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मोहन यादव की पहली शॉर्ट कैबिनेट में दिखा संघ का एजेंडा
मध्यप्रदेश के नए सीएम के तौर पर पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव (mohan yadav) पूरी तरह से एक्टिव हो गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद सीएम मोहन यादव उज्जैन पहुंचे जहां उन्होंने बाबा महाकाल (mahakaleshwar) का आशीर्वाद लिया और फिर भोपाल लौटकर सीधे मंत्रालय पहुंचकर सीएम के तौर पर पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और अधिकारियों के साथ पहली शॉर्ट कैबिनेट बैठक की जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सीएम का पदभार संभालते ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने ली शॉर्ट कैबिनेट की बैठक। पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा व मुख्य सचिव वीरा राणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शॉर्ट कैबिनेट की बैठक की । शॉर्ट कैबिनेट के अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद खुद सीएम मोहन यादव ने मीडिया से बात करते हुए इन फैसलों के बारे में जानकारी दी। शॉर्ट कैबिनेट में जो अहम फैसले लिए गए हैं वो इस प्रकार हैं.. - मध्यप्रदेश में खुले में मांस की दुकानें नहीं चलेंगी - खुले में चलने वाली अंडे-मांस की दुकानों पर होगी कार्रवाई - प्रदेश के हर जिले में युवाओं के लिए बनेंगे एक्सिलेंस कॉलेज, प्रधानमंत्री एक्सिलेंस कॉलेज होगा नाम - धार्मिक स्थलों (मंदिर/मस्जिद) में तय सीमा से ज्यादा आवाज में नहीं बजाए जा सकेंगे लाउड स्पीकर - जमीन और मकान की रजिस्ट्री के बाद लोगों को नहीं होना पड़ेगा परेशान - रजिस्ट्री के साथ ही पूरी की जाएगी नामांतरण की प्रक्रिया - तेंदुपत्ता प्रति मानक बोरा 4000 रुपए के आदेश जारी - आदतन अपराधियों द्वारा अपराध करने पर पूर्व में सक्षम न्यायालय से प्राप्त ज़मानत को निरस्त करने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 437, 438 और 438 के प्रावधानों अनुसार सक्षम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने के दिशा निर्देश जारी किए गये । यह प्रदेश में अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

मोहन की 'अग्नि परीक्षा' चार दिग्गज परीक्षा लेने के लिए सदन में हमेशा रहेंगे मौजूद
डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) प्रदेश के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। काफी समय बाद एमपी को नया मुख्यमंत्री मिला है लेकिन सवाल इस बात का उठता है कि भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने जिस प्रकार से चार वरिष्ठ नेताओं को मोहन यादव का जूनियर बनने के लिए उन्हे मजबूर कर दिया है तो क्या वो चारों दिग्गज अपनी सिकस्त को ऐसे ही स्वीकार कर लेंगे या फिर डॉ. मोहन यादव के लिए समस्या भी खड़ी करेंगे। इस बात में कोई शक नहीं है कि डॉ. मोहन यादव एक सुलझे हुए खिलाड़ी हैं लेकिन जिन सीनियरों को उनका जूनियर बनने के लिए मजबूर कर दिया गया है तो क्या वो अपमान के आंसू पी कर ऐसे ही अपनी सियासी जमीन खिसकते हुए देखते रहेंगे। कहते हैं दुस्मन का दुस्मन दोस्त होता है ठीक वैसा ही जैसा मोहब्बत और जंग में सबकुछ जायज होता है। लिहाजा राजनीति में न कोई स्थाई दोस्त होता है और न ही कोई दुस्मन। मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे चल रहे नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) को पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष बना कर उन्हे उनके राजनीतिक कद का अहसास करवा दिया है तो वहीं पश्चिम बंगाल में भाजपा की जमीन तैयार करने वाले कैलाश विजयवर्गीय (kailash Vijayvargiya) को भी भाजपा ने उनका कद और पार्टी में क्या हैसियत है वो बता दिया है। प्रलाद पटेल भी भाजपा के कद्दावर नेता हैं उम्र के अंतिम पड़ाव में वो भी अपना डेजिग्नेशन बदलना चाहते थे लेकिन केन्द्रीय नेत्रृत्व ने यह बता दिया कि आप विश्वास के लायक नहीं हो पहले पल्टी मार चुके हो। अब बात करते हैं एक ऐसे नेता कि जो पिछले 18 साल से एमपी बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा था। लाड़ली बहनों का भाई और लाड़ली लक्ष्मियों का मामा। प्रदेश में जब सब कह रहे थे कि सीएम विरोधी लहर है तब उन्होने सभी के समीकरण को धता बताते हुए 163 सीटें लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आखिर में नतीजा यह निकला कि केन्द्रीय नेत्रृत्व ने उन्हे भी दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकाल कर बाहर कर दिया। और तीसरी बार चुनाव जीत कर आए डॉ. मोहन यादव को मप्र का अगला मुख्यमंत्री बना दिया। फिलहाल भाजपा के सभी नेताओं के होंठों पर मुस्कान तो दिख रही है लेकिन मुस्कान कुटिलता की भी निशानी होती है किसी को यह नहीं भूलना चाहिए। आने वाले समय में प्रदेश के नए मुखिया को अपने घर के अंदर ही जूझने के लाए तैयार रहना पड़ेगा।

महाकाल को 'मोहने' निकले डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) भोपाल में शपथ लेते ही महाकाल की नगरी के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने भगवान महाकाल (mahakaleshwar) का पूरे विधि विधान के साथ पूजन किया और प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन के ही रहने वाले हैं और वो अक्शर भगवान महाकाल का दर्शन करने के लिए जाते हैं। मुख्यमंत्री के पिता भी महाकाल के भक्त हैं। मोहन यादव के सीएम बनने के बाद उनके पिता का बयान भी आया था कि वो भगवान महाकाल के सेवक हैं और उसी सेवा के फल स्वरुप उनके बेटे को प्रदेश का सीएम बनने का मौका मिला है।

मोहन यादव सहित दो उप मुख्यमंत्रियों ने ली शपथ
मप्र के 19वें मुख्यमंत्री के रुप में डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने भोपाल के लाल परेढ ग्राउंड में पद और गोपनीयता की शपथ ली। मोहन यादव के साथ दो उप मुख्यमंत्रियों ने भी शपथ ली है जिसमें राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) और जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) शामिल हैं। शपद ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह,भाजपा के राष्ट्रीय जेपी नड्डा,पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रदेश भर से साधु संतों को भी आमंत्रित किया गया था जिनसे शपथ के बाद मुख्यमंत्री ने चरण छू कर उनका आशीर्वाद लिया। भारतीय जनता पार्टी ने लंबे समय बाद प्रदेश में सीएम के चेहरे में बदलाव किया है। और उस बदलाव को लेकर भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। वहीं प्रदेश की जनता के बीच भी यह मैसेज है कि अब कुछ नया देखने को मिलेगा। फिलहाल इस शपथ ग्रहण में किसी मंत्री को शपथ नहीं दिलाई गई है माना जा रहा है कि पीएम मोदी के पास ज्यादा समय नहीं था जिसके कारण मंत्रियों को शपथ नही दिलाई गई है। आने वाले एक दो दिन के अंदर कुछ मंत्रियों को राजभवन में शपथ दिलाई जाएगी।

कार्यकारी सीएम शिवराज का बयान,यह अंत नहीं लौट कर आउंगा
प्रदेश की 18 साल तक बागडोर संभालने वाले कार्यकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने प्रेसवार्ता आयोजित कर अपने 18 साल के कार्यकाल की जानकारी दी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब वो मुख्यमंत्री बने थे तब प्रदेश बीमारु राज्य हुआ करता था जिसको उन्होने दिन रात मेहनत कर विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा किया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लाड़ली बहना योजना उन्होने महिलाओं वोट के लिए नहीं शुरु की थी बल्कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाने के प्रयास किया था। और उसका असर भी देखने को माला है। कार्यकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि भाई बहन और मामा का जो रिस्ता है वो हमेशा आखिरी सांस तक बना रहेगा। प्रेसवार्ता समाप्त होने के बाद शिवराज सिंह चौहान जब मीडिया कर्मियों के बीच आए तो उन्होने कहा कि यह अंत नहीं है लौक कर जरुर आउंगा किसी न किसी भूमिका में। शिवराज सिंह चौहान जब 74 बंगला स्थित उनके नवीन भवन में पहुंचे तो उनसे मिलने के लिए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला भी उनका स्वागत करने के लिए आए। जहां दोनों नेताओं ने काफी देर तक आपस में बात की। गौरतलब है कि राजेन्द्र शुक्ला और शिवराज सिंह चौहान को एक दूसरे का बेहद करीबी माना जाता है।

भूपेन्द्र यादव ने लिखी मोहन यादव के सीएम बनने की स्कृप्ट
मोहन यादव (mohan yadav) के मुख्यमंत्री बनने पर लोग हैरान जरुर हैं लेकिन यह कोई अप्रत्याशित बात नहीं है। मोहन यादव संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं,1982 से वो लगातार छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। 2013 में पहली बार विधायक बने मोहन यादव को 2020 में उच्च शिक्षा मंत्री बनाया गया। नई शिक्षा नीति को सबसे पहले एमपी में लागू करने का रिकार्ड भी मोहन यादव के नाम है। PHD होल्डर मोहन यादव सुलझे हुए नेता हैं। एक सामान्य परिवार से आने वाले मोहन यादव अपने क्षेत्र में काफी सक्रिय नेता माने जाते हैं। अब बात करते हैं कि फैसला चौकाने वाला जरुर है लेकिन अप्रत्याशित नहीं है। दरअसल मोहन यादव प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (bhupendra yadav) के काफी करीबी माने जाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रचंड बहुमत में आने के बाद ही भूपेन्द्र यादव ने मोहन यादव को सीएम बनाने की स्कृप्ट लिखनी शुरु कर दी थी। भूपेन्द्र यादव ने अमित शाह के सामने मोहन यादव का नाम प्रस्तावित किया और यह भी बताया कि मोहन यादव को सीएम बनाने का मतलब ये है कि एमपी में ओबीसी को तो साधा ही जा सकेगा साथ में यूपी और बिहार के लिए भी एक बड़ा मैसेज जाएगा। यानि मतलब साफ है कि मोहन यादव को सीएम बनाने के पीछे तीन राज्यों के वोटरों को साधने की रणनीति तैयार की गई है। भूपेन्द्र यादव ने अपना काम बखूबी किया और यह बता दिया कि वो ना सिर्फ चुनावी रणनीति में माहिर नेता हैं बल्कि सीएम बनाने में भी वही महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं।

कल होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह,पीएम मोदी होंगे शामिल
प्रदेश की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल यानि बुधवार को आयोजित किया जाएगा (mp government)। भोपाल के जंबूरी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का भब्य आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (narendra modi) के भी शामिल होने की बात सामने आई है। नई सरकार में मंत्रिमंडल को लेकर अभी से जद्दोजहद शुरु हो चुकी है। मंत्री बनने के लिए नेता अपनी तरफ से जुगाड़ बनाने में जुट गए हैं। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में 12 मंत्री हारे हैं लिहाजा उनकी जगह 12 नए मंत्री बनाए जाएंगे। इस मंत्रिमंडल में नए और पुराने चेहरों का समावेश देखने को मिलेगा। भाजपा का प्रयास है कि युवा और अनुभवी चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। खास बात यह भी है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा हर लोकसभा सीट से एक मंत्री बना सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 29 मंत्रियों को शामिल करने की रणनीति तैयार हो रही है। मंत्रिमंडल में युवा चेहरों को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की रणनीति तैयार हो रही है। जिससे प्रदेश में युवा नेत्रृत्व को प्रदेश में तैयार किया जा सके। भाजपा वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर भी विचार कर रही है क्योंकि इस चुनाव में कई केन्द्रीय नेताओं को विधानसभा चुनाव उतारा गया था लिहाजा अब यही बात हो रही है कि अब वरिष्ठ नेताओं को भाजपा किस प्रकार से जिम्मेदारी सौंपने जा रही है।

नव निर्वाचित सीएम मोहन यादव ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा किया पेस
भारतीय जनता की अगली सरकार बनाने के लिए नव निर्वाचित सीएम मोहन यादव (mohan yadav) ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल (mangubhai patel) के सामने पेस कर दिया है। इससे पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की गई थी जिसमें तीनों केन्द्रीय पर्यवेक्षकों सहित पार्टी के सभी 163 विधायक शामिल हुए। भाजपा विधायक दल की बैठक करीब एक घंटे तक चली जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहन यादव को प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनी। मोहन यादव के साथ दो उप मुख्यमंत्री भी बनाए जा रहे हैं जिसमें राजेन्द्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा शामिल हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। भाजपा की बैठक के बाद पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजभवन पहुंचे जहां उन्होने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया इसके बाद मोहन यादव,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित कई अन्य नेता राजभवन पहुंचे जहां पर उन्होने अगली सरकार बनाने का दावा पेस किया। अब माना जा रहा है कि 13 अथवा 14 दिसंबर को राज्यपाल नई सरकार को शपथ दिलाएंगे। माना यह भी जा रहा है कि नई सरकार के मंत्रिमंडल में चौकाने वाले चेहरे सामने हो सकते हैं। नई सरकार में नए और पुराने चेहरों का समावेश देखने को मिलेगा जिससे सरकार में अनुभव की किसी प्रकार से कमी ना रहे।

भाजपा विधायक दल का बड़ा फैसला मोहन यादव होंगे एमपी के अगले सीएम
भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में बड़ा फैसला किया गया है। भाजपा की बैठक में इस बार सीएम पद पर मोहन यादव (mohan yadav) को चुना गया है। मोहन यादव के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे जिसमें राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा का नाम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर अब विधानसभा अध्यक्ष में स्पीकर की कमान संभालते हुए नजर आएंगे। यह बात पहले से ही तय थी कि अगला सीएम भी ओबीसी से ही होगा। मोहन यादव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पृष्ठभूमि से आते हैं। इससे पहले मोहन यादव उच्च शिक्षा मंत्री की बागडोर संभाल रहे थे ।

आज तय होगा प्रदेश का मुखिया,प्रदेश अध्यक्ष और मीडिया प्रभारी ने बैठक स्थल का किया निरीक्षण
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में अगले पांच साल के लिए प्रदेश का मुखिया तय किया जाएगा (madhya pradesh cm)। इस बैठक पर प्रदेश के हर नागरिक की नजर है। दिल्ली से आ रहे केन्द्रीय पर्यवेक्षकों के नेत्रृत्व में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में शामिल होने के लिए भाजपा के.सभी 163 विधायक एक दिन पहले ही भोपाल पहुंच चुके हैं वो भी जानना चाहते हैं कि उनका अगला नेता कौन होगा (bjp mla meeting)। बैठक से पहले प्रदेश कार्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया है। कार्यालय मंत्री राघवेन्द्र शर्मा की देखरेख में पूरा काम किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) खुद फीडबैक ले रहे हैं और कहीं कोई कमी न रह जाए इसलिए उन्होने बैठक स्थल का खुद निरीक्षण किया। और जहां कोई भी कमी मिली उसको दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया। प्रदेश अध्यक्ष के साथ बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल (ashish agrawal) सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बढ़ेगा कद,अध्यक्ष बनने के बाद मप्र भाजपा की बढ़ी लोकप्रियता
मप्र बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) को शुभंकर अध्यक्ष कहा जाता है। दरअसल शुभंकर का तमगा भी उन्हे उनकी मेहनत के बल पर ही मिला है। वीडी शर्मा जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे तब पार्टी सत्ता से बाहर हो चुकी थी। लेकिन सिंधिया भाजपा में आए और साल 2020 में भाजपा की सरकार मप्र में एकबार फिर स्थापित हो गई। इस बीच 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए जिसमें भाजपा ने 19 सीटों पर जीत हासिल कर प्रदेश में स्थाई सरकार बना ली। वीडी शर्मा पर कांग्रेस के नेताओं ने लगातार आरोप लगाए लेकिन उन्होने कांग्रेस के हर आरोप का मुहुतोड़ जवाब दिया। विधानसभा चुनाव की बारी आई तो लगातार प्रचारित किया गया कि उनके ब्योहार से पार्टी के कार्यकर्ता खुश नहीं हैं और प्रदेश अध्यक्ष ने उसी आरोप को अपनी ताकत बना लिया। लगातार पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की (mp bjp)। ताबड़तोड़ प्रवास किया,बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ उन्होने कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की उनकी शिकायतें सुनी और यथा संभव उनकी शिकायतों को दूर भी किया। नतीते के तौर पर भाजपा के कार्यकर्ता एकजुट हो गए। प्रदेश के अलग-अलग मीडिया संस्थानों से सरकार विरोधी लहर की खबर आ रही थी तब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा एक ही बात कहते नजर आते थे कि इस बार भाजपा ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। आखिर तीन दिसंबर को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की बात सही साबित हुई और भाजपा ने 163 सीटों पर जीत हासिल कर प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया (madhya pradesh elections)। अब पार्टी में मुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन चल रहा है। सार्वजनिक तौर पर प्रदेश अध्यक्ष यह कह चुके हैं कि वो सीएम पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं लेकिन यह बात तो तय है कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में दो बार जीत का पर्चम लहराया है मतलब साफ है कि केन्द्रीय नेत्रृत्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की योजना तैयार कर रहा है।

'नरेन्द्र सिंह तोमर होंगे प्रदेश के अगले सीएम',दो डिप्टी सीएम और और 29 मंत्री लेंगे शपथ
मप्र में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इस बात को लेकर संशय और कयासों का दौर लगातार जारी है (mp chief minister)। सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की बैठक होने जा रही है। केन्द्रीय पर्यवेक्षक बैठक में शामिल होंगे। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) स्पेशल विमान से अन्य नेताओं के साथ भोपाल बैठक बैठक में शामिल होने के लिए आएंगे। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार अगली सरकार में 29 मंत्रियों को शपथ दलाई जाएगी। सबसे अहम बात यह है कि लोकसभा चुना को देखते हुए छिंदवाड़ा के अलावा हल लोकसभा सीट से एक मंत्री बनाया जाएगा। माना यह भी जा रहा है कि सागर जिले से दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। दिल्ली के सूत्रों के मुताबिक नरेन्द्र सिंह तोमर पर सहमति बना ली गई है,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नरेन्द्र सिंह तोमर पर सहमति जता दी है। हांलाकि अभी यह खबर सूत्रों पर आधारित है क्योंकि भाजपा लोकसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए कई प्रकार के विकल्पों पर भी विचार कर रही है। नरेन्द्र सिंह तोमर का नाम आने के कारण कोई भी नेता विरोध करने की स्थिति में दिखाई नहीं पड़ रहा है लेकिन सभी नेताओं के बीच कानाफूसी का दौर जरुर जरी है। प्रदेश कार्यालय में होने वाली बैठक को देखते हुए भारी संख्या में सुरक्षा ब्यवस्था तैनात की गई है। प्रदेश कार्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया है।