Breaking
Stay connected for the latest news and exclusive updates...
Topic & Tag Archive

#madhya pradesh elections

Total published stories tagged under #madhya pradesh elections: 124

ADVERTISEMENT
'कैसे बनेगी भाजपा की सरकार',कितनी सीटें घटेंगी और कितनी बढ़ेंगी,कमलनाथ अपने ही करीबियों के शब्दजाल में फंसे
मुखबिर विशेष

'कैसे बनेगी भाजपा की सरकार',कितनी सीटें घटेंगी और कितनी बढ़ेंगी,कमलनाथ अपने ही करीबियों के शब्दजाल में फंसे

हर जगह एक ही सवाल किसकी सरकार होगी। सरकार बनेगी तो कैसे बनेगी। हर जगह गुड़ा भाग,राजनीतिक हिसाब लगाए जा रहे हैं सारे सियासी पंडित चार दीवारी में बैठ कर सरकार तय कर रहे हैं कुछ राजनीतिक पंडित टीवी डिवेट में बैठ कर सरकार बना रहे हैं (MP Elections)। कांग्रेस के प्रवक्ता और नेता कहते हैं कि इस बार कांग्रेस 150 से 180 सीटों के आस पास लेकर आएगी। पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) को भी उनके करीबी सलाहकार 180 सीटों का ही सपना दिखा रहे हैं। जब उनके करीबी उनके पास से निकल जाते हैं तो फिर कमलनाथ मन में सोचते हैं कि इसमें अगर कम करो तो 140 सीट तो आ ही जाएगी। लेकिन उसके उलट भाजपा के गणित की बात करें तो वहां कुछ और ही खिचड़ी पक रही है जिस पर कांग्रेस की शायद नजर नहीं पड़ी अथवा पड़ी भी है तो कोई ध्यान नहीं देना चाहता क्योंकि कांग्रेस में विश्वास कम अति विश्वास ज्यादा दिखाई पड़ रहा है। अब बात भाजपा के गणित की करते हैं। वर्तमान में भाजपा के पास 127 विधायक हैं। भाजपा यह मान कर चल रही है कि 127 में 57 सीट वो हार सकती है मतलब 70 सीट भाजपा 127 वर्तमान की सीटों में बचा पाएगी। इसकी पुष्टि तो कांग्रेस की वो 66 सीटें भी कर रही हैं जहां कांग्रेस लगातार तीन बार से हार रही है और भाजपा की वो सीटें गढ़ बनी हुई हैं। 230 विधानसभा सीटों में 127 विधायक भाजपा के पास हैं। 95 वे विधायक कांग्रेस के पास हैं बांकी अन्य,सपा बसपा के पास हैं। भाजपा ने हारी हुई 103 सीट जिन्हे आकांक्षी विधानसभा सीटों का नाम भी दिया गया था। उन सीटों पर भाजपा ने करीब एक साल से ही मंथन करना शुरु कर दिया था। आकांक्षी सीटों पर भाजपा ने जमकर काम किया,हर दावेदार के हिसाब से पार्टी ने सर्वे भी कराया यही कारण है कि आकांक्षी सीटों पर जहां भाजपा के पास जिताऊ उम्मीदवार नहीं थे वहां पर भाजपा ने नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) और प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) जैसे नेताओं नेताओं को चुनाव मैदान पर उतार दिया। मतलब साफ है सरकार कैसे बनाना है भाजपा को मालूम है। भाजपा का हिसाब है कि 103 आकांक्षी सीटों में भाजपा 50 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। ऐसी स्थिति में 70 और 50 को प्लस करें तो भाजपा को 120 सीट मिल रही है और वो सरकार बना रही है। इससे कुछ ऊपर नीचे होता है तो भाजपा उस पर अलग से विचार कर रही है पार्टी के नेता अलग-अलग आप्शनों पर भी काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की बात करें तो कमलनाथ के करीबी उन्हे 180 सीटों का सपना दिखा रहे हैं जिस पर कमलनाथ 140 सीट का आंकड़ा लेकर चल रहे हैं।

1/10/2023235
मासूम बच्ची को देख सीएम शिवराज ने गोदी पर उठाया,कहा हम 'सरकार नहीं परिवार चलाते हैं'
भोपाल

मासूम बच्ची को देख सीएम शिवराज ने गोदी पर उठाया,कहा हम 'सरकार नहीं परिवार चलाते हैं'

इंदौर के राऊ क्षेत्र में एक वाकये ने सबको भावविभोर कर दिया। मामला उस वक्त का है जब रात के 11.30 बज चुके थे, मुख्यमंत्री शिवराज चौहान (Shivraj Singh Chouhan) मंच से जनता से संवाद कर रहे थे। सामने हज़ारों की संख्या में जनता मौजूद थी, बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें (Ladli Behna Yojana) मौजूद थीं। तभी मंच के सामने भीड़ में से एक 3-4 वर्ष की मासूम बालिका मुख्यमंत्री जी की तरफ़ देख 'मामा,मामा,मामा' ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी और उनसे मिलने के लिये मंच की तरफ़ आगे बढ़ी। मामा शिवराज ने भी मासूम बिटिया को देख उसी समय अपना संबोधन रोका , बेटी को मंच पर बुलवाया , उसे गोदी में उठाया , दुलार और स्नेह दिया,मासूम भांजी , मामा से मिलकर बेहद खुश हुई जैसे उसकी कोई कामना पूरी हो गयी हो। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता से कहा " मैं इसीलिये तो कहता हूं कि हम सरकार नहीं परिवार चलाते हैं। निश्चित तौर पर यह दृश्य वहां उपस्थित हज़ारों लोगों को भावविभोर कर देने वाला था। यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसी मासूम को अपनी गोद में लिया है इससे पहले सीएम शिवराज का यह रुप पहले भी देखने को मिलता रहा है जिसको लेकर उनके विरोधी उन पर तंज कसते रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्वभाव में अभी बदलाव नहीं आया उनको प्रदेश के बच्चों का 'मामा' ऐसे ही नहीं कहा जाता अब तो स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि छोटे-छोटे बच्चों से उनके मामा का नाम पूछो तो वो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ही नाम लेने लगे हैं और मामा से मिलने की जिद भी करने लगे हैं।

30/9/2023142
भाजपा की दूसरी सूची जारी होने के बाद नेता खुद पत्र लिख कर चुनाव नहीं लड़ने की जता रहे इच्छा
भोपाल

भाजपा की दूसरी सूची जारी होने के बाद नेता खुद पत्र लिख कर चुनाव नहीं लड़ने की जता रहे इच्छा

जब तक भारतीय जनता पार्टी की दूसरी सूची (BJP Second List) जारी नहीं हुई थी तब तक तो सब ठीक था लेकिन सूची जारी होते ही जिस प्रकार वरिष्ठ नेताओं को चुनाव मैदान में उतार दिया गया है उसके बीजेपी में कानाफूसी का दौर तेज हो गया है। दरअसल प्रदेश सरकार (Shivraj Government) के खिलाफ एंटीइंकबेंसी का आलम मे है कि अब सभी नेताओं को खुद का भविष्य अंधकार में दिखने लगा है। दूसरी सूची में सात सांसदों सहित तीन केन्द्रीय मंत्रियों को टिकट मिलने के बाद अब अन्य सांसदों के दिमांग में यही चल रहा है कि अगली सूची में उनका नाम तो नहीं। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि कुछ नेता खुद पत्र लिख कर संगठन से कह रहे हैं कि वो चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं हैं। उन्ही में एक बड़ा नाम है मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया (yashodhara raje scindia) का जिन्होने पत्र लिख कर स्वास्थ कारणों से चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई है। यशोधरा के चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में कयास लगाए जा रहे हैं कि अब उसी सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को चुनाव लड़ाया जा सकता है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार अभी दस और सांसद ऐसे हैं जिन्हे जिन्हे संगठन चुनाव मैदान में उतारने की योजना बना रहा है। सांसदों और मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतारे जाने के बाद भाजपा में ही कानाफूसी का दौर चल रहा है। भाजपा के कार्यकर्ता दबी जुवान कह रहे हैं कि भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व एक तीर से कई शिकार कर रहा है। कुछ का कहना है कि जिन नेताओं को केन्द्रीय राजनीति से बाहर करना है उन्ही नेताओं को विधानसभा का चुनाव दिया जा रहा है। कुछ कार्यकर्ताओं का यह भी मानना है कि विधानसभा में अगर इन दिग्गज नेताओं को हार मिलती है तो चनका यह आखिरी चुनाव होगा। मतलब साफ है जिस प्रकार से भाजपा की दूसरी सूची जारी हुई है उसको देखते हुए कई नेताओं की धड़कनें तेज हो गई हैं। भाजपा की सूची पर इस वक्त कांग्रेस के नेता जमकर चुटकी ले रहे हैं। कांग्रेस में साफ कहा जा रहा है कि इन सभी नेताओं को निपटाया गया है।

30/9/2023156
एमपी कांग्रेस के 95 वे विधायकों में 76 के पक्ष में सर्वे रिपोर्ट,हारी हुई 66 सीटों पर मंथन जारी
भोपाल

एमपी कांग्रेस के 95 वे विधायकों में 76 के पक्ष में सर्वे रिपोर्ट,हारी हुई 66 सीटों पर मंथन जारी

मप्र की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 95 वे विधायक हैं (MP Congress)। इनमें से 76 विधायकों के पक्ष में सर्वे रिपोर्ट आई है। इसके अलावा संगठन पदाधिकारियों का लगातार फीडबैक ले रहा है। इसके साथ ही उन 66 सीटों पर भी विचार मंथन किया जा रहा है जहां पार्टी लगातार तीन चुनाव हार चुकी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार पहली सूची में विधायकों के साथ लगातार हारने वाली सीटों के प्रत्याशी घोषित किए जा सकते हैं (congress candidate list)। पांच अक्टूबर को धार के मोहनखेड़ा में पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी की जनसभा के बाद प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा द्वारा प्रत्याशियों की तीन सूची जारी करने के बाद अब कांग्रेस ने भी पहली सूची घोषित करने की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं ने विधायक और लगातार हारने वाली 66 सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर विचार किया। अब 3 अक्टूबर को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में केंद्रीय चुनाव समिति को भेजने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। 5 अक्टूबर के बाद पार्टी 100 से अधिक प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित कर सकती है। कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम पर विचार करने के लिए 11,12 और 13 सितंबर को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee)की पहली बैठक हुई थी। सर्वे रिपोर्ट और संगठन के फीडबैक के आधार पर पहले उन सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर विचार किया गया,जहां अभी पार्टी के विधायक हैं।

30/9/2023148
Page 11 of 11
PreviousNext Page