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'कांग्रेस वाले बौखला गए हैं' देखते रहें हम क्या-क्या करने वाले हैंःसीएम
भोपाल

'कांग्रेस वाले बौखला गए हैं' देखते रहें हम क्या-क्या करने वाले हैंःसीएम

भारतीय जनता पार्टी की ओर से 230 प्रवासी विधायकों के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया (BJP MLA training)। अलग-अलग सत्रों में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma), राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश (Shivprakash) सहित अन्य नेताओं ने प्रदेश सरकार की ओर से किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। चार राज्यों से आए विधायक अगले सात दिन तक प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों का दौरा करेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रवासी विधायक खुद के वाहनों से विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे,प्रवासी विधायकों को स्थानीय कार्यकर्ताओं से ज्यादा करीबता नहीं बनाने की ताकीद दी गई है। विंध्य क्षेत्र में जाने वाले विधायकों को पहले ट्रेन से भेजा जाएगा उसके बाद उन्हे संगठन की ओर से वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विधायक को एक स्थानीय कार्यकर्ता गाइड के रुप में दिया जाएगा बांकी पार्टी का कोई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता विधायकों के पास नहीं जा पाएगा। यह सभी विधायक उनको मिली प्रभार वाली विधानसभा में पार्टी की स्थिति का आंकलन करेंगे,कितने दावेदार हैं उसकी लिष्ट अलग तैयार करेंगे,इसके अलावा क्षेत्र में किस कार्यकर्ता का कितना वर्चश्व है और उसे चुनाव के लिए टिकट दिया जाता है तो वो कितनी मजबूती के साथ विपक्षी दल पर कितना प्रभाव डाल पाएगा इन सभी की रिपोर्ट तैयार कर केन्द्रीय नेतृत्व को ये विधायक सौंपेंगे। बैठक में विधायकों को संबोधित करने पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोई भी विधायक यहां पर खुद को बाहरी ना समझें। सारे विधायक हमारे परिवार का हिस्सा हैं। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस बौखला गई है। जिस प्रकार से भाजपा की सरकार और संगठन काम कर रहे हैं उसको देखते हुए कांग्रेसी खेमे में बेचैनी छा गई है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि अभी तो देखते जाइए हम क्या-क्या करने वाले हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 27 अगस्त को कोई बड़ी घोषणा करने वाले हैं और माना जा रहा है कि उस दिन सीएम कोई बड़ी घोषणा कर अपना सबसे बड़ा दांव खेलने वाले हैं और मुख्यमंत्री ने उसी ओर इशारा करते हुए उन्होने कहा है कि देखते जाइए हम क्या-क्या करने वाले हैं।

19/8/2023142
सीएम को राखी भेज चयनित पटवारियों ने नियुक्ती की लगाई गुहार
भोपाल

सीएम को राखी भेज चयनित पटवारियों ने नियुक्ती की लगाई गुहार

पटवारी चयन परीक्षा में भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद चयनित पटवारियों (Patwari Result) की नियुक्ति पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी थी। चयनित पटवारियों का आरोप है कि उन्हे राजनीति की भेंट चढ़ाया जा रहा है। इस बीच चयनित पटवारियों ने हर दरवाजे पर गुहार लगाई,सीएम हाउस की बात हो अथवा भोपाल के नीलम पार्क में विरोध प्रदर्शन सबकुछ किया लेकिन राज्य सरकार का दिल नहीं पसीजा। सालों से मेहनत कर रहे चयनित पटवारियों ने जब किसी तरह से परीक्षा उत्तीर्ण की तो उनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। अब चयनित पटवारी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। सभी तरह के उपाय करने के बाद अब चयनित पटवारियों ने सीएम (Shivraj Singh Chouhan) तक अपनी बात पहुंचाने के अलग-अलग रास्ते तैयार किए हैं। चयनित पटावरियों ने ट्विटर पर पोस्ट डाल कर मामा से नियुक्ति की गुहार लगाई थी और अब उन्ही चयनित पटवारियों ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सीएम शिवराज को राखी भेज कर उन्हे नियुक्ति देने की मांग उठाई है। सभी चयनित पटवारी शांति तरीके से मर्यादाओं में रह कर अपना विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं और अपनी बात सीएम शिवराज सिंह तक पहुंचाने का भी प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इतनी मेहनत के बाद भी अब तक सरकार का दिल नहीं पसीजा है। चयनित पटवारी इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि कभी भी चुनाव आचार सहिंता लग जाएगी जिसके बाद उनकी नियुक्ति अधर में लटक जाएगी। अगली सरकार किसकी बनेगी पटवारी इस बात को लेकर भी संशय में हैं और यही कारण है कि चयनित पटवारी अपनी बात सीएम तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और अब उन्होने सीएम शिवराज को रक्षा सूत्र भेज कर भांजे होने का फर्ज निभा दिया है अब देखना यह दिलचश्प होगा कि मामा को भांजों की याद कब तक आती है।

18/8/2023685
'मामा जी एमपी पटवारी नियुक्ति दो' चयनित पटवारियों का सोशल वॉर
भोपाल

'मामा जी एमपी पटवारी नियुक्ति दो' चयनित पटवारियों का सोशल वॉर

पटवारी चयन परीक्षा में घोटाले की खबर मिलने के बाद मप्र सरकार ने पटवारियों की नियुक्त पर रोक लगा दी है (MP Patwari)। सरकार के रोक लगाने के बाद चयनित पटवारियों का भविष्य अधर में लटक गया है। न्याय की गुहार के लिए चयनित पटवारियों ने सरकार को मनाने का हर तरह का प्रयास किया है। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) से मुलाकात से लेकर सीएम हाउस(Shivraj Singh Chouhan) के घेराव की बात हो अथवा भोपाल के नीलम पार्क में नियुक्ति की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन ही क्यों ना हो चयनित पटवारियों ने वो सब किया जो कर सकते थे लेकिन इतना सबकुछ होने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से पटवारियों को न्याय नहीं मिला। एक तरफ राज्य सरकार अलग-अलग विभागों में भर्तियां निकाल रही है वहीं दूसरी तरफ पटवारी अपनी नियुक्ति को लेकर परेशान हैं। कुछ चयनित पटवारियों का कहना है कि उन्होने ब्यावसायिक परीक्षाओं को छोड़ कर पटवारी की परीक्षा दी थी जिससे उन्हे नौकरी मिल जाए,पास होने के लिए रात दिन एक कर दिया और जब पास हुए तो उसमें भ्राष्टाचार का आरोप लगा कर नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। कुछ चयनित पटवारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए यहां तक कहा है कि सरकार उनको नियुक्ति नहीं देती है तो वो खुदकुशी करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। अब चयनित पटवारियों ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एक अनोखा तरीका अपनाया है। पटवारियों ने सोशल वार करते हुए ट्विटर पर करीब डेढ़ लाख ट्वीट किए और उसमें लिखा है 'मामा जी एमपी पटवारी नियुक्ति दो' चयनित पटवारियों ने इतनी बड़ी संख्या में ट्वीट किया है जिसके चलते ट्विट पर वो ट्रेंड कर रहे हैं। लेकिन मूल बात यह है कि नियुक्ति को लेकर पटवारी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं लेकिन अभी तक सियासी उलझनों में फंसे पटवारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं दिख रहा। ऐसे ही हखलात चलते रहे तो आने वाले समय में चुनाव आचार संहिता लग जाएगी और पटवारियों की नियुक्ति पूरी तरह से अधर में लटक जाएगी।

18/8/2023479
'कांग्रेस करप्शन की दुकान है' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा आरोप
भोपाल

'कांग्रेस करप्शन की दुकान है' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा आरोप

कांग्रेस और भाजपा के बीच आर-पार की लड़ाई शुरु हो गई है (MP Elections 2023)। पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने प्रेसवार्ता का आयोजन कर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर ताबड़ तोड़ आरोप लगाए। आरोपों का असर इतना तेज हुआ कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने कमलनाथ को 1983 दगों का माडल बता डाला। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के घोटालों का जखीरा खोलते हुए 15 महीने की सरकार में किए घोटालों की लंबी लिस्ट पेस की। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ की सरकार को दिग्विजय सिंह चला रहे थे। उन्ही के इशारों पर प्रदेश में घोटाले हुए। बीजेपी अध्यक्ष ने ग्वालियर में हुई प्रियंका गांधी की सभा का जिक्र करते हुए कहा कि वो भाजपा के घोटालों की लिष्ट लेकर आई थी और मंच पर उनकी लिष्ट गायब हो गई। वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की सरकार पर 50% कमीशन का आरोप लगाती है वो ये क्यों नहीं बताते कि रतुलपुरी कौन है रतुलपुरी के घर पर छापा क्यों पड़ा था। मृगलानी का जिक्र करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रतुलपुरी के साथ मृगलानी का नाम क्यों जोड़ा जाता है। सिंचाई परियोजनाओं में हुए घोटाले को लेकर अध्यक्ष ने कहा कि बिना काम शुरु हुए 877 करोड़ का पेमेंट किसने करवाया था। मोबाइल घोटाले का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बगैर मोबाइल खरीदे 63 करोड़ का पेमेंट किसने किया था। आइफा अवार्ड अवार्ड का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उद्योगपतियों पर दबाव डाल कर बृजक्राफ्ट कंपनी को किसने फायदा पहुंचाया है। इसी प्रकार के बहुत सारे घोटालों की लिष्ट बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जारी की और कहा कि भाजपा पहले से ही कहती रही है कि वल्लभ भवन को कांग्रेस ने दलाली का अड्डा बना दिया था। यही कारण था कि 15 महीने में जितने तबादले हुए उतना कभी किसी सरकार में तबादले नहीं हुए हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ की प्रेसवार्ता के बाद जिस प्रकार से बीजेपी अध्यक्ष ने हड़बड़ाहट में प्रेसवार्ता आयोजित कर उनके आरोपों के बदले जवाब नहीं दिया बल्कि कांग्रेस सरकार पर आरोपों और घोटालों की जमकर बारिश की है। मतलब साफ है कि अब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है और आने वाले समय में जहां कांग्रेस 18 महीने की भाजपा सरकार का पोस्टमार्टम करेगी तो वहीं भाजपा ने भी जमकर तैयारी कर रखी है और कांग्रेस के हर आरोप पर कटाक्ष करने के लिए भाजपा के नेता तत्काल अटैक करेगी।

18/8/2023199
भाजपा का मास्टर स्ट्रोक 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान,दूसरी सूची जल्द होगी जारी
भोपाल

भाजपा का मास्टर स्ट्रोक 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान,दूसरी सूची जल्द होगी जारी

भारतीय जनता पार्टी ने 39 (BJP MP) प्रत्याशियों की सूची जारी कर कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फेरने का काम किया है। अभी तक कांग्रेस लगातार कहती रही है कि वो लगातार हारने वाली सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर देगी लेकिन हुआ उसके ठीक उलट। कांग्रेस से पहले भारतीय जनता पार्टी ने 39 विधानसभा सीटों में अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। मतलब साफ है भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशियों को लंबा समय देना चाहती है जिसके चलते भाजपा ने एमपी और सीजी की संयुक्त रुप से पहली सूची जारी कर सभी राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के लिए अभी तीन महीनों से ज्यादा का वक्त बचा है चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है लेकिन भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने सूची जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा का नेतृत्व एमपी विधानसभा को कितनी गंभीरता के साथ देख रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा की दूसरी लिष्ट भी तैयार है। उस लिष्ट में पैनल बनाए गए हैं और पैनल में शामिल दावेदारों के नामों का सर्वे चल रहा है। जैसे ही निजी एजेंसिया अपनी सर्वे रिपोर्ट केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपेगी ठीक उसके तुरंत बात भाजपा अपने मजबूत उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर देगी। भाजपा का मानना है कि चुनाव जीतना है तो उम्मीदवारों को वक्त देना होगा। कांग्रेस जब तक भाजपा की अगली रणनीति को समझने का प्रयास करेगी तब तक भाजपा कांग्रेस को अगला झटका दे चुकी होगी।

17/8/2023391
लगातार हारने वाली 50 सीटों पर भाजपा जल्द तय करेगी प्रत्याशी
भोपाल

लगातार हारने वाली 50 सीटों पर भाजपा जल्द तय करेगी प्रत्याशी

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक बुधवार को दिल्ली में हुई। इसमें मप्र से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश ध्यक्ष वीडी शर्मा,संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ प्रदेश चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव शामिल हुए। केन्द्रीय नेताओं के सामने मप्र (MP BJP) ने हारी हुई सीटों का ब्योरा रखा। इसके बाद तय हुआ कि प्रदेश नेतृत्व जल्द ही इन 40 से 50 सीटों पर दो से तीन नाम का पैनल बनाएगा। भाजपा इस बार सितंबर में ही हारी सीटों के प्रत्याशी तय कर देगी,ताकि उन उम्मीदवारों को पर्याप्त समय मिल सके। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक ऐसी विधानसभा सीटें चुनी गई हैं जिनमें पिछले तीन-चार या इससे अधिक चुनावों में हार रही भाजपा मजबूत तैयारियों के साथ जाना चाहती है। उदाहरण के तौर पर भोपाल उत्तर और मध्य सीटों की सूची में रखा गया है। दक्षिण-पश्चिम को बाहर रखा गया है। क्योंकि भाजपा इसे जीती सीट मान कर चल रही है। जानकारी के मुताबिक जल्द ही भोपाल में प्रदेश चुनाव प्रभारी-सह प्रभारी संगठन के प्रमुख लोगों के साथ बैठक लेंगे। बुधवार को दिल्ली में हुई भाजपा की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मप्र के एक मात्र सदस्य सत्यनारायण जटिया शामिल हुए। पहली बार मप्र के साथ समिति की आधे घंटे बैठक हुई। बीच में अन्य राज्यों पर मंथन किया गया फिर करीब डेढ़ घंटे बाद मप्र को फिर बुलाया गया। जानकारी मिली है कि कुछ और घोषणाएं करने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने केन्द्रीय नेतृत्व से अनुमति मांगी है। बात स्पष्ट है भारतीय जनता पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश चुनाव के लिए सक्रिय है और केन्द्रीय नेतृत्व कांग्रेस को ऐसा कोई मौका नहीं देना चाहता जिससे एकबार फिर से एमपी में कांग्रेस को मौका मिल पाए।

17/8/2023203
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का जारी होगा रिपोर्ट कार्ड
भोपाल

प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का जारी होगा रिपोर्ट कार्ड

प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Singh Chouhan) अब जनता के बीच अपने काम का लेखा-जोखा लेकर जाएगी और फिर उसी के हिसाब से जनता से वोट मांगेगी। दरअसल Mukhbirmp.com को मिली जानकारी मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने योजना तैयार की है जिसके तहत भाजपा ना सिर्फ अपने कार्यकाल की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएगी बल्कि साल 2003 के पहले वाले मध्यप्रदेश की तस्वीर भी जनता के सामने पेश करेगी। इतने सालों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जिस प्रकार से प्रदेश के विकास की गति को तेज किया है उसका फल लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी को फ्लैशबैक में जाकर साल 2003 से पहले की तस्वीर से युवा पीढ़ी को अवगत कराएगी। भाजपा के नेताओं का मानना है कि जब भाजपा की सरकार बनी उस वक्त जो बच्चा था वो आज युवा है लिहाजा उसे दिग्विजय सरकार के कार्यकाल की ज्यादा जानकारी नहीं है इस लिए उन युवाओं को यह बताया जाएगा कि दिग्विजय सरकार में प्रदेश की क्या स्थिति थी। यही कारण है कि प्रदेश की सरकार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के हाथों अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रख कर फिर कांग्रेस के जमाने की बात करेगी। रिपोर्ट कार्ड में सड़क,पुल-पुलिया सहित बिजली की आपूर्ति,सिंचाई का रकवा बढ़ा उसकी जानकारी दी जाएगी,युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए गए और फिर संविदा कल्चर समाप्त कर उन्हे नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं दी गई इतना ही नहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना से लेकर लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत की गई जिसके कारण आज प्रदेश में सेक्स रेसियो भी बढ़ा यही कारण है कि अब सरकार चाहती है कि उसने जनता के हित में इतने फैसले लिए हैं तो उसका लाभ भी पार्टी को मिलना चाहिए इसी लिए अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर जनता को बताएगी कि इतने सालों में भाजपा की सरकार ने उनके लिए क्या किया। बांकी जो काम रह गए हैं उसके लिए सरकार ने अभी से कमर कस ली है। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी अपने घोषणा पत्र को तैयार करने में जुट गई है। 20 अगस्त को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित साह भोपाल और ग्वालियर दौरे पर रहेंगे इसी दौरान अमित शाह के हाथों मुख्यमंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर एकबार फिर भाजपा सरकार बनाने की नींव रखेंगे।

16/8/2023226
AICC ने बनाई EVM जांच कमेटी,दिग्विजय सिंह बने चेयरमैन
भोपाल

AICC ने बनाई EVM जांच कमेटी,दिग्विजय सिंह बने चेयरमैन

EVM को लेकर कांग्रेस पार्टी अब भी संशय में है यही कारण है कि AICC ने EVM का परीक्षण करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है। गौरतलब है कि देश में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है और केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है तभी से कांग्रेस पार्टी EVM से होने वाली वोटिंग का विरोध करती रही है। लेकिन मजे की बात उस वक्त देखने को मिलती है जब EVM से वोटिंग होती है और कांग्रेस की सरकार बनती है तब कांग्रेस के नेता EVM का विरोध नहीं करते हैं। अब एमपी,राजस्थान सहित अन्य राज्यों में इसी साल विदानसभा चुनाव होने जा रहे हैं ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी ने EVM मशीन पर अविश्वास जाहिर करते हुए उसकी जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कमेटी का गठन कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी EVM में गड़बड़ी करके चुनाव जीतती है इसी लिए भाजपा की सरकारें बनती हैं। लिहाजा अब आरोपों का पटाक्षेप करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने कमेटी का गठन कर दिया है। अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली टीम ईवीएम की जांच पड़ताल करेगी और अगर कांग्रेस पार्टी को ईवीएम में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो उसका विरोध कर ईवीएम से होने वाली वोटिंग बंद करने के लिए कहा जाएगा। इस पूरे मामले में बीजेपी का मानना है कि कांग्रेस पार्टी को जब खुद की पार्टी का हार वाला फीडबैक मिलने लगता है तो इस प्रकार की हरकतें कांग्रेस पार्टी पहले से ही करने लगती है। जिससे चुनाव के बाद जब नतीजे आएं और कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़े तो वो पहले से ही ईवीएम से हार का प्रारुप तैयार कर लेती है। और इस बार कांग्रेस पार्टी ने ईवीएम की जांच के लिए कमेटी का गठन कर पहले ही साबित कर दिया है कि उसके फीडबैक पार्टी की हार सुनिश्चित है इसी लिए मतगणना के बाद की तैयारी कांग्रेस पार्टी अभी से करने लगी है।

16/8/2023176
पीढ़ी परिवर्तन से 'नमो शिव' को नहीं पड़ेगा फर्क अंत में 'कमल' को ही थामेंगे युवा!
भोपाल

पीढ़ी परिवर्तन से 'नमो शिव' को नहीं पड़ेगा फर्क अंत में 'कमल' को ही थामेंगे युवा!

मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी को 'नमो शिव' का ही सहारा है। दरअसल जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी चुनाव में पिछड़ रही थी उसको देखते हुए केन्द्रीय नेतृत्व ने ऐसी योजना तैयार की जिसमें कांग्रेस के सारे आरोप धराशाही हो गए। कांग्रेस ने जो भी प्लान तैयार किया उसको पीएम मोदी और सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) ने ध्वस्त करके रख दिया। लगातार भाजपा में और आम जनता के बीच सीएम चेहरे को लेकर बात उठती रही है लेकिन हकीकत यही है कि केन्द्र में मोदी और एमपी में शिवराज सिंह चौहान के चेहरे का अभी तक भाजपा के पास कोई विकल्प नहीं है। भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व खुल कर नहीं लेकिन दबी जुवान यह स्वीकार करता है कि एमपी का चुनाव जिस लेवल पर पहुंच गया है वहां पर शिवराज सिंह चौहान के अलावा भाजपा की सरकार को कोई दूसरा नहीं चला सकता। हाल ही में भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) ने पत्रकारों से अनौपचारिक बात करते हुए इस बात के संकेत दिए कि विकल्प क्या है। दरअसल भूपेन्द्र यादव से पूछा गया था कि जब शिवराज जी सीएम बने थे उस दौरान जो बच्चे चार या पांच साल के थे आज वही बच्चे बीस 22 साल के हो चुके हैं लिहाजा प्रदेश में पीढ़ी परिवर्तन के चलते चेहरा बदलने की मांग उठ रही है। इस मामले में प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने सहमति जताते हुए बड़ा सधा हुआ जवाब दिया। भूपेन्द्र यादव ने कहा कि पीढ़ी परिवर्तन हुआ है लेकिन आज की पीढ़ी 60 साल और 80 साल के नेता में फर्क करना नहीं जानती क्या? भूपेन्द्र यादव ने राज्य सरकार की कुछ योजनाओं के भी नाम गिनाए जिसमें उन्होने कहा कि प्रदेश में शिवराज सरकार ने जिस प्रकार से युवाओं के लिए अलग-अलग योजनाएं शुरु की है जिसमें 'सीखो-कमाओ' जैसी योजना चल रही है बच्चे सीख भी सकते हैं और उस दौरान कमा भी सकते हैं। साथ में अन्य और योजनाएं हैं जो प्रदेश की शिवराज सरकार ने लांच की है इसके अलावा युवाओं को शासकीय नौकरी के लिए वैकेंसी भी निकाली जा रही है ऐसी स्थिति में कोई युवा क्यों कमलनाथ का साथ देगा। बीजेपी के प्रदेश चुनाव प्रभारी ने एक और बड़ी बात कही जिसके अंतर्गत उन्होने कहा कि कर्नाटक चुनाव में भाजपा की हार पर काफी बात हो रही है लेकिन गुजरात और यूपी में भाजपा जीती उसकी बात कोई नहीं कर रहा है। गुजरात भी एमपी की सीमा से लगा है और यूपी भी एमपी की सीमा से लगा है। इन राज्यों में भाजपा ने प्रचंड जीत दर्ज की उसके लिए कोई बात नहीं कर रहा है। कर्नाटक की भाषा अलग है कल्चर अलग है सभी चीजें एमपी से अलग हैं लिहाजा कर्नाटक की तुलना एमपी से करना ठीक नहीं है। इस बीच बीजेपी प्रदेश चुनाव प्रभारी ने अच्छा करफॉर्मेंस नहीं करने वाले विधायकों के टिकट खुल कर प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन उनकी बातों में यह इशारा था कि नाराजगी स्थानीय विधायकों को लेकर है लिहाजा दूसरे कार्यकर्ताओं को टिकट देकर उस नाराजगी को खत्म कर दिया जाएगा। ऐसी कोई वजह ही नहीं छोड़ी जाएगी जिससे भाजपा को चुनाव जीतने में दिक्कत आए। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी बूथ सम्मेलनों में ब्यस्त है और भाजपा का मानना है कि पार्टी का कार्यकर्ता खुश रहेगा तो पार्टी की जीत को कोई नहीं रोक सकता। भूपेन्द्र यादव साफ कहते हैं कि भाजपा एमपी में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। ऐसा कोई ठोस कारण बता दे जिसमें यह स्पष्ट हो रहा हो कि जनता भाजपा को वोट नहीं देगी। जिस प्रकार से शिवराज जी के नेतृत्व में एमपी ने विकास की गति पकड़ा है जनता उसको कभी अनदेखा नहीं कर सकती है लिहाजा एमपी में 'नमो शिव' का जादू कायम रहेगा और सरकार भाजपा की ही बनेगी।

15/8/2023145
सीएम की तरकश में अभी और कई तीर बांकी...
भोपाल

सीएम की तरकश में अभी और कई तीर बांकी...

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बनते चले जा रहे हैं। उनकी सभाओं में बढ़ रही महिलाओं की भीड़ ने कमलनाथ की नींद उड़ा दी है। कांग्रेस का कोई कार्ड मुख्यमंत्री के सामने नहीं चल पा रहा है। इसी फस्ट्रेशन में कांग्रेस ने फर्जी लेटर कांड गढ़ डाला। मुख्यमंत्री ना केवल महिलाओं के लिए बल्कि सभी समुदायों के लिए कोई ना कोई घोषणा कर रहे हैं। और सिर्फ घोषणाएं ही नहीं कर रहे उनका तत्काल क्रियान्वयन भी सीएम करवाते जा रहे हैं। इसी कारण कमलनाथ का कोई पत्ता नहीं चल पा रहा है। रीवा में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत तीसरी किस्त देने के बाद मुख्यमंत्री राखी के पहले 27 तारीख को कोई बड़ी घोषणा करने जा रहे हैं जिसका केन्द्रबिंदु भी लाड़ली बहने ही रहेंगी। मुख्यमंत्री ने पहले ही घोषणा कर रखा है कि लाड़ली बहना योजना की राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये तक की जाएगी। प्रदेश में सवा करोड़ लाभार्थी महिलाओं का वोट बैंक बनाने का मतलब है कि मुख्यमंत्री ने इतने ही परिवारों को अपने साथ जोड़ लिया है। क्योंकि महिलाएं परिवार की धुरी होती हैं उनको अपने तरफ करने का मतलब है कि मुख्यमंत्री ने एक बड़ा वोटबैंक भाजपा की तरफ मोड़ लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी के लाभार्थी वोटबैंक की तर्ज पर मध्यप्रदेश में महिलाओं का वोटबैंक तैयार कर लिया है। जाहिर है कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री जैसा महिलाओं में लोकप्रिय नेता नहीं है। इस मामले में कमलनाथ उनके समक्ष खड़े भी नहीं हो सकते। मुख्यमंत्री ने 12वीं में प्रथम श्रेणी में आने वाली बच्चियों को स्कूटी देने की घोषणा भी की है। इस घोषणा से भी भाजपा का वोटबैंक मजबूत होगा क्योंकि स्कूटी पूरे परिवार के काम आएगी। खास बात यह है कि यह स्कूटी इलेक्ट्रिकल होगी यानि पेट्रोल का टेंशन नहीं होगा। इस योजना को भी सीएम शिवराज का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। बीस अक्टूबर तक सीएम शिवराज लाड़ली बहनों के खाते में करीब छह किस्त डाल चुके होंगे और फिर नवंबर में चुनाव होना है इसलिए माना जा रहा है कि लाड़ली बहना योजना सीएम शिवराज के लिए और सरकार के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित होने वाली है। अब कांग्रेस पार्टी यह योजना तैयार कर रही है कि सीएम की घोषणाओं का तोड़ कैसे निकाला जाए।

15/8/2023252
कांग्रेस छोड़ने के बाद सिंधिया समर्थक सिंधिया का छोड़ रहे साथ
भोपाल

कांग्रेस छोड़ने के बाद सिंधिया समर्थक सिंधिया का छोड़ रहे साथ

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी नेताओं का बीजेपी से पलायन जारी है. शुक्रवार को नीमच के वरिष्ठ नेता और सिंधिया के करीबी समंदर पटेल ने कांग्रेस का दामन थाम लिया. पिछले 2 महीने में मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से सिंधिया के 7 करीबी नेताओं ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया है। सिंधिया के जिन समर्थकों ने बीजेपी छोड़ कांग्रेस का दामन थामा है, उनमें अधिकांश ग्वालियर-चंबल संभाग के हैं. ग्वालियर-चंबल संभाग सिंधिया राजघराने का राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है. सिंधिया के सभी करीबियों को सीधे कमलनाथ ने कांग्रेस में शामिल कराया है। चुनावी साल में सिंधिया समर्थकों के बीजेपी से रुखसती ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सियासी गलियारों में सवाल पूछा जा रहा है कि सिंधिया अपने लोगों को क्यों नहीं रोक पा रहे हैं? वहीं सिंधिया गुट का कहना है कि जो नेता बाहर जा रहे हैं, उनका कोई अपना जनाधार नहीं है। सिंधिया के किन-किन करीबियों ने छोड़ा बीजेपी का साथ? समंदर पटेल- नीमच जावद से 2018 में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं. पटेल चुनाव तो नहीं जीत पाए, लेकिन 33 हजार वोट लाकर कांग्रेस का खेल खराब करने में कामयाब रहे. सिंधिया ने बीजेपी का दामन थामा, तो उनके साथ हो लिए। बैजनाथ सिंह यादव– गुना-शिवपुरी में सिंधिया के करीबी रहे बैजनाथ यादव ने भी जून में कांग्रेस का दामन थाम लिया था. बैजनाथ यादव की पत्नी कमला यादव शिवपुरी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं. यादव जब कांग्रेस में शामिल हुए तो 400 गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पहुंचे थे। जयपाल सिंह यादव- सिंधिया समर्थक जयपाल सिंह यादव चंदेरी से चुनाव लड़ चुके हैं. यादव की गिनती भी सिंधिया के खास लोगों में थी. हाल ही में अपने समर्थकों के साथ यादव ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। यदुराज सिंह यादव– चंदेरी में मजबूत पकड़ है. संगठन के आदमी माने जाते हैं. सिंधिया चुनाव लड़ते थे, तो अशोकनगर में बड़ी भूमिका निभाते थे. जयपाल सिंह के साथ इन्होंने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया है। रघुराज धाकड़– कोलारस से आते हैं और करीब 20 सालों से राजनीति में हैं. धाकड़ समाज के कद्दावर नेताओं में रघराज की गिनती होती है. कोलारस में धाकड़ समुदाय के करीब 25 हजार वोटर्स हैं। राकेश गुप्ता- शिवपुर में बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष पद पर थे. सिंधिया जब कांग्रेस में थे, तो गुप्ता को जिले का कार्यकारी अध्यक्ष बनवाया था. शिवपुरी में सिंधिया के लोकसभा चुनाव मैनेजमेंट का काम गुप्ता ही देखते थे। गगन दीक्षित- सिंधिया फैंस क्लब के जिलाध्यक्ष पद पर थे. दीक्षित के साथ सांची जनपद पंचायत के अध्यक्ष अर्चना पोर्ते ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया था. रायसेन से सिंधिया के करीबी और शिवराज सरकार में मंत्री प्रभुराम चौधरी आते हैं। इन बड़े नेताओं के वापसी की अटकलें पूर्व विधायक एंदल सिंह कंसाना के भी कांग्रेस में वापसी की अटकलें हैं. कंसाना दर्जा प्राप्त मंत्री हैं. 2020 में सिंधिया के बगावत में शामिल थे, लेकिन उपचुनाव हार गए. सिंधिया के कहने पर कंसाना को मप्र राज्य कृषि उद्योग विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया। हाल ही में कांग्रेस के विधायक बैजनाथ कुशवाहा ने दावा किया कि कंसाना पार्टी में वापस आना चाहते हैं, इसलिए सिंधिया और दिग्विजय के द्वार का चक्कर लगा रहे हैं. हालांकि, कंसाना ने सफाई दी और सिंधिया के साथ ही रहने की बात कही। कंसाना के अलावा ग्वालियर-गुना के कई संगठन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है. कहा जा रहा है कि ये नेता टिकट को लेकर कांग्रेस हाईकमान से आश्वासन चाहते हैं. टिकट की हरी झंडी अगर मिल गई, तो तुरंत कांग्रेस का दामन थाम लेंगे। समर्थकों को बीजेपी में क्यों नहीं रोक पा रहे हैं ज्योतिरादित्य? 2020 में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में आए, तो अपने साथ पूरे लाव-लश्कर लेकर आए. ग्वालियर-चंबल संभाग में कई जगहों से पूरी की पूरी कांग्रेस ही उस वक्त बीजेपी में शामिल हो गई. इसके बाद कयास लगने लगा कि 2023 के चुनाव में इन इलाकों से कांग्रेस का सफाया हो जाएगा। हालांकि, चुनाव से पहले जिस तरह सिंधिया के करीबियों की वापसी हो रही है, उसमें सवाल उठ रहा है कि आखिर सिंधिया अपने समर्थकों को बीजेपी में क्यों नहीं रोक पा रहे हैं?सिंधिया के करीबी और संगठन के नेता राकेश गुप्ता ने जब शिवपुरी बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था, तो उन्होंने एक पत्र जारी किया था.गुप्ता ने अपने पत्र में लिखा था- भारतीय जनता पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा एवं सम्मान न मिलने से मैं भाजपा के कल्चर को नहीं समझ पा रहा हूं। जानकारों का कहना है कि बीजेपी से आए कांग्रेस के संगठन नेताओं को यहां का कामकाज समझ नहीं आया. कुछ तो सत्ता के लालच में खुद को फिट कर लिया, लेकिन बहुत सारे अनफिट हो गए. यही अनफिट नेता अब घर वापसी कर रहे हैं। सिर्फ किचन कैबिनेट के लोगों को दिलाया पद- सिंधिया के साथ बीजेपी में गए एक बड़े धड़ा का आरोप है कि सिंधिया जब बीजेपी में जा रहे थे, तो सबको उचित सम्मान और पद देने का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा करने में असफल रहे. सिंधिया सिर्फ अपने किचन कैबिनेट के लोगों को पद दिलाने में कामयाब हो पाए। बैजनाथ यादव ने सिंधिया का साथ छोड़ते हुए कहा था कि वे खुद पद पर चले गए, लेकिन उनकी कोई सुनता नहीं है. हम राजनीति करने आए हैं, जब लोगों की समस्याओं का हल नहीं कर पाएंगे तो फिर किस बात की राजनीति? भविष्य की चिंता भी साथ छोड़ने की वजह- सिंधिया समर्थक नेताओं को भविष्य की चिंता भी सता रही है. सिंधिया का दामन छोड़ने वाले समंदर पटेल जावद सीट से टिकट चाहते थे, लेकिन वहां से मंत्री ओम प्रकाश सकलेचा का पलड़ा भारी होने की वजह से सिंधिया ने समंदर को कोई आश्वासन नहीं दिया। इसी तरह धाकड़ की भी इच्छा कोलारस सीट से चुनाव लड़ने की थी, लेकिन उन्हें भी कोई आश्वासन नहीं मिला. सिंधिया खेमे के अधिकांश नेताओं के

14/8/2023158
'दादा' के दिल में दतिया,शिवकथा में नरोत्तम मिश्रा ने जनता के सामने प्रगट किया उद्गार
भोपाल

'दादा' के दिल में दतिया,शिवकथा में नरोत्तम मिश्रा ने जनता के सामने प्रगट किया उद्गार

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) के माध्यम से दतिया में पांच दिवसीय शिव कथा का आयोजन किया गया है। इन पांच दिनों के दौरान दतिया में शिवलिंग निर्माण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है जिसमें लाखों की संख्या में पहुंचे भक्त शिवलिंग निर्माण कर रहे हैं। कथा के दौरान कथावाचक प्रदीप मिश्रा (Pradeep Mishra) ने गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को सनातन धर्म का रक्षक कहा तो साथ में यह भी कहा कि गृह मंत्री रहते अगर किसी ने सनातन धर्म के लिए खुल कर काम किया है तो वो डॉ. नरोत्तम मिश्रा हैं। गृह मंत्री ने कथा वाचक प्रदीप मिश्रा का आभार ब्यक्त करते हुए कहा कि इस दतिया में मेरे प्राण बसते हैं प्राण भगवान भोलेनाथ से अर्जी लगा देना कि इस दतिया में मेरे प्राण बसते हैं। इन दतिया वालों नें मुझे अंगीकार किया है इस लिए इस दतिया में कोई दुख ना आए यहां पर सिर्फ सुखों का बारिश हो सुख और समृद्धि की यहां पर बारिश होती रहे। सभी संत जन यहां पर अपना आशीर्वाद दें कि दतिया धन धान्य से समृद्ध हो जाए। गौरतलब है कि गृह मत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा हर श्रावण मास के दौरान दतिया में शिवलिंग का निर्माण करवाते हैं और किसी कथा वाचक के माध्यम से कथा का भी आयोजन करते हैं पिछले साल गृह मंत्री ने बाबा बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेन्द्र सास्त्री से श्री राम कथा का आयोजन करवाया था और इस साल उन्होने भगवान शिव की कथा का आयोजन किया है। इस कथा के दौरान ना सिर्फ दतिया की जनता रोजाना कथा सुनने के लिए पहुंच रही है बल्कि देश भर से भगवान शिव के भक्त दतिया पहुंच रहे हैं। करीब तीस एकड़ के मैदान में आयोजित कथा में लोगों के बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही है। सबसे बड़ी बात यह देखने को मिल रही है कि एक-एक ब्यक्ति के पास खुद गृह मंत्री मिलने जाते हैं उनसे मिल कर उनकी समस्याएं समझने का प्रयास करते हैं। अगर किसी भक्त को कोई समस्या है तो उसे तत्काल प्रभाव से दूर करने का प्रयास भी किया जाता है।

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