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ना 'मामा हूं ना चाचा हूं, मै प्रदेश का भाई हूं' कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का बयान
भोपाल

ना 'मामा हूं ना चाचा हूं, मै प्रदेश का भाई हूं' कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का बयान

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) ने प्रदेश सरकार पर करारा हमला बोलते हुए खुद को प्रदेश की जनता का भाई बताया है। कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने पिछले दो महीना में घोषणाओं के स्पीड ब्रेकर पर पैर रख दिया है और दोगुनी रफ्तार में घोषणाएं करते चले जा रहे हैं। एक न्यूज़ चैनल में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़ी बेबाकी के साथ भाजपा और प्रदेश सरकार (MP Government) पर ताबड़ तोड़ हमले किए। कमलनाथ ने साल 2020 की बात करते हुए कहा कि जब उनकी सरकार गिराई गई,भाजपा नेताओं की बात जब कांग्रेस विधायकों से शुरु हुई तो उसकी जानकारी उन्हे दो महीने से थी। कमलनाथ ने साफ कहा कि उन्होने विधायकों से कहा था कि मजे करो। एमपी में निवेश आने के मामले में एमपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि निवेश विश्वास से आता है लेकिन इस वक्त निवेशकों को एमपी पर भरोसा नहीं है अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो एमपी में निवेशक भी आएंगे। दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और खुद के संबंधों पर कमलनाथ ने कहा कि उनके और दिग्विजय के बीच अच्छे संबंध हैं और वो बयान देते हैं तो उनका ब्यक्तिगत बयान होता है उस बयान का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। कमलनाथ ने एक और बड़ी बात कही। दरअसल सीएम शिवराज को एमपी में मामा के नाम से संबोधित किया जाता है जिस पर कटाक्ष करते हुए कमलनाथ ने कहा कि वो न मामा हैं न चाचा हैं वो प्रदेश की जनता के भाई हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने उन पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कहा कि मंत्रालय में सीसीसीटीवी कैमरे लगे हैं अधिकार सरकार के पास है वो वीडियो फुटेज निकलवा कर चेक कर सकते हैं कि मैने किस प्रकार का भ्रष्टाचार किया है और उनसे मिलने के लिए कौन आया करते थे। कमलनाथ ने एक बड़ी बात कही कि अगर गलत है तो बुलडोजर चलाना गलत नहीं लेकिन कई जगहों पर लोगों को टारगेट करके बुलडोजर चलाए गए हैं जो गलत है। कमलनाथ ने यह भी कहा कि इस बार भाजपा पर जनता का बुलडोजर चलेगा।

24/9/2023211
भाजपा 'जनता का आशीर्वाद' लेने के चक्कर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का 'आशीर्वाद' लेना भूली
भोपाल

भाजपा 'जनता का आशीर्वाद' लेने के चक्कर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का 'आशीर्वाद' लेना भूली

भारतीय जनता पार्टी इन दिनों प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रही है (Jan Ashirwad Yatra)। लेकिन भाजपा की इस यात्रा के दौरान भाजपा यह भूल गई कि पार्टी के नेताओं का आशीर्वाद भी जरुरी होता है क्योंकि उनके एक मत हुए बगैर चुनाव जीतना संभव नहीं है। जबकि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home minister Amit Shah) ने सबसे पहले पार्टी की एकजुटता पर ही सभी नेताओं का ध्यान आकर्षित किया था लेकिन एमपी बीजेपी (mp bjp) के नेताओं ने जब जन आशीर्वाद यात्रा का रोडमैम तैयार किया तो उसमें कई वरिष्ठ नेताओं को उन्होने अनदेखा करते हुए ऐसे नेताओं को आगे किया जो वरिष्ठता की सूची में काफी पीछे आते हैं। जब जन आशीर्वाद यात्रा का रोडमैप तैयार हुआ तो केन्द्रीय नेतृत्व ने क्षेत्रीय और प्रभावशाली नेताओं को महत्व देने के लिए कहा था लेकिन पार्टी ने सबसे पहले महाकौशल क्षेत्र से राकेश सिंह (Rakesh Singh) की ही उपेक्षा कर दी जिनको प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav)के हस्तक्षेप के बाद टीम में शामिल किया गया। लेकिन बुंदेलखंड से वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava) एमपी बीजेपी संगठन ने अपने किसी प्लान में शामिल नहीं किया जिसके चलते उन्होने खुद को अपनी विधानसभा तक सीमित कर लिया। जबकि अमित शाह ने भोपाल दौरे पर सभी नेताओं को स्पष्ट तौर पर बोल दिया ता कि सभी अपने गिले सिकवे दूर कर लें फिर भी उनकी बात को नजरअंदाज कर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और मंत्री गोपाल भार्गव को उपेक्षित कर दिया गया। यात्रा के बैकड्राप में भी गोपाल भार्गव और राकेश सिंह के चेहरे गायब हैं जबकि महिला होने के नाते राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार (Kavita Patidar) को बैकड्राप में स्थान दिया गया है। पाटीदार के चेहरे पर भी नेताओं को आपत्ति है,दबी जुबान में वो कह रहे हैं कि ओबीसी से कृष्णा गौर से लेकर सांसर रीति पाठक और एससी वर्ग से संध्या राय का अधिकार वरिष्ठता के चलते बनता है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन ने अपने तरीके से अपने पसंदीदा लोगों को यात्रा के बैकड्राप में शामिल कर एक बार फिर पार्टी के अंदर गुटवाजी को हवा दे दिया है। एक तरफ भाजपा चुनाव जीतने और पार्टी में किसी प्रकार के गुटबाजी होने के दावे को शिरे से खारिज करती है दूसरी तरफ पार्टी के नेता अंदर ही अंदर गुटबाजी की बात को भी स्वीकार कर रहे हैं। सालों से सत्ता और संगठन के लिए काम करने वाले कई नेता हर तीसरे दिन प्रदेश कार्यालय दस्तक देने पहुंचते हैं जिन्हे ऐसे नजरअंदाज किया जाता है जैसे वो किसी अन्य ग्रह के प्राणी हों। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के ऐसे बर्ताव से बहुत से पदाधिकारी काफी नाराज हैं। बहुत से नेता कांग्रेस के दरवाजे झांक रहे हैं।

13/9/2023192
भांजियों और लाड़ली बहनों के बीच सीएम शिवराज की बढ़ी लोकप्रियता,भाजपा की रिपोर्ट में आया सामने
भोपाल

भांजियों और लाड़ली बहनों के बीच सीएम शिवराज की बढ़ी लोकप्रियता,भाजपा की रिपोर्ट में आया सामने

मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी में सीएम शिवराज के आगे किसी अन्य चेहरे की स्वीकार्यता नहीं है (Shivraj Singh Chouhan) । दरअसल लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) लांच होने के बाद भाजपा के केन्द्रीय संगठन ने प्रदेश भर में गुप्त तरीके से एक सर्वे करवाया है (bjp survey)। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक लाड़ली बहनों और भांजियों के बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता बढ़ी है। रिपोर्ट आने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब 'मामा-भांजी और बहना' के रिस्ते को भुनाने में जुट गई है। रिपोर्ट के मुताबिक लाड़ली बहना योजना लांच होने के बाद एक करोड़ 25 लाख परिवार सीएम शिवराज से सीधे जुड़ गया है और इस योजना के कारण सीएम शिवराज की छवि भी सुधर गई है। भांजियों को इस सर्वे में इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि लाड़ली लक्ष्मी योजना (ladli lakshmi yojana) का लाभ उठा चुकी हजारों युवतियां इस बार मतदान करने वाली हैं। रिपोर्ट को आधार बना पर महिलाओं के अधिकतम वोट पाने के लिए भाजपा ने अलग से रणनीति बनाना शुरु कर दिया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर सर्वे करवा कर यह जानने का प्रयास किया गया कि आम जनता के बीच भाजपा सरकार और खासतौर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि कैसी है। रिपोर्ट में महिलाओं में सरकार की अधिक लोकप्रियता की बात सामने आने से भाजपा खुश है। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस वोटबैंक के डगमगाने के आसार भी नहीं हैं। भाजपा की ओर से कांग्रेस नेताओं की भी स्थिति जानने का प्रयास किया गया है। भाजपा रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं का भरोसा कांग्रेस नेताओं के प्रति कम है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि लाड़ली बहना और अन्य महिला केन्द्रित योजनाओं से ही सीएम शिवराज की लोकप्रियता का ग्राफ ऊंचा हुआ है। भाजपा की सरकार ने महिलाओं के बीच ज्यादा लोकप्रिय होने की मुख्य वजह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरल-सहज छवि है। खासतौर से उनके द्वारा महिलाओं से भाई यानि उनके बच्चों के मामा का जो रिश्ता बनाया है उससे ग्रामीण महिलाओं में मुख्यमंत्री की छवि अमिट छाप बनाई है। महिलाएं मुख्यमंत्री को आम जनता के बीच आम आदमी मानती हैं। लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के साथ शिवराज सिंह की छवि बनाने में राज्य सरकार की महिलाओं के लिए बनाई गई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी अहम योगदान है।

29/8/2023182
केन्द्रीय नेतृत्व ने एमपी में सात मंत्री भेजे,सभी 230 सीटों की टटोली जा रही नब्ज
भोपाल

केन्द्रीय नेतृत्व ने एमपी में सात मंत्री भेजे,सभी 230 सीटों की टटोली जा रही नब्ज

मप्र चुनाव के लिए भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने उत्तरप्रदेश से सात मंत्रियों को मप्र भेजा है। ये मंत्री अलग-अलग संभागों में जाकर चुनावी प्रबंधन का काम देखेंगे (MP Elections)। इन मंत्रियों द्वारा अपनी रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को भेजी जाएगी। वहीं प्रदेश की 230 विधानसभा क्षेत्रों में भेजे गए प्रवासी विधायक भी अपने-अपने राज्य वापस लौट गए हैं। इन विधायकों ने सात दिन के प्रवास के दौरान अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के पक्ष में वातावरण बनाने का प्रयास किया। बाहरी विधायकों ने पार्टी के असंतुष्ट कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। वो स्थानीय प्रतिष्ठित रहवासियों से भी मिले और उन्हे भाजपा की केन्द्र और प्रदेश सरकार के कामों की जानकारी दी। दूसरी तरफ चुनावी तैयारियों में जुटी भाजपा ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। सोमवार को प्रदेश कार्यालय में चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ,गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) सहित शीर्ष नेतृत्व ने आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की। बैठक में नेताओं से कहा गया कि सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत के साथ जुट जाएं। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (Shivprakash) के नेतृत्व में हुई बैठक में आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत विचार विमर्श किया गया। विशेष कर जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) के दौरान प्रधानमंत्री मोदी,गृह मंत्री अमित शाह,रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकान नड्डा (JP Nadda) के प्रदेश प्रवास पर मंथन किया गया। बैठक में कहा गया कि टिकट मिलने या ना मिलने का असर किसी भी स्तर पर चुनावी तैयारियों पर नहीं पड़ना चाहिए,जिन सदस्यों को संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौपी ग ई है और वो चुनाव लड़ने के आकांक्षी हैं,उन्हे यह ध्यान रखना होगा कि पार्टी जिसे प्रत्याशी बनाए उन्हे पूरी मेहनत के साथ चुनाव जिताना होगा। प्रत्याशियों की पहली सूची (candidate list) जारी होने के बाद कुछ स्थानों पर इठ रहे विरोध पर भी बैठक में चर्चा हुई। वरिष्ठ नेताओं ने साफ कहा है कि इस तरह का विरोध अनुचित है और उसे समय रहते सुलझाना होगा। किसी भी स्तर पर इस तरह की परिस्थितियां खड़ी नहीं होनी चाहिए,इस पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। बैठक में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि हम सभी का उद्देश्य पार्टी को जीत दिलाना होना चाहिए। इसके लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। तोमर ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री,गृह मंत्री जैसे वरिष्ठ नेता मध्यप्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। पार्टी को इन लोकप्रिय नेताओं की बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचानी है। इसके लिए सदस्य ऐसी व्यवस्था करें इसका लाभ चुनाव में पार्टी को मिल सके।

29/8/2023146
महाकाल लोक घोटाले के आरोपी मंत्री भूपेन्द्र सिंह बनाए गए जन आशीर्वाद यात्रा के संयोजक
भोपाल

महाकाल लोक घोटाले के आरोपी मंत्री भूपेन्द्र सिंह बनाए गए जन आशीर्वाद यात्रा के संयोजक

भारतीय जनता पार्टी तीन सितंबर से प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) निकालने जा रही है। इस यात्रा को सफलता पूर्वक संचालित करने के लिए आठ सदस्यीय केन्द्रीय टोली का गठन किया गया है। टोली की खास बात ये है कि उसका संयोजक नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह (Bhupendra Singh) को बनाया गया है। भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ महाकाल लोक (Mahakal Lok) के घोटाले का आयोप है और आय से आधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच चल रही है। महाकाल लोक का घोटाला सामने आने के बाद भूपेन्द्र सिंह को पीएम मोदी के मंत्री इन वेटिंग के लिए भी चुना गया था लेकिन जैसे ही मामले की जानकारी पीएमओ तक पहुंची थी तो भूपेन्द्र सिंह को पीएम मोदी के स्वागत से अलग कर दिया गया था और उनकी जगह पर संगठन के नेताओं ने पीएम मोदी (PM Narendra Modi) का स्वागत किया था। कुछ समय तक संगठन और सरकार की ओर से मंत्री भूपेन्द्र सिंह को साइडलाइन किया गया लेकिन अब संगठन ने भूपेन्द्र सिंह को बड़ी जिम्मेदारी देकर यह बता दिया है कि उनके खिलाफ जो आरोप लगे हैं वो निराधार हैं। गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच चल रही है। कांग्रेस ने उन पर पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर बेहिसाब संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए थे और इसे लेकर 11 मई 2023 को लोकायुक्त को शिकायत की थी। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा (KK Mishra) का कहना है कि जिस मंत्री के खिलाफ आय से अधिक मामले की जांच चल रही है उस मंत्री को भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा का संयोजक बना कर प्रदेश की जनता के सामने संदेश क्या देना चाहती है। मतलब साफ है कि मंत्री भूपेन्द्र सिंह को लेकर एक बार फिर प्रदेश में सियासत रौद्र रुप लेने वाली है।

28/8/2023293
10 हजार KM का सफर, 678 रथ और 211 बड़ी सभाएं, 25 सितंबर को भोपाल में होगा कार्यकर्ता महाकुंभ
भोपाल

10 हजार KM का सफर, 678 रथ और 211 बड़ी सभाएं, 25 सितंबर को भोपाल में होगा कार्यकर्ता महाकुंभ

विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) के माध्यम से चुनाव प्रचार से पूर्व ही लोगों के बीच पहुंचेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) यात्रा की शुरुआत करेंगे। जबकि इसके समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शामिल होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। वीडी शर्मा ने बताया कि भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा के माध्‍यम से जनकल्याण के कार्यों को प्रत्येक विधानसभा में जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। शर्मा के अनुसार भाजपा इस बार पांच जनआशीर्वाद यात्राएं निकालेगी। पहली जन आशीर्वाद यात्रा 3 सितंबर को विंध्य संभाग के चित्रकूट से शुरू होगी। इसका शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। दूसरी जन आशीर्वाद यात्रा महाकौशल के मंडला से 5 सितंबर को शुरू होगी। इसका भी शुभारंभ अमित शाह ही करेंगे। तीसरी जन आशीर्वाद यात्रा 4 सितंबर से इंदौर संभाग के खंडवा से शुरू होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) इसकी शुरुआत करेंगे। चौथी यात्रा उज्जैन संभाग से 4 सितंबर को ही प्रारंभ होगी, जिसका शुभारंभ भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। पांचवी और अंतिम यात्रा ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर से निकाली जाएगी। यह 6 सितंबर को शुरू होगी। जिसकी शुरुआत भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) करेंगे। जन आशीवार्द यात्रा का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया जाएगा। समापन कार्यक्रम भोपाल में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ में होगा। जिसमें 10 लाख भाजपा कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदेश में निकाली जाने वाली ये पांचों जनआशीर्वाद यात्राएं 10 हजार 643 किमी का सफर तय करेगी। इस दौरान 678 रथ सभाएं और 211 बड़ी सभाओं का आयोजन किया जाएगा।

28/8/2023158
सवर्ण बाहुल्य विंध्य में कांग्रेस ने ओबीसी चेहरा कमलेश्वर पटेल को आगे कर सवर्णों के जख्म पर छिड़का नमक
भोपाल

सवर्ण बाहुल्य विंध्य में कांग्रेस ने ओबीसी चेहरा कमलेश्वर पटेल को आगे कर सवर्णों के जख्म पर छिड़का नमक

ओबीसी नेताओं की खोज में जुटी कांग्रेस पार्टी ने विंध्य से कमलेश्वर पटेल (Kamleshwar patel) को आगे कर सवर्णों को नाराज कर दिया है। इस बात में कोई शक नहीं कि देश की सबसे बड़ी सवर्णों की आबादी विंध्य क्षेत्र में रहती है यही कारण रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह और श्रीनिवास तिवारी का विंध्य में सालों तक वर्चश्व रहा है। लेकिन इन दोनों नेताओं के स्वर्गवासी होने के बाद कांग्रेस पार्टी किसी भी सवर्ण नेता की खोज इतने सालों में नहीं कर पाई या फिर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने विंध्य से सवर्ण नेताओं को पनपने नहीं दिया। लेकिन अब कांग्रेस पार्टी ने विंध्य में सवर्णों के जख्म पर मरहम लगाने के बजाय नमक छिड़ने का काम किया है। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने विंध्य से पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (Congress Working Committee) का सदस्य बना दिया है। ये वही कमलेश्वर पटेल हैं जिनके निवास पर ब्राम्हण वर्ग का कोई ब्यक्ति जाता है तो उसे किसी प्रकार का महत्व नहीं दिया जाता है। 15 महीनों तक कमलेश्वर पटेल मंत्री रहे उस दौरान उनके बंगले में जितने स्टाफ थे सभी कुर्मी समाज के ही थे। यहीं नहीं कोई भी सवर्ण वर्ग का ब्यक्ति कमलेश्वर पटेल के पास अपना काम अथवा फरियाद लेकर जाता था तो कमलेश्वर पटेल उस ब्यक्ति को दरवाजे के बाहर कर देते थे अथवा घंटों तक इंतजार करवा कर वो उससे अंत में मिलते थे और काम भी नहीं करते थे। ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस ने विंध्य की ओर से चेहरा बना कर खुद के पैर में कुल्हाड़ी मारने का काम कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की रणनीति पर नजर डालें तो सवर्ण वर्ग भाजपा से भी नाराज था लेकिन भाजपा ने सवर्ण वर्ग को खुश करने के लिए अलग-अलग उपाय तैयार किए जिसमें भाजपा की ओर से गिरीश गौतम (Girish Gautam) को विधानसभा का अध्यक्ष बनाया गया ये बात और है कि गिरीश गौतम का कोई जनाधार नहीं है वो अपने बेटे तक को जिला पंचायत के चुनाव में नहीं जिता पाए और इस चुनाव में उनकी हालत और खराब है। भाजपा के दूसरे बड़े चेहरे हैं राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) जो लोगों के व्यक्तिगत काम तो नहीं करते लेकिन शहर का विकास राजेन्द्र शुक्ला ने बढिया किया है और सहज-सरल व्यक्ति होने के नाते राजेन्द्र शुक्ला चुनाव जीतने में कामयाब हो जाते हैं ये बात और है कि नगर निगम के चुनाव में वो इस बार भाजपा को नहीं जिता पाए और रीवा में कांग्रेस का महापौर बन गया। रीवा सहित पूरे विंध्य का इतिहास उठा कर देखें तो विंध्य में ब्राम्हण और ठाकुरों का वर्चश्व रहा है इन्ही के इर्द- गिर्द राजनीति चलती रही है लेकिन कांग्रेस ने कमलेश्वर पटेल जैसे जातिवादी नेता को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य बना कर अपने लिए विंध्य में ज्यादा मुसीबतें खड़ी कर ली है। कांग्रेस के इस फैसले से सवर्णों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस को विंध्य की 30 सीटों में मात्र छह सीटें मिली थी बांकी 24 सीटें भाजपा के कब्जे में आई थी और उस परिणाम को बदलने के लिए कांग्रेस ने इस बार काफी मेहनत की है लेकिन कमलेश्वर को आगे कर कांग्रेस पार्टी ने खुद की मेहनत पर ही पानी फेर दिया है और इसके अलावा कमलेश्वर पटेल और अजय सिंह (राहुल) की दुश्मनी भी किसी से छुपी नहीं है लिहाजा अब तो विंध्य में कांग्रेस के लिए भगवान ही मालिक है।

26/8/2023441
सरकार में चल रही कलह के लिए तीन विधायकों को दिलाई गई शपथ
भोपाल

सरकार में चल रही कलह के लिए तीन विधायकों को दिलाई गई शपथ

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने मंत्रिमंडल विस्तार कर पार्टी की अंदरुनी कलह को खत्म करने का प्रयास किया है (MP Assembly elections)। चुनाव के लिए महज डेढ महीने का वक्त बचा है ऐसे समय में मंत्रिमंडल (shivraj cabinet expansion) का विस्तार कर भाजपा ने पार्टी की कलह को खत्म करने का प्रयास किया है लेकिन साथ में विपक्षी दलों के लिए मुद्दा भी दे दिया है। दरअसल जिस प्रकार से मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है वो सियासी पंडितों के गले से नहीं उतर रहा है। खास कर जिस प्रकार से तीन विधायकों को मंत्री की शपथ दिलाई गई है और जिस वर्ग से मंत्री बनाए गए हैं वो लोगों की समझ में नहीं आ रहा है। विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज थी खासकर सीधी पेशाब कांड (Sidhi Urination case) के बाद जिस प्रकार से आरोपी प्रवेश शुक्ला के मकान पर बुलडोजर चला था उसके बाद विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज चल रही थी। संघ और संगठन के सर्वे में भी विंध्य की जनता भाजपा से नाराज चल रही थी यही कारण है कि राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को एक बार फिर मंत्री बनाया गया है। लेकिन ओबीसी वर्ग से गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) और राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi) को मंत्री बनाया जाना लोगों के समझ में नहीं आ रहा है । लोगों को उम्मीद थी कि एक एससी वर्ग के विधायक को भी मंत्री बनाया जाएगा लेकिन ऐसा नही हुआ। भाजपा में कुछ नेताओं से बात हुई तो उनका कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के माध्यम से नेताओं की व्यक्तिगत नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया गया है। लेकिन कुछ विधायकों से बात हुई तो वो इस मंत्रिमंडल विस्तार से और ज्यादा नाराज नजर आए। मतलब साफ है भाजपा की सरकार ने कुछ नेताओं को खुश करने के चक्कर में बहुत से नेताओं को नाराज कर दिया है। जिस प्रकार से तीन मंत्रियों के शपथ में दो ओबीसी वर्ग के विधायकों को मंत्री बनाया गया है उससे भाजपा की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ओबीसी वर्ग को भाजपा लगातार साधने का प्रयास कर रही है। एससी वर्ग को खुश करने के लिए भाजपा ने एससी वर्ग के संत सिरोमणि रविदास जी के मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ करवा दिया है। भाजपा मान कर चल रही है कि संत रविदास जी का मंदिर बनने के बाद एससी वर्ग भाजपा की ओर ही आएगा। भाजपा की योजना के मुताबिक राजेन्द्र शुक्ला को मंत्री बनाए जाने के बाद विंध्य का ब्राम्हण खुश हो जाएगा तो गौरीशंकर बिसेन और राहुल लोधी को मंत्री बनाए जाने के बाद बुंदेलखंड का ओबीसी वर्ग खुश हो जाएगा। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी ओर से जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण साधने का प्रयास किया है अब देखना यही दिलचश्प होगा कि दो महीने बाद होने वाले विधानसभा में भाजप का यह दांव कितना सही साबित होता है।

26/8/2023196
भाजपा की नए मतदाताओं पर नजर,शुरु किया नव मतदाता सदस्यता अभियान
भोपाल

भाजपा की नए मतदाताओं पर नजर,शुरु किया नव मतदाता सदस्यता अभियान

भारतीय जनता पार्टी ने नए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का काम शुरु कर दिया है (new voter membership campaign)। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी (MP BJP) ने नव मतदाता सदस्यता अभियान (Nav Matdata Sadasyata Abhiyan) का आगाज किया है। गौरतलब है कि प्रदेश में पांच लाख नव मतदाता जुड़े हैं और ये वो मतदाता हैं जिन्होने अभी 18 साल की उम्र पार की है। लिहाजा युवा शक्ति को अपनी तरफ करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है (bjp masterplan) विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 51% वोट शेयर का लक्ष्य रखा है और उस प्रतिशत को पाना है तो भाजपा को युवाओं के साथ की जरुरत पड़ेगी। युवा वर्ग को भाजपा विकास की बात बताएगी,18 साल में सरकार द्वारा किए कामों को बताएगी और फिर 2003 के पहले की तस्वीर भी भाजपा युवाओं को दिखाएगी । यानि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) कार्यकाल की बातें युवाओं को बताई जाएंगी। उस दौरान की वीडियो क्लिपिंग भी युवाओं को दिखाई जाएंगी। जिससे उन्हे भाजपा और कांग्रेस की सरकारों का अंतर समझ में आ सके। भारतीय जनता पार्टी का मक्शद साफ है कि युवाओं को महिलाओं को और शासकीय कर्मचारियों को अपनी तरफ कर लिया गया तो चुनाव में फतह हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। लिहाजा भाजपा ने मौके पर चौका मारने का प्रयास किया है। भाजपा नेताओं का मानना है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भाजपा की रीति नीति बताई जाएगी काम करने का तरीका बताया जाएगा तो युवा वर्ग भाजपा में जरुर जुड़ेंगे। और जब युवा जुड़ेगा तो वो अपने घर के वोट भी पार्टी में लेकर आएगा। नव मतदाता अभियान का आगाज प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (Hitanand Sharma) ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया है इस दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे।

25/8/2023206
तीसरे नाम ने अटकाया मंत्रिमंडल विस्तार
भोपाल

तीसरे नाम ने अटकाया मंत्रिमंडल विस्तार

शिवराज कैबिनेट (Shivraj Cabinet) का विस्तार फिलहाल अटक गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) दो दिन के लिए राजधानी से बाहर हैं। हांलाकि मंत्री बनने की आस में दो विधायक राजधानी में रुके हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार दो विधायकों के नामों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण फिलहाल विस्तार नहीं हो पाया। गौरतलब है कि कैबिनेट के विस्तार की चर्चाएं पिछले कई दिन से चल रही है। इसके लिए पार्टी संगठन के कहने पर रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) समर्थकों के साथ भोपाल पहुंचे हैं। इसी तरह टीकमगढ़ के खरगापुर विधायक राहुल लोधी (Rahul Lodhi) भी बुधवार को देर रात भोपाल पहुंचे थे। उन्हे उम्मीद थी कि गुरुवार को कभी भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हो सका गुरुवार सुबह सीएम हाउस में तकरीबन डेढ़ घंटे संभावित नाम को लेकर चर्चा भी चली किंतु तीसरे और चौथा नाम पर सहमत नहीं बन सकी जिससे आम सहमति बनाए जाने तक बिस्तर डाल दिया गया। सूत्रों की मानें तो तो वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गी (Kailash Vijayvargiya) की ओर से विधायक रमेश मेंदोला (Ramesh Mendola) को मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। इधर विधायक संजय पाठक (Sanjay Pathak) को भी मंत्री बनाए जाने के लिए भी कुछ नेताओं द्वारा पैरवी भी की गई है। लेकिन इन दोनों नाम पर सहमत नहीं बन पाई है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दोपहर भोपाल लौटेंगे जबकि राज्यपाल 26 अगस्त की दोपहर को 2 दिन के लिए राजधानी से बाहर रहेंगे। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार अब राज्यपाल के वापस लौटने के बाद हो सकता है। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वापस लौटने से लेकर शनिवार को राज्यपाल के भोपाल से बाहर जाने तक का समय है जिसमें विस्तार किया जा सकता है।

24/8/2023268
कमजोर बूथों को कांग्रेस के अनुशांगिक संगठन लेंगे गोद
भोपाल

कमजोर बूथों को कांग्रेस के अनुशांगिक संगठन लेंगे गोद

प्रदेश में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी के लिए जो रोड मैप तैयार किया है उसमें सहयोगी संगठनों की बड़ी भूमिका निर्धारित की गई है (MP Congress)। सेक्टर और मंडलम् के साथ बूथ प्रबंधन का काम महिला, युवा, अनुसूचित जाति- जनजाति और किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की टीम संभालेगी। सभी कमजोर मतदान केदो को गोद लेंगे। प्रत्येक केंद्र पर कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाएगा। प्रत्याशियों के साथ सभी संगठनों के कार्यकर्ता प्रचार में जुटेंगे। मतदान के लिए मतदाताओं को घर से निकलने, पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने, पांच गारंटीयों का प्रचार करने, भाजपा सरकार की असफलता को जनता के बीच ले जाने का दायित्व भी सहयोगी संगठनों को सौंपा गया है। सभी ने अपने-अपने स्तर पर तैयारी भी तेज कर दी हैं। पूरा फोकस इस बात पर है कि प्रत्याशियों के साथ पूरा संगठन मैदान में करता दिखे। कांग्रेस संगठन की ओर से मिली जिम्मेदारी का आगाज सितंबर माह से किया जाएगा। इधर,प्रदेश कांग्रेस ने सहयोगी संगठनों के कामों पर नजर रखने के लिए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए हैं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि जो दायित्व संगठनों को दिया गया है,उसकी वास्तव में पूर्ति हो। प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा के संगठन से मुकाबला करने के लिए इस बार मतदान केंद्र पर सर्वाधिक ध्यान केंद्रित किया है। बूथ,सेक्टर और मंडलम् बनाने के बाद सहयोगी संगठनों को भी बड़े-बड़े कार्यक्रम करने के स्थान पर मतदान केन्द्र पर फोकस करने के लिए कहा गया है। संगठन चाहता है कि प्रत्याशी के साथ-साथ संगठन की भी अपनी तैयारी रहे। अभी तक मतदान केन्द्रों पर पूरी टीम प्रत्याशी की रहती थी लेकिन इस बार कांग्रेस इसमें बदलाव करने की तैयारी में है।

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भाजपा का 'चक्रब्यूह' हर तरफ से होगा हल्लाबोल,कांग्रेस का कौन होगा अभिमन्यु
भोपाल

भाजपा का 'चक्रब्यूह' हर तरफ से होगा हल्लाबोल,कांग्रेस का कौन होगा अभिमन्यु

शाह की 'शह' को कौन मात देगा यह कांग्रेस के लिए एक पहेली बनता चला जा रहा है। जब कांग्रेस अपने उम्मीदवारों के घोषणा की योजना तैयार कर रही थी तब भारतीय जनता पार्टी ने 39 उम्मीदवारों का ऐलान कर कांग्रेस को 11 हजार वॉट का झटका दे दिया था (। फिलहाल कांग्रेस पार्टी के नेता इस समय सदमे में हैं। कांग्रेस के रणनीतिकार दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और कमलनाथ (Kamalnath) इस समय यही सोच रहे हैं कि भाजपा का अगला दांव क्या होगा। जब तक कांग्रेस के नेता पहले सदमें से बाहर निकलेंगे तब तक भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस को दूसरा झटका दे चुकी होगी। Mukhbir को पता चला है कि इसी महीने के अंत तक भारतीय जनता पार्टी दूसरी सूची जारी कर कांग्रेस को एक और झटका दे सकती है। लेकिन इसके अलावा भाजपा के ब्यूह रचना की बात करें तो अब भाजपा कांग्रेस पर चौतरफा हमला करने की योजना तैयार कर रही है। पता चला है कि दो सितंबर से भारतीय जनता पार्टी की जन आशीर्वाद यात्राओं (Jan Ashirwad Yatra MP) का आगाज होने जा रहा है। इस बार की जन आशीर्वाद यात्र पहले की तुलना में भिन्न होने वाली है। पहले जन आशीर्वाद यात्रा एक निकला करती थी जिसका नेतृत्व सीएम शिवराज करते थे लेकिन इस बार भाजपा की रणनीति अलग है। भारतीय जनता पार्टी इस बार एक साथ पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकालने जा रही है जिसके लिए रथों का निर्माण भी कराया जा रहा है। यानि मतलब साफ है भाजपा प्रदेश भर में हल्लाबोल करने जा रही है। इस दौरा कई रोड शो की भी योजना तैयार हो रही है। पांच जगहों से निकलने वाली जन आशीर्वाद यात्राओं का नेतृत्व अलग-अलग और क्षेत्रावार नेता करते चले जाएंगे। ग्वालियर चंबल में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) सहित अन्य नेता करेंगे तो महाकौशल में प्रहलाद सिंह पटेल (Prahlad Singh Patel) और फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste) करेंगे। मालवा क्षेत्र में कैलाश विजयवर्गी (Kailash Vijayvargiya)यात्रा का नेतृत्व करेंगे। विंध्य की बात करें तो यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) खुद जन आशीर्वाद यात्रा का नेतृत्व करने जा रहे हैं। प्रदेश में 11 संभाग हैं और भाजपा के पांच रथ चलेंगे। एक रथ को दो संभागों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस जन आशीर्वाद यात्रा को भब्यता देने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो रोड शो रखे जाएंगे। एक रोड शो पीएम मोदी भी करेंगे। मतलब साफ है भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में ऐसे सियासी ब्यूह की रचना करने जा रही है जिसके तहत जनता के मन में भाजपा के अलावा कुछ और ना बचे। लेकिन इस शह और मात के खेल में सवाल इस बात का उठ रहा है कि अमित शाह के चक्रब्यूह को तोड़ने के लिए कौन सा अभिमन्यू सामने आएगा। हांलाकि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह भी सियासत के मंझे हुए तीरंदाज हैं लेकिन यह देखना दिलचश्प होगा कि भाजपा के चौतरफा हमले का कांग्रेस कैसे जवाब देती है।

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