शासकीय कर्मचारियों को 4% डीए की जल्द मिलेगी सौगात,सीएम यादव जल्द करेंगे घोषणा
मोहन सरकार ने सरकारी खजाना खोलने का मन बना लिया है और अब 7.5 लाख सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर उनको नए साल का उपहार देने वाले हैं (madhya pradesh government)।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने मध्य प्रदेश के तकरीबन 7.5 लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफा करने का फैसला कर लिया है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर वित्त विभाग द्वारा प्रस्ताव भी तैयार कर दिया गया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक CM डॉ. मोहन यादव द्वारा कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करने से राज्य सरकार को भारी बजट तैयार करना पड़ सकता है (mp government employees)।
नए साल के शुभ अवसर पर राज्य के 7.5 लाख कर्मचारियों को CM डॉ. मोहन यादव द्वारा महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी करने की कभी भी घोषणा की जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को वर्तमान में 42 फ़ीसदी महंगाई भत्ता मिलता है। आने वाले नए साल के शुभ अवसर पर राज्य के 7.5 लाख कर्मचारियों को CM डॉ. मोहन यादव द्वारा महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी करने की घोषणा की जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को वर्तमान में 42 फ़ीसदी महंगाई भत्ता मिलता है। और साल 2024 में CM डॉ. मोहन यादव राज्य के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का उपहार देने वाले हैं। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को प्रतिवर्ष जनवरी और जुलाई के महीने में ही बढ़ाया जाता है। राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव वित्त विभाग में मुख्यमंत्री कार्यालय में भेज दिया है अब इंतजार है तो बस CM मोहन यादव की घोषणा का। मध्य प्रदेश राज्य के सरकारी कर्मचारियों को वर्तमान में 42% महँगाई भत्ता राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी यानी की 42 फ़ीसदी से बढ़ाकर 4 फ़ीसदी करने की घोषणा सीएम यादव करने वाले हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में पहले ही 4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 46 फ़ीसदी कर दिया गया है इसके बाद राज्य में भी DA में बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य सरकार ने मुख्य निर्वाचन के समक्ष रखा था पर विधानसभा चुनाव की निकटता के कारण प्रस्ताव को मंजूरी देने में देरी हुई इसलिए अब इस प्रस्ताव को पुनः वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा है। 7.5 लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी बढ़ोतरी करने पर राज्य सरकार को 480 करोड़ो रुपए का बोझ झेलना पड़ सकता है।