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कम मतदान से टेंशन में भाजपा,राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने देर रात तक की बैठक,पन्ना प्रभारियों को सक्रिय करने के दिए निर्देश

जमीनी कार्यकर्ताओं पर भाजपा का फोकस,कल दिल्ली में हो सकती है बैठक,दूसरी सूची जल्द होगी जारी
भारतीय जनता पार्टी दूसरी सूची जारी करने की तैयारियों में जुट गई है। बुधवार को दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व की बैठक (BJP Meeting) के दौरान सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है। कांग्रेस जहां भाजपा के बड़े नेताओं को शामिल कर रही है तो भाजपा का फोकस जमीनी नेताओं पर है। जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) में ऐसे तीन हजार से अधिक नेता और कार्यकर्ताओं को अब तक की सदस्यता दिलाई जा चुकी है। दरअसल केन्द्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि बड़े नेताओं के स्थान पर उन लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा जाए जो जमीनी स्तर पर पकड़ रखते हैं। 25 सितंबर को होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ (Karyakarta Mahakumbh) से पहले 50 हजार कार्यकर्ता भाजपा की ओर से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कांग्रेस सहित सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोग शामिल हैं। भाजपा इन दिनों पंचामत से लेकर मंडल स्तर पर सक्रिय दूसरे दलों के प्रभावी कार्यकर्ताओं को जोड़ रही है। पिछले महीने जब गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक ली थी तब उन्होने पार्टी नेताओं को जमीन पर आधार को मजबूत करने के लिए कुछ रणनीतिक नुस्खे दिए थे। इस बार पार्टी बड़े चेहरों से ज्यादा फोकस निचले स्तर पर बूथों पर सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने पाले में खींचने पर काम कर रही है। सतना के रैगांव विधानसभा में चार सितंबर को गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) की उपस्थिति में कई पंचायतों के 130 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली थी। पंधाना विस क्षेत्र में कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने 40 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई थी। इसी प्रकार प्रदेश कार्यालय में अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) कई सरपंचों और अन्य प्रभावशाली लोगों को भाजपा की सदस्यता दिला चुके हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार 25 सितंबर को भाजपा के कार्यकर्ता महाकुंभ में पीएम मोदी की मौजूदगी में हजारों लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलाई जा सकती है जिसमें कांग्रेस के कुछ बड़े चेहरे भी शामिल हैं।

भाजपा की नैया पार लगाने निकले गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा,विंध्य में जन आशीर्वाद यात्रा का मिला जिम्मा
भारतीय जनता पार्टी जब-जब संकट में आती है तो उसके संकटमोचक डॉ. नरोत्तम मिश्रा होते हैं (Narottam Mishra)। इसकी बानगी आए दिन देखने को मिलती रहती है। सदन में सरकार पर कोई आरोप लगता है तो गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा अंगद की तरह पांव जमा कर विपक्ष को करारा जवाब देते हैं और जब पार्टी में कोई संकट आता है तो गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा 'दादा' संकटमोचक बन कर सामने खड़े हो जाते हैं। पिछले कुछ समय से लगातार यह बातें उठ रहीं थी कि विंध्य इस बार भाजपा से नाराज है। खासकर विंध्य के ब्राम्हण भाजपा से खासे नाराज हैं। विंध्य में ब्राम्हणों की बहुत बड़ी आवादी निवास करती है और वहां की 30 सीटों में उन्ही का प्रभाव देखने को मिलता है। सबसे पहले विंध्य की नाराजी इस बात को लेकर थी कि उन्हे उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला जबकि विंध्य के लोगों ने 30 सीटों में 24 सीटें भाजपा को दी। नाराजगी पर तड़का उस वक्त और लग गया जब सीधी में पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) हुआ और सरकार ने जल्दबाजी में आरोपी के घर पर बुल्डोजर चलवा दिया इससे ना सिर्फ ब्राम्हण वर्ग भाजपा से नाराज हुआ बल्कि सवर्ण वर्ग में आने वाले सभी लोग भाजपा से नाराज हो गए इस बात की जानकारी भाजपा की इंटरनल रिपोर्ट में सामने आई। ऐसी स्थिति में विंध्य में डैमेज कंट्रोल के लिए भाजपा के पास एक ही चेहरा था डॉ. नरोत्तम मिश्रा। ब्राम्हणों की नाराजगी के चलते ही भाजपा ने चित्रकूट से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) से जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) को हरी झंडी दिखवाई और फिर उसको गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के हवाले कर दिया। गृह मंत्री पूर्व में रीवा के प्रभारी मंत्री रहे हैं और उनको वहां की तासीर मालूम है। विंध्य में नरोत्तम मिश्रा को बाहरी नहीं बल्कि घर का नेता माना जाता है। वैसे भी गृह मंत्री जिस विधानसभा दतिया से चुनाव लड़ते हैं पहले वो विंध्य का ही हिस्सा माना जाता था। डॉ. नरोत्तम मिश्रा की ब्राम्हणों के बीच जिस प्रकार की लोकप्रियता है उसी को भुनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हे विंध्य की जिम्मेदारी सौंपी है। और भाजपा यह मान कर चल रही है कि जब गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को जब एक बार कोई जिम्मेदारी सौंप दी जाती है तो उसको पूरा करके ही वो चैन की सांस लेते हैं। लिहाजा अब देखना यह दिलचश्प होगा कि भाजपा द्वारा खेला गया यह ब्राम्हण कार्ड विंध्य को रिझाने में कामयाब होगा अथवा नहीं यह तो वक्त बताएगा।

रुठे विंध्य को पहले मनाएगी भाजपा,बीजेपी से आज रवाना हुए रथ,कल नड्डा दिखाएंगे हरी झंडी
कहा जाता है कि पर्वतराज सुमेरू के शिखर कहे जाने वाले चित्रकूट गिरि को कामदगिरि होने का वरदान भगवान राम ने दिया था। तभी से विश्व के इस अलौकिक पर्वत के दर्शन मात्र से आस्थावानों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। और अब भाजपा का भगवान राम ही बेड़ा पार कर सकते हैं। दरअसल Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार विंध्य (Vindhya) की जनता का मोह अब भाजपा से भंग हो चुका है और इसका खुलासा भाजपा की आंतरिक सर्वे रिपोर्ट (Bjp internal report) में हो चुका है यही कारण है कि चुनाव के महज डेढ़ महीने पहले भाजपा ने राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को मंत्री बना कर विंध्य की जनता के जख्म पर मरहम लगाने का काम किया है। लेकिन विंध्य की जनता जितनी भावुक मानी जाती है ठीक उसी प्रकार से विंध्य की जनता राजनीतिक मामलों की भी जानकार मानी जाती है। विंध्य की जनता जब वोट देती है तो सभी प्रकार के सोच विचार करती है। जिस वक्त 2018 में माई के लाल का नारा चल रहा था और ग्वारियर-चंबल के सवर्णों ने भाजपा का साथ छोड़ कर कांग्रेस को जिताने में अपना योगदान दिया था तब विंध्य की जनता ने जाति की परवाह किए बगैर सीएम शिवराज के (Shivraj Singh Chouhan) द्वारा किए विकास को तरजीह दी जिसका नतीजा ये निकला कि विंध्य की 30 सीटों में 24 सीटें भाजपा की छोली में आई। साल 2020 में जब सिंधिया के भाजपा में शामिल होने से फिर भाजपा की सरकार बनी तो विंध्य की जमकर उपेक्षा की गई और ग्वालियर-चंबल के हर तीसरे विधायक में एक को मंत्री बनाया गया। विंध्य देश का सबसे बड़ा सवर्ण बाहुल क्षेत्र माना जाता है इसके बाद भी विंध्य के एक भी सवर्ण नेता को मंत्री नहीं बनाया गया। यहां से भाजपा का ओबीसी प्रेम विंध्य की जनता के सामने आया। बात चस वक्त और गंभीर हो गई जब सीधी में आदिवासी पेशाबकांड (Sidhi Peshab Kand) का मामला सामने आया। विंध्य के सवर्णों ने घटना का जमकर विरोध किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भी समर्थन किया लेकिन जब आरोपी के घर पर बुल्डोजर चला और उसके परिवार को सड़क पर आना पड़ा तो विंध्य की जनता में शिवराज सरकार और भाजपा के खिलाफ आक्रोश की लहर दौड़ गई। लगातार उपेक्षा का दंश झेलने वाली विंध्य की जनता का इस बार भाजपा से मोह भंग हो गया है। जिस प्रकार से सीएम शिवराज और भाजपा के हर नेता का ओबीसी प्रेम जनता के सामने आया उसके बाद विंध्य की जनता ने भाजपा अलग होने पर खुद की भलाई देख रहे हैं। इन सब बातों की जानकारी भाजपा हाई कमान को है। इसी लिए केन्द्रीय नेतृत्व ने विंध्य में लगातार फोकस किया और मोदी की दो सभाएं रीवा और शहडोल में आयोजित की गई। अमित शाह ने सतना में सभा की। सीएम शिवराज ने महीने भर में विंध्य की ज्यादा तर सीटों का दौरा किया है लेकिन इस बार विंध्य की जनता का मूड बदल पाने में अब तक भाजपा नाकाम साबित हुई है इसी लिए अब भाजपा एक बार फिर भगवान राम का सहारा लेकर उनकी तपोभूमि चित्रकूट से जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) का आगाज करने जा रही है जिसको राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे।

भाजपा की तस्वीर से अमित शाह गायब,अब जेपी नड्डा यात्रा को दिखाएंगे हरी झंडी
भारतीय जनता पार्टी तीन सितंबर से प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) का आगाज करने जा रही है। लेकिन यात्रा के पहले ही भारतीय जनता पार्टी में चल रहे आपसी विवाद और मन मुटाव की तस्वीर सामने आने लगी है। दरअसल दो दिन पहले भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भाजपा की तरफ से जन आशीर्वाद यात्रा का प्रारुप बताने के लिए प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की तरफ से एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया था। प्रेसवार्ता के दौरान एक होर्गिंग लगाई गई थी जिसमें पीएम मोदी (PM Narendra Modi) की तस्वीर के साथ एमपी के कुछ कद्दावर नेताओं की तस्वीर लगाई गई। लेकिन उस तस्वीर में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को स्थान नहीं दिया गया था जबकि अमित शाह को ही चित्रकूट से पहली विकास यात्रा (vikas yatra) को हरी झंडी दिखानी थी। पोस्टर में एक और मजे की बात देखने को मिली कि भूपेन्द्र सिंह को विकास यात्र की टोली का संयोजक बनाया गया है लेकिन पोस्टर में भूपेन्द्र सिंह (Bhupendra Singh) को स्थान नहीं दिया गया। हांलाकि भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच भी चल रही है यही कारण हो सकता है कि भाजपा भूपेन्द्र सिंह को लाइमलाइट से दूर रख कर उनकी संगठनात्मक काबिलियत का फायदा उठाना चाहती होगी। लेकिन महत्वपूर्ण यही है कि इस पूरी भूमिका में जिस प्रकार से अमित शाह को पोस्टर से गायब किया गया वो राजनीतिक पंडितों के गले से नहीं उतर रहा है और सभी इस सवाल का जवाब ढूंढ़ रहे हैं कि आखिर अमित शाह को पोस्टर से गायब क्यों किया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस पूरे मामले की जानकारी अमित शाह को हुई तो उन्होने काफी नाराजगी ब्यक्त की बात यहीं खत्म नहीं हुई अमित शाह ने चित्रकूट आने से इंकार कर दिया जिसके बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चित्रकूट आकर जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाने वाले हैं। गौरतलब है कि भाजपा के सर्वे के अनुसार विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज है जिनको मनाने के लिए भाजपा की ओर से अलग-अलग प्रयास किए गए लेकिन नतीजा शिफर ही रहा है। इसी लिए अब भाजपा ने विंध्य से जन आशीर्वाद यात्रा का आगाज करने की योजना तैयार की है।

10 हजार KM का सफर, 678 रथ और 211 बड़ी सभाएं, 25 सितंबर को भोपाल में होगा कार्यकर्ता महाकुंभ
विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) के माध्यम से चुनाव प्रचार से पूर्व ही लोगों के बीच पहुंचेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) यात्रा की शुरुआत करेंगे। जबकि इसके समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शामिल होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। वीडी शर्मा ने बताया कि भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से जनकल्याण के कार्यों को प्रत्येक विधानसभा में जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। शर्मा के अनुसार भाजपा इस बार पांच जनआशीर्वाद यात्राएं निकालेगी। पहली जन आशीर्वाद यात्रा 3 सितंबर को विंध्य संभाग के चित्रकूट से शुरू होगी। इसका शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। दूसरी जन आशीर्वाद यात्रा महाकौशल के मंडला से 5 सितंबर को शुरू होगी। इसका भी शुभारंभ अमित शाह ही करेंगे। तीसरी जन आशीर्वाद यात्रा 4 सितंबर से इंदौर संभाग के खंडवा से शुरू होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) इसकी शुरुआत करेंगे। चौथी यात्रा उज्जैन संभाग से 4 सितंबर को ही प्रारंभ होगी, जिसका शुभारंभ भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। पांचवी और अंतिम यात्रा ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर से निकाली जाएगी। यह 6 सितंबर को शुरू होगी। जिसकी शुरुआत भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) करेंगे। जन आशीवार्द यात्रा का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया जाएगा। समापन कार्यक्रम भोपाल में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ में होगा। जिसमें 10 लाख भाजपा कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदेश में निकाली जाने वाली ये पांचों जनआशीर्वाद यात्राएं 10 हजार 643 किमी का सफर तय करेगी। इस दौरान 678 रथ सभाएं और 211 बड़ी सभाओं का आयोजन किया जाएगा।