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भाजपा की दूसरी सूची जारी होने पर कांग्रेस में हड़कंप,दिल्ली में हो रही बैठकें
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second list)। दूसरी सूची में जिस प्रकार से भाजपा ने अपने सबसे कद्दावर नेताओं को मौका दिया है उसे कांग्रेसी खेमे में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। सूची को देखकर कांग्रेस के अलग-अलग नेता अलग-अलग तरह से बयान भी दे रहे हैं। जिन नेताओं को भाजपा ने विधानसभा में मौका दिया है वह सभी केंद्र में बड़े पदों पर हैं और पीएम मोदी (PM Modi) के करीबी भी माने जाते हैं। तीन मंत्रियों सहित कुल 7 सांसदों को दूसरी सूची में भाजपा ने विधानसभा उम्मीदवार घोषित किया है। यह सूची घोषित होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने अपने सबसे मजबूत और विश्वसनीय सिपेसालारों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। भाजपा की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस में भी दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू हो गया है (congress meeting) । सोमवार से दिल्ली में कांग्रेस की शुरू हुई बैठक अगले एक-दो दिनों तक चलनी है। बताया जा रहा है कि जहां दावेदारों की संख्या अधिक है वहां पैनल बनाकर कांग्रेस पार्टी केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेगी। सर्वे और संगठन की ओर से दिए गए नाम के आधार पर सूची तैयार कर जातिगत और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी का नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा। प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath), प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार -विमर्श किया है। Mukhbirmp को मिली जानकारी के अनुसार कुछ सीटों पर सर्वे और संगठन की रिपोर्ट में अलग-अलग नाम सामने आए हैं। ऐसी सीटों के लिए पैनल तैयार किया जा रहा है। इस पर स्क्रीनिंग कमेटी में विचार होगा (congress screening committee)। पार्टी का प्रयास है कि प्रत्याशी सहमत के आधार पर चुने जाएं ताकि विरोध जैसी स्थिति ही निर्मित ना हो।

भाजपा ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट की जारी,नरेन्द्र सिंह तोमर,राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल ने चौकाया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल से उड़ान भरते ही भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट जारी कर दिया है (BJP Second list)। इस लिष्ट में भाजपा ने ज्यादातर सांसदों पर विधानसभा चुनाव के लिए भरोसा दिखाया है। कुछ सीटों पर भाजपा ने चौकाने वाले नाम घोषित किए हैं तो कुछ में सांसदों को मौका देकर चौकाने का काम भी किया है। सतना सांसद गणेश सिंह (Ganesh Singh) को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट देकर स्थानीय दावेदारों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। इसी प्रकार भितरवार सीट से मोहन सिंह राठौर (Mohan Singh Rathore) को टिकट देकर चौकाया है तो वहीं सीधी से दो बार की सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को सीधी प्रॉपर से टिकट देकर एक बड़ा बदलाव करने का प्रयास किया है। मैहर से श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को मौका दिया गया है।जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह (Rakesh Singh) अपना भाग्य आजमाएंगे। नरसिंहपुर से प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) चुनाव मैदान में रहेंगे। इंदौर-1 से कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) चुनाव मैदान पर रहेंगे। भाजपा की दूसरी लिष्ट ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिस प्रकार दूसरी सूची जारी हुई है इससे भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा अपने सभी तुरुप के इक्कों को इस चुनाव मैदान में आजमाने जा रही है। मुरैना से रघुराज कंसान,दिमनी से नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,लहार से अमरीश शर्मा (गुड्डू) डबरा (अजा) इमरती देवी (Imarti Devi),सेवड़ा से प्रदीप अग्रवाल, करैरा (अजा) से रमेश खटीक, सहित अन्य नामों की हुई घोषणा।

भाजपा की दूसरी सूची पर अब तक रहस्य, कांग्रेस के नाम के कारण रुकी भाजपा की सूची
भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची (MP BJP Candidate list) बहुत पहले आ चुकी है लेकिन दूसरी सूची पर रहस्य लगातार बरकरार है। कहा यह जा रहा है कि भाजपा (mp bjp) की दूसरी सूची को कांग्रेस के दो विधायकों ने रोक रखा है। यह दोनों विधायक बुंदेलखंड और ग्वालियर- चंबल के दो अलग-अलग क्षेत्र में कांग्रेस के गद्दार विधायक हैं। दोनों ही सीटें भाजपा के सर्वे में भी डेंजर जोन में रखी गई हैं, इसीलिए दोनों विधायकों को भाजपा में शामिल करने की कोशिश जारी हैं। दोनों को भाजपा में प्रवेश दिलाने और उनका टिकट पक्का करवाने के लिए प्रदेश के दो दिग्गज नेता प्रयास कर रहे हैं। इनमें से एक सीट भी दरबार है तो दूसरी राजनगर। छतरपुर जिले की राजनगर सीट कांग्रेस के पास 2008 से है। यहां से कांग्रेस के कुमार विक्रम सिंह 'नाती राजा' ने पिछला चुनाव मात्र 632 वोटों से भाजपा के अरविंद पटेरिया को हराया था। वही ग्वालियर जिले की भितरवार सीट से लखन सिंह यादव विधायक हैं। यह सीट 2008 में कांग्रेस के पास आई थी दरअसल दूसरी सूची में भी 35 ऐसी सिम शामिल हैं जिनमें कांग्रेस मजबूत है। गौरतला अब है कि भाजपा ने 17 अगस्त को ही विधानसभा चुनाव के लिए 39 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी थी। दूसरी सूची पर भी 13 सितंबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चर्चा हो चुकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) राजनगर सीट पर जिताऊ प्रत्याशी को ही टिकट दिए जाने के पक्ष में हैं। वही एक बड़े नेता भितरवार से लखन सिंह यादव को भाजपा में ले जाने के पक्षधर हैं। लाखन सिंह यादव मूल रूप से दिग्विजय सिंह समर्थक हैं। साल 2018 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें कमलनाथ (kamal natha) सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वहीं दूसरे बड़े नेता ने भितरवार के एक अन्य ओबीसी नेट का नाम प्रस्तुत किया है जो ग्वालियर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। दोनों सीटों के टिकट पर अंतिम निर्णय नहीं होने के कारण फिलहाल दूसरी सूची जारी नहीं हो पा रही है।

कांग्रेस की बनाई पिच पर खेल रही भाजपा,हड़बड़ाहट में किया उम्मीदवारों का ऐलान
अपनी रणनीति से कांग्रेस को चारों खाने चित्त करने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी इन दिनों कांग्रेस की बनाई पिच पर खेल रही है (MP BJP)। कांग्रेस के रणनीतिकार जिस प्रकार की रणनीति तैयार कर रहे हैं भाजपा उस रणनीति पर लगातार फंसती चली जा रही है। बात उस वक्त की है जब कांग्रेस पार्टी ने ऐलान किया था कि इस बार चुनाव के 06 महीने पहले ही कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी (congress candidate list)। इस इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के खेमे में हलचल पैदा हो गई। भाजपा ने आकांक्षी सीटों पर तेजी से मंथन करना शुरु कर दिया और कांग्रेस को इस बीच मौका मिला तो भाजपा के कार्यकर्ताओं को अपने पाले में करना शुरु कर दिया। भाजपा उम्मीदवारों के चयन में जुटी रही और कांग्रेस पार्टी भाजपा के करीब दर्जन भर पदाधिकारियों और इससे ज्यादा कार्यकर्ताओं को अपनी तरफ लाने में कामयाब हो गई। हड़बड़ाहट में भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की पहली सूची जारी कर कांग्रेस को बताने का प्रयास किया कि हम आपसे आगे हैं (BJP Candidate list)। दरअसल भाजपा को यह नहीं मालूम था कि कांग्रेस के रणनीतिकार यही तो चाहते थे। भाजपा ने जो सूची जारी की उसमें एक-दो को छोड़ दिया जाए तो कुछ ज्यादा चौकाने वाली लिष्ट नहीं थी। ज्यादातर पिटे हुए मोहरों पर भाजपा ने फिर दांव लगाया। कांग्रेस यह भी चाहती थी कि पहले भाजपा अपने पत्ते खोले जिससे उनके खिलाफ अपने प्रत्याशियों का ऐलान करने में कांग्रेस को आसानी हो सके। कांग्रेस भाजपा से वचन पत्र के मामले में धोखा भी खा चुकी थी। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र के कुछ वचन सार्वजनिक कर दिए जिसका तोड़ सीएम शिवराज ने तत्काल निकाल लिया और कांग्रेस के वो वचन फीके पड़ गए। कांग्रेस नेताओं ने यहां से सबक लेते हुए वचन पत्र में आगे क्या शामिल होने वाला है उसका खुलासा बंद कर दिया। कांग्रेस की हड़बड़ाहट के कारण भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा का आगाज किया है जिसमें सारे नेता लग गए हैं इस बीच कांग्रेस अपने उम्मीदवारों पर मंथन करने में जुट गई है। अब कांग्रेस ने भी रणनीति तैयार की है जिसके तहत अब इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। भाजपा द्वारा कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोप का करारा जवाब दिया जाएगा। यह निर्णय रविवार रात पीसीसी चीफ कमलनाथ के निवास पर हुई बैठक पर लिया गया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कमलनाथ के निवास पर चली करीब डेढ़ घंटे की बैठक में निर्देश दिए गए कि भाजपा सरकार के खिलाफ जो आरोप पत्र जारी किया गया है उसके आधार पर घेराबंदी की जाए। मंहगाई,बेरोजगारी,कानून ब्यवस्था,अनुसूचित जाति-जनजाति,अन्य पिछड़ा वर्ग के उत्पीड़न के मुद्दों को प्रमुखता के साथ जनता के बीच रखा जाएगा।

सिंधिया समर्थक उम्मीदवारों पर फंसा पेंच,पार्टी हाई कमान डैमेज कंट्रोल में जुटा
मप्र भाजपा की दूसरी सूची में सिंधिया समर्थकों (Scindia supporters) की दावेदारी ने पेंच फंसा दिया है। जिन सीटों पर समर्थक टिकट मांग रहे हैं, वहां पुराने भाजपा नेता सक्रिय हैं। इधर पार्टी को भी जिताऊ चेहरे की तलाश है। मध्य प्रदेश की सियासत में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) का बड़ा कद है जिसके भरोसे वर्ष 2020 में भाजपा ने उस कांग्रेस से सत्ता छीनी थी। पिछले कुछ महीनो से ज्योतिरादित्य सिंधिया का समय ठीक नहीं चल रहा है। पिछले कुछ समय में फोन के पांच बड़े वफादार अब तक कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं। इतना ही नहीं भिंड के गोहद से रणवीर सिंह जाटव (Ranveer Singh Jatav) का टिकट काटने के बाद समर्थ कौन है जिस तरह से खून से खत लिखकर अपनी विवशता को दर्शाया था ,उससे यह लगने लगने लगा है कि आने वाले समय में सिंधिया के कुछ और वफादार उनका साथ छोड़ सकते हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक हारी हुई सीट पर प्रत्याशी तय करने बैठे भाजपा के निर्णयकर्ताओं को अपनी अनुशंसा सहित जिस सूची को दिल्ली भेजा है,उसमें कई सिंधिया समर्थकों के नाम गायब बताए जा रहे है। इनमें से चंबल-ग्वालियर अंचल की वो सीटें शामिल हैं। उपचुनाव में हारे सिंधिया समर्थकों की दावेदारी भी अब कमजोर पड़ती जा रही है। गौरतलब है कि जब उपचुनाव हुए तो भाजपा ने सिंधिया समर्थकों को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था। तब इन समर्थकों के लिए भाजपा के पुराने नेताओं ने अपनी कुर्बानी दी थी। इनमें से कई ऐसे नेता हैं,जिन्होने भाजपा को अपने-अपने क्षेत्रों में खड़ा किया था। लेकिन सरकार को बहुमत लाने के लिए इन नेताओं ने तब चुप्पी साध ली थी। और अब ऐसी स्थिति नहीं है उपचुनाव में सिंधिया समर्थक 6 नेताओं को हार का सामना करना पड़ा था। जिससे उनकी दावेदारी कमजोर पड़ी है और अब पार्टी का पूरा फोकस जिताऊ चम्मीदवार पर आकर टिक गया है। ऐसे में इन समर्थकों के साथ-साथ इस चुनाव में टिकट की आस लगाए बैठे नेताओं की भी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।

भाजपा के चार लोग विधानसभा चुनाव फतह करने की बनाएंगे रणनीति
मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस को किसी प्रकार का मौका नहीं देना चाहती है (MP elections 2023)। यही कारण है कि भाजपा ने ना सिर्फ 39 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है बल्कि चुनाव कैसे जीतना है उसके लिए भी भाजपा उम्मीदवारों को ट्रेनिंग दे रही है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सभी 39 प्रत्याशियों को बुलाया गया है। इस बैठक (BJP Meeting) में प्रत्याशियों के अलावा विधानसभा प्रभारी,विधानसभा विस्तारक और विधानसभा संयोजकों को शामिल किया गया है। इन चार लोगों के भरोसे ही हर विधानसभा सीट को जीतने की रणनीति तैयार की जा रही है। ट्रेनिंग देने वालों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav),सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw),चुनाव संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (Vd Sharma) भी ट्रेनिंग सेशन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही अपनी बात रखी और फिर वो निकल गए। इस बीच इन सभी उम्मीदवारों को वरिष्ठ नेताओं की ओर से टिप्स दिए गए। उन्हे बताया गया कि आप चुनाव मैदान में उतरेंगे मुद्दे क्या रहेंगे। जनता के सवालों का आरोपों का कैसे जवाब देना है। विपक्षी पार्टी पर कैसे पलटवार करना है इन सभी चीजों पर भाजपा पदाधिकारियों की तरफ से काफी फोकस किया जा रहा है। भाजपा में बैठकों का दौर अगले दो दिनों तक और चलने वाला है। भारतीय जनता पार्टी ने हर विधानसभा सीट में अलग-अलग तरह के चार लोगों को जिम्मेरी सौंप कर यह भी कहा है कि आपको आपसी सामंजस्य के साथ काम करना है। विधानसभा प्रभारी पार्टी की गुटवाजी को खत्म करने का काम करेंगे तो विस्तारक ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क साध कर पार्टी के प्रति माहौल तैयार करेंगे। संयोजक उम्मीदवारों के अलावा अन्य सभी के ऊपर निगरानी रखेंगे जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी वहां सुधार करने की कोशिश करेंगे स्थिति कंट्रोल से बाहर होगी तो वो सीधे भोपाल में बड़े पदाधिकारियों से संपर्क साधेंगे।

एग्रेसिव मूड में भाजपा,चुनाव से पहले सभी प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी
प्रदेश में पांचवीं बार सत्ता हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी एग्रेसिव मूड में आ गई है (BJP MP)। चुनावी रणनीति से लेकर डैमेज कंट्रोल और एंटीइनकमबेंसी जैसी बाधाओं के लिए पार्टी जहां नतीजे कारक नर्णय ले रही है तो वहीं अपने प्रत्याशियों के नामों पर भी जल्द मोहर लगाने की तैयारी में है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले लगभग सभी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर देगी। मप्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी करने में भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया है। पिछले दिनों 39 प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक कर पार्टी ने यह बता दिया है कि वो हर मोर्चे में अव्वल है,पता चला है कि 27 से 30 अगस्त के मध्य 64 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी जाएगी। उसी दौरान भाजपा के केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक भी प्रस्तावित है। इसके बाद 15 सितंबर तक भाजपा की तीसरी सूची जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। पार्टी सूत्रों की माने तो चुनाव आचार संहिता लागू होने तक भाजपा कुछ सीटों को छोड़ कर बांकी सभी सीटों में अपने प्रत्याशियों के ऐलान की योजना बना चुकी है। इसके पीछे भाजपा की रणनीति है कि कहीं भी प्रत्याशियों को लेकर विवाद या विरोध है या उन्हे लेकर गुटवाजी है तो समय रहते उसे दूर किया जा सके। जिससे पार्टी को चुनाव के दौरान किसी तरह का नुकसान ना हो। भाजपा हारी सीटों पर जल्द ही दूसरी सीट जारी करने वाली है लिहाजा उसके लिए चुनाव प्रबंधन और चुनाव संचालन से जुड़े बड़े नेता बुधवार से लेकर 25 अगस्त तक भोपाल प्रदेश कार्यालय में मंथन करेंगे। तीन दिनों में प्रत्याशियों के नामों पर विचार कर संभावित सूची तैयार की जाएगी। जिसे अंतिम मंजूरी के लिए केन्द्रीय चुनाव समिति के पास भेजा जाएगा।

भाजपा का मास्टर स्ट्रोक 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान,दूसरी सूची जल्द होगी जारी
भारतीय जनता पार्टी ने 39 (BJP MP) प्रत्याशियों की सूची जारी कर कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फेरने का काम किया है। अभी तक कांग्रेस लगातार कहती रही है कि वो लगातार हारने वाली सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर देगी लेकिन हुआ उसके ठीक उलट। कांग्रेस से पहले भारतीय जनता पार्टी ने 39 विधानसभा सीटों में अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। मतलब साफ है भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशियों को लंबा समय देना चाहती है जिसके चलते भाजपा ने एमपी और सीजी की संयुक्त रुप से पहली सूची जारी कर सभी राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के लिए अभी तीन महीनों से ज्यादा का वक्त बचा है चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है लेकिन भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने सूची जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा का नेतृत्व एमपी विधानसभा को कितनी गंभीरता के साथ देख रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा की दूसरी लिष्ट भी तैयार है। उस लिष्ट में पैनल बनाए गए हैं और पैनल में शामिल दावेदारों के नामों का सर्वे चल रहा है। जैसे ही निजी एजेंसिया अपनी सर्वे रिपोर्ट केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपेगी ठीक उसके तुरंत बात भाजपा अपने मजबूत उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर देगी। भाजपा का मानना है कि चुनाव जीतना है तो उम्मीदवारों को वक्त देना होगा। कांग्रेस जब तक भाजपा की अगली रणनीति को समझने का प्रयास करेगी तब तक भाजपा कांग्रेस को अगला झटका दे चुकी होगी।