AICC ने बनाई EVM जांच कमेटी,दिग्विजय सिंह बने चेयरमैन
EVM को लेकर कांग्रेस पार्टी अब भी संशय में है यही कारण है कि AICC ने EVM का परीक्षण करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है। गौरतलब है कि देश में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है और केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है तभी से कांग्रेस पार्टी EVM से होने वाली वोटिंग का विरोध करती रही है। लेकिन मजे की बात उस वक्त देखने को मिलती है जब EVM से वोटिंग होती है और कांग्रेस की सरकार बनती है तब कांग्रेस के नेता EVM का विरोध नहीं करते हैं। अब एमपी,राजस्थान सहित अन्य राज्यों में इसी साल विदानसभा चुनाव होने जा रहे हैं ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी ने EVM मशीन पर अविश्वास जाहिर करते हुए उसकी जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कमेटी का गठन कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी EVM में गड़बड़ी करके चुनाव जीतती है इसी लिए भाजपा की सरकारें बनती हैं। लिहाजा अब आरोपों का पटाक्षेप करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने कमेटी का गठन कर दिया है। अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली टीम ईवीएम की जांच पड़ताल करेगी और अगर कांग्रेस पार्टी को ईवीएम में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो उसका विरोध कर ईवीएम से होने वाली वोटिंग बंद करने के लिए कहा जाएगा। इस पूरे मामले में बीजेपी का मानना है कि कांग्रेस पार्टी को जब खुद की पार्टी का हार वाला फीडबैक मिलने लगता है तो इस प्रकार की हरकतें कांग्रेस पार्टी पहले से ही करने लगती है। जिससे चुनाव के बाद जब नतीजे आएं और कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़े तो वो पहले से ही ईवीएम से हार का प्रारुप तैयार कर लेती है। और इस बार कांग्रेस पार्टी ने ईवीएम की जांच के लिए कमेटी का गठन कर पहले ही साबित कर दिया है कि उसके फीडबैक पार्टी की हार सुनिश्चित है इसी लिए मतगणना के बाद की तैयारी कांग्रेस पार्टी अभी से करने लगी है।