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ईवीएम को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन,दिग्विजय सिंह का आरोप,ईवीएम बनाने वाली कंपनी के चार सदस्य भाजपा के
भोपाल

ईवीएम को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन,दिग्विजय सिंह का आरोप,ईवीएम बनाने वाली कंपनी के चार सदस्य भाजपा के

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने ईवीएम के खिलाफ एकबार फिर हल्लाबोल शुरु कर दिया है (congress on evm)। कांग्रेस ने पहले दिल्ली के जंतर मंतर में प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। अनुमति नहीं मिली तब भी कांग्रेस के लोगों ने जंतर-मंतर में प्रदर्शन शुरु कर दिया जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। आखिरकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में प्रदर्शन शुरु कर दिया जहां दिग्विजय सिंह सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (digvijaya singh) ने कहा कि ईवीएम को अब खत्म कर बैलेट पेपर पर चुनाव कराना शुरु कर देना चाहिए क्योंकि ईवीएम की निष्पक्षता पर सभी को संदेह है। पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ईवीएम बनाने वाली कंपनी के चार सदस्य बीजेपी के हैं ऐसी स्थिति में ईवीएम पर किस प्रकार से विश्वास किया जा सकता है। गौरतलब है कि ईवीएम की निष्पक्षता को लेकर दिग्विजय सिंह लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। लेकिन उनकी बात को आज तक किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। अब इस बार दिग्विजय सिंह ने दिल्ली में प्रदर्शन कर ईवीएम के खिलाफ बड़े स्तर पर मोर्चेबंदी करने की कोशिश की है।

22/2/2024122
2024 के बाद देश में नहीं बचेगा लोकतंत्र,'130 सीटों पर भाजपा ने की EVM की सेटिंग'
भोपाल

2024 के बाद देश में नहीं बचेगा लोकतंत्र,'130 सीटों पर भाजपा ने की EVM की सेटिंग'

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (digvijaya singh) ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा कर दिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि निर्वाचन आयोग मोदी और अमित शाह के दबाव में काम कर रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान गुजरात के अतुल पटेल को बुलाया था जो ईवीएम (evm hacking) के स्पेशलिष्ट हैं। अतुल पटेल ने डेमो दिखाते हुए बताया कि किस प्रकार से आपकी वोटिंग पर डाका डाला जा रहा है। दिग्विजय सिंह ने कर्नाटक और तेलंगाना का जिक्र करते हुए कहा कि जहां पर भाजपा का इंट्रेस्ट नहीं होता और पोल खुलने का डर रहता है वहां पर भाजपा किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं करती है। दिग्विजय सिंह ने दावा करते हुए कहा कि भाजपा को मालूम था कि वो एमपी में चुनाव हारने वाली है। यहां तक कि मीडिया रिपोट के मुताबिक भी भाजपा चुनाव हार रही थी फिर इतना बड़ा बदलाव कैसे। पूर्व मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना का जिक्र भी किया और कहा कि उससे कुछ हद तक भाजपा को फायदा हुआ है लेकिन इतना फायदा नहीं हुआ था कि भाजपा की सरकार बन जाती। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अमित शाह को पहले ही पता चल गया था कि एमपी में इस बार भाजपा की सरकार नहीं आने वाली है इसी लिए पहले उन्होने दो केन्द्रीय मंत्रियों को एमपी में बैठाया और शिवराज सिंह चौहान को ठिकाने लगाया फिर खुद एमपी में अमित शाह ने दर-दर की ठोकरें खाई और फिर करीब 120-130 सीटों में गड़बड़ी कर पूरे चुनावी नतीजे को बदल कर रख दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मोदी ने पहली बार कहा था कि हमारी पूर्ण बहुमत से सरकार आएगी तब 282 सीट आई और फिर कहा कि इस बार 300 पार तो 303 सीट आई। और अब कह रहे हैं कि अबकी बार 400 पार। इतना आत्मविश्वास कैसे हो सकता है। फिर बात करेंगे राम लला कि क्या राम लला के नाम पर वोटों का प्रतिशत इतना बढ़ जाता है। बिहार का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि वहां पर लालू कि पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी जबकि उनकी पार्टी का अपना एक वोट बैंक है। नीतीश की पार्टी को सीटें मिली क्योंकि उनसे साठ -गाठ थी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वो 2003 से आरोप लगा रहे हैं कि ईवीएम में गड़बड़ है तब कोई नहीं मानता था और अब धीरे-धीरे सब मानने लगे हैं कि कुछ तो गड़बड़ है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वो इस बात को जनता के बीच लेकर जाएंगे उनका कोई साथ दे या न दे। देश में चुनाव बैलेट पेपर से होना चाहिए और अगर ऐसा नहीं होता है तो 2024 के बाद देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। साथ ही दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो वोट देने वाले लोग हैं उन्हे पता होना चाहिए कि उन्होने जिसको वोट दिया है तो मिला य नहीं मिला है।

24/1/2024149
राम मंदिर की प्रतिमा पर दिग्विजय सिंह ने उठाया सवाल,कहा नई मूर्ति की क्या आवश्यकता पड़ गई
भोपाल

राम मंदिर की प्रतिमा पर दिग्विजय सिंह ने उठाया सवाल,कहा नई मूर्ति की क्या आवश्यकता पड़ गई

22 जनवरी को भगवान राम गर्भगृह में विराजने जा रहा हैं लेकिन उससे पहले सियासत का बाजार गर्म हो गया है (ayodhya ram mandir)। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (digvijaya singh) ने आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस मूर्ति के लिए इतना संघर्ष हुआ वो मूर्ति कहां है और नई प्रतिमा की आवश्यक्ता क्यों पड़ गई। गौरतलब है कि 22 जनवरी को आयोध्या स्थित राम मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है जिसके लिए देश भर में पीले चावल वितरित कर दर्शनार्थियों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देश भर से वीआईपी और वीवीआईपी को भी आमंत्रित किया गया है। पूरी अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया है। दरअसल कांग्रेस इस बात पर विवाद खड़ा कर रही है कि पीले चावल भाजपा के कार्यकर्ता क्यों वितरित कर रहे हैं। वहीं भाजपा का मानना है कि वो रामकाज कर रहे हैं कांग्रेस के लोगों को क्या किसी ने रोक रखा है। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी रामकाज में जुटना चाहिए लेकिन वो ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि वो गांधी खानदान की भक्ति करते हैं लिहाजा कांग्रेस के लोग वही करेंगे जो गांधी खानदान कहेगा। फिलहाल भगवान राम के नाम पर प्रदेश भर में सियासत का माहौल गर्म है। और दिग्विजय सिंह अपने चिरपरिचित अंदाज में भगवान राम की मूर्ति का विरोध करते नजर आ रहे हैं।

4/1/2024139
करारी हार के बाद भी कांग्रेस के एजेंडे से बाहर है सामान्य वर्ग
भोपाल

करारी हार के बाद भी कांग्रेस के एजेंडे से बाहर है सामान्य वर्ग

मप्र में करारी हार का मंथन करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को दिल्ली में बैठक बुलाई थी (aicc meeting)। जिसमें पीसीसी चीफ कमलनाथ (kamal nath),दिग्विजय सिंह (digvijaya singh),गोविंद सिंह (govind singh) सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान मप्र में कांग्रेस की हुई करारी हार के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया। करीब दो घंटे तक चली बैठक में एमपी कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं से बात की गई। बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला मीडिया से रु-ब-रु हुए । इस दौरान उन्होने बैठक के बिंदुओं का एक-एक करके जवाब दिया। रणदीप सुरजेवाला ने अपने बयान में कहा कि एमपी में कांग्रेस चुनाव भले हार गई है लेकिन जनता की सेवा कांग्रेस लगातार करती रहेगी। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एससी,एसटी और पिछड़ा वर्ग के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय भाजपा की सरकार में हुआ तो कांग्रेस पार्टी बर्दास्त नहीं करेगी। लेकिन इस बयान में सामान्य वर्ग का नाम रणदीप सुरजेवाला ने नहीं लिया। अब सवाल इस बात का उठता है कि क्या सामान्य वर्ग के लोगों के साथ अन्याय नहीं होता है,क्या सामान्य वर्ग के लोग गरीब नहीं होते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस ने टिकट वितरण के दौरान भी सामान्य वर्ग की लगातार उपेक्षा की थी जिसका परिणाम रहा कि कांग्रेस पार्टी को इतनी करारी हार का सामना करना पड़ा जिसकी उम्मीद तो भाजपा के नेताओं को भी नहीं थी। अब कांग्रेस की बैठक में सामान्य वर्ग का किसी प्रकार से नाम नहीं आने का मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी के किसी भी एजेंडे में सामान्य वर्ग शामिल ही नहीं है। कांग्रेस की सरकार नहीं बनी इतनी नाकामी मिली उसके बाद भी कांग्रेस पार्टी सामान्य वर्ग के हित की बात नहीं कर रही है। कांग्रेस का मीडिया विभाग संभालने वाले भी सामान्य वर्ग के खिलाफ ही बात करते नजर आते हैं मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी में सामान्य वर्ग के लिए कोई स्थान नहीं है।

9/12/2023105
बुंदेलखंड की कुछ सीटों पर सपा भाजपा और कांग्रेस का बिगाड़ सकती है गणित
भोपाल

बुंदेलखंड की कुछ सीटों पर सपा भाजपा और कांग्रेस का बिगाड़ सकती है गणित

इस बार विधानसभा चुनाव पर प्रत्याशियों से ज्यादा भाजपा, कांग्रेस और सपा के दिग्गज चेहरों पर नजर है। क्योंकि बुंदेलखंड (bundelkhand) में कुछ सीट ऐसी हैं जहां से हार जीत के साथ ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव (akhilesh yadav) भाजपा, की दिग्गज नेत्री उमा भारती (uma bharti) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) सहित कांग्रेस के दिग्विजय सिंह (digvijaya singh) की प्रतिष्ठा दांव पर है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने छतरपुर की महाराजपुर और निवाड़ी विधानसभा में पूरा जोर लगा दिया है। क्योंकि पिछली बार छतरपुर से बिजावर सीट सपा को मिली थी। इसलिए वह प्रदेश में कहीं न कहीं अपना वजूद बनाए रखने के लिए ताबड़तोड़ सभाएं करते रहे। जिले की महाराजपुर सीट पर कांग्रेस से बागी हुए दौलत तिवारी के समर्थन में अखिलेश यादव ने चुनावी सभाएं कीं और नौगांव में पार्टी के लिए लोगों को संगठित करने का काम किया। बुंदेलखंड में चुनाव के नजदीक कुछ दिन अखिलेश यादव खजुराहो में डेरा डाले रहे।चुनावी परिणाम आने में अभी करीब आठ दिन बाकी हैं। चुनावी कयास भले ही किसी भी पार्टी के हार जीत के लगाए जाते रहे हों लेकिन असल फैसला तीन दिसंबर को ही सामने आएगा। अपने नाम का झंडा गाड़ने झौंकी पूरी ताकत बुंदेलखंड में छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी में उमा भारती, भाजपा प्रदेश ध्यक्ष वीडी शर्मा और अखिलेश यादव ने शुरू ये ही अपना प्रभाव जमा रखा था। कहीं न कहीं इन दिग्गजों के चाहने वाले ही चुनावी मैदान में उतरे हैं। इसलिए इन तीनों दिग्गजों की प्रतिष्ठा का भी सवाल है। हालांकि इस बार उमा भारती चुनावी मैदान में कम नजर आईं। खास बात यह है कि बुंदेलखंड की सीटों पर भोपाल और यूपी से नजरें गढ़ी हुई हैं। भाजपा कांग्रेस के प्रभाव के बीच अखिलेश यादव भी नौगांव, निवाड़ी और चंदला आदि सीटों पर अपना झंडा गाड़ने तुले हुए हैं। क्योंकि इन जगहों पर अखिलेश यादव ने एड़ी चोड़ी का जोर लगाया है। इस बार का चुनाव जो पिछला चुनाव हारे और इस बार पहली बार चुनाव में खड़े हुए प्रत्याशियों के लिए बेहद अहम है। क्योंकि इस बार की हार जीत आने वाले दिनों की राजनीति तय करेंगी। छतरपुर से ललिता यादव के लिए यह चुनाव बहुत अहम है। भाजपाइयों के कड़े अंदरूनी विरोध के चलते वह टिकट पाने में कामयाब रही थीं और उन्होंने पूरी दमदारी से चुनाव भी लड़ा है। लेकिन छतरपुर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे आलोक चतुर्वेदी अपनी पहले से ही चुनावी चौसर बिछाए बैठे थे। इस कड़े चुनावी मुकाबले में कौन अधिक भारी है यह कह पाना मुश्किल है। क्योंकि यहां कांग्रेस से बागी हुए बब्बू राजा के चुनावी मैदान में आने से त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है। इधर ललिता यादव तो मुख्यमंत्री को जीत की बधाई तक देने पहुंच गई। त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी महाराजपुर कांग्रेस से दौलत तिवारी के बागी होने के बाद से ही महाराजपुर में त्रिकोणीय मुकाबला कहा जा रहा था। यहां त्रिकोणीय मुकाबले में सीट फंसी हुई है। महाराजपुर से कौन जीतेगा यह कह पाना मुश्किल है। महाराजपुर से पहली बार भाजपा से चुनावी मैदान में उतरे कामाख्या प्रताप सिंह को मिला युवाओं का साथ चुनावी समीकरण बदलने का काम कर सकता है। इधर कांग्रेस के नीरज दीक्षित की घर-घर तक पकड़ रही है। बसपा प्रत्याशी भी सबसे आगे रहने के दावे कर रहे हैं। अब दोनों ही युवाओं में कौन भारी रहा है यह फैसला तीन दिसंबर को सामने आएगा।

26/11/2023119
कांग्रेस कल से करेगी महाजनसंपर्क अभियान का आगाज,भाजपा की गिनाई जाएगी नाकामी
भोपाल

कांग्रेस कल से करेगी महाजनसंपर्क अभियान का आगाज,भाजपा की गिनाई जाएगी नाकामी

कांग्रेस चार नवंबर से महाजनसंपर्क अभियान शुरू कर रही है (maha jansampark abhiyan)। इसमें पार्टी के दिग्गज नेता एक साथ अलग-अलग क्षेत्र में उतरेंगे। इसमें पार्टी के वचन पत्र की गारंटी को पूरा करने का विश्वास जनता को दिलाएंगे (congress vachan patra)। साथ ही भाजपा सरकार (mp government) के घोटाले और भ्रष्टाचार को भी गिनाएंगे। पार्टी के नेताओं का कहना है कि दोनों नेता वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा कर आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और कमलनाथ (Kamal Nath) के बीच द्वंद्व होने की चर्चा भाजपा से कांग्रेस में आए विधायक वीरेंद्र रघुवंशी की टिकट कटने के बाद सामने आई थी। इसमें कमलनाथ ने टिकट कटने पर रघुवंशी समर्थकों को दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के कपड़े फाड़ने की बात कही थी। इसके बाद से दोनों ही नेताओं के बीच सबकुछ ठीक नहीं होने की अटकलें लग रही थी। इन अटकलों पर प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने दोनों नेताओं को शोले फिल्म का जय और वीरू बताया था। वहीं, दिग्विजय सिंह ने भी दोनों के बीच लड़ाई को भाजपा को षड्यंत्र बताया था। कांग्रेस के महाजनंपर्क अभियान का मतलब है कि प्रदेश भर में पार्टी एकजुटता का मैसेज देना चाहती है। जिस प्रकार से कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच विवाद की खबर आई थी और उससे कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई थी इसी लिए पार्टी संपर्क अभियान से एकजुटता का परिचय देना चाहती है।

3/11/2023312
'जय वीरु' की दोस्ती में दरार,दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रचार से बनाई दूरी
भोपाल

'जय वीरु' की दोस्ती में दरार,दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रचार से बनाई दूरी

विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों और 'पुराने दोस्तों' में ठन गई है(MP Elections)। कमलनाथ से नाराज होकर दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने प्रचार अभियान से दूरी बना ली है। दमोह में प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के कार्यक्रम से भी वह नदारद रहे। टिकट वितरण और उससे उपजे असंतोष पर कमलनाथ (Kamal Nath) के 'दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़ो' वाले बयान ने कांग्रेस में असहज स्थिति बना दी है। कांग्रेस के चुनाव अभियान के दो अग्रणी नेताओं में मनभेद हो गया है। कमलनाथ से नाराज होकर दिग्विजय सिंह कोपभवन में चले गए हैं। न तो कांग्रेस के कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं और न ही बगावत शांत करने में सक्रिय दिख रहे हैं। दमोह में प्रियंका गांधी की सभा में भी वह नहीं दिखे। नदारद ही रहे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार दिग्विजय सिंह अपने कुछ समर्थकों को टिकट दिलाना चाहते थे (congress candidate list)। कमलनाथ ने फीडबैक सर्वे के बहाने उनकी इच्छा को अस्वीकार कर दिया। इससे उखड़े दिग्विजय सिंह ने खुद को अपने भोपाल के बंगले में कैद कर लिया है। शुक्रवार को उन्होंने पार्टी के मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) से भी मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। इसमें भी कोई रास्ता नहीं निकला है। उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि दिग्विजय सिंह फिर से बागियों और बगावत करने वाले नेताओं का गुस्सा शांत करने की अपनी भूमिका को निभाएं। हालांकि, दोनों ही तरफ से नाराजगी या असंतोष को लेकर कोई बयान नहीं है। दिग्विजय सिंह खुले तौर पर स्वीकार कर चुके हैं कि कोलारस विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रहे वीरेंद्र रघुवंशी (Veerendra Raghuvanshi) को कांग्रेस में शामिल होने के बाद शिवपुरी में टिकट मिलना चाहिए था। टिकट नहीं मिल सका, इसका उन्हें खेद है। कमलनाथ के कपड़ा फाड़ बयान को लेकर उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों बहुत पुराने दोस्त हैं। उन्हें मुझे गाली देने और मेरे कपड़े फाड़ने की पॉवर ऑफ अटॉर्नी दे रखी है। भाजपा भी इसका लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। लगातार हमले किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) से लेकर केंद्रीय नेता तक दिग्विजय सिंह की नाराजगी और कपड़े फाड़ने के बयान को मुद्दा बना चुके हैं। भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी (Pankaj Chaturvedi) ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कपड़ा फाड़ से बहिष्कार तक बात पहुंच गई है। दिग्विजय सिंह शुक्रवार को प्रचार के लिए नहीं निकले। वह पीसीसी चीफ कमलनाथ से नाराज होकर कोप भवन में चले गए हैं।

28/10/2023114
'जय और वीरु' की दोस्ती में दरार नहीं डाल पाएगा 'गब्बर सिंह'
भोपाल

'जय और वीरु' की दोस्ती में दरार नहीं डाल पाएगा 'गब्बर सिंह'

मप्र विधानसभा चुनाव में जय वीरु और गब्बर सिंह की एंट्री हो चुकी है। दरअसल खबर है कि प्रत्याशी चयन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh)!कमलनाथ (Kamal nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) से नाराज चल रहे हैं। जिस पर सफाई देते हुए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस में किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है। सवाल इस बात का उठता है कि कांग्रेस में क्या चल रहा है इस बात के लिए भाजपा वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है। गौरतलब है कि प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस (mp congress) में अलग-अलग जिलों से लेकर प्रदेश कार्यालय तक जम कर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। और यही कारण है कि दिग्विजय सिंह पार्टी से नाराज चल रहे हैं उन्हे मनाने के लिए प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला दिग्विजय सिंह के निवास भी गए थे और अब उसके बाद ही रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की जोड़ी जय वीरु वाली दोस्ती है जिसे कोई गब्बर तोड़ नहीं पाएगा। जिसके चलते कांग्रेस ने कई उम्मीदवारों को बदला भी है। कुछ उसी प्रकार से कांग्रेस में अलग-अलग जगहों पर विरोध हो रहा है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी की ओर से दोनों नेताओं को जय वीरु कहने के बाद अब यह बात चल रही है कि दोनों के बीच कुछ तो चल रहा है। रणदीप सुरजेवाला ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर कई तरह का आरोप लगाया है। उन्होने सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) पर किसानों के साथ छल करने का भी आरोप लगाया है।

28/10/2023100
पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची
भोपाल

पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची

बड़ी पुरानी कहावत है कि पहले आप -पहले आप। और इस कहावत को चरितार्थ कर रही हैं वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और भारतीय जनता पार्टी (MP Elections)। दरअसल भाजपा ने चार सूचियों में कुल 136 विधानसभा में अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है (BJP Candidate list)। वहीं कांग्रेस ने पहली सूची में ही 144 नाम का ऐलान कर दिया था (Congress Candidate list)। लेकिन अब भाजपा (mp bjp) और कांग्रेस (mp congress) एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा ने जिन चार सूचियों में 136 नाम का ऐलान किया है उसमें से कुछ नाम पर भाजपा में अब भी संशय की स्थिति बनी है। ठीक इसी तरह कांग्रेस ने भी जिन 144 नाम की घोषणा की है उन नाम को लेकर पार्टी के अंदर ही जमकर गुटबाजी देखने को मिल रही है और कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार भाजपा की तुलना में कमजोर नजर आ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को रखते हुए भाजपा और कांग्रेस पहले आप- पहले आप के चक्कर में रुके हुए हैं और सोच रहे हैं कि पहले सामने वाली पार्टी अपने पत्ते खोले। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व (BJP meeting) ने एक दिन पहले घंटों तक मंथन किया है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee) की भी बैठक देर रात तक हुई है जिसमें प्रत्याशियों के चयन पर लगातार मंथन हुआ है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने बची हुई 86 सीटों में 49 प्रत्याशियों को फायनल कर लिया है। साथ ही कांग्रेस शिवपुरी और पिछोर के प्रत्याशियों को बदलने पर भी विचार कर रही है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता और दावेदार सूची के इंतजार में भोपाल के अलग-अलग होटलों में डेरा जमाए हुए हैं और रोजाना कार्यालयों में जाकर सूची के बारे में इधर-उधर पूछते हैं और फिर मायूस होकर होटल के कमरे में फिर चले जाते हैं।

18/10/2023103
कांग्रेस का 101 वचन, कांग्रेस आएगी खुशहाली लाएगी
भोपाल

कांग्रेस का 101 वचन, कांग्रेस आएगी खुशहाली लाएगी

जिस वचन पत्र की कांग्रेस पिछले छह महीने से गारंटी दे रही थी वो वचन पत्र आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने जारी कर दिया है (congress vachan patra)। भोपाल के रविन्द्र भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कमलनाथ (Kamal Nath),दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh),वचन पत्र कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र सिंह (Rajendra Singh) सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान पीसीसी चीफ ने वचन पत्र जारी करते हुए 101 गारंटियां दी। अब देखते हैं कांग्रेस के वचन पत्र के मुख्य बिंदु- 1.​जय किसान कृषि ऋण माफी योजना को निरंतर रखेंगे। किसानों का 2.00 ​तक का कर्ज माफ करेंगे। 2.​महिलाओं को प्रतिमाह 1500/-रूपए नारी सम्मान निधि के रूप में देंगे। 3.​घरेलू गैस सिलेंडर 500/- रूपए में देंगे। 4.​इंदिरा गृह ज्योति योजना के अंतर्गत 100 यूनिट माफ और 200 यूनिट हाफ दर पर देंगे। 5.​पुरानी पेंशन योजना 2005 ओपीएस प्रारंभ करेंगे। 6.​किसानों को सिंचाई हेतु 5 हार्सपॉवर का विद्युत निःशुल्क प्रदान करेंगे। 7.​किसानों के  बकाया विद्युत देयक माफ करेंगे। 8.​किसान आंदोलन एवं विद्युत संबंधी झूठे व निराधार प्रकरणों को वापिस लेंगे। 9.​बहुदिव्यांगजनों की पेंशन की राशि बढ़ाकर रूपए 2000/- करेंगे। 10.​जातिगत जनगणना कराएंगे। 11. शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देंगे। 12.​संत शिरोमणि रविदास के  नाम पर कौशल उन्नयन विश्वविद्यालय सागर में ​स्थापित करेंगे। 13.​तेंदूपत्ता की मजदूरी की दर 4000/- रूपए प्रति मानक बोरा करेंगे। 14.​पढ़ो-पढ़ाओ योजना के   अंतर्गत सरकारी स्कूलों के बच्चों को कक्षा 1 से 8वीं तक 500/- रूपए, कक्षा 9वीं-10वीं के  लिए 1000/- एवं कक्षा 11वीं-12वीं के बच्चों को 1500/- रूपए प्रतिमाह देंगे। 15.​मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा निःशुल्क करेंगे। 16.​आदिवासी अधिूसचित क्षेत्रों में कांग्रेस के  कार्यकाल में बना पेसा एक्ट लागू करेंगे। कांग्रेस पार्टी के मुख्य नवीन वचन - किसानों के  लिए 1. किसानों को गेहूं का 2600/- और धान का 2500/- रूपए मूल्य देगी। 2. 5 हार्सपॉवर निःशुल्क बिजली देने के साथ 10 हार्सपॉवर तक 50 प्रतिशत छूट देंगे। 3. किसान भाइयों को किसान फ्रेण्डली एप उपलब्ध कराएंगे। 4. नंदिनी गोधन योजना प्रारंभ करेंगे। 2/- रूपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेंगे। 5. कांग्रेस ने जो 1000 गौशालाएं प्रारंभ की थी जिसे भाजपा ने बंद कर दिया है उन्हें पुनः प्रारंभ करेंगे। 6. गो ग्रास अनुदान बढ़ाएंगे। 7. सहकारी क्षेत्र के  माध्यम से दूध खरीदी पर 5/- रूपये प्रति लीटर बोनस देंगे। 8. मछुआरों कृषकों को मत्स्य का अधिकार देंगे। 9. सहकारी संस्थाओं में 50 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण देंगें। 10. खेतिहर श्रमिकों को फसल रक्षक का नाम देंगे एवं प्रशिक्षण देकर किट देंगे। सिंचाई एवं प्रदेश की नदियाँ 1. सिंचाई क्षमता बढ़ायेंगे एवं समितियों के चुनाव करायेंगे। 2. ताप्ती, तमस एवं वेतबा नदी विकास प्राधिकरण गठित करेंगे। प्रदेश में लुप्त हो रही नदियों के  संरक्षण के लिए भागीरथ नदी संरक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करेंगे। 3. माँ नर्मदा संरक्षण अधिनियम बनाएंगे। 4.​नर्मदा परिक्रमा परिषद का गठन करेंगे एवं नर्मदा परिक्रमा यात्रा प्रारंभ करेंगे। युवाओं के  लिए 1. सरकारी भर्ती का कानून बनाएंगे। 2. 2.00 लाख सरकारी पद भरेंगे। 3. प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-चार नए पद निर्मित कर भरेंगे। 4. प्रदेश के  युवाओं को ही सरकारी नौकरी में प्राथमिकता मिले, इस हेतु आगे बढ़ेंगे। 5. प्रतियोगी परीक्षा शुल्क में 100 प्रतिशत छूट देंगे। 6. पिछले 18 वर्षों से लंवित भर्तियां - शिक्षकों, पुलिस, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड, नर्स आदि की भरी जाएंगी। 7.​युवा स्वाभिमान के अंतर्गत जरूरतमंद शिक्षित बेरोजगार युवाओं को 1500 से 3000/- रूपए तक प्रतिमाह आर्थिक सहायता 2 वर्ष के   लिए देंगे। 8.​भोपाल में प्रोफेशनल हब बनाएंगे। 9. मध्यप्रदेश में डिजिटल यूनिवर्सिटी शुरू करेंगे। 10. उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करेंगे। 11. छात्र संघ के  नियमित चुनाव कराएंगे। 12.​प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के  लिए ‘पदक लाओ-पद पाओ’, पदक लाओ-करोड़पति बन जाओ, पदक लाओ-कार जीतो, पदक लाओ-छात्रवृत्ति पाओ योजना आरंभ करेंगे। ​ महिलाओं के  लिए 1. बेटियों के विवाह की नई योजना प्रारंभ करेंगे, 1 लाख 1 हजार रूपए की सहायता देंगे। 2. महिलाओं के स्टार्ट अप के लिए रूपए 25.00 लाख तक का ऋण 3 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराएँगे। 3.​आवासहीन ग्रामीण महिलाओं को आवास एवं आजीविका के लिए 5000 वर्गफुट का भूखण्ड देंगे। 4.​महानगरीय बस सेवा में परिवहन हेतु निःशुल्क पास उपलब्ध कराएंगे। 5.​आंगनवाड़ी सहायिका एवं कार्यकर्ताओं को नियमित करने के लिए नियम बनाएंगे। 6.​आशा एवं ऊषा कार्यकर्ताओं के लिए मैदानी स्वास्थ्यकर्मियों का नया कैडर बनाकर सेवा से जोड़ेंगे। 7.​बेटियों के लिए मेरी बिटिया रानी योजना प्रारंभ करेंगे, उनको 2 लाख 51 हजार की राशि उनके जन्म से विवाह संस्कार होने तक देंगे। स्वास्थ्य 1. स्वास्थ्य का अधिकार कानून बनायेंगे। प्रदेश के नागरिकों के लिए वरदान स्वास्थ्य बीमा योजना प्रारंभ करंेगे, जिसमें परिवार सहित 25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा एवं 10 लाख का दुर्घटना बीमा शामिल रहेगा। जनसेवक, सरकारी कर्मचारी, अधिकारी एवं पेंशनर्स 1. कर्मचारी एवं अधिकारियों का बीमा कराएंगे। 2. कर्मचारियों की रूकी पदोन्नतियां प्रारंभ करेंगे। 3. कर्मचारियों को चार चरण में समयमान वेतनमान देंगे। आउटसोर्स एवं संविदा कर्मी 1. आउटसोर्स, संविदा, अंशकालीन, दैनिक वेतनभोगी एव मानदेय पर कार्यरत कर्मियों के साथ न्याय करेंगे। पहली कैबिनेट में इनके लिए प्रस्ताव लाएंगे। भूतपूर्व सैनिक एवं अर्द्धसैनिक 1. भूतपूर्व सैनिकों को सेवा में आरक्षण का लाभ देंगे। खनिज 1. रेत आवंटन की नई नीति बनाएंगे। 2. रेत घोटाले की जांच करेंगे।

17/10/2023458
कांग्रेस को घेरने के लिए भाजपा ने तैयार किया 'चक्रव्यूह' सीएम शिवराज होंगे व्यूह में सबसे आगे
भोपाल

कांग्रेस को घेरने के लिए भाजपा ने तैयार किया 'चक्रव्यूह' सीएम शिवराज होंगे व्यूह में सबसे आगे

कांग्रेस पार्टी को सभी मोर्चों में करारा जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 'व्यूह' रचना की है। इस व्यूह में सबसे आगे सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) को ही रखा जाएगा। भाजपा की इस रणनीति से यह भी स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सीएम शिवराज पर ही सबसे ज्यादा भरोसा है। सीएम शिवराज के साथ भारतीय जनता पार्टी ने अलग-अलग अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी कांग्रेस (mp congress) की घेराबंदी में लगा रखा है। यह नेता कांग्रेस नेताओं के बयान, आडियो-वीडियो संदेश या किसी रैली में आए तत्थ्यों का करारा जवाब देंगे। कांग्रेस के बड़े नेताओं के प्रवास की हर जानकारी तत्काल इन बड़े नेताओं तक भेजी जा रही है ताकि समय रहते उनका जवाब दिया जा सके। खास कर राहुल गांधी (Rahul Gandhi), प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi), कमलनाथ (Kamal Nath) और दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) की प्रत्येक चुनावी गतिविधि पर भाजपा की तरफ से नजर रखी जा रही है। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ताओं को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने भोपाल में मोर्चा संभाल लिया है। सभी प्रवक्ताओं के साथ दिग्गज नेताओं की प्रतिदिन सुबह वर्चुअल बैठक भी हो रही है, जिसमें कांग्रेस पर किए जाने वाले हमले पर चर्चा कर लाइन तैयार की जा रही है। भाजपा चुनावी तैयारी में कांग्रेस से एक कदम आगे चल रही है। चाहे प्रत्याशियों की घोषणा हो या फिर चुनाव प्रचार को गति देने की बात हो। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी रोड शो और जनसभाएं कर रहे हैं। आचार संहिता (model code of conduct) लगने के बाद से वह भोपाल में तीन सभाएं और रोड शो कर चुके हैं। शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार करने जाएंगे इसके लिए कार्य योजना तैयार की गई है।

15/10/2023154
सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमल नाथ पर किया करारा प्रहार
भोपाल

सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमल नाथ पर किया करारा प्रहार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) के रडार पर इस वक्त पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) हैं। एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि कमलनाथ प्रदेश को बदनाम कर रहे हैं कमलनाथ कहते हैं.... ये बेईमानों का प्रदेश है। यह चौपट प्रदेश है। अरे अपना प्रदेश चौपट प्रदेश लगता है क्या...? मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को बदनाम करते हो, कहते हो यह भ्रष्टाचारियों का प्रदेश है यह बलात्कारियों का प्रदेश है कमलनाथ जी शर्म आना चाहिए जिस मध्यप्रदेश की माटी ने आपको सब कुछ दिया उस प्रदेश को बदनाम करने का पाप कर रहे हो तुम...! पहले कहते थे भारत महान नहीं बदनाम है। क्या सोच है कांग्रेस की, यह अपने देश को बदनाम करते हैं और यह मध्य प्रदेश को बदनाम करते हैं। बात करते हैं भ्रष्टाचार की, मैडम प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi)...अगर मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार का कोई चेहरा है तो वह चेहरा है कमलनाथ जी का और बंटाधार का कोई चेहरा है तो दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) का चेहरा! चुनाव की तारीख जितनी करीब आती जा रही है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उतने ही आक्रामक होते चले जा रहे हैं। सीएम शिवराज को मालूम है कि कांग्रेस का चेहरा कमलनाथ हैं और उन पर सीधा हमला करके ही चुनाव में माहौल तैयार किया जा सकता है इसी लिए कभी करप्शन नाथ कहा जाता है कभी बदनाम नाथ की संज्ञा दी जाती है।

13/10/202397
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