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लाड़ली बहन को सीएम भाई का वादा,बहन मै तुम्हारे साथ हूं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) प्रदेश की महिलाओं को लाड़ली बहना (ladli behna yojana) कहने तक ही सीमित नहीं हैं इसकी जीती जागती तस्वीर भी जनता के सामने आती रहती है। जब भी किसी महिला पर अत्याचार की खबर मुख्यमंत्री के पास पहुंची है तो वो एक भाई की तरह ही उससे संपर्क करते हैं और यथासंभव अपने निवास पर बुला कर उसको संबल देने का काम भी करते हैं। दरअसल सीहोर से लगे अहमदपुर थाना के बरखेड़ा हसन गांव में एक ऐसा मामला सामने आया जहां की रहने वाली महिला का आरोप है कि बीजेपी को वोट देने पर उसके देवर ने जमकर मारपीट कर दी। सीएम को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने महिला को सीएम आवास बुलाकर चर्चा की, उसका हाल जाना और उसे सुरक्षा और सम्मान देने को लेकर आश्वस्त किया। दरअसल, समीना बी नाम की महिला अपने बच्चों के साथ सीएम हाउस पहुंचीं. उन्हें सीएम शिवराज सिंह ने यहां बुलाया था। कारण, सीएम को जानकारी मिली थी कि बीजेपी को वोट देने पर सीहोर जिले के बरखेड़ा हसन गांव की मुस्लिम महिला के साथ मारपीट की गई है. इसके बाद सीएम शिवराज ने समीना बी को सीएम आवास बुलाकर चर्चा की, उसका हाल जाना और उसे सुरक्षा और सम्मान देने को लेकर आश्वस्त किया। मुलाकात के बाद सीएम शिवराज ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए भाजपा को अपना मत देने पर मेरी एक बहन को उसके परिवार द्वारा प्रताड़ित करने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैंने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित कर उचित कार्रवाई करने को कहा है. इसके साथ ही पीड़ित बहन को पूरी सुरक्षा व आर्थिक मदद भी दी जाएगी। मैंने उनसे कहा है कि मेरी बहन, तुम किसी बात की चिंता मत करना, तुम्हारा भाई सदैव तुम्हारे साथ है।

करारी हार के बाद भी कांग्रेस के एजेंडे से बाहर है सामान्य वर्ग
मप्र में करारी हार का मंथन करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को दिल्ली में बैठक बुलाई थी (aicc meeting)। जिसमें पीसीसी चीफ कमलनाथ (kamal nath),दिग्विजय सिंह (digvijaya singh),गोविंद सिंह (govind singh) सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान मप्र में कांग्रेस की हुई करारी हार के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया। करीब दो घंटे तक चली बैठक में एमपी कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं से बात की गई। बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला मीडिया से रु-ब-रु हुए । इस दौरान उन्होने बैठक के बिंदुओं का एक-एक करके जवाब दिया। रणदीप सुरजेवाला ने अपने बयान में कहा कि एमपी में कांग्रेस चुनाव भले हार गई है लेकिन जनता की सेवा कांग्रेस लगातार करती रहेगी। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एससी,एसटी और पिछड़ा वर्ग के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय भाजपा की सरकार में हुआ तो कांग्रेस पार्टी बर्दास्त नहीं करेगी। लेकिन इस बयान में सामान्य वर्ग का नाम रणदीप सुरजेवाला ने नहीं लिया। अब सवाल इस बात का उठता है कि क्या सामान्य वर्ग के लोगों के साथ अन्याय नहीं होता है,क्या सामान्य वर्ग के लोग गरीब नहीं होते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस ने टिकट वितरण के दौरान भी सामान्य वर्ग की लगातार उपेक्षा की थी जिसका परिणाम रहा कि कांग्रेस पार्टी को इतनी करारी हार का सामना करना पड़ा जिसकी उम्मीद तो भाजपा के नेताओं को भी नहीं थी। अब कांग्रेस की बैठक में सामान्य वर्ग का किसी प्रकार से नाम नहीं आने का मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी के किसी भी एजेंडे में सामान्य वर्ग शामिल ही नहीं है। कांग्रेस की सरकार नहीं बनी इतनी नाकामी मिली उसके बाद भी कांग्रेस पार्टी सामान्य वर्ग के हित की बात नहीं कर रही है। कांग्रेस का मीडिया विभाग संभालने वाले भी सामान्य वर्ग के खिलाफ ही बात करते नजर आते हैं मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी में सामान्य वर्ग के लिए कोई स्थान नहीं है।

झोपड़ी में रहने वाला बना विधायक,बाइक से पहुंचा विधानसभा,मंत्री बनने की जताई इच्छा
आज के दौर में भी सही नीयत और अथक परिश्रम की लगन हो तो आप मंजिल हासिल कर सकते हैं। बस आपको सही दिशा में काम करने की जरूरत होती है। इस जज्बे को हकीकत में बदलकर दिखाया है रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा सीट पर जीत हासिल करके कमलेश्वर डोडियार (kamleshwar dodiyar) ने। जिस समय भाजपा और कांग्रेस अपनी-अपनी जीत की खुशी में बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, ऐसे में कमलेश्वर दोनों राष्ट्रीय पार्टियों को आईना दिखा रहे हैं। आज चुनाव रुपया-पैसा, पीआर एजेंसी, महंगी गाड़ियां और दबदबे के बल पर लड़ा जाता है, लेकिन कमलेश्वर डोडियार ने इन सबके आभाव में भी चुनाव जीत लिया है। कमलेश्वर के पास ना तो आलीशान घर, महंगी गाड़ी और ना ही पैसे हैं, उनके पास है तो बस जनता का प्यार। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमलेश्वर डोडियार ने 12 लाख रुपये कर्ज लेकर चुनाव लड़ा। वह झोपड़ी में रहते हैं। सोशल मीडिया पर कमलेश्वर का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें वो एक हीरो स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर भोपाल विधानसभा में कागज जमा करने जा रहे हैं। उनकी बाइक पर 'MLA' लिखआ हुआ है। जिस जमाने में एक मामूली नेता भी स्कार्पियो और फॉर्च्यूनर कार लेकर चलते हैं उस जमाने में डोडियार बाइक से सवारी कर रहे हैं। कमलेश्वर डोडियार की जीत खास है क्योंकि वह पूरे प्रदेश में एक मात्र गैर भाजपा-कांग्रेस विधायक हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आदिवासी नेता कमलेश्वर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।आदिवासी बहुल सैलाना विधानसभा सीट पर जयस (जय आदिवासी युवा संगठन) से जुड़े कमलेश्वर डोडियार ने भारत आदिवासी पार्टी के बैनर तले चुनाव जीता है। उनकी जीत ने सभी को चौंका दिया है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर चुनाव जीता है, वहीं भाजपा का प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा (madhya pradesb elections)। चुनाव जीतने के बाद कमलेश्वर डोडियार ने कहा, "यह मतदाताओं की जीत है। मतदाताओं ने भरपूर साथ देकर सैलाना विधानसभा में इतिहास रचा है। जन अपेक्षाओं पर खरा उतर कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाऊंगा। क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखूंगा।"

सुन लो रे कांग्रेस वालो लोकसभा चुनाव में तुमको 'खाता भी नहीं खोलने दूंगा'
जहां एक ओर प्रदेश में अगले सीएम को लेकर चर्चाएं जोर पर हैं वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) मिशन 2024 (loksabha elections 2024) फतह हासिल करने के अभियान को अंजाम दे रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुल कर बोल दिया है कि वो दिल्ली नहीं जाएंगे और एमपी में ही रह कर पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। सीएम शिवराज ने यह भी दावा किया कि वो सीएम पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं और न ही वो दावेदार हैं। मतगणना समाप्त होते ही जहां प्रदेश की जनता और भाजपा के नेता अगले सीएम की बात करने में जुट गए हैं वहीं दूसरी तरफ सीएम शिवराज ने उन सीटों को अपने रडार पर ले लिया है जहां पर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने अभियान का आगाज छिंदवाड़ा से किया जहां की सभी सातों विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। मतलब साफ है कि पीसीसी चीफ कमलनाथ के अभेद्य किले पर सीएम शिवराज ने सेंध लगाने की रणनीति तैयार कर ली है। यही कारण है कि सीएम चौहान ने सबसे पहले छिंदवाड़ा जाना उचित समझा। अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उन सभी सीटों पर दौरा करने जाएंगे जहां पर भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। बात सिर्फ सीएम शिवराज सिंह चौहान तक ही सीमित नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी छिंदवाड़ा फतह की रणनीति पर काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष छिंदवाड़ा के जिला अध्यक्ष से लेकर मंडल और ब्लाक अध्यक्षों के साथ मीटिंग कर हार के कारणों की समीक्षा करने की तैयारी कर रहे हैं। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा सीट पर भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाने के लिए ठोस रणनीति पर काम कर रहे हैं।

कुशल रणनीतिकार वीडी शर्मा का दिल्ली दौरा,केन्द्रीय नेत्रृत्व से की मुलाकात
भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल किया है। इस जीत के बड़े सूत्रधारों में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) भी हैं। लोग लाड़ली बहना (ladli behna) और मोदी मैजिक की बात कर रहे हैं लेकिन संगठन में ठीक तरीके से कसावट ही नहीं होगी तो कितना भी बड़ा नेता हो सिर्फ भाषणा से जनता का दिल नहीं जीत सकता है। साल 2018 में राकेश सिंह (rakesh singh)प्रदेश अध्यक्ष थे और भाजपा जीत के मुहानज तक पहुंचते-पहुंचते रह गई थी। उसके बाद युवा नेता वीडी शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई। सिंधिया भाजपा में आए 28 सीटों पर उप चुना हुआ जिसमें भाजपा ने 19 सीट जीत कर प्रदेश में स्थाई सरकार बना ली। इसी लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भाजपा में शुभंकर नेता कहा जाता है। प्रदेश अध्यक्ष यहीं नहीं रुके उन्होने लगातार संगठन को मजबूत करने के लिए दिन रात एक कर दिया। एक अभियान समाप्त होता उसके पहले दूसरे अभियान का रुट प्लान तैयार रहता था। वीडी शर्मा के इन्ही कामों को देखते हुए पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष की तारीफ की थी। अब एक बार फिर प्रदेश में भाजपा ने 163 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। चुनाव के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से कोई पूछता था कि आपको किसती सीटों की उम्मीद है जिसका वो एक ही जवाब देते थे कि इस बार ऐसा बहुमत मिलेगा जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी। आखिर तीन दिसंबर का वो दिन भी आया जब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की कही हर बात सभु साबित हुई। अब प्रदेश में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली दौरे पर हैं जहां वो लगातार केन्द्रीय नेत्रृत्व से मुलाकात कर रहे हैं।

कोई कुछ भी कहे सीएम तो मामा ही बनेगा...
प्रदेश में इस वक्त हर ब्यक्ति की जुवां पर एक ही सवाल है कि अगला सीएम कौन बनेगा (madhya pradesh cm)। तो भाई लोग इसका जवाब ये है कि अगला सीएम भी कोई और नहीं शिवराज सिंह चौहान ही बनेंगे (shivraj singh chouhan)। जब भाजपा के अलग-अलग नेता दिल्ली दरवार में चक्कर लगा रहे हैं तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उन जगहों पर सभाएं ले रहे हैं जहां पर भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। सीएम शिवराज पहले छिंदवाड़ा दौरे पर गए जहां की भाजपा सातों सीट हार गई है। उसके बाद सीएम शिवराज शिवपुरी भी गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिस प्रकार लाड़ले भांजे भांजियों के सीच प्यार लुटा रहे हैं और लाड़ली बहनों का सम्मान हासिल कर रहे हैं ऐसी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी सीएम बदलने का जोखिम नहीं उठा सकती है। सवाल इस बात का भी उठता है कि आखिर में भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व प्रदेश में सीएम क्यों बदलेगा। शिवराज सिंह चौहान पार्टी की तरफ से सीएम चेहरा जरुर घोषित नहीं किए गए थे लेकिन जब चुनाव हुआ तो प्रदेश के सीएम वही थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अकेले करीब डेढ़ सौ विधानसभा सीटों में जाकर पार्टी के लिए चुनाव प्रचार किया। जिस वक्त लोग कह रहे थे कि सरकार विरोधी लहर है तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना लांच की और उसी योजना को गेम चेंजर के रुप में देखा भी जा रहा है। हांलाकि इस बीच प्रदेश में मोदी मैजिक और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की संगठनात्मक शक्ति भी देखने को मिली लेकिन बात वहीं आकर रुप जाती है कि जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रहते भाजपा ने 163 सीटें जीत कर प्रचंड बहुमत हासिल किया है तो फिर पार्टी सीएम क्यों बदलेगी।

करारी हार के बाद कमल नाथ का होगा अध्यक्ष पद से इस्तीफा,पार्टी में उठने लगे बगावती सुर
मप्र में चुनाव के नतीजे आने के बाद करारी हार झेल रही कांग्रेस पार्टी में बदलाव की हवा चलने लगी है (madhya pradesh election result)। पार्टी के पदाधिकारी अब पार्टी के नेतृत्व में बदलाव की बात करने लगे हैं। पार्टी के ज्यादातर नेताओं और कार्यकर्ताओं का यही मानना है कि जिस नेता के बल पर वो चुनाव लड़ रहे थे उस नेता के नेतृत्व में पार्टी की इतनी करारी हार के बाद भी वो कैसे अध्यक्ष पद पर बने रह सकते हैं। कुछ कार्यकर्ताओं का यह भी मानना है कि नैतिकता के आधार पर कमलनाथ (kamal nath) को मतगणना समाप्त होते ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। फिलहाल कमलनाथ दिल्ली में हैं और माना जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी करने के बाद पीसीसी चीफ कमलनाथ कभी भी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। कमलनाथ के बाद पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा इस विषय पर भी अभी से मंथन होना शुरु हो गया है। माना यह भी जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी किसी आदिवासी नेता को भी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप सकती है। कुछ नेताओं ने तो दिल्ली दरवार में अभी से हाजिरी लगाना भी शुरु कर दिया है। पूर्व मंत्री उमंग सिंघार (umang singhar) को भी अध्यक्ष पद का दावेदार माना जा रहा है। उसके पहले कांग्रेस पार्टी में नेता प्रतिपक्ष को लेकर भी मंथन हो रहा की पार्टी की तरफ से सदन में नेता प्रतिपक्ष कौन होगा। नेता प्रतिपक्ष पद की दौड़ में कई नेता शामिल हो चुके हैं जिसमें सबसे पहला नाम पूर्व मंत्री अजय सिंह (ajay singh),जयवर्धन सिंह (jaivardhan singh) और फिर उमंग सिंघार का आ रहा है।

सीएम शिवराज के बाद प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा मै सीएम पद का दावेदार नहीं हूं
मप्र में इस वक्त हर ब्यक्ति की जुवां पर एक ही सवाल है कि अगला सीएम कौन होगा। इस सवाल का जवाब तो भाजपा के नेता भी उतना भी जानने के लिए बेकरार हैं जितना प्रदेश की आम जिनता (madhya pradesh cm)। लेकिन इस बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वो सीएम पद की दौड़ में नहीं हैं। वो पार्टी के एक कार्यकर्ता हैं और पार्टी दरी भी बिछाने के लिए कहेगी तो वो करने के लिए तैयार हैं। सीएम के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने कहा है कि वो भी सीएम की दौड़ में शामिल नहीं हैं पार्टी के कार्यकर्ता के रुप में जो काम दिया जाएगा वो करते रहेंगे। अब सवाल इस बात का उठता है कि दो बड़े नेता सीएम पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं तो फिर अगला सीएम कौन होगा। हांलाकि इनके अलावा नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) ,प्रहलाद पटेल (prahlad patel) और कैलाश विजयवर्गीय (kailash vijayvargiya) भी बड़े नेता दावेदारों की सूची में शामिल हैं। लेकिन दिल्ली से भाजपा सूत्रों का मानना है कि पार्टी किसी नए चेहरे की तलाश में है। माना यह भी जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में महिलाओं का वोट हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी इस बार कोई महिला सीएम प्रदेश को दे सकती है। महिलाओं में सीधी से विधायक रीती पाठक का भी नाम आ रहा है जिसकी चर्चा दूर-दूर तक नहीं है। इसके अलाव यह भी माना जा रहा है कि भाजपा किसी ऐसे चेहरे की भी तलाश कर रही है जो अभी विधायक नहीं है और पार्टी में जमीनी स्तर पर काफी सक्रिय हो। फिलहाल तो यह सब कयास और सुनी सुनाई बातें हैं क्योंकि भाजपा में वही होगा जो पीएम मोदी और अमित शाह मिल कर फैसला करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने की राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह से मुलाकात
मप्र में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड जीत दर्ज करने के साथ सियासी हलचलें भी तेज हो गई हैं (madhya pradesh elections)। दिल्ली दौरे पर पहुंचे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (amit shah) से मुलाकार कर प्रचंड जीत पर उन्हे बधाई दी। गौरतलब है कि चुनाव से पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मप्र में 51% वोट शेयर का लक्ष्य रखा था। और उसके लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने काफी मेहनत की। नतीजा यह निकला कि 41 फीसदी से विधानसभा चुनाव में भाजपा 48.45% का वोट शेयर हासिल करने में कामयाब रही। राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल भी मौजूद रहे जिनका प्रदेश अध्यक्ष ने आभार ब्यक्त किया। गौरतलब है कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 109 सीट और कांग्रेस ने 114 विधानसभा सीटें जीती थी। आंकड़ों के हिसाब से भाजपा ने सीट कम जीती थी लेकिन कांग्रेस की तुलना में भाजपा का वोट प्रतिशत ज्यादा था। उसके बाद वीडी शर्मा को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और उन्होने लगातार वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए। नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की मेहनत रंग लाई और वहां भी भाजपा को बंपर जीत मिली थी। अब विधानसभा में भाजपा ने 48% से ज्यादा वोट हासिल कर लक्ष्य के आसपास पहुंचने का काम किया है। इस लक्ष्य तक पहुंचने में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की रणनीति और मेहनत का असर देखने को मिला है।

'शिव' ने की श्रीराम की आराधना,लिया आशीर्वाद
बीकानेर से 24 नवंबर को शुरु हुई रथ यात्रा मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) के हाउस पहुंची। इस रथ यात्रा जगदगुरु श्रीराम भद्राचार्य जी ने ध्वज दिखा कर रवाना किया था। यह रथ यात्रा लगभग 26 हज़ार किलोमीटर का सफर तय कर 16 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगी। भगवान राम की आकर्षक झांकियों से लैस इस यात्र के दर्शन के लिए जगह-जगह लोगों की लंबी कतार देखने को मिल रही थी। यात्रा जहां से गुजर रही थी वहां लोग फूलों की बारिश कर झांकियों का दर्शन करने के लिए पहुंच रहे है। यात्रा जब सीएम हाउस पहुंची तो सीएम शिवराज की भगवान राम के प्रति आस्था देखते ही बन रही थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सपत्नीक भगवान राम की आरती कर उनसे प्रदेश के खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान सीएम हाउस में भी भक्तों की लंबी कतार देखने को मिली।

नाम आशीष अग्रवाल,काम पार्टी की आवाज को बुलंद करना और टीम का मनोबल बढ़ाना
सियासत की चौसर में पार्टियों का सबसे बड़ा चेहरा उसका मीडिया विभाग होता है (bjp media department)। पार्टी की सूचनाओं का प्रजेंटेशन किस प्रकार होना चाहिए इसका निर्धारण भी मीडिया विभाग के हाथ में ही होता है। बीजेपी ने जिस प्रकार से प्रदेश में प्रचंड जीत दर्ज की है उसमें मीडिया विभाग की भूमिका और उस मीडिया विभाग के कप्तान का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। भारतीय जनता पार्टी ने ऐन चुनाव के मौके पर अपने मीडिया प्रभारी का जिम्मा युवा चेहरा आशीष अग्रवाल (ashish agarwal) के कंधों पर डाल दिया था। आशीष अग्रवाल का युवा चेहरा होने के नाते पत्रकारों के बीच यही कानाफूसी हुआ करती थी कि क्या आशीष अग्रवाल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी ठीक तरीके से निभा पाएंगे। इन कश्मकश के बीच आशीष अग्रवाल ने बगैर किसी कंट्रोवर्शी में फंसे किस प्रकार पार्टी की आवाज को बुलंद करना है उसको लेकर लगातार मेहनत की। उनमें उम्र के हिसाब से अनुभव जरुर कम था लेकिन जिस प्रकार से टीम को सजाया और संवारा जाता है और उसका विश्वास किस प्रकार जीता जाता है इस बात को भी आशीष अग्रवाल ने बखूबी बेहतरीन तरीके से दिखाया। युवा और अनुभवी चेहरों के मिश्रण से लैस बीजेपी मीडिया विभाग की टीम का आशीष अग्रवाल ने कभी मनोबल ढीला नहीं पड़ने दिया। जब लोग भाजपा के मीडिया सेंटर (bjp media centre) में भाजपा विरोधी लहर की बात करते थे तो आशीष अग्रवाल बड़े ही विनम्र भाव से कहते थे कि आप देखते रहिए भाजपा की सरकार और संगठन ने जिस प्रकार से काम किया है उसका नतीजा वोट के रुप में सामने आएगा। और तीन दिसंबर का वो दिन भी आया जब प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की कही हर बात सच साबित हुई और भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में प्रचंड जीत दर्ज की (madhya pradesh election result)। अब सवाल इस बात का उठता है कि भाजपा की जीत में बीजेपी मीडिया विभाग की क्या भूमिका थी। दरअसल किसी भी पार्टी का मीडिया विभाग चेहरा होता है और पार्टी की सूचनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम मीडिया विभाग की टीम का ही होता है। जिस प्रकार एक अखबर में पत्रकारों के साथ संपादक मीटिंग कर रोजाना प्रमुख खबरों पर बात करता है और किस खबर को अखबार में कहां स्थान देना है ठीक उसी प्रकार एक मीडिया प्रभारी की भी जिम्मेदारी होती है कि पार्टी की हर बात को किस बेहतर तरीके से मीडिया के माध्यम से जनता के पास पहुंचाना है। इस मामले में बीजेपी के युवा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने बेहतर तरीके से साबित किया कि उम्र और अनुभव कभी आड़े नहीं आते बस मन में विश्वास और निष्ठा होना जरुरी है। एक प्रदेश प्रवक्ता से प्रदेश मीडिया प्रभारी का सफर तय करने वाले आशीष अग्रवाल ने कामयाबी की एक ऐसी मिशाल कायम की है जो भविष्य में भाजपा के अन्य मीडिया प्रभारियों के लिए एक नजीर के रुप में देखी जाएगी।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने चुनावी 'रण' में अपनी नीति को किया लागू,मिली प्रचंड जीत
किसी भी जीत में पार्टी का कार्यकर्ता बहुत अहम होता है। और उस कार्यकर्ता के कर्तब्य बोद को याद दिलाना टीम के कप्तान का काम होता है। इस मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) का कोई सानी नहीं है। आम तौर पर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर यह भ्रांतियां हैं कि वो कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं लेकिन मिलते ही कहते हैं कि काम करो पार्टी आपके काम के आधार पर खुद आपको उठा लेगी। करीब चार साल से प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाल रहे वीडी शर्मा को उस वक्त पार्टी की कमान सौंपी गई थी जब भाजपा सत्ता से बाहर हो चुकी थी लेकिन सिंधिया भाजपा में आए और प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर स्थापित हो गई इसी लिए वीडी शर्मा जी को पार्टी में शुभंकर अध्यक्ष भी कहा जाता है। साल 2020 में जब 28 सीटों पर उप चुनाव हुए तो पार्टी ने 19 सीटों पर जीत दर्ज कर स्थाई सरकार बना ली। लेकिन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का काम वहीं पर समाप्त नहीं हुआ। उन्होने पार्टी को मजबूत करने के लिए अलग-अलग उपाय अपनाने शुरु किए। बूथ स्तर पर त्रिदेव बनाया,हर बूथ को डिजिटल बनाने का रिकार्ड बनाया,मंडलों को मजबूत किया,लगातार प्रदेश के जिलों और विधानसभाओं में प्रवास किया। कार्यकर्ताओं को लगातार ब्यस्त रखने और उनको पार्टी में अपनी उपयोगिता साबित करने के लिए कई तरह के अभियान चलाए। जिससे हर कार्यकर्ता को यह महसूस हो कि पार्टी को उनकी चिंता है और उनके काम को वाच किया जा रहा है। एक सामान्य परिवार से आए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की कहानी शुरु की थी। तब किसी ने यह नहीं सोचा था कि यह युवा नेता एक दिन भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनेगा और कुशल संगठक कहलाएगा। लोगों के मुगालते उस वक्त दूर होने शुरु हुए जब वीडी शर्मा ने एक के बाद एक कड़े फेसले लिए,पार्टी में युवाओं को भी लगातार मौका दिया,सभी युवाओं ने जी तोड़ मेहनत की। नतीजे के तौर पर पहले उप चुनाव में जीत दर्ज कर भाजपा की स्थाई सरकार बनाई और अब प्रचंड बहुमत के के प्रदेश में पांचवीं बार भाजपा की सरकार बनाने की पूरी पटकथा लिख डाली। जब प्रदेश के सभी जिलों से सरकार के खिलाफ एंटीइंबेंसी की खबरें आती थी तो बीजेपी अध्यक्ष हमेशा यही कहते थे कि भाजपा ऐसी जीत जर्ज करेगी जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। आखिर रविवार को वो दिन भी आया जब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की कही हर बात सत्य हुई और इससे यह भी साबित हुआ संघर्ष की भट्ठी में तपे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सियासत की हर चाल का जवाब देना बखूबी जानते हैं और बाजी को अपने पक्ष में कैसे करना है वो उन्हे खूब आता है। (madhya pradesh election result)