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कोई बात नहीं बीमारी आती है चली जाती है,सीएम मोहन यादव ने मरीज को बंधाया ढाढ़स
भोपाल

कोई बात नहीं बीमारी आती है चली जाती है,सीएम मोहन यादव ने मरीज को बंधाया ढाढ़स

प्रदेश का मुख्यमंत्री बनते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) हर क्षेत्र में सक्रिय नजर आने लगे हैं। मुख्यमंत्री का सबसे ज्यादा फोकस चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भोपाल के हमीदिया अस्पताल का दौरा किया और वहां की स्थिति को समझने का प्रयास किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बुधवार देर रात कड़कड़ाती ठंड में फिर अस्पताल की तरफ रुख कर दिया। इस बार मुख्यमंत्री ने सुल्तानिया कैंसर अस्पताल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में पहुंच कर मरीजों से मुलाकात की। लेकिन इस बीच जिस प्रकार से मुख्यमंत्री ने एक-एक मरीज से मुलाकात कर उनका न सिर्फ हालचाल जाना बल्कि मरीजों को ढाढ़स भी बंधवाया। एक मरीज के पास मुख्यमंत्री यादव पहुंचे जो बुजुर्ग ता और कैंसर पीड़ित था। मुख्यमंत्री ने उस मरीज से हालचार पूछते हुए उसकी बीमारी के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसे कैंसर है। डॉ. यादव को अपने पास देख उस मरीज का दर्द बाहर आ गया और वो रोने लगा। इस बीच मुख्यमंत्री ने उस मरीज के आंसू पोछते हुए कहा कि कोई बात नहीं बीमारी आती जाती रहती है कैंसर भी आपरेशन से ठीक हो जाएगा। वो डॉक्टर से जाकर बात करेंगे। उसके बाद जब मुख्यमंत्री अपने आवास के लिए निकले तो कुछ मुस्लिम महिलाएं सड़क पर बैठी हुई मिली। मुख्यमंत्री ने अपना काफिला वहीं पर रुकवा दिया और उनसे हाल चाल पूछते हुए कहा कि आप कहां की हैं और यहां क्या कर रही हैं। अगर कोई समस्य है तो बताइए उसे दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. यादव लगातार लोगों के बीच जा रहे हैं और यथा संभव मदद भी करने का प्रयास कर रहे हैं।

20/12/2023137
पूर्व सीएम शिवराज की पिक्चर खत्म,दक्षिण भारत में पार्टी के लिए करेंगे काम
भोपाल

पूर्व सीएम शिवराज की पिक्चर खत्म,दक्षिण भारत में पार्टी के लिए करेंगे काम

भारतीय जनता पार्टी फर्ष से अर्ष तक लेकर जाती है तो अर्ष से फर्ष में भी पहुंचाना जानती है। यही हाल पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) का हुआ है। दरअसल मप्र में शिवराज विरोधी लहर थी उस बीच भाजपा ने सीएम का चेहरा घोषित किए बगैर मोदी की 'गारंटी' पर चुनाव लड़ा। नतीजा ये निकला कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ आई। लेकिन पूर्व सीएम शिवराज यह साबित करने में जुट गए कि मोदी की गारंटी नहीं बल्कि उनके द्वारा लांच की गई लाड़ली बहना योजना के कारण प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनी है। यहीं से पूर्व सीएम शिवराज और केन्द्रीय नेत्रृत्व के बीच अहम की लड़ाई शुरु हो गई। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान आए दिन लाड़ली बहनों के साथ वीडियो जारी करवाते और महिलाओं के रोने की तस्वीर वायरल करवाते। केन्द्रीय नेत्रृत्व ने सबकुछ भांप लिया। और मर्ज बढ़ने से पहले उसका उपचार करने की योजना तैयार कर ली। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आनन-फानन में शिवराज सिंह चौहान को दिल्ली बुलाया गया और वहां शिवराज सिंह चौहान का दक्षिण भारत के लिए टिकट कटवा दिया गया। शिवराज सिंह चौहान से कहा गया कि आप संगठन मजबूत करने के लिए अभ्यस्त नेता हैं लिहाजा आप दक्षिण भारत जाइए और पार्टी के संगठन को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाइए। आखिर में शिवराज सिंह चौहान ने भी कह दिया कि पार्टी का काम ही उनके लिए मिशन है। पार्टी जो काम और भूमिका देगी वो पूरी करुंगा

20/12/2023200
25 दिसंबर को होगा मप्र सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह
भोपाल

25 दिसंबर को होगा मप्र सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह

मप्र में 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी लेकिन मंत्रियों को शपथ नहीं दिलाई गई (madhya pradesh cabinet)। मंत्रियों को शपथ नहीं दिलाने के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। भाजपा इस बार के मंत्रिमंडल में कुछ अलग प्रयोग करने की योजना तैयार कर रही है (mp cabinet)। नए चेहरों को भाजपा इस बार के मंत्रिमंडल में मौका देकर पीढ़ी परिवर्तन की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन बार मंत्री बन चुके नेताओं के इस खाली बैठने की उम्मीद जताई जा रही है। जो विधायक दूसरी अथवा तीसरी बार लगातार चुनाव जीत कर आए हैं और उन्हे अब तक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है ऐसे नेताओं पर भाजपा का फोकस ज्यादा है। इसके अलावा क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को भी भाजपा ज्यादा महत्व दे रही है। गौरतलब है कि साल 2020 में जब भाजपा की सरकार बनी थी जब क्षेत्रीय और जातीय समीकरण बिगड़ गया था जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में काफी असंतोष भी देखने को मिला। हांलाकि भाजपा संगठन की तरफ से भरपाई कर कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया था लेकिन इस बार की परिस्थितियां अलग हैं। केन्द्रीय नेत्रृत्व चाहता है कि सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिले और सभी वर्गों को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिले जिससे किसी प्रकार के असंतोष के लिए जगह न बचे। दरअसल साल 2024 में लोकसभा चुनाव होना है और भारतीय जनता पार्टी इस बार एमपी की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने की योजना बना रही है यही कारण है कि भाजपा सभी क्षेत्रों और सभी जातियों को लेकर चलने का मास्टर प्लान तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि छिंदवाड़ा को छोड़कर प्रदेश के सभी संसदीय क्षेत्रों से एक मंत्री बनाया जाएगा। छिंदवाड़ा से भाजपा का एक भी विधायक नहीं है इसलिए वहां कि जनता को एक भी मंत्री नहीं मिल पाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर को मंत्रियों को शपथ दिलाने की योजना तैयार की गई है। तब तक भाजपा का केन्द्रीय नेत्रित्व वरिष्ठ नेताओं को एक-एक कर दिल्ली बुला रहा है और उन्हे बता रहा है कि इस बार आपको मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाएगा,आपके लिए पार्टी ने अलग भूमिका तैयार कर रखी है।

19/12/2023250
प्रदेश के सभी निकायों में मछली, मटन की बिक्री के लिए बनेगा मार्केट
भोपाल

प्रदेश के सभी निकायों में मछली, मटन की बिक्री के लिए बनेगा मार्केट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों की बैठक कर उन्हे निर्देशित करते हुए कहा है कि प्रदेश के सभी निकायों में मछली, मटन की बिक्री के लिए मार्केट बनाया जाना चाहिए (meat market)। मुख्यमंत्री ने मार्केट के निर्माण होने तक शेड की व्यवस्था कराने का भी निर्देश जारी किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शपथ लेते ही खुले में मीट मटन बिकने पर सख्ती से ऐक्शन लेने का निर्देश जारी किया था जिसके बाद प्रशासनिक अमला हर्कत में आया जिसके चलते बहुत से ब्यापारियों की दुकानें बंद हो गई और वो बेरोजगार हो गए। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद उन्होने वैकल्पिक ब्यवस्था की है जिससे किसी भी ब्यापारी को समस्या न हो और नियम के अनुसार मीट मटन की दुकानें भी संचालित हों सकें और किसी को समस्या भी न हो। फिलहाल मुख्यमंत्री के नए निर्देश के बाद प्रशासन नई ब्यवस्थाएं करने में जुट गया है।

19/12/2023193
बीमार 'अस्पताल की सर्जरी' में जुटे डॉ. मोहन यादव
भोपाल

बीमार 'अस्पताल की सर्जरी' में जुटे डॉ. मोहन यादव

प्रदेश के शासकीय अस्पतालों की स्थिति ठीक नहीं है। इस बात के सबूत आए दिन न्यूज चैनल और अखबारों में प्रकाशित होती रहती है। प्रदेश के सभी अस्पताल चिकित्सकों और सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं और मरीज परेशान हो रहे हैं। अब प्रदेश की कमान डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) के हाथ है लिहाजा अब वो प्रदेश के शासकीय अस्पतालों की सर्जरी कर उन्हे एक बार फिर चलने योग्य बनाने की योजना तैयार कर रहे हैं। यही कारण है कि 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 18 दिसंबर को मुख्यमंत्री राजधानी के सबसे प्रमुख अस्पताल हमीदिया में औचक निरीक्षण पर निकले। यह बात और है कि यह निरीक्षण महज एक औपचारिकता मात्र निकला लेकिन इस दौरान मरीजों के परिजनों से मुख्यमंत्री मिले उन्हे गले लगा कर जिस प्रकार से मुख्यमंत्री ने उन्हें संवाल दिया वो जरुर काबिले तखरीफ है। सीएम बनने के बाद डॉ. मोहन यादव पहले कॉलेज गए उसके बाद उनका दौरा अस्पताल में हुआ उससे यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री बीमार पड़े अस्पताल और शिक्षा के मंदिरों का इलाज करने का मूड बना रहे हैं। डॉ. यादव इससे पहले उच्च शिक्षा मंत्री थे और नई शिक्षा नीति (new education policy) को सबसे पहले एमपी में लागू कर उन्होने रिकार्ड भी बनाया था।

18/12/2023160
'एमपी में विवाद का रास्ता ढूढ़ रही सरकार' पीसीसी चीफ कमल नाथ ने लगाया आरोप
भोपाल

'एमपी में विवाद का रास्ता ढूढ़ रही सरकार' पीसीसी चीफ कमल नाथ ने लगाया आरोप

मध्य प्रदेश के पीसीसी चीफ और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) ने डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) सरकार पर निशाना साधा है। लाउडस्पीकर और खुले में मांस बेचने के सरकार के फैसले पर कहा है कि मोहन सरकार विवाद के लिए बहाना ढूंढ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कोई भी निर्णय ले लेकिन विवाद नहीं होना चाहिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि हमारी संस्कृति जोड़ने की है और प्यार मोहब्बत से रहने की है। लाउडस्पीकर और खुले में मांस बेचने पर रोक लगाकर प्रदेश सरकार विवाद के लिए बहाना ढूंढ रही है। पीसीसी चीफ ने कहा कि सरकार कोई भी फैसला ले लेकिन विवाद नहीं होना चाहिए। आपको बता दें कि एमपी की मोहन सरकार ने निर्णय लिया है कि किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थान में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर/डीजे) आदि का उपयोग किया जा सकेगा। राज्य शासन ने ध्वनि प्रदूषण और लाउड स्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जांच के लिये सभी जिलों में उड़नदस्ते गठित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रालय में प्रभार ग्रहण करने के बाद इससे संबंधित प्रथम नस्ती पर हस्ताक्षर किए। मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थल और अन्य स्थानों पर मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के प्रावधानों, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है।

16/12/2023140
लगातार चुनाव जीतने वाले भाजपा नेताओं की केस स्टडी करवाएगी भाजपा
भोपाल

लगातार चुनाव जीतने वाले भाजपा नेताओं की केस स्टडी करवाएगी भाजपा

मप्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल कर यह बता दिया है कि भाजपा को चुनाव लड़ना और जीतना आता है (madhya pradesh elections)। लेकिन भाजपा की खूबी यह है कि भाजपा सिर्फ इतने में ही सीमित नहीं है। इस जीत को अजेय बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी कुछ अलग-अलग पहलुओं पर काम करने की योजना तैयार कर रही है जिससे इस प्रकार की जीत को लगातार कायम रखा जा सके। जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी की बड़ी प्रयोगशाला मध्यप्रदेश माना जाता है ठीक उसी प्रकार प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी अलग-अलग तरह के प्रयोग करने से किसी प्रकार का गुरेज नहीं करते हैं। उनकी चुनाव जीत की भूख और संगठन को लगातार मजबूत करने की इच्छा शक्ति पार्टी को और मजबूत करने में अक्शर कारगर साबित होती है। यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा अब कुछ और नया प्रयोग करने की योजना तैयार कर रहे हैं। भाजपा अब अपने ही उन नेताओं की केस स्टडी करवाएगी जो लगातार चुनाव जीत रहे हैं। भाजपा में कुछ ऐसे विधायक हैं जो एक लाख से अधिक मतों से चुनाव जीत रहे हैं। लगातार चुनाव जीतने वालों में सबसे पहला नाम आता है गोपाल भार्गव का उसके बाद एक लाख से अधिक मतों से लगातार चुनाव जीतने वाले हैं रमेश मेंदोला,ठीक इसी प्रकार भाजपा अन्य नेताओं की लिष्ट तैयार कर रही है जो लगातार ज्यादा से ज्यादा मतों से चुनाव जीत रहे हैं। इन सभी नेताओं के चुनाव प्रबंधन और चुनाव जीतने के तरीके पर पार्टी की एक विशेश टीम स्टडी करेगी और उस फॉर्मूले को भाजपा लोकसभा चुनाव के अलावा अन्य चुनावों में इस्तेमाल करेगी।

15/12/2023148
मोहन यादव की कैबिनेट में राजगढ़ जिले से मिल सकता है मंत्री पद
भोपाल

मोहन यादव की कैबिनेट में राजगढ़ जिले से मिल सकता है मंत्री पद

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी के मनोनीत मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मोहन यादव के साथ जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) और राजेश शुक्ला (rajesh shukla) ने भी राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बता दें, बीजेपी ने मुरैना से विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (narendra singh tmar) को विधानसभा स्पीकर नियुक्त किया है। वहीं, आज वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव (gopal bhargava) को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई गई। अब सबके मन में सवाल उठ रहा है कि मध्य प्रदेश की नई सरकार में कौन-कौन विधायक होंगे, जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। माना जा रहा है कि 30 से 35 विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में मंत्री पद पर उनका हक ज्यादा बताया जा रहा है जहां वोट प्रतिशत अधिक रहा है। वोट प्रतिशत अधिक, इसलिए मंत्री पद पर हक ज्यादा राजगढ़ जिले की पांचों सीटों पर भाजपा ने प्रचंड जीत दर्ज की है। राजगढ़ जिले में वोट प्रतिशत 80 रहा है। ऐसे में इस जिले से नई सरकार में मंत्री पद मिलना लगभग तय माना जा रहा है। जिले की ब्यावरा विधानसभा सीट से नारायण सिंह पंवार, राजगढ़ सीट से अमर सिंह यादव और नरसिंहगढ़ से मोहन शर्मा का नाम शामिल है। बता दें कि पिछली 15 वीं विधानसभा में इस जिले से कोई मंत्री नहीं था। वहीं, 18 महीने की कांग्रेस सरकार में खिलचीपुर सीट से विधायक प्रियव्रत सिंह को ऊर्जा मंत्री बनाया गया था। ऐसे में नई सरकार इस जिले से किसी एक विधायक को मंत्रीमंडल में शामिल कर सकती है। बता दें कि शिवराज सरकार में शिक्षा मंत्री रहे मोहन यादव राजगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री रह चुके हैं। जिसका फायदा जीतकर आए विधायकों को मिल सकता है। इन सीटों पर 80 प्रतिशत वोट राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, शाजापुर, सिवनी, राजगढ़ और रतलाम इनका हक ज्यादा राजगढ़ और सिवनी इन सीटों पर 75 से फीसदी तक बालाघाट, डिंडौरी, मंदसौर, श्योपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम, देवास, विदिशा, खरगोन और शहडोल इनका हक ज्यादा श्योपुर, निवाड़ी और शहडोल

14/12/2023215
बीजेपी प्रदेश कार्यालय में लिखे अटल जी के विचार से कानाफूसी का दौर तेज
भोपाल

बीजेपी प्रदेश कार्यालय में लिखे अटल जी के विचार से कानाफूसी का दौर तेज

मप्र में पिछले कुछ दिनों में काफी सियासी उलटफेर देखने को मिले हैं (madhya pradesh bjp)। सोच से परे फैसले हुए बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों का गणित फैल हो गया। और प्रदेश की सियासत में 18 साल से खड़ा वटवृक्ष एक झटके में धराशाही हो गया। जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर बनाना कोई बहुत बड़ी बात नहीं थी लेकिन जिस प्रकार से शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) को सीएम पद से हटाया गया वो किसी के गले से नहीं उतर रहा है। लोग अब भी यही सोच रहे हैं कि आखिर उनके राजनीतिक गणित में कहां चूक रह गई। प्रदेश का सीएम बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा कि वो दिल्ली जाकर अपने अधिकार की मांग करने से बेहतर मरना पसंद करेंगे। बात यहीं खत्म नहीं हुई, डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) के शपथ लेने के तुरंत बाद लाल परेड ग्राउंड के बाहर जिस प्रकार का परिदृष्य देखने को मिला वह साफ बता रहा था कि यह पूर्व नियोजित है। मीडिया के सामने दुखड़ा रोना और फिर यह कहना कि यह अंत नहीं है मै लौट कर आउंगा यही दर्शाता है कि रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गया। इन सब बातों को ध्यान में रखें और फिर बीजेपी प्रदेश कार्यालय में लिखे अटल (atal bihari vajpayee) जी के विचार को पढ़े तो ऐसा लगता है कि किसी ब्यक्ति को ध्यान में रख कर यह लाइनें लिखी गई हैं। 'मनुष्य को चाहिए कि वह परिस्थितियों से लड़े एक स्वप्न टूटे तो दूसरा गढ़े' आज की राजनीति को देखकर ऐसा लगता है कि यह लाइनें ठीक उसी वट वृक्ष के लिए हैं जो पिछले 18 साल से अनवरत खड़ा था कई आंधी और तूफान आए लेकिन कोई उस वट बृक्ष को हिला नहीं पाया लेकिन इस बार की सुनामी से वो वट वृक्ष जमीन से उखड़ कर धराशाही हो गया।

14/12/2023237
भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव ने ली प्रोटेम स्पीकर की शपथ
भोपाल

भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव ने ली प्रोटेम स्पीकर की शपथ

भारतीय जनता पार्टी के सबसे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव (gopal bhargava) को प्रोटेम स्पीकर की शपथ राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिलाई है। शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने और राज्यपाल ने गोपाल भार्गव को बधाई दी है। शपथ के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला,जगदीश देवड़ा सहित अन्य विधायक भी मौजूद रहे। जानकारी के मुलाबिक 18 से 21 दिसंबर के बीच विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी आहुत किया जा रहा है जिसमें सभी विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी और उसके बाद पूर्णकालिक अध्यक्ष के रुप में वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव विधानसभा अध्यक्ष के रुप में चार्ज संभालेंगे।

14/12/2023150
मोहन यादव की पहली शॉर्ट कैबिनेट में दिखा संघ का एजेंडा
भोपाल

मोहन यादव की पहली शॉर्ट कैबिनेट में दिखा संघ का एजेंडा

मध्यप्रदेश के नए सीएम के तौर पर पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव (mohan yadav) पूरी तरह से एक्टिव हो गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद सीएम मोहन यादव उज्जैन पहुंचे जहां उन्होंने बाबा महाकाल (mahakaleshwar) का आशीर्वाद लिया और फिर भोपाल लौटकर सीधे मंत्रालय पहुंचकर सीएम के तौर पर पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और अधिकारियों के साथ पहली शॉर्ट कैबिनेट बैठक की जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सीएम का पदभार संभालते ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने ली शॉर्ट कैबिनेट की बैठक। पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा व मुख्य सचिव वीरा राणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शॉर्ट कैबिनेट की बैठक की । शॉर्ट कैबिनेट के अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद खुद सीएम मोहन यादव ने मीडिया से बात करते हुए इन फैसलों के बारे में जानकारी दी। शॉर्ट कैबिनेट में जो अहम फैसले लिए गए हैं वो इस प्रकार हैं.. - मध्यप्रदेश में खुले में मांस की दुकानें नहीं चलेंगी - खुले में चलने वाली अंडे-मांस की दुकानों पर होगी कार्रवाई - प्रदेश के हर जिले में युवाओं के लिए बनेंगे एक्सिलेंस कॉलेज, प्रधानमंत्री एक्सिलेंस कॉलेज होगा नाम - धार्मिक स्थलों (मंदिर/मस्जिद) में तय सीमा से ज्यादा आवाज में नहीं बजाए जा सकेंगे लाउड स्पीकर - जमीन और मकान की रजिस्ट्री के बाद लोगों को नहीं होना पड़ेगा परेशान - रजिस्ट्री के साथ ही पूरी की जाएगी नामांतरण की प्रक्रिया - तेंदुपत्ता प्रति मानक बोरा 4000 रुपए के आदेश जारी - आदतन अपराधियों द्वारा अपराध करने पर पूर्व में सक्षम न्यायालय से प्राप्त ज़मानत को निरस्त करने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 437, 438 और 438 के प्रावधानों अनुसार सक्षम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने के दिशा निर्देश जारी किए गये । यह प्रदेश में अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

13/12/2023150
मोहन की 'अग्नि परीक्षा' चार दिग्गज परीक्षा लेने के लिए सदन में हमेशा रहेंगे मौजूद
भोपाल

मोहन की 'अग्नि परीक्षा' चार दिग्गज परीक्षा लेने के लिए सदन में हमेशा रहेंगे मौजूद

डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) प्रदेश के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। काफी समय बाद एमपी को नया मुख्यमंत्री मिला है लेकिन सवाल इस बात का उठता है कि भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने जिस प्रकार से चार वरिष्ठ नेताओं को मोहन यादव का जूनियर बनने के लिए उन्हे मजबूर कर दिया है तो क्या वो चारों दिग्गज अपनी सिकस्त को ऐसे ही स्वीकार कर लेंगे या फिर डॉ. मोहन यादव के लिए समस्या भी खड़ी करेंगे। इस बात में कोई शक नहीं है कि डॉ. मोहन यादव एक सुलझे हुए खिलाड़ी हैं लेकिन जिन सीनियरों को उनका जूनियर बनने के लिए मजबूर कर दिया गया है तो क्या वो अपमान के आंसू पी कर ऐसे ही अपनी सियासी जमीन खिसकते हुए देखते रहेंगे। कहते हैं दुस्मन का दुस्मन दोस्त होता है ठीक वैसा ही जैसा मोहब्बत और जंग में सबकुछ जायज होता है। लिहाजा राजनीति में न कोई स्थाई दोस्त होता है और न ही कोई दुस्मन। मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे चल रहे नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) को पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष बना कर उन्हे उनके राजनीतिक कद का अहसास करवा दिया है तो वहीं पश्चिम बंगाल में भाजपा की जमीन तैयार करने वाले कैलाश विजयवर्गीय (kailash Vijayvargiya) को भी भाजपा ने उनका कद और पार्टी में क्या हैसियत है वो बता दिया है। प्रलाद पटेल भी भाजपा के कद्दावर नेता हैं उम्र के अंतिम पड़ाव में वो भी अपना डेजिग्नेशन बदलना चाहते थे लेकिन केन्द्रीय नेत्रृत्व ने यह बता दिया कि आप विश्वास के लायक नहीं हो पहले पल्टी मार चुके हो। अब बात करते हैं एक ऐसे नेता कि जो पिछले 18 साल से एमपी बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा था। लाड़ली बहनों का भाई और लाड़ली लक्ष्मियों का मामा। प्रदेश में जब सब कह रहे थे कि सीएम विरोधी लहर है तब उन्होने सभी के समीकरण को धता बताते हुए 163 सीटें लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आखिर में नतीजा यह निकला कि केन्द्रीय नेत्रृत्व ने उन्हे भी दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकाल कर बाहर कर दिया। और तीसरी बार चुनाव जीत कर आए डॉ. मोहन यादव को मप्र का अगला मुख्यमंत्री बना दिया। फिलहाल भाजपा के सभी नेताओं के होंठों पर मुस्कान तो दिख रही है लेकिन मुस्कान कुटिलता की भी निशानी होती है किसी को यह नहीं भूलना चाहिए। आने वाले समय में प्रदेश के नए मुखिया को अपने घर के अंदर ही जूझने के लाए तैयार रहना पड़ेगा।

13/12/2023256
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