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एमपी के संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, कर्मचारियों के वेतनमान में 8% की वृद्धि
मप्र के संविदा कर्मचारियों (samvida workers) के लिए बड़ी खबर है, Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारियों के वेतनमान में 8% की वेतन वृद्धि होने जा रही है। प्रदेश सरकार अब शासकीय कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों (samvida) के वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते में वृद्धि कर रही है। ताकि प्रदेश में शासकीय और संविदा कर्मचारियों को इंक्रीमेंट का लाभ मिल सके। मध्य प्रदेश में शासकीय और संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और एरियर भी दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने अब शासकीय और संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बताया गया है कि महंगाई भत्ते में भी वृद्धि की जाएगी और कर्मचारियों को एरियर भी दिया जाएगा।प्रदेश में 750000 शासकीय कर्मचारी हैं और 250000 संविदा कर्मचारी हैं। अब उनके वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन की जा रही है। वित्त विभाग ने बताया कि इन कर्मचारियों को पिछला महंगाई भत्ता और एरियर भी देना होगा। बता दे की कर्मचारियों की महंगाई भत्ते में 8% की वृद्धि की जाने के लिए कहा गया है। मध्य प्रदेश सरकार में अभी कर्मचारियों को 42% महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। और केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जनवरी 2024 से 50% महंगाई भत्ता दिया जाएगा। आपको जानकारी लिए बता दें कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों और केंद्र के कर्मचारियों के बीच 8% महंगाई भत्ते का अंतर देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश में प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों को 4% महंगाई भत्ता देने की बात कही थी। लेकिन कर्मचारियों को इसका भुगतान नहीं किया गया।

राम मन्दिर से जुड़े कारसेवक से मिलने के बाद बीजेपी प्रदेश ने ब्यक्त किया उद्गार
कार सेवकों और उनके परिजनों से मुलाकात के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने कहा कि मेरा सौभाग्य हैं कि आज रामलला की कार सेवा में गए अचल सिंह से मिल रहा हूं 1992 में कलंक के उस ढांचे को मिटाने में इनका योगदान रहा हैं। आज अचल सिंह का मन गदगद हैं कि रामलला मंदिर में विराजेंगे (ram mandir pranpratishtha)।कारसेवकों ने कहा था कि रामलला हम आएंगे मंदिर वही बनायेंगे आज मंदिर वही बना हैं । कारसेवकों का वह संकल्प कल प्रधानमंत्री द्वारा रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पूरा होने जा रहा हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा हम अंचल सिंह जी का संम्मान करने यहां आये हैं। आज उनका संकल्प पूरा हो रहा हैं। अंचल सिंह जी विवादित ढांचे पर चढ़े और वहां से गिरे। अब अंचल सिंह जी चल फिर नही सकते हैं। बीजेपी उन्हें रामलला के दर्शन करवाने ले जाएगी और भी कर सेवकों को बीजेपी रामलला के दर्शन करवाने ले जाएगी अयोध्या।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित दो नेताओं पर दर्ज होगा मानहानि का केस
मुख्यमंत्री के पद से हटने के बाद शिवराज सिंह चौहान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जबलपुर (Jabalpur) की एक विशेष अदालत ने कांग्रेस (Congress) के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा (Vivek Tankha) की याचिका पर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) इकाई के प्रमुख वीडी शर्मा (VD Sharma), पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह (Bhupendra Singh) के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता के वकील एच.एस. छाबड़ा ने बताया कि सांसद-विधायक मामलों से संबंधित न्यायिक दंडाधिकारी विश्वेश्वरी मिश्रा (प्रथम श्रेणी) की विशेष अदालत ने अपने आदेश में प्रथम दृष्टया मुकदमे के लिए पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के बाद मानहानि का मामला दर्ज करने का निर्देश दिया. पिछले साल 29 अप्रैल को तन्खा ने मानहानि मामले में अदालत में अपना प्रारंभिक बयान दर्ज कराया था. तन्खा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं ने उनकी छवि खराब करते हुए गलत दावा किया कि वह 2021 में पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण से संबंधित शीर्ष अदालत के एक मामले में शामिल थे. तन्खा ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने न तो ओबीसी आरक्षण से संबंधित किसी भी अदालती कार्यवाही में भाग लिया है और न ही इस मुद्दे पर कोई याचिका दायर की है। तन्खा ने वीडी शर्मा, शिवराज सिंह चौहान और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि संबंधी मामला दायर किया है. विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह तीनों नेताओं को नोटिस भेजा था. विवेक तन्खा की ओर से बीजेपी नेताओं को जो नोटिस भेजा गया था, उसमें नेताओं से माफी मांगने की बात कही गई थी, लेकिन जब विवेक तन्खा को उनके भेजे गए नोटिस का जवाब नहीं मिला तो उनकी ओर से छह जनवरी 2023 को जिला अदालत में परिवाद दायर कर दिया गया था।

स्वच्छता की राह देखता भोपाल पुलिस हेड क्वार्टर का सौंचालय
देश भर में स्वच्छता अभियान (swachhta abhiyan) चलाए जा रहे हैं। सभी जगहों पर सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा के नेता खुद अपने हाथों से सफाई करते नजर आ रहे हैं। लेकिन जिस पुलिस के भरोसे ( bhopal police headquarters) लोग घर में चैन की नींद सोते हैं उसी पुलिस थानों में सफाई की बात की जाए तो सारे स्वच्छता अभियान पर पलीता लगता नजर आता है। और इस वक्त तो प्रदेश का गृह विभाग भी मुख्यमंत्री के हाथ में ही है। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि सौंचालय किस प्रकार का गंदा है। यह सौंचालय भोपाल के पुलिस हेड क्वार्टर का है और इसमें इतनी गंदगी है कि यहां जाने से भी डर लगता है। आप कल्पना कर सकते हैं कि पुलिस के सिपाही किस प्रकार से इस सौंचालय का इस्तेमाल करते होंगे। तस्वीर में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की भी सफाई करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। जो 18 साल तक मप्र के मुख्यमंत्री रहे हैं। लगातार स्वच्छता की बात की लेकिन पुलिस थानों के सौंचालयों को सभी साफ सुथरा रखने का प्रयास नहीं किया। कहा गया था कि थानों में पदस्थ महिला पुलिस के लिए अलग से सौंचालय बनाए जाएंगे लेकिन वो भी सिर्फ भाषणों तक ही सीमित रहा। पुलिस हेड क्वार्टर की बात हो अथवा अन्य किसी थाने की सभी जगह गंदगी का अंबार ऐसे देखने को मिलता है जैसे थाने इंसान की सामान्य दिनचर्या में आते ही नहीं हैं। इन थानों में ही जनता के रक्षक बैठते हैं और जनता की सुरक्षा की योजनाएं तैयार करते हैं। कुछ पुलिस कर्मियों से सौंचालय के बारे में बात करने का प्रयास किया गया तो दवी जुवां बस इतना ही कहते हैं कि जो है सामने है इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि पुलिस की स्थिति क्या है। पुलिस से लोगों को उम्मीदें तो बहुत हैं लेकिन पुलिस की सुविधाओं के बारे में कोई कुछ सोचता नहीं है। पुलिस वालों का यही मानना है कि उनकी नौकरी बीतने की कगार पर है और वो जीवन भर यही सोचते रहे कि कभी तो अच्छे दिन आएंगे लेकिन यही सोचते-सोचते उनकी नौकरी और उम्र बीत गई लेकिन न तो थानों के अच्छे दिन आए और न ही उनके जीवन के अच्छे दिन आए।

कर्मचारियों ने भेजा भगवान श्री राम को ज्ञापन,मन के भाव किए प्रकट
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) के कारण शासकीय कर्मचारियों के नियमित प्रमोशन की प्रक्रिया लगातार रुकी हुई है। पुलिस विभाग में जुगाड़ की पदोन्नति दी गई है लेकिन आबकारी विभाग (excise department) सहित अन्य विभागों में प्रमोशन (पदोन्नति) नहीं हो रही है। सरकार से निराश आबकारी विभाग के कर्मचारियों ने भगवान श्री राम को ज्ञापन भेजा है। कर्मचारियों ने "एक पाती राम के नाम” ज्ञापन में कर्मचारियों ने लिखा है कि, हे पुरुषोत्तम श्रीराम, आज हम सभी आपके द्वारे एक आशा लेकर आये हैं। ऐसा सुनिश्चत है कि तेरे स्मरण मात्र से समस्त प्राणियों के सभी दुखों का नाश हो जाता है। प्रभु वर्तमान युग में हर्ष का विषय, दैहिक प्रसन्नता और आनंद से परिपूर्ण उत्सवीय माहौल में जब कि आप टेन्ट से दिव्य राम मंदिर में प्रतिष्ठित हो रहे हैं। आपके मानवीय चरित्र में आपका वनवास 14 वर्षों का का रहा, किन्तु हम अभागे इस दैहिक अवस्था में विगत 18 वर्ष से एक ही पद पर कार्यरत है। हमारे कई साथी 20 तो कोई 25, 28 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत है और कई सेवानिवृत होकर कई आपके चरणों में विलीन हो गये। प्रभु श्री राम हम सभी आबकारी विभाग के कर्मचारी, आरक्षक, मुख्य आरक्षक, आबकारी, उप निरीक्षक, एवं अन्य साथी आपसे करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि इस अवस्था के शासकीय कर्तव्यों में शीष पदोन्नति मिलें ऐसा आर्शीवाद प्रदान करें!

'बड़ी अभागी है कांग्रेस' मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस को क्यों बताया अभागा
भगवान राम 22 जनवरी को राम मंदिर के गर्भगृह (ram mandir pran pratishtha) में स्थापित होने जा रहे हैं। उससे पहले भक्ति के रस में देश सराबोर है तो सियासत भी पूरे शबाब पर है। राम मंदिर के लिए देश भर में निमंत्रण भेजे जा रहे हैं और उसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी को भी निमंत्रण भेजा गया था। लेकिन कांग्रेस ने इस कार्यक्रम में जाने के न्योते को ये कह कर अस्विकार कर दिया कि भाजपा ने इस पूरे कार्यक्रम को राजनीतिक बना दिया है। हांलाकि कांग्रेस आलाकमान के इस फैसले पर कांग्रेस कई अलग-अलग धड़ों में बंट गई है। कांग्रेस आला कमान ने एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए ऐसा किया है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी का कोई भी नेता तंज कसने से पीछे नहीं हो रहा है। इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने भी जमकर चुटकी ली है। मोहन यादव ने कहा कि 'कांग्रेस बड़ी अभागी है' क्योंकि भगवान राम के मंदिर और भगवान राम का सभी को इंतजार था और अब जब राम मंदिर बन रहा है और भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है तो उसमें करीब- करीब सभी शामिल हो रहे हैं लेकिन कांग्रेस आला कमान की तरफ से न्योता अस्विकार होने के बाद कांग्रेस के नेता खुद को तो ठगा सा महसूस कर ही रहे हैं लेकिन भाजपा के नेताओं को तंज कसने का अच्छा मौका भी मिल गया है।

संविदा कर्मियों के लिए बड़ी खबर,परमानेंट के लिए देनी होगी परीक्षा,50% से अधिक लाने होंगे अंक
मप्र प्रदेश के संविदा कर्मचारियों (samvida workers) के नियमितीकरण को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में संविदा कर्मचारियों को अब नियमितीकरण के लिए लिखित परीक्षा देनी होगी। जिसमें पचास प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर ही संविदा कर्मियों को नियुक्ति दी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से तैयार किए गए नियमों के अनुसार सभी विभाग अपने तृतीय श्रेणी के पदों में इस प्रक्रिया का पालन करेंगे। नए नियमों के मुताबिक सीधी भर्ती में संविदा कर्मियों के लिए 20% पद आरक्षित होंगे। इसके साथ ही SC और ST उम्मीदवारों को 10% तक की छूट भी दी जाएगी। उन्हे नियमीतीकरण के लिए सिर्फ 40% अंक ही लाने होंगे। बताया था रहा है कि अगर संविदा कर्मचारी के पूरे पद 50 प्रतिशत अंक लाने वाले संविदा कर्मियों से नहीं भरे जा सके तो बांकी बचे पद 50% से कम अंक वालों को नहीं मिलेंगे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार नए नियमों अनुसार तृतीय श्रेणी के पदों पर संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए पेपर लिया जाएगा। जोकि तीन घंटे का होगा और 300 अंको का होगा। जिसमें संविदा कर्मियों को नियमितिकरण के लिए 150 अंक लाने अनिवार्य होंगे। इसके साथ ही नए नियम के मुताबिक नियमित पदों के लिए वरिष्ठता के आधार पर कर्मचारायों को निर्धारण नहीं होगा। सभी 38 विभागों में कर्मचारियों को परीक्षा देकर 50% लाने जरुरी होंगे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल से BRTS को हटाने का किया फैसला, 20 जनवरी को हटेगा BRTS
भोपाल की सड़कों में बनाए गए BRTS को हटाने का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने फैसला कर लिया है। जानकारी के मुताबिक 20 जनवरी से BRTS को हटाने की कार्रवाई शुरु की जाएगी।अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तय समय सीमा में बीआरटीएस (brts bhopal) का हटाने का काम होना चाहिए।मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि बीआरटीएस कॉरिडोर यातायात में सुगमता और जन सुविधा के लिए हटाए जा रहे हैं । अतः जहां ट्रैफिक का दबाव सर्वाधिक हो वहीं से बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का कार्य आरंभ किया जाए। कॉरिडोर हटाने का कार्य बैरागढ़ से आरंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा जन सुविधा को देखते हुए बीआरटीएस हटाने का काम रात में किया जाए और पुलिस से समन्वय करते हुए बीआरटीएस हटाने की संपूर्ण अवधि में शहर में सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का सख्त निर्देश,संविदा कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के आदेश तत्काल जारी करें
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना (aidal singh kansana) ने आत्मा प्रोजेक्ट में कार्य कर रहे संविदा कर्मियों (samvida) को मकर संक्रांति पर सौगात दी है। उन्होंने संविदा कर्मियों (samvida recruitment) के मानदेय में वृद्धि किए जाने निर्देश दिए है। मंत्री कंसाना ने तत्काल आदेश जारी करने को कहा है। कृषि मंत्री कंसाना ने बताया है कि वर्ष 2023-24 के लिए आत्मा प्रोजेक्ट में कार्य कर रहे सहायक अमले के मानदेय में वृद्धि को सहमति प्रदान कर दी गई है। इससे सहायक अमले के वेतन में 1270 रुपए से लेकर लगभग 2333 रुपए तक की वृद्धि होगी। आत्मा प्रोजेक्ट के सहायक अमले में कार्य कर रहे हैं कंप्यूटर प्रोग्रामर के वेतन में 1270 रुपए, लेखापाल सह लिपिक को 1731 रुपए, असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर को 1910 रुपए और ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर को 2333 रुपए का लाभ होगा।

राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग में मध्य प्रदेश लीडर के रूप में सम्मानित
मध्य प्रदेश को वर्ष 2022 की राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग (startup ranking) में लीडर के रूप में सम्मानित किया गया है । केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (piyush goyal) ने भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस (national start up festival) कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को सम्मानित किया। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के संचालक रोहित सिंह ने यह सम्मान ग्रहण किया। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार ने फरवरी 2022 में नई स्टार्टअप नीति जारी की थी। इसके परिणामस्वरूप राज्य में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में दो वर्ष की अल्पावधि में 108% की वृद्धि हुई है। राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग का उद्देश्य प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद की भावना को बढ़ावा देना है। इससे स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिल रहा है। स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में स्टार्टअप उद्यम के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए एक कुशल तंत्र बनाने की पहल के लिए विशेष रूप से मान्यता दी गई है। प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम के हितधारकों के लिए इंटरएक्टिव पोर्टल का निर्माण और स्टार्टअप को निवेशकों से सतत संवाद के लिए मंच उपलब्ध कराने के लिए निवेशक-स्टार्टअप बैठकें आयोजित करने जैसे प्रयासों को भी सराहा गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के उच्च शिक्षा मंत्री कार्यकाल में प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों में 36 इनक्यूबेशन सेंटर प्रारंभ किये गए थे।

राम वन गमन पथ की 'तारीख हम बताएंगे'
इस वक्त पूरा देश और प्रदेश राम मय है। 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम गर्भगृह में स्थापित होने जा रहे हैं (ram mandir pran pratishtha)। और ऐसी स्थिति में अब बात हो रही है कि भाजपा ने राम वन गमन पथ (ram van gaman path) की बात कही थी तो वो कब पूरी होगी। गौरतलब है कि वनवास के दौरान भगवान रामने सबसे ज्यादा मप्र के चित्रकूट में ही समय बिताया था। इस दौरान वो मध्यप्रदेश के अनेकों अनेक क्षेत्रों से गुजरे थे। अब सभी की मांग है कि जब भखवान राम का मंदिर अपने आखिरी दौर में हैं और भगवान राम भी स्थापित होने था रहे हैं तो सरकार को राम वन गमन पथ की तारीख का भी ऐलान कर देना चाहिए। भाजपा के सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव से पहले मोहन सरकार प्रदेश में राम वन गमन पथ बनाने की तारीख का ऐलान कर सकती है। तारीख बताने के लिए पहले से ही योजना तैयार की जा रही है। गौरतलब है कि तत्कालीन शिवराज सरकार में राम वन गमन पथ बनाने का ऐलान किया गया था लेकिन उस काम को आज तक अंजाम नहीं दिया गया है। जबकि तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ में पहले ही राम वन गमन पथ का निर्माण करा दिया था इसलिए मोहन सरकार पर भी अब काफी दबाव है। यानि अब तस्वीर साफ होती नजर आ रही है कि प्रदेश की मोहन सरकार जल्द ही राम पथ गमन का ऐलान करने वाली है।

संयुक्त ब्राह्मण कल्याण समिति के आगे झुके बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य,बताया पूज्यनीय
ब्राह्मणों के अपमान मामले में बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य (panna lal shakya) बैकफुट पर आ गए हैं। एक कार्यक्रम के दौरान पन्नालाल शाक्य ने ब्राह्मणों के लिए अपमान जनक बात कही थी। जिसके बाद गुना के विधायक पन्नालाल शाक्य के द्वारा ब्राह्मण समाज का अपमान किया गया था। विधायक के बयान पर संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति उज्जैन एवं अन्य ब्राह्मण संगठनों ने विरोध में मोर्चा खोला था। मोर्णा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज रावत के नेत्रृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) को ज्ञापन भी सौंपा गया था जिसके बाद बीजेपी विधायक बैकफुट पर आए ने ब्राह्मण वर्ग को देव तुल्य बताया है। संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति उज्जैन की तरफ से विधायक के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम भी रखा गया था लेकिन विधायक के बैकफुट आने पर पुतला दहन कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।