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कांग्रेस नए मॉडल हिंदुत्व से डरीःअजीज कुरैशी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीज कुरैशी (aziz qureshi) ने कांग्रेस पार्टी पर मुस्लिमों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। साथ ही पूर्व राज्यपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेताओं के कथा कराने और कांग्रेस दफ्तर में सुंदरकांड कराने को लेकर भी अजीज कुरैशी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व राज्यपाल और कांग्रेस नेता अजीज कुरैशी ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर कथा कराने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में इस तरह के आयोजन ठीक नहीं हैं. कांग्रेस ने कहा कि अजीज उम्र के जिस पड़ाव पर है, उन्हें ईश्वर को उनके अपने आराध्य को याद करना चाहिए. धार्मिक विवाद में पड़ने की कुरैशी को जरूरत नहीं है. बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन हो या सुंदरकांड कांग्रेस वोट बैंक की सियासत करती है। अजीज कुरैशी के बयान पर कांग्रेस के नेताओं ने हमला बोलना शुरु कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अजीज कुरैशी को कांग्रेस पार्टी ने सब कुछ दिया है। सांसद भी बने राज्यपाल भी बने। कई अहम पदों पर रहे। शायद यह सारी बातें अजीज कुरैशी जी को याद नहीं आई. उनके जैसे जिम्मेदार व्यक्ति को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए. अजीज उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, उन्हें ईश्वर को उनके अपने आराध्य को याद करना चाहिए. राजी खुशी से बच्चों के साथ परिवार के साथ बिताना चाहिए. धार्मिक विवाद में पड़ने की कुरैशी को जरूरत नहीं. धार्मिक भावनाओं को लेकर बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। बीजेपी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन हो या सुंदरकांड कांग्रेस वोट बैंक की सियासत करती है। यही कांग्रेस की सबसे बड़ी विशेषता है। रोज इफ्तार में जालीदार टोपी लगाकर जाते हैं। चुनावी दौर में सुंदरकांड करते हैं. आपस में ही लड़ भिड़ रहे हैं और कांग्रेसी धर्म के नाम पर एकमत नहीं होते हैं।

भाजपा को करारा जवाब देगी कांग्रेस की चेतना सभा,हर विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंचने का लक्ष्य
भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी चेतना सभा का आयोजन कर रही है (congress chetna sabha)। कांग्रेस की ओर से गांवों में चेतना सभा का आतोजन किया जाएगा। और इस चेतना सभा के माध्यम से कांग्रेस करीब 50 हजार घरों में पहुंचने वाली है। कांग्रेस पार्टी इसके माध्यम से 50 प्रतिशत कमीशन और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाएगी। कांग्रेस की ओर से यह अभियान 15 सितंबर तक चलाया जाएगा। कांग्रेस पदाधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में सत्ता वापसी के लिए पार्टी के कार्यकर्ता अति उत्साहित हैं और उसका फायदा उठाते हुए पार्टी ने चेतना अभियान चलाने की योजना तैयार की है। दरअसल अति उत्साह के चलते कांग्रेस के कार्यकर्ता निष्कृय होते चले जा रहे थे यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी के हाई कमान ने चेतना अभियान चलाने की योजना तैयार की है। जिला अध्यक्ष और प्रभारियों की सामूहिक बैठक में निर्देश दिए गए गांवों में चेतना सभाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। जिसमें भ्रष्टाचार,50% कमीशन और झूठी घोषणाओं के विषया को उठाया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंच कर भाजपा सरकार के विरोध में पर्चे वितरित किए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर भाजपा की बात करें तो साल 2003 से पहले की याद को फिर से ताजा करने के लिए वीडियो वार की तैयारी की जा रही है। जिसकी थीम भी तैयार कर ली गई है। जिसके तहत वीडियो में एक महिला अपनी बेटी से कहती नजर आएगी कि 'बेटी ये वही शिवराज सरकार है जिसकी बदौलत तेरा ब्याह हुआ' मिशन- 2023 की तैयारियों में जुटी भाजपा इंटरनेट मीडिया का सर्वाधिक इस्तेमाल का प्लान तैयार कर रही है। भाजपा का थिंक टैंक ऐसी सामग्री तैयार कर रहा है जो महिलाओं को आकर्षक लगे और वो भावनात्मक तरीके से सीएम शिवराज से जुड़ पाएं। 'शिवराज नहीं होता तो क्या होता' जैसी कई पंचलाइनें तैयार की जा रही हैं जो महिलाओं को असर पहुंचा सकें और वो सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) को भाई के रुप में स्वीकार कर एक बार फिर भाजपा को वोट दे सकें।

स्पेशल 100 कांग्रेस के जीत का तैयार करेंगे मास्टर प्लान
मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पार्टी इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों का भरपूर इस्तेमाल करने जा रही है। इसके लिए कांग्रेस ने वार रुम बनाने के साथ प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 100-100 कार्यकर्ता तैयार किए हैं (MP Congress)। इन कार्यकर्ताओं को कमलनाथ (Kamalnath) के स्पेशर 100 का नाम दिया गया है। इनका काम प्रत्याशियों और पार्टी का प्रचार सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर सूचनाएं प्रसारित करने से लेकर फीडबैक जुटाने का होगा। पार्टी का आईटी विभाग विभिन्न मुद्दों को लेकर वीडियो भी तैयार करवा रहा है, जिन्हे प्रत्याशियों की घोषणां के साथ ही प्रसारित किया जाने लगेगा। वहीं विभाग की एक टीम केवल भाजपा द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों का अध्ययन करके उसका तोड़ निकालने के लिए तैयार की गई है। कांग्रेस ने प्रदेश में भाजपा (MP BJP) के संगठन से मुकाबला करने के लिए मतदान केन्द्र पर फोकस किया है। भारत जोड़ो यात्रा (bharat jodo yatra) और कर्नाटक चुनाव (karnataka election) का काम देख चुके सुनील कानूगोलू (Sunil Kanugolu) की टीम ने भोपाल में डेरा डाल लिया है और वार रुम भी बन गया है। यहां फिलहाल मैदानी स्तर से चुनावी मुद्दों,संभावित दावेदार और चुनाव की तैयारियों पर फीडबैक लिया जा रहा है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार ये स्पेशल 100, प्रत्याशी कोई भी हो उसके लिए काम करेंगे। इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफार्म का उपयोग पार्टी की बात आमजन तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। प्रत्याशी की ओर से सामग्री पोस्ट करने का काम ये कार्यकर्ता करेंगे और फिर उस पर मिलने वाला फीडबैक संगठन तक पहुंचाएंगे। कांग्रेस द्वारा घोषित होने वाले वचन पत्र, प्रमुख नेताओं की सभा,रोड शो सहित अन्य कार्यक्रमों की लिंक साझा होगी तो समय-समय पर पार्टी की रीति-नीति से जुड़े वीडियो प्रसारित किए जाएंगे। ये सभी सामग्री राज्य स्तर से उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि एकरुपता बनी रहे।

सवर्ण बाहुल्य विंध्य में कांग्रेस ने ओबीसी चेहरा कमलेश्वर पटेल को आगे कर सवर्णों के जख्म पर छिड़का नमक
ओबीसी नेताओं की खोज में जुटी कांग्रेस पार्टी ने विंध्य से कमलेश्वर पटेल (Kamleshwar patel) को आगे कर सवर्णों को नाराज कर दिया है। इस बात में कोई शक नहीं कि देश की सबसे बड़ी सवर्णों की आबादी विंध्य क्षेत्र में रहती है यही कारण रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह और श्रीनिवास तिवारी का विंध्य में सालों तक वर्चश्व रहा है। लेकिन इन दोनों नेताओं के स्वर्गवासी होने के बाद कांग्रेस पार्टी किसी भी सवर्ण नेता की खोज इतने सालों में नहीं कर पाई या फिर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने विंध्य से सवर्ण नेताओं को पनपने नहीं दिया। लेकिन अब कांग्रेस पार्टी ने विंध्य में सवर्णों के जख्म पर मरहम लगाने के बजाय नमक छिड़ने का काम किया है। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने विंध्य से पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (Congress Working Committee) का सदस्य बना दिया है। ये वही कमलेश्वर पटेल हैं जिनके निवास पर ब्राम्हण वर्ग का कोई ब्यक्ति जाता है तो उसे किसी प्रकार का महत्व नहीं दिया जाता है। 15 महीनों तक कमलेश्वर पटेल मंत्री रहे उस दौरान उनके बंगले में जितने स्टाफ थे सभी कुर्मी समाज के ही थे। यहीं नहीं कोई भी सवर्ण वर्ग का ब्यक्ति कमलेश्वर पटेल के पास अपना काम अथवा फरियाद लेकर जाता था तो कमलेश्वर पटेल उस ब्यक्ति को दरवाजे के बाहर कर देते थे अथवा घंटों तक इंतजार करवा कर वो उससे अंत में मिलते थे और काम भी नहीं करते थे। ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस ने विंध्य की ओर से चेहरा बना कर खुद के पैर में कुल्हाड़ी मारने का काम कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की रणनीति पर नजर डालें तो सवर्ण वर्ग भाजपा से भी नाराज था लेकिन भाजपा ने सवर्ण वर्ग को खुश करने के लिए अलग-अलग उपाय तैयार किए जिसमें भाजपा की ओर से गिरीश गौतम (Girish Gautam) को विधानसभा का अध्यक्ष बनाया गया ये बात और है कि गिरीश गौतम का कोई जनाधार नहीं है वो अपने बेटे तक को जिला पंचायत के चुनाव में नहीं जिता पाए और इस चुनाव में उनकी हालत और खराब है। भाजपा के दूसरे बड़े चेहरे हैं राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) जो लोगों के व्यक्तिगत काम तो नहीं करते लेकिन शहर का विकास राजेन्द्र शुक्ला ने बढिया किया है और सहज-सरल व्यक्ति होने के नाते राजेन्द्र शुक्ला चुनाव जीतने में कामयाब हो जाते हैं ये बात और है कि नगर निगम के चुनाव में वो इस बार भाजपा को नहीं जिता पाए और रीवा में कांग्रेस का महापौर बन गया। रीवा सहित पूरे विंध्य का इतिहास उठा कर देखें तो विंध्य में ब्राम्हण और ठाकुरों का वर्चश्व रहा है इन्ही के इर्द- गिर्द राजनीति चलती रही है लेकिन कांग्रेस ने कमलेश्वर पटेल जैसे जातिवादी नेता को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य बना कर अपने लिए विंध्य में ज्यादा मुसीबतें खड़ी कर ली है। कांग्रेस के इस फैसले से सवर्णों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस को विंध्य की 30 सीटों में मात्र छह सीटें मिली थी बांकी 24 सीटें भाजपा के कब्जे में आई थी और उस परिणाम को बदलने के लिए कांग्रेस ने इस बार काफी मेहनत की है लेकिन कमलेश्वर को आगे कर कांग्रेस पार्टी ने खुद की मेहनत पर ही पानी फेर दिया है और इसके अलावा कमलेश्वर पटेल और अजय सिंह (राहुल) की दुश्मनी भी किसी से छुपी नहीं है लिहाजा अब तो विंध्य में कांग्रेस के लिए भगवान ही मालिक है।

मंत्रियों की शपथ पर रोया कुत्ता,'कांग्रेस को हुआ दुख'
शनिवार को जिस वक्त राजभवन में तीन मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही थी (Shivraj Cabinet Expansion) ठीक उसी वक्त राजभवन के बाहर एक कुत्ता (स्वान) जमकर रो रहा था। कुत्ते के रोने की दर्दनाक आवाज कांग्रेस नेताओं के कानों तक पहुंच गई (MP Congress)। कुत्ते को रोता देख कांग्रेस नेताओं का दिल भी फफक-फफक कर रोने लगा फिर क्या था कांग्रेस प्रवक्ताओं से कुत्ते का रोते हुए चेहरा देखा नहीं गया। कांग्रेस नेताओं ने कुत्ते का वीडियो बनाया और फिर उसे वायरल करने के साथ ट्वीट करने में लग गए । कुत्ते को रोता देख कांग्रेस को एक मौका भी मिल गया आनन फानन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गूगल से शकुन शास्त्र निकाला और कुत्ते के रोने के मायने निकालने लगे। अलग-अलग तरीके से गूगल से कुत्ते के रोने के मायने निकाल कर कांग्रेस प्रवक्ताओं ने उसे वायरल करने लगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने चुनाव के महज कुछ समय पहले मंत्रिमंडल का विस्तार किया है जिसमें विंध्य से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla),बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) और राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi) को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इस बात में कोई शक नहीं कि बीजेपी में इस वक्त काफी विवाद की स्थिति है पार्टी के अंदर कलह हावी हो रही है। संगठन की लाख कोशिशों के वाबजूद भी पार्टी में कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर नहीं हो रही है। यही कारण है कि मंत्रिमंडल का विस्तार कर अंतर्कलह को खत्म करने का प्रयास किया गया है। लेकिन लगता है कि तीन को खुश करने के चक्कर में 13 नाराज हो गए हैं। और जिस प्रकार से राजभवन के बाहर कुत्ता रोया है उससे फिलहाल कांग्रेसी खेमें को चुटकी लेने का बेहतर मौका मिल गया है।

'कांग्रेस करप्शन की दुकान है' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा आरोप
कांग्रेस और भाजपा के बीच आर-पार की लड़ाई शुरु हो गई है (MP Elections 2023)। पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने प्रेसवार्ता का आयोजन कर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर ताबड़ तोड़ आरोप लगाए। आरोपों का असर इतना तेज हुआ कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने कमलनाथ को 1983 दगों का माडल बता डाला। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के घोटालों का जखीरा खोलते हुए 15 महीने की सरकार में किए घोटालों की लंबी लिस्ट पेस की। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ की सरकार को दिग्विजय सिंह चला रहे थे। उन्ही के इशारों पर प्रदेश में घोटाले हुए। बीजेपी अध्यक्ष ने ग्वालियर में हुई प्रियंका गांधी की सभा का जिक्र करते हुए कहा कि वो भाजपा के घोटालों की लिष्ट लेकर आई थी और मंच पर उनकी लिष्ट गायब हो गई। वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की सरकार पर 50% कमीशन का आरोप लगाती है वो ये क्यों नहीं बताते कि रतुलपुरी कौन है रतुलपुरी के घर पर छापा क्यों पड़ा था। मृगलानी का जिक्र करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रतुलपुरी के साथ मृगलानी का नाम क्यों जोड़ा जाता है। सिंचाई परियोजनाओं में हुए घोटाले को लेकर अध्यक्ष ने कहा कि बिना काम शुरु हुए 877 करोड़ का पेमेंट किसने करवाया था। मोबाइल घोटाले का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बगैर मोबाइल खरीदे 63 करोड़ का पेमेंट किसने किया था। आइफा अवार्ड अवार्ड का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उद्योगपतियों पर दबाव डाल कर बृजक्राफ्ट कंपनी को किसने फायदा पहुंचाया है। इसी प्रकार के बहुत सारे घोटालों की लिष्ट बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जारी की और कहा कि भाजपा पहले से ही कहती रही है कि वल्लभ भवन को कांग्रेस ने दलाली का अड्डा बना दिया था। यही कारण था कि 15 महीने में जितने तबादले हुए उतना कभी किसी सरकार में तबादले नहीं हुए हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ की प्रेसवार्ता के बाद जिस प्रकार से बीजेपी अध्यक्ष ने हड़बड़ाहट में प्रेसवार्ता आयोजित कर उनके आरोपों के बदले जवाब नहीं दिया बल्कि कांग्रेस सरकार पर आरोपों और घोटालों की जमकर बारिश की है। मतलब साफ है कि अब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है और आने वाले समय में जहां कांग्रेस 18 महीने की भाजपा सरकार का पोस्टमार्टम करेगी तो वहीं भाजपा ने भी जमकर तैयारी कर रखी है और कांग्रेस के हर आरोप पर कटाक्ष करने के लिए भाजपा के नेता तत्काल अटैक करेगी।