओं से कहा गया है कि वो लोकसभा चुनाव में मेहनत करें और अपनी विधानसभा सीटों में पार्टी को जीत दिलाएं। बैठक के दौरान वोट शेयर पर भी खूब फोकस किया गया है और नेताओं से 51% से ऊपर वोट शेयर पहुंचाने के लिए कहा गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम को पहनाई 'टोपी',बीजेपी प्रदाधिकारियों की बैठक में हुए शामिल
भाजपा प्रदेश कार्यालय में जिला अध्यक्षों और प्रभारियों की बैठक आयोजित की गई। (bjp meeting) इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) और मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) ने जिला अध्यक्षों को लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने के लिए कहा है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रचंड जीत दर्ज कर यह बता दिया है कि भाजपा की सरकार और संगठन ने किस प्रकार से काम किया है। अब भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव की जीत को लोकसभा में भी दोहराना चाहती है। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी चुनाव की तैयारियों में अभी से जुट गई है। भाजपा ने 51% वेट शेयर का लक्ष्य रखा है और भाजपा का मानना है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा 55% से ज्यादा वोट लेकर प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीत कर रिकार्ड दर्ज करेगी। भाजपा का टारगेट छिंदवाड़ा यानि कमलनाथ के गढ़ में सेंध लगाना है। क्योंकि विधानसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा छिंदवाड़ा की सात में से एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हुई है। अब भाजपा कोशिश कर रही है कि किसी भी सूरत में छिंदवाड़ा में जीत दर्ज कर नरेंन्द्र मोदी की झोली में उस सीट को भी डालना है। इन सभी बातों को देखते हुए भाजपा प्रदेश कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जब मुख्यमंत्री मोहन यादव आए तो उन्हे खुद प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पार्टी की टोपी पहना कर उनका सम्मान किया।

मिशन 23 के बाद 24 को फतह करने की तैयारी,बीजेपी पदाधिकारियों की बैठक में तैयार करेगी मास्टर प्लान
मप्र विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद भाजपा उत्साहित है (mp bjp)। और यही कारण है कि इस उत्साह को बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को लगातार ब्यस्त रखना चाहती है। भारतीय जनता पार्टी हारी हुई सीटों की समीक्षा भी करने वाली है। यही कारण है कि भाजपा ने पदाधिकारियों, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष, जिला महामंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की है। बैठक का नेत्रृत्व विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा करेंगे। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी 51% वोट शेयर के लक्ष्य को हासिल करने की योजना को अमली जामा पहनाने का प्रयास करेगी। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को एक कुशल संगठक माना जाता है जिनके नेत्रृत्व में भाजपा 28 विधानसभा चुनाव में 19 सीट जीती थी उसके बाद नगरीय निकाय के चुनाव में भी भाजपा ने जीत दर्ज की थी और फिर विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 विधानसभा सीटों में जीत दर्ज कर सभी राजनीतिक पंडितों को गलत साबित कर दिया। अब भाजपा मिशन 2024 की ओर बढ़ चुकी है इसी लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं को फिर से काम पर लगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी मास्टर प्लान बनाने में अभी से जुट गई है।

प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों को दिया एमपी चुनाव की जीत का मंत्र
दिल्ली में आयोजित भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में शामिल हुए मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (mp assembly elections) में भाजपा की डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों और बूथ प्रबंधन की कुशलता से मिले अब तक के सर्वाधिक जनाधार के बारे में जानकारी अन्य पदाधिकारियों से साझा की। इस मौके पर मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में संगठन द्वारा किए गये विभिन्न नवाचारों के साथ प्रत्येक बूथ पर 51% वोटशेयर पाने की गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नेत्रृत्व में प्रदेश के सभी बूथों को डिजिटल करने से लेकर त्रिदेव बनाने की प्रक्रिया चुनाव में काफी असरदार रही है। जिस प्रकार से प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर प्रवास किया और बूथों को मजबूत करने से लेकर केन्द्र सरकार द्वारा संचालित गरीब कल्याण की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम किया उसी का परिणाम है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा और प्रदेश में प्रचंड जीत दर्ज की। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने न केवल बूथों को डिजिटल किया बल्कि पन्ना प्रभारी और अर्ध पन्ना प्रभारियों की नियुक्ति कर जीत की आधार शिला रखी। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का विधानसभा चुनाव। के दौरान एक और नवाचार देखने को मिला जिसके तहत उन्होने कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन बैठक कर उनके साथ खाना खाया जिससे कार्यकर्ताओं में छोटे और बड़े का भेदभाव भी खत्म हुआ। टिफिन बैठक में सभी कार्यकर्ता अपने घर से खाना लेकर आते थे और एकदूसरे के साथ खाते थे इससे कार्यकर्ताओं के बीच का भेदभाव खत्म करने में काफी मदद मिली। उसके बाद प्रदेश में जब मोदी की गारंटी चली तो प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा की गई मेहनत का फल मिला और भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की।

आज तय होगा प्रदेश का मुखिया,प्रदेश अध्यक्ष और मीडिया प्रभारी ने बैठक स्थल का किया निरीक्षण
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में अगले पांच साल के लिए प्रदेश का मुखिया तय किया जाएगा (madhya pradesh cm)। इस बैठक पर प्रदेश के हर नागरिक की नजर है। दिल्ली से आ रहे केन्द्रीय पर्यवेक्षकों के नेत्रृत्व में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में शामिल होने के लिए भाजपा के.सभी 163 विधायक एक दिन पहले ही भोपाल पहुंच चुके हैं वो भी जानना चाहते हैं कि उनका अगला नेता कौन होगा (bjp mla meeting)। बैठक से पहले प्रदेश कार्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया है। कार्यालय मंत्री राघवेन्द्र शर्मा की देखरेख में पूरा काम किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) खुद फीडबैक ले रहे हैं और कहीं कोई कमी न रह जाए इसलिए उन्होने बैठक स्थल का खुद निरीक्षण किया। और जहां कोई भी कमी मिली उसको दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया। प्रदेश अध्यक्ष के साथ बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल (ashish agrawal) सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भाजपा में पांचवी सूची की नहीं सुलझ रही गुत्थी,पहले प्रदेश और अब दिल्ली में चल रही माथापच्ची
भारतीय जनता पार्टी ने पहली सूची जारी कर बहुत बड़ा दंभ भरा था कि कांग्रेस कहती रही और भाजपा ने सूची जारी कर दिखा दिया कि चुनावी तैयारी में कौन तेज चल रहा है (bjp candidate list)। भाजपा ने पहली सूची अगस्त के महीने में जारी कर सभी को चौंकाया उसके बाद सितंबर के महीने में भाजपा ने तीन सूचियां जारी की और लगातार कांग्रेस पर सूची को लेकर हमला किया। भाजपा ने चार सूचियों में 136 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया लेकिन पांचवीं सूची से भाजपा भटक गई,भाजपाई खेमें में हार का फोविया ऐसे हावी हुआ कि भाजपा का संगठन सूची जारी करने की हिम्मत ही नही जुटा पा रहा है। उधर कांग्रेस ने दो सूचियों में ही अपने सारे तुरुप के इक्कों को चुनावी मैदान में उतार कर यह बता दिया कि वो इस चुनाव को टेस्ट स्टाइल में नहीं टी20 की स्टाइल में देख रहे हैं। अब बारी भाजपा की है लेकिन एक-एक दिन कर बढ़ते चले जा रहे हैं आज से नामांकन की तारीख भी शुरु हो चुकी है और आलम यह है कि भाजपा ने अभी तक 94वे नामों पर सहमति नहीं बनाई है। एमपी बीजेपी से लेकर दिल्ली तक भाजपा की कई चरणों में बैठक हो चुकी है लेकिन पार्टी सही उम्मीदवारों का चयन करने में अब तक नाकाम साबित हुई है (bjp meeting)। भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का भी दंभ भरती है और हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि 94वे नाम भाजपा को नही मिल रहे जो कांग्रेस को चुनौती दे पाएं। मतलब साफ है। भाजपा के सर्वे में पार्टी की स्थिति ठीक नहीं है यही कारण है कि भाजपा अपने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं कर पा रही है।

आज जारी होगी भाजपा की सूची,27 हारी सीटों पर भी होंगे चौकाने वाले नाम
कांग्रेस पार्टी ने 230 विधानसभा सीटों में 229 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है,एक नाम बैतूल का रोका गया है (congress candidate list)। लेकिन भारतीय जनता पार्टी को 94वे सीटों पर अब भी उम्मीदवारों का ऐलान करना बांकी है (bjp candidate list)। भाजपा अभी 136 सीटों में ही उम्मीदवारों की घोषणा कर पाई है। अब कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद भाजपा पर भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने का दबाव है लिहाजा दिल्ली में आज होने वाली भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक में बची हुई सीटों पर मंथन होना है,सबसे बड़ी बात यह है कि इन 94वे सीटों पर 27 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां पर साल 2018 में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। लिहाजा ऐसी सीटों पर भाजपा को काफी माथापच्ची करनी पड़ रही है। बैठक के दौरान 58 विधायकों की किस्मत का भी भाजपा हाई कमान को फैसला करना बांकी है। ये वो नाम हैं जिनका परफॉर्मेंश खराब बताया गया है। भाजपा के हर सर्वे में इन विधायकों की रिपोर्ट खराब बताई जा रही है। लेकिन भाजपा संगठन टिकट काटने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा है। भाजपा को डर सता रहा है कि जिस विधायक का वो टिकट काटेंगे वो भाजपा के विरोध में गतिविधियां चलाएगा और चुनाव में काफी नुकसान हो सकता है। आज होने वाली भाजपा की दिल्ली की बैठक में इन्ही सब बातों पर विचार किया जाएगा। और फिर उम्मीदवारों के नामों को फायनर करके सूची जारी कर दी जाएगी।

पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची
बड़ी पुरानी कहावत है कि पहले आप -पहले आप। और इस कहावत को चरितार्थ कर रही हैं वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और भारतीय जनता पार्टी (MP Elections)। दरअसल भाजपा ने चार सूचियों में कुल 136 विधानसभा में अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है (BJP Candidate list)। वहीं कांग्रेस ने पहली सूची में ही 144 नाम का ऐलान कर दिया था (Congress Candidate list)। लेकिन अब भाजपा (mp bjp) और कांग्रेस (mp congress) एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा ने जिन चार सूचियों में 136 नाम का ऐलान किया है उसमें से कुछ नाम पर भाजपा में अब भी संशय की स्थिति बनी है। ठीक इसी तरह कांग्रेस ने भी जिन 144 नाम की घोषणा की है उन नाम को लेकर पार्टी के अंदर ही जमकर गुटबाजी देखने को मिल रही है और कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार भाजपा की तुलना में कमजोर नजर आ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को रखते हुए भाजपा और कांग्रेस पहले आप- पहले आप के चक्कर में रुके हुए हैं और सोच रहे हैं कि पहले सामने वाली पार्टी अपने पत्ते खोले। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व (BJP meeting) ने एक दिन पहले घंटों तक मंथन किया है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee) की भी बैठक देर रात तक हुई है जिसमें प्रत्याशियों के चयन पर लगातार मंथन हुआ है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने बची हुई 86 सीटों में 49 प्रत्याशियों को फायनल कर लिया है। साथ ही कांग्रेस शिवपुरी और पिछोर के प्रत्याशियों को बदलने पर भी विचार कर रही है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता और दावेदार सूची के इंतजार में भोपाल के अलग-अलग होटलों में डेरा जमाए हुए हैं और रोजाना कार्यालयों में जाकर सूची के बारे में इधर-उधर पूछते हैं और फिर मायूस होकर होटल के कमरे में फिर चले जाते हैं।