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'बड़ी अभागी है कांग्रेस' मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस को क्यों बताया अभागा
भगवान राम 22 जनवरी को राम मंदिर के गर्भगृह (ram mandir pran pratishtha) में स्थापित होने जा रहे हैं। उससे पहले भक्ति के रस में देश सराबोर है तो सियासत भी पूरे शबाब पर है। राम मंदिर के लिए देश भर में निमंत्रण भेजे जा रहे हैं और उसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी को भी निमंत्रण भेजा गया था। लेकिन कांग्रेस ने इस कार्यक्रम में जाने के न्योते को ये कह कर अस्विकार कर दिया कि भाजपा ने इस पूरे कार्यक्रम को राजनीतिक बना दिया है। हांलाकि कांग्रेस आलाकमान के इस फैसले पर कांग्रेस कई अलग-अलग धड़ों में बंट गई है। कांग्रेस आला कमान ने एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए ऐसा किया है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी का कोई भी नेता तंज कसने से पीछे नहीं हो रहा है। इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने भी जमकर चुटकी ली है। मोहन यादव ने कहा कि 'कांग्रेस बड़ी अभागी है' क्योंकि भगवान राम के मंदिर और भगवान राम का सभी को इंतजार था और अब जब राम मंदिर बन रहा है और भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है तो उसमें करीब- करीब सभी शामिल हो रहे हैं लेकिन कांग्रेस आला कमान की तरफ से न्योता अस्विकार होने के बाद कांग्रेस के नेता खुद को तो ठगा सा महसूस कर ही रहे हैं लेकिन भाजपा के नेताओं को तंज कसने का अच्छा मौका भी मिल गया है।

बीजेपी करेगी डबल अटैक,कांग्रेस को चारों खाने चित्त करने के लिए बीजेपी का मास्टर प्लान तैयार
जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी ने देश की जनता को भगवान राम की भक्ति में लीन कर रखा (ram mandir ayodhya) है वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने डबल अटैक की रणनीति तैयार कर कांग्रेस सहित उसके सहयोगी दलों को चारों खाने चित्त करने की रणनीति को भी अमली जामा पहनाने का काम तेज कर दिया है। दरअसल जिस दिन कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए इंकार कर दिया उसी दिन भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सहित उसके सहयोगी दलों को चारों खाने चित्त करने की रणनीति पर काम करना शुरु कर दिया था। कांग्रेस के नेता मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा (ram mandir pran pratishtha) में शामिल नहीं होने के अलग-अलग कारण बता रहे हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी को धर्म विरोधी साबित कर दिया है। देश की जनता भगवान राम के प्रति काफी भावुक है और इसमें भी कोई शक नहीं है कि भगवान राम के मंदिर को लेकर देश की कई पीढ़ियां गुजर गई लेकिन उनको भगवान राम का मंदिर नसीब नहीं हुआ और अब मोदी के राज में जब राम मंदिर बन रहा है तो उसका लाभ भारतीय जनता पार्टी जरुर उठाएगी। और यही कारण है कि ठीक चुनाव के पहले भगवान राम को गर्भगृह में स्थापित कर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर भाजपा की सरकार बनाने का ऐलान करने जा रही है। माना यह भी जा रहा है कि आयोध्या में भगवान राम की स्थापना होते ही भारतीय जनता पार्टी चुनावी बिगुल भी बजाने जा रही है। मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी (congress on ram mandir) को राम से दूरी बनाने काफी मुस्किल बनने वाला है तो वहीं भारतीय जनता पार्टी अपने इस डबल अटैक रणनीति से एकबार फिर अपनी सरकार का रास्ता प्रशस्त करने की ओर तेजी से बढ़ रही है। कांग्रेस ने अन्य राजनीतिक दलों के साथ इंडी गठबंधन बनाया है जिसको अकेले भगवान राम के नाम पर भारतीय जनता पार्टी खत्म करने के फॉर्मूले की ओर बढ़ चुकी है।