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कांग्रेस में उम्मीदवारों का अकाल,पूछ रही सवाल क्या गारंटी है टिकट मिला तो आप अंत तक टिके रहेंगे
भोपाल

कांग्रेस में उम्मीदवारों का अकाल,पूछ रही सवाल क्या गारंटी है टिकट मिला तो आप अंत तक टिके रहेंगे

कांग्रेस पार्टी जिन नेताओं पर दांव लगाने का सोचती है वही नेता भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लेते हैं। मंगलवार को कांग्रेस के दस नामों की जारी सूची में स्पष्ट नजर आया कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के पास आज उम्मीदवारों का अकाल पड़ चुका है (congress lok sabha candidate list) । कांग्रेस पार्टी ने दस उम्मीदवारों में तीन वर्तमान विधायकों को चुनावी मैदान में उतारा है उससे यह तस्वीर साफ हो गई कि कांग्रेस में उम्मीदवारों का अकाल पड़ गया है। हार के डर से पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह,विवेक तन्खा सहित कई नेताओं ने चुनाव लड़ने से साफ मना कर दिया है। ऊपर से कांग्रेस जिन नेताओं पर दांव लगाने का सोचती है वही नेता अगले दिन भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लेते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस नेत्रृत्व ने जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह और सागर से अरुणोदय को भी लोकसभा में उतारने की रणनीति बनाई थी लेकिन इन दोनों नेताओं ने ऐन मौके पर कांग्रेस का हाथ छोड़ फूल का दामन थाम लिया। दिल्ली में जब कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक हुई तो सबसे पहले यही सवाल उठा कि जिन नेताओं को वो टिकट देंगे उनकी मैदान में टिके रहने की क्या गारंटी है। पिछले एक हफ्ते से कांग्रेस का केन्द्रीय नेत्रृत्व लगातार अपने नेताओं को फोन करके सवाल कर रहा है कि चुनाव लड़ने की इच्छा है क्या? और अगर पार्टी आपको टिकट देती है तो क्या आप चुनाव मैदान में डटे रहेंगे। इस प्रकार के कई सवाल कांग्रेस नेत्रृत्व द्वारा संभावित दावेदारों से किए जा रहे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी की ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस की कमर तोड़ने का पूरी तरह से मन बना लिया है। वो लगातार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल कराते जा रहे हैं इसी लिए पूरी कांग्रेस में खलबली मची हुई है। कांग्रेस पार्टी में बचे खुचे नेताओं को सक की नजर से देखा जा रहा है। कोई भी नेता एक दूसरे पर विश्वास नहीं कर रहा है।

12/3/2024148
कांग्रेस टिकट देने से पहले पूछ रही पार्टी तो नहीं छोड़ोगे,आज 14 उम्मीदवारों की घोषणा करेगी कांग्रेस
भोपाल

कांग्रेस टिकट देने से पहले पूछ रही पार्टी तो नहीं छोड़ोगे,आज 14 उम्मीदवारों की घोषणा करेगी कांग्रेस

कांग्रेस पार्टी ने केन्द्रीय चुनाव समिति (congress cec meeting) की बैठक में एमपी की 14 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों का नाम तय कर लिया है (congress candidate list)। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में सोनिया गांधी की मौजूदगी में उम्मीदवारों के नामों पर मंथन किया गया। बैठक में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर भी शामिल हुए। बैठक के बाद जानकारी देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि 70% सीटों पर नाम तय कर लिए गए हैं। सर्वे के आधार पर जो नाम सर्वश्रेष्ठ थे उन्ही नामों पर सहमति बनी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा से नकुलनाथ एक बार फिर चुनाव मैदान में होंगे। जिन सीटों पर सिंगल नाम थे उन सीटों को भी फायनल कर दिया गया है। कांग्रेस के पास उम्मीदवारों की कमी का मुद्दा भी इस बैठक में जमकर गर्माया है। कांग्रेस के कई ऐसे दावेदार थे जिन्हे पार्टी लोकसभा में उतारने जा रही थी लेकिन उन्होने नाम की घोषणा से पहले ही कांग्रेस का हाथ छोड़ कर फूर थाम लिया जिसके कारण कांग्रेस पार्टी को उम्मीदवारों की घोषणा करने पर दिक्कत हो रही है। कांग्रेस के नेता एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं। टिकट देने से पहले कांग्रेस अपने संभावित दावेदारों से पूछ रही है कि ऐन मौके पर पार्टी छोड़ कर तो नहीं जाओगे। जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी ने मिशन कांग्रेस मुक्त अभियान चला कर कांग्रेस नेताओं को भाजपा में शामिल करने का अभियान चलाया है उससे कांग्रेस का केन्द्रीय नेत्रृत्व काफी सहमा हुआ है। कांग्रेस के नेता पूरे दम-खम के साथ लोकसभा चुनाव लड़ने की बात तो कर रहे हैं लेकिन उन्हे यही विश्वास नहीं हो रहा कि जिन्हे वो टिकट दे रहे हैं क्या वास्तव में वो नामांकन के आखिरी दिन तक कांग्रेस पार्टी में रहेंगे अथवा मौके पर पार्टी का दामन छोड़ कर हाथ में फूल तो नहीं थाम लेंगे।

11/3/2024211
'जय वीरु' की दोस्ती में दरार,दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रचार से बनाई दूरी
भोपाल

'जय वीरु' की दोस्ती में दरार,दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रचार से बनाई दूरी

विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों और 'पुराने दोस्तों' में ठन गई है(MP Elections)। कमलनाथ से नाराज होकर दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने प्रचार अभियान से दूरी बना ली है। दमोह में प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के कार्यक्रम से भी वह नदारद रहे। टिकट वितरण और उससे उपजे असंतोष पर कमलनाथ (Kamal Nath) के 'दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़ो' वाले बयान ने कांग्रेस में असहज स्थिति बना दी है। कांग्रेस के चुनाव अभियान के दो अग्रणी नेताओं में मनभेद हो गया है। कमलनाथ से नाराज होकर दिग्विजय सिंह कोपभवन में चले गए हैं। न तो कांग्रेस के कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं और न ही बगावत शांत करने में सक्रिय दिख रहे हैं। दमोह में प्रियंका गांधी की सभा में भी वह नहीं दिखे। नदारद ही रहे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार दिग्विजय सिंह अपने कुछ समर्थकों को टिकट दिलाना चाहते थे (congress candidate list)। कमलनाथ ने फीडबैक सर्वे के बहाने उनकी इच्छा को अस्वीकार कर दिया। इससे उखड़े दिग्विजय सिंह ने खुद को अपने भोपाल के बंगले में कैद कर लिया है। शुक्रवार को उन्होंने पार्टी के मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) से भी मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। इसमें भी कोई रास्ता नहीं निकला है। उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि दिग्विजय सिंह फिर से बागियों और बगावत करने वाले नेताओं का गुस्सा शांत करने की अपनी भूमिका को निभाएं। हालांकि, दोनों ही तरफ से नाराजगी या असंतोष को लेकर कोई बयान नहीं है। दिग्विजय सिंह खुले तौर पर स्वीकार कर चुके हैं कि कोलारस विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रहे वीरेंद्र रघुवंशी (Veerendra Raghuvanshi) को कांग्रेस में शामिल होने के बाद शिवपुरी में टिकट मिलना चाहिए था। टिकट नहीं मिल सका, इसका उन्हें खेद है। कमलनाथ के कपड़ा फाड़ बयान को लेकर उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों बहुत पुराने दोस्त हैं। उन्हें मुझे गाली देने और मेरे कपड़े फाड़ने की पॉवर ऑफ अटॉर्नी दे रखी है। भाजपा भी इसका लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। लगातार हमले किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) से लेकर केंद्रीय नेता तक दिग्विजय सिंह की नाराजगी और कपड़े फाड़ने के बयान को मुद्दा बना चुके हैं। भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी (Pankaj Chaturvedi) ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कपड़ा फाड़ से बहिष्कार तक बात पहुंच गई है। दिग्विजय सिंह शुक्रवार को प्रचार के लिए नहीं निकले। वह पीसीसी चीफ कमलनाथ से नाराज होकर कोप भवन में चले गए हैं।

28/10/2023114
'जय और वीरु' की दोस्ती में दरार नहीं डाल पाएगा 'गब्बर सिंह'
भोपाल

'जय और वीरु' की दोस्ती में दरार नहीं डाल पाएगा 'गब्बर सिंह'

मप्र विधानसभा चुनाव में जय वीरु और गब्बर सिंह की एंट्री हो चुकी है। दरअसल खबर है कि प्रत्याशी चयन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh)!कमलनाथ (Kamal nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) से नाराज चल रहे हैं। जिस पर सफाई देते हुए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस में किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है। सवाल इस बात का उठता है कि कांग्रेस में क्या चल रहा है इस बात के लिए भाजपा वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है। गौरतलब है कि प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस (mp congress) में अलग-अलग जिलों से लेकर प्रदेश कार्यालय तक जम कर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। और यही कारण है कि दिग्विजय सिंह पार्टी से नाराज चल रहे हैं उन्हे मनाने के लिए प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला दिग्विजय सिंह के निवास भी गए थे और अब उसके बाद ही रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की जोड़ी जय वीरु वाली दोस्ती है जिसे कोई गब्बर तोड़ नहीं पाएगा। जिसके चलते कांग्रेस ने कई उम्मीदवारों को बदला भी है। कुछ उसी प्रकार से कांग्रेस में अलग-अलग जगहों पर विरोध हो रहा है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी की ओर से दोनों नेताओं को जय वीरु कहने के बाद अब यह बात चल रही है कि दोनों के बीच कुछ तो चल रहा है। रणदीप सुरजेवाला ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर कई तरह का आरोप लगाया है। उन्होने सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) पर किसानों के साथ छल करने का भी आरोप लगाया है।

28/10/2023100
भाजपा और कांग्रेस में धधकी  विरोध की ज्वाला,प्रत्याशी चयन में पीसीसी चीफ कमलनाथ के निवास पर प्रदर्शन
भोपाल

भाजपा और कांग्रेस में धधकी विरोध की ज्वाला,प्रत्याशी चयन में पीसीसी चीफ कमलनाथ के निवास पर प्रदर्शन

एमपी में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस पार्टी की तरफ से उम्मीदवारों का ऐलान हो चुका है (Madhya Pradesh Elections)। लेकिन दोनों ही दलों की सूचियां जारी होते ही विरोध की आग दोनों दलों में धधकने लगी है। इसका असर भाजपा से ज्यादा कांग्रेस कार्यालय में ज्यादा देखने को मिल रहा है (congress protest)। अलग-अलग सीटों पर कांग्रेस के अन्य दावेदार खुद को ज्यादा मजबूत बता कर पार्टी के नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं। विरोध इतना बढ़ गया है कि कुछ समर्थकों ने पीसीसी कार्यालय के बाहर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) का पुतला दहन कर दिया तो कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) के निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए टायर में आग लगा कर अपना विरोध दर्ज कराया। हाल कुछ ऐसा ही भाजपा का भी है जहां प्रदेश कार्यालय में तो जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ ही है साथ ही भाजपा के अलग-अलग जिला कार्यालयों में भी जमकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है (BJP Protest)। हांलाकि भारतीय जनता पार्टी विरोध को शांत करने में काफी माहिर मानी जाती है। इसी लिए भाजपा ने अप्रिय स्थितियों से निपटने और कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया है जो डैमेज को कंट्रोल करने का पूरा प्रयास कर रही है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की 47 सीटों पर बगावत की आग धधक रही है तो भाजपा की 27 सीटों पर कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। विरोध का आलम ये है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के नाराज कार्यकर्ता 5 - 5 सीटों से बागी होकर चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं। अब बात उन सीटों की करते हैं जिनमें कांग्रेस के कार्यकर्ता काफी नाराज हैं। सुमावली, ग्वालियर, दतिया, पिछोर, निवाड़ी, नागौद, सिरमौर, सेमरिया, रीवा, गोटेगांव, पिपरिया, कुरवाई, भोपाल उत्तर, बैरसिया, गोविंदपुरा, हुजूर, नरसिंहगढ़, खातेगांव, नेपानगर, बुराहनपुर, बदनावर, रतलाम ग्रामीण, जावरा, जौरा, ग्वालियर ग्रामीण, डबरा, सेवढ़ा, भांडेर, सुर्खी, नरयावली, खरगापुर, बिजावर, पवई, गुन्नौर, नागोद, त्योंथर, हरदा, बुधनी, इंदौर 4, उज्जैन उत्तर, आलोट शामिल हैं। वहीं बीजेपी की बात करें तो उनको इन सीटों पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। टीकमगढ़, पवई, भोपाल दक्षिण पश्चिम, त्योंथर, जबलपुर उत्तर, बुराहनपुर, जोबट, अलीराजपुर, कालापीपल, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर दक्षिण, अटेर, रैगांव, नागौद, वारासिवनी, नर्मदापुरम, भिंड, महू, मनावर, महेश्वर और देपालपुर शामिल हैं। अब सवाल इस बात का उठता है कि मतदान 17 नवंबर को होना है और 30 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख है ऐसी स्थिति में भाजपा और कांग्रेस किस प्रकार से डैमेज कंट्रोल कर पाएंगी यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

22/10/2023116
दक्षिण-पश्चिम की 108 V/S 'भगवान' की लड़ाई,सतह पर आई
भोपाल

दक्षिण-पश्चिम की 108 V/S 'भगवान' की लड़ाई,सतह पर आई

भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी सूची में 92 वे उम्मीदवारों की घोषणा कर अब तक 228 सीटों में अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है (bjp candidate list)। इस सूची में भोपाल की दक्षिण -पश्चिम विधानसभा सीट भी शामिल है। इस सीट के इतिहास पर जाएं तो इस सीट से जिस पार्टी का विधायक जीता है उसी की प्रदेश में सरकार बनी है। पहले इस सीट से पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता (Umashankar Gupta) जीता करते थे लेकिन साल 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने जीत दर्ज की और प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई। पीसी शर्मा उन नेताओं में शुमार किए जाते हैं जो 24 घंटे अपने क्षेत्र की जनता के लिए उपलब्ध रहते हैं। 2019 में गणेश चतुर्थी के दौरान एक घटना खटलापुरा में हुई थी जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कई बच्चे तालाब में डूब गए थे। रात के करीब दो बजे थे पीसी शर्मा जी को कहीं से घटना की जानकारी हुई,उस वक्त उनके पास ड्राइवर तक नहीं था लेकिन पीसी शर्मा ने सबकुछ परवाह किए बगैर घटना स्थल पर पहुंचे और अपनी तरफ से यथासंभव मदद की। उसके बाद कोरोनाकाल का दौर आया जब ना सिर्फ दक्षिण-पश्चिम विधानसभा (Bhopal Dakshin Paschim) बल्कि भोपाल की अलग-अलग विधानसभा सीटों की जनता राशन से लेकर उपचार तक के लिए परेशान होकर भटक रही थी उस दौरान भी पीसी शर्मा के दरवाजे लगातार जनता की मदद के लाए खुले रहे। पीसी शर्मा जनता की भलाई के लिए ना सिर्फ शारीरिक अथवा आर्थिक रुप से मदद करने के लिए तैयार रहते हैं बल्कि उनके क्षेत्र की जनता खुशहाल और समृद्ध रहे उसके लिए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सावन के महीने में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन कराया लगातार पार्थिव शिवलिंग का भी निर्माण कराया,हाल ही में जब भाजपा और कांग्रेस के नेता टिकट के लिए अपने हाई कमान के पास चक्कर काट रहे थे उस दौरान पीसी शर्मा शास्त्री नगर में तीन दिवसीय भागवत कथा का आयोजन कर रहे थे। पीसी शर्मा हमेशा कहते हैं कि वो दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में आने वालों को वोटर नहीं बल्कि अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। चुनाव वो पद अथवा प्रतिष्ठा के लिए नहीं लड़ते बल्कि जनता की सेवा के लिए वो चुनाव लड़ते हैं जिससे वो अपने क्षेत्र के जनता की पूरी शक्ति के साथ सेवा कर सकें।

22/10/202394
आग इधर भी है आग उधर भी है,अब देखना है इस आग में घी कौन डालता है
भोपाल

आग इधर भी है आग उधर भी है,अब देखना है इस आग में घी कौन डालता है

सियासी आग इस वक्त प्रदेश में इस कदर जल रही है कि उसकी लपटें प्रदेश के हर कोने में जल रही हैं और धुंआ चारों ओर फैला हुआ है (MP elections)। दरअसल मतदान की तारीख जितनी करीब आती चली जा रही है चुनाव का नशा और उसकी खुमारी उसी प्रकार बढ़ती चली जा रही है। जिन वर्तमान विधायकों का टिकट कटा वो हार मानने के लिए तैयार नहीं हैं। और जिन्हे टिकट मिला उन्हे भाजपा और कांग्रेस अपना बेस्ट आप्शन मान कर चल रहे हैं। अब बात करते हैं उम्मीदवारों के चयन और सरकार के रास्ते का। कांग्रेस ने पहली सूची में 144 नामों की घोषणा की जिसमें कांग्रेस यह मान कर चल रही है कि उसमें पार्टी को कमसे कम 120 सीटें मिलेंगी (congress candidate list)। दूसरी सूची 88 नामों की आई जिसमें कांग्रेस यह मान कर चल रही है कि उसके खाते में 30 विधायक आएंगे। कुल मिला कर कांग्रेस का यह मानना है कि उसके 150 विधायक आएंगे। कांग्रेस के कुछ नेताओं का यह मानना है कि 150 विधायक आएंगे तो भाजपा खरीद फरोख्त नहीं कर पाएगी,इसी लिए कांग्रेस पार्टी 150 से अधिक विधायकों का लक्ष्य लेकर चल रही है। कांग्रेस की जिस प्रकार 2020 में सरकार गिरी उसके बाद कांग्रेसी खेमें में विश्वास की कमी आई और यही कारण है कि कांग्रेस नेता चाहते हैं कि माहौल का फायदा उठाया जाना चाहिए और कमसे कम 150 विधायकों की जीत होनी चाहिए। वहीं भारतीय जनता पार्टी है कि वो सत्ता को अपने हाथ से जाने नही देना चाहती है। जिसके चलते आलम ये है कि भाजपा अभी भी 94वे उम्मीदवारों का ऐलान नहीं कर पाई है (bjp candidate list)। भाजपा के नेताओं का मानना है कि गिरी हालत में उसके 120 से 130 विधायक जीत कर आएंगे। मतलब साफ है कि भाजपा किसी भी सूरत में सत्ता को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है।

21/10/2023154
आज जारी होगी भाजपा की सूची,27 हारी सीटों पर भी होंगे चौकाने वाले नाम
भोपाल

आज जारी होगी भाजपा की सूची,27 हारी सीटों पर भी होंगे चौकाने वाले नाम

कांग्रेस पार्टी ने 230 विधानसभा सीटों में 229 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है,एक नाम बैतूल का रोका गया है (congress candidate list)। लेकिन भारतीय जनता पार्टी को 94वे सीटों पर अब भी उम्मीदवारों का ऐलान करना बांकी है (bjp candidate list)। भाजपा अभी 136 सीटों में ही उम्मीदवारों की घोषणा कर पाई है। अब कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद भाजपा पर भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने का दबाव है लिहाजा दिल्ली में आज होने वाली भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक में बची हुई सीटों पर मंथन होना है,सबसे बड़ी बात यह है कि इन 94वे सीटों पर 27 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां पर साल 2018 में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। लिहाजा ऐसी सीटों पर भाजपा को काफी माथापच्ची करनी पड़ रही है। बैठक के दौरान 58 विधायकों की किस्मत का भी भाजपा हाई कमान को फैसला करना बांकी है। ये वो नाम हैं जिनका परफॉर्मेंश खराब बताया गया है। भाजपा के हर सर्वे में इन विधायकों की रिपोर्ट खराब बताई जा रही है। लेकिन भाजपा संगठन टिकट काटने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा है। भाजपा को डर सता रहा है कि जिस विधायक का वो टिकट काटेंगे वो भाजपा के विरोध में गतिविधियां चलाएगा और चुनाव में काफी नुकसान हो सकता है। आज होने वाली भाजपा की दिल्ली की बैठक में इन्ही सब बातों पर विचार किया जाएगा। और फिर उम्मीदवारों के नामों को फायनर करके सूची जारी कर दी जाएगी।

20/10/2023272
कांग्रेस ने 88 प्रत्याशियों की जारी की सूची,छह विधायकों के काटे टिकट
भोपाल

कांग्रेस ने 88 प्रत्याशियों की जारी की सूची,छह विधायकों के काटे टिकट

विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार देर रात को प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी (congress second list) । इसमें 88 नाम हैं, जिसमें में पहली सूची में घोषित तीन प्रत्याशी के टिकट भी बदले गए हैं। पार्टी ने छह विधायकों के टिकट काटे हैं। सूची के अनुसार अब दतिया से अवधेश नायक की जगह राजेंद्र भारती, गोटेगांव में शेखर चौधरी की जगह नर्मदा प्रसाद प्रजापति यथावत और पिछोर से शैलेंद्र सिंह का टिकट काटकर अरविंद लोधी को प्रत्याशी बनाया गया है। भोपाल दक्षिण-पश्चिम से पीसी शर्मा,गोविंदपुरा से रवीन्द्र साहू,हुजूर से नरेश ज्ञानचंदानी और भोपाल उत्तर से विधायक आरिफ अकील के उत्तराधिकारी के तौर पर आतिफ अकील मैदान में होंगे। छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ ने जिन तीन प्रत्याशियों के नाम पहले घोषित किए थे उन्हें शामिल करते हुए 88 प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है (congress candidate list)। अब केवल बैतूल जिले की आमला सीट का प्रत्याशी घोषित होना बांकी है। कांग्रेस यहां से राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी निशा बांगरी को चुनाव लड़ना चाहती है। पर अभी शासन ने उनका त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया है। शिवपुरी से प्रत्याशी केपी सिंह को वापस किशोर भेजे जाने की चर्चा थी लेकिन पार्टी अपने पूर्व के निर्णय पर कायम रही। यहां से भाजपा से कांग्रेस में आए विधायक वीरेंद्र रघुवंशी का प्रत्याशी बनने की मांग रघुवंशी समाज कर रहा था। भिंड से एक बार फिर चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को मैदान में उतर गया है वह भाजपा से फिर कांग्रेस में लौटे हैं।

19/10/2023228
पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची
भोपाल

पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची

बड़ी पुरानी कहावत है कि पहले आप -पहले आप। और इस कहावत को चरितार्थ कर रही हैं वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और भारतीय जनता पार्टी (MP Elections)। दरअसल भाजपा ने चार सूचियों में कुल 136 विधानसभा में अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है (BJP Candidate list)। वहीं कांग्रेस ने पहली सूची में ही 144 नाम का ऐलान कर दिया था (Congress Candidate list)। लेकिन अब भाजपा (mp bjp) और कांग्रेस (mp congress) एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा ने जिन चार सूचियों में 136 नाम का ऐलान किया है उसमें से कुछ नाम पर भाजपा में अब भी संशय की स्थिति बनी है। ठीक इसी तरह कांग्रेस ने भी जिन 144 नाम की घोषणा की है उन नाम को लेकर पार्टी के अंदर ही जमकर गुटबाजी देखने को मिल रही है और कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार भाजपा की तुलना में कमजोर नजर आ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को रखते हुए भाजपा और कांग्रेस पहले आप- पहले आप के चक्कर में रुके हुए हैं और सोच रहे हैं कि पहले सामने वाली पार्टी अपने पत्ते खोले। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व (BJP meeting) ने एक दिन पहले घंटों तक मंथन किया है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee) की भी बैठक देर रात तक हुई है जिसमें प्रत्याशियों के चयन पर लगातार मंथन हुआ है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने बची हुई 86 सीटों में 49 प्रत्याशियों को फायनल कर लिया है। साथ ही कांग्रेस शिवपुरी और पिछोर के प्रत्याशियों को बदलने पर भी विचार कर रही है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता और दावेदार सूची के इंतजार में भोपाल के अलग-अलग होटलों में डेरा जमाए हुए हैं और रोजाना कार्यालयों में जाकर सूची के बारे में इधर-उधर पूछते हैं और फिर मायूस होकर होटल के कमरे में फिर चले जाते हैं।

18/10/2023103
कांग्रेस में 'धारा 144 लागू' 96 वे विधायकों में 69 को मिला टिकट,सूची में मजबूत उम्मीदवारों की कमी
भोपाल

कांग्रेस में 'धारा 144 लागू' 96 वे विधायकों में 69 को मिला टिकट,सूची में मजबूत उम्मीदवारों की कमी

कांग्रेस पार्टी ने 144 नामों की सूची जारी करते हुए धारा 144 की यादों को ताजा कर दिया है (Congress Candidate list)। इसके उलट भारतीय जनता पार्टी ने चार सूची जारी की जिसमें 39-39,01 और 57 नामों की सूची जारी कर कुल 136 उम्मीदवारों की घोषणा की है (BJP Candidate list)। कांग्रेस पार्टी की सूची में मोहब्बत की दुकान चलाने के लिए एक मुस्लिम उम्मीदवार अरिफ मसूद (Arif Masood) को मौका दिया गया है। कांग्रेस की सूची में यह स्पष्ट नजर आया है कि उनके पास दावेदारों की भारी कमी थी,पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) कहते थे कि दो बार से ज्यादा हारे उम्मीदवारों को टिकट नही दिया जाएगा लेकिन इनमें त्योंथर विधानसभा क्षेत्र से रमाशंकर पटेल (Rama shankar patel) ऐसे उम्मीदवार हैं जो दो बार पहले चुनाव हार चुके हैं और उन्हे तीसरी बार फिर मौका दिया गया है,जबकि यह सीट ब्राम्हण बाहुल सीट मानी जाती है और 35 साल से यहां कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया है। कांग्रेस की पहली सूची में 96 वे विधायकों में 69 को टिकट दिया गया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) के सामने अवधेश नायक (Avdesh Nayak) को चुनाव मैदान में उतारा,अवधेश नायक भाजपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे हैं। सिंधिया के साथ बीजेपी में गए और फिर वापस कांग्रेस में लौटे बैजनाथ यादव (Baijnath Yadav) को कोलारस से टिकट दिया। सुरखी से परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के ख़िलाफ़ जनपद अध्यक्ष नीरज शर्मा (Neeraj Sharma) को प्रत्याशी बनाया है। नरयावली से कांग्रेस ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी पर ही दांव लगाया है। कांग्रेस ने हारे हुए नेताओं को भी टिकट दिया।विजयपुर पूर्व विधायक रामनिवास रावत, जौरा में उपचुनाव हारे पंकज उपाध्याय, अटेर में पूर्व विधायक हेमंत कटारे, मेहगांव में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के भांजे राहुल भदौरिया को प्रत्याशी बनाया… गुना की बमोरी सीट पर पूर्व मंत्री कन्हैया लाल अग्रवाल के बेटे ऋषि अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया,कन्हैया लाल पिछला चुनाव भाजपा के महेन्द्र सिंह सिसोदिया (Mahendra Singh Sisodiya) से हार गए थे। मुंगावली सीट पर भाजपा के पूर्व विधायक रहे स्व. राव देशराज सिंह यादव के बेटे राव यादवेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया,कांग्रेस ने बसपा से चुनाव लड़े नेताओं को भी प्रत्याशी बनाया, ग्वालियर ग्रामीण सीट पर बहुजन समाज पार्टी से पिछला चुनाव लड़े साहब सिंह गुर्जर, भांडेर में पूर्व विधायक फूल सिंह बरैया, पोहरी सीट पर पिछला उपचुनाव लड़े कैलाश कुशवाह, शिवपुरी जिले की पिछोर सीट पर केपी सिंह की जगह शैलेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया,शैलेंद्र के पिता भानु प्रताप सिंह पहले विधायक रह चुके हैं, वर्तमान में शैलेंद्र सिंह नगर पालिका अध्यक्ष हैं। कांग्रेस ने 5 सीटों पर बदलाव किया। कटंगी से टामलाल सहारे की जगह पूर्व सांसद बोध सिंह भगत, गोटेगांव में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की जगह शेखर चौधरी, गुनौर से विधायक शिवदयाल बागरी की जगह जीवन लाल सिद्धार्थ, भगवानपुरा में निर्दलीय विधायक केदार डाबर और झाबुआ में वर्तमान विधायक कांतिलाल भूरिया की जगह बेटे विक्रांत भूरिया (Vikrant Bhuria) को उम्मीदवार बनाया।

15/10/2023224
140 सीटों पर कांग्रेस का मंथन खत्म,पित्रपक्ष के बाद जारी होगी सूची
भोपाल

140 सीटों पर कांग्रेस का मंथन खत्म,पित्रपक्ष के बाद जारी होगी सूची

प्रत्याशी चयन में कांग्रेस पार्टी किसी भी प्रकार की चूक नहीं करना चाहती (congress candidates) । पहले भोपाल में बैठक होती हैं जहां पैनल तैयार किया जाता है। भोपाल में पैनल तैयार करके दिल्ली भेजा जाता है जहां केंद्रीय चुनाव समिति उसे पैनल में चुनिंदा नामों पर मुहर लगाती है। शनिवार को भी ऐसा ही देखने को मिला जब कांग्रेस की दिल्ली में चुनाव समिति की बैठक आयोजित की गई (congress meeting) । इस बात में भी कोई शक नहीं है कि कांग्रेस पार्टी उम्मीदवारों के चयन में कोई जल्दबाजी नहीं कर रही है यही वजह है कि 140 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की पहली सूची पार्टी अब पितृपक्ष के बाद जारी करेगी। प्रत्याशी चयन को लेकर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शनिवार को दिल्ली में आयोजित की गई थी। बैठक की जानकारी देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा कि बहुत सारे नाम पर चर्चा हुई है अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। लेकिन यह निर्णय हम अगले छह -सात दिन में (पित्रपक्ष के बाद) करेंगे। लगभग 140 सीटों पर चर्चा हुई है,सबके सुझाव सुने हैं। एक बार फिर से बैठक बुलाई जाएगी और फिर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि बैठक में लगातार हारने वाली 66 विधानसभा सीटों के अलावा उन सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर भी चर्चा हुई है,जहां एक ही दावेदार का नाम है। जिन नामों पर सहमति बन गई है उन पर विचार करके अंतिम रुप दे दिया गया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस दो से तीन बार में उम्मीदवारों की घोषणा करने की योजना बना रही है।

7/10/2023111
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