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मुरैना,ग्वालियर और गुना के प्रत्याशी आज तय करेगी कांग्रेस,पचौरी बने स्टार प्रचारक
भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने नामांकन भरना शुरु कर दिया है तो वहीं दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी अब तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा ही नहीं कर पाई है। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में कांग्रेस 22 सीटों पर ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर पाई है (congress lok sabha list)। खजुराहो सीट समाजवादी पार्टी के लिए कांग्रेस ने छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि आज होने वाली कांग्रेस केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक में मुरैना,ग्वालियर,गुना समेत छह सीटों के नाम को आज तय कर लिया जाएगा। बैठक में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी,और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शामिल होंगे। बालाघाट सीट से प्रत्याशी बनाए गए सरस्वार को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच विरोध शुरु हो गया है जिससे पार्टी की टेंशन बढ़ गई है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार गुना लोकसभा सीट से जातीय समीकरण को देखते हुए कांग्रेस उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है। पहले अरुण यादव ने भी गुना से चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी की थी लेकिन पार्टी वहां से स्थानीय उम्मीदवार को ही टिकट देना चाहती है। इधर मजे की बात यह है कि अब तक कांग्रेस के मजबूत नेता कहे जाने वाले सुरेश पचौरी ने जिस दिन से बीजेपी का दामन थामा है उस दिन से उन्होने कांग्रेस में लगातार तोड़-फोड़ मचा रखी है। वो हर दूसरे-तीसरे दिन कांग्रेस के नेताओं को बीजेपी की सदस्यता दिला रहे हैं। जिसके फलस्वरुप सुरेश पचौरी को भारतीय जनता पार्टी ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची में उन्हे स्थान दिया है। अब सुरेश पचौरी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कांग्रेस पर हमला बैलते नजर आएंगे।

घर-घर जय श्रीराम कहेंगे बीजेपी नेता,पीएम मोदी की चिट्ठी देकर बताएंगे सरकार की उपलब्धि
मिशन 2024 (lok sabha elections 2024) फतह करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी अब एक बार फिर राम भरोसे है। दरअसल बीजेपी ने एक बड़ा अभियान शुरु किया है जिसके तहत बीजेपी के नेता घर-घर दस्तक देंगे और पीएम मोदी की तरफ से सभी घरों में जय श्रीराम कहेंगे। इतना ही नहीं भाजपा के नेता हर घर में पीएम मोदी की एक चिट्ठी भी लोगों को देंगे जिसमें पीएम मोदी की जनता से भावुक अपील के साथ केन्द्र सरकार की ओर से जनहित में संचालित की जा रही योजनाओं के बारे में भी चिट्ठी में जिक्र किया जाएगा। भाजपा के इस अभियान में मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav),प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) और सभी मंत्री,विधायकों के साथ पार्टी के सभी नेता कार्यकर्ता और पदाधिकारी लोगों के घर में जय श्रीराम करने के लिए पहुंचेंगे। भाजपा का यह अभियान दो मार्च से चार मार्च तक चलेगा और इस दौरान भाजपा के नेता प्रदेश के हर घर पहुंच कर मोदी की चिट्ठी के साथ जय श्रीराम कहेंगे। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने लाभार्थी अभियान का आगाज किया है जिसके जहत भाजपा के सभी नेता घर-घर जाकर पीएम मोदी की तरफ से जय श्रीराम कहेंगे और मोदी की चिट्ठी भी लोगों को सौपेंगे। इस अभियान का आगाज प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने किया है जिसके तहत उन्होने घर-घर जाकर लाभार्थियों से न सिर्फ संपर्क किया है बल्कि केन्द्र सरकार की तरस से संचालित जनहित की योजनाओं के बारे में भी बताया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को कौन सी 'जड़ी बूटी' दी,क्या है 'जड़ी बूटी' का रहस्य
रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झाबुआ (pm modi in jhabua) प्रवास पर थे। ये माना जा रहा है कि पीएम मोदी के इस प्रवास से भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है (madhya pradesh elections)। झाबुआ जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है और पीएम मोदी ने जनजातीय वर्ग को देखते हुए हजारों करोड़ रुपये की सौगात भी दी है मतलब साफ है कि भारतीय जनता पार्टी इस लोकसभा चुनाव में 400 पार का लक्ष्य लेकर चल रही है उसको देखते हुए पीएम मोदी से लेकर पार्टी के हर स्तर का कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जुट गया है। इस बीच झाबुआ में पीएम मोदी की प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) से कुछ देर मुलाकात हुई जिसमे उन्होने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को एअ जड़ी बूटी दी है। अब सवाल ये उठता है कि पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष को कौन सी जड़ी बूटी दी है और वो किस बीमारी के काम आती है। तो हम आपको बताते हैं कि ये चुनावी जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल करने से प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें भालतीय जनता पार्टी जीतेगी। पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात के दौरान कहा कि हर बूथ में 370 पार का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। मतलब साफ है कि विपक्षी पार्टी को चारों खाने चित्त करना है तो उससे 370 वोट अधिक लाना जरुरी है। इस नारे के साथ एक और मतलब निकल रहा है। जम्मू कास्मीर में मोदी सरकार ने ही धारा 370 को खत्म किया है। मतलब मोदी ने 370 की जो जड़ी बूटी दी है वो ऐसे कारगर होनी चाहिए कि किसी भी असाध्य रोग को वो जड़ से खत्म कर सके।

बीजेपी ने हारे हुए उम्मीदवारों के साथ किया जीत के लिए मंथन
मप्र में विधानसभा चुनाव (mp elections) में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है लेकिन भाजपा इतने में संतुष्ट होने वाली नहीं है। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी में एक बार फिर मंथन और समीक्षा का दौर शुरु हो गया है (bjp meeting)। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव में हारने वाले नेताओं के साथ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का नेत्रृत्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (hitanand sharma) के साथ राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (shivprakash) भी शामिल हुए। इस मंथन में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (dr narottam mishra) को छोड़ कर करीब सभी हारने वाले नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान हारने की वजहों का पता लगाने का प्रयास किया गया। साथ में सभी नेताओं को लोकसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ जुटने के लिए कहा गया है। इस मंथन में दस उम्मीदवार ऐसे भी थे जो बहुत ही कम मतों से हारे हैं। हारने वाली सीटों पर विकसित भारत यात्रा को मजबूती से शुरू करना के लिए भी कहा गया है। विधानसभा चुनाव में हारने वाले नेताओं से कहा गया है कि वो लोकसभा चुनाव में मेहनत करें और अपनी विधानसभा सीटों में पार्टी को जीत दिलाएं। बैठक के दौरान वोट शेयर पर भी खूब फोकस किया गया है और नेताओं से 51% से ऊपर वोट शेयर पहुंचाने के लिए कहा गया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यपाल से मुलाकात कर दी मंत्रियों की सूची
मोहन कैबिनेट (mohan cabinet) का आज विस्तार होने जा रहा है। इस विस्तार को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थी कि आखिर वह कौन दिन और कौन सा वक्त होगा जब मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) अपने कैबिनेट को शपथ दिलाएंगे। लगातार दो दिनों तक दिल्ली में हुए मंथन के बाद मंत्रियों की सूची तैयार कर ली गई है। सूची को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव को कल फिर बुलाया गया था और देर रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (amit shah) और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को मंत्रियों की सूची सौंपी है। फिलहाल भाजपा की तरफ से यह कोई नहीं बता पा रहा कि कितने मंत्री शपथ ले रहे हैं (mp cabinet) और कौन-कौन नेता मंत्री बन रहे हैं। विधायकों को फोन करके गुप्त रूप से सूचित किया जा रहा है कि 3:30 पर उनको राजभवन में शपथ लेने के लिए पहुंचना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मंत्रिमंडल में करीब 28 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। सभी लोकसभा सीटों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा छिंदवाड़ा को छोड़कर क्योंकि छिंदवाड़ा में भाजपा का एक भी विधायक नहीं जीत पाया है।

कांग्रेस की हार का बड़ा कारण,सर्वे एजेंसियों ने दावेदारों से डील कर कमलनाथ को दी गलत रिपोर्ट
मप्र विधानसभा चुनाव (madhya pradesh elections) में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला है। और कांग्रेस पार्टी (mp congress) को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस हार में सबसे बड़ा हाथ कमलनाथ (kamal nath) द्वारा कराए गए उम्मीदवारों के लिए सर्वे रहा है। एक गुप्त रिपोर्ट के मुताबिक कमलनाथ ने मप्र से बाहर अलग-अलग स्टेट की सर्वे एजेंसियों को प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों में मजबूत दावेदारों का सर्वे करने का ठेका दिया था। इन सर्वे एजेंशियों ने कमलनाथ के साथ डबल क्रास किया। इन सर्वे एजेंसियों ने ना सिर्फ कमलनाथ से सर्वे के नाम पर पैसे लिया बल्किन इन एजेंसियों ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के संभावित दावेदारों की लिष्ट तैयार कर उनसे संपर्क किया और उनके पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के लिए उनसे मोटी रकम वसूल की। कमलनाथ ने उन्ही को टिकट दिया जिन्हे सर्वे एजेंसियों ने मजबूत कैंडिडेट बताया। यही कारण है कि कमलनाथ को पूरा विश्वास था कि उन्होने मजबूत उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है और वो चुनाव में जीत दर्ज करेंगे। नतीजा ये निकला कि भाजपा के अभेद्य किले को भेदने निकले कांग्रेस के कमजोर उम्मीदवारों ने कमलनाथ और कांग्रेस की लुटिया डुबो कर रख दी। इस बात में कोई सक नहीं कि भाजपा ने जोरदार तरीके से किलेबंदी की थी जिसमें मोदी की गारंटी और लाड़ली बहनों का विश्वास शामिल था। ऐसे में उनका सामना करने के लिए कांग्रेस के कमजोर उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे और भाजपा ने उन्हे चारों खाने चित्त कर दिया।

प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों को दिया एमपी चुनाव की जीत का मंत्र
दिल्ली में आयोजित भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में शामिल हुए मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (mp assembly elections) में भाजपा की डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों और बूथ प्रबंधन की कुशलता से मिले अब तक के सर्वाधिक जनाधार के बारे में जानकारी अन्य पदाधिकारियों से साझा की। इस मौके पर मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में संगठन द्वारा किए गये विभिन्न नवाचारों के साथ प्रत्येक बूथ पर 51% वोटशेयर पाने की गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नेत्रृत्व में प्रदेश के सभी बूथों को डिजिटल करने से लेकर त्रिदेव बनाने की प्रक्रिया चुनाव में काफी असरदार रही है। जिस प्रकार से प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर प्रवास किया और बूथों को मजबूत करने से लेकर केन्द्र सरकार द्वारा संचालित गरीब कल्याण की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम किया उसी का परिणाम है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा और प्रदेश में प्रचंड जीत दर्ज की। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने न केवल बूथों को डिजिटल किया बल्कि पन्ना प्रभारी और अर्ध पन्ना प्रभारियों की नियुक्ति कर जीत की आधार शिला रखी। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का विधानसभा चुनाव। के दौरान एक और नवाचार देखने को मिला जिसके तहत उन्होने कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन बैठक कर उनके साथ खाना खाया जिससे कार्यकर्ताओं में छोटे और बड़े का भेदभाव भी खत्म हुआ। टिफिन बैठक में सभी कार्यकर्ता अपने घर से खाना लेकर आते थे और एकदूसरे के साथ खाते थे इससे कार्यकर्ताओं के बीच का भेदभाव खत्म करने में काफी मदद मिली। उसके बाद प्रदेश में जब मोदी की गारंटी चली तो प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा की गई मेहनत का फल मिला और भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की।

लगातार चुनाव जीतने वाले भाजपा नेताओं की केस स्टडी करवाएगी भाजपा
मप्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल कर यह बता दिया है कि भाजपा को चुनाव लड़ना और जीतना आता है (madhya pradesh elections)। लेकिन भाजपा की खूबी यह है कि भाजपा सिर्फ इतने में ही सीमित नहीं है। इस जीत को अजेय बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी कुछ अलग-अलग पहलुओं पर काम करने की योजना तैयार कर रही है जिससे इस प्रकार की जीत को लगातार कायम रखा जा सके। जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी की बड़ी प्रयोगशाला मध्यप्रदेश माना जाता है ठीक उसी प्रकार प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी अलग-अलग तरह के प्रयोग करने से किसी प्रकार का गुरेज नहीं करते हैं। उनकी चुनाव जीत की भूख और संगठन को लगातार मजबूत करने की इच्छा शक्ति पार्टी को और मजबूत करने में अक्शर कारगर साबित होती है। यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा अब कुछ और नया प्रयोग करने की योजना तैयार कर रहे हैं। भाजपा अब अपने ही उन नेताओं की केस स्टडी करवाएगी जो लगातार चुनाव जीत रहे हैं। भाजपा में कुछ ऐसे विधायक हैं जो एक लाख से अधिक मतों से चुनाव जीत रहे हैं। लगातार चुनाव जीतने वालों में सबसे पहला नाम आता है गोपाल भार्गव का उसके बाद एक लाख से अधिक मतों से लगातार चुनाव जीतने वाले हैं रमेश मेंदोला,ठीक इसी प्रकार भाजपा अन्य नेताओं की लिष्ट तैयार कर रही है जो लगातार ज्यादा से ज्यादा मतों से चुनाव जीत रहे हैं। इन सभी नेताओं के चुनाव प्रबंधन और चुनाव जीतने के तरीके पर पार्टी की एक विशेश टीम स्टडी करेगी और उस फॉर्मूले को भाजपा लोकसभा चुनाव के अलावा अन्य चुनावों में इस्तेमाल करेगी।

मोहन यादव की कैबिनेट में राजगढ़ जिले से मिल सकता है मंत्री पद
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी के मनोनीत मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मोहन यादव के साथ जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) और राजेश शुक्ला (rajesh shukla) ने भी राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बता दें, बीजेपी ने मुरैना से विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (narendra singh tmar) को विधानसभा स्पीकर नियुक्त किया है। वहीं, आज वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव (gopal bhargava) को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई गई। अब सबके मन में सवाल उठ रहा है कि मध्य प्रदेश की नई सरकार में कौन-कौन विधायक होंगे, जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। माना जा रहा है कि 30 से 35 विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में मंत्री पद पर उनका हक ज्यादा बताया जा रहा है जहां वोट प्रतिशत अधिक रहा है। वोट प्रतिशत अधिक, इसलिए मंत्री पद पर हक ज्यादा राजगढ़ जिले की पांचों सीटों पर भाजपा ने प्रचंड जीत दर्ज की है। राजगढ़ जिले में वोट प्रतिशत 80 रहा है। ऐसे में इस जिले से नई सरकार में मंत्री पद मिलना लगभग तय माना जा रहा है। जिले की ब्यावरा विधानसभा सीट से नारायण सिंह पंवार, राजगढ़ सीट से अमर सिंह यादव और नरसिंहगढ़ से मोहन शर्मा का नाम शामिल है। बता दें कि पिछली 15 वीं विधानसभा में इस जिले से कोई मंत्री नहीं था। वहीं, 18 महीने की कांग्रेस सरकार में खिलचीपुर सीट से विधायक प्रियव्रत सिंह को ऊर्जा मंत्री बनाया गया था। ऐसे में नई सरकार इस जिले से किसी एक विधायक को मंत्रीमंडल में शामिल कर सकती है। बता दें कि शिवराज सरकार में शिक्षा मंत्री रहे मोहन यादव राजगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री रह चुके हैं। जिसका फायदा जीतकर आए विधायकों को मिल सकता है। इन सीटों पर 80 प्रतिशत वोट राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, शाजापुर, सिवनी, राजगढ़ और रतलाम इनका हक ज्यादा राजगढ़ और सिवनी इन सीटों पर 75 से फीसदी तक बालाघाट, डिंडौरी, मंदसौर, श्योपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम, देवास, विदिशा, खरगोन और शहडोल इनका हक ज्यादा श्योपुर, निवाड़ी और शहडोल

बीजेपी प्रदेश कार्यालय में लिखे अटल जी के विचार से कानाफूसी का दौर तेज
मप्र में पिछले कुछ दिनों में काफी सियासी उलटफेर देखने को मिले हैं (madhya pradesh bjp)। सोच से परे फैसले हुए बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों का गणित फैल हो गया। और प्रदेश की सियासत में 18 साल से खड़ा वटवृक्ष एक झटके में धराशाही हो गया। जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर बनाना कोई बहुत बड़ी बात नहीं थी लेकिन जिस प्रकार से शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) को सीएम पद से हटाया गया वो किसी के गले से नहीं उतर रहा है। लोग अब भी यही सोच रहे हैं कि आखिर उनके राजनीतिक गणित में कहां चूक रह गई। प्रदेश का सीएम बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा कि वो दिल्ली जाकर अपने अधिकार की मांग करने से बेहतर मरना पसंद करेंगे। बात यहीं खत्म नहीं हुई, डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) के शपथ लेने के तुरंत बाद लाल परेड ग्राउंड के बाहर जिस प्रकार का परिदृष्य देखने को मिला वह साफ बता रहा था कि यह पूर्व नियोजित है। मीडिया के सामने दुखड़ा रोना और फिर यह कहना कि यह अंत नहीं है मै लौट कर आउंगा यही दर्शाता है कि रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गया। इन सब बातों को ध्यान में रखें और फिर बीजेपी प्रदेश कार्यालय में लिखे अटल (atal bihari vajpayee) जी के विचार को पढ़े तो ऐसा लगता है कि किसी ब्यक्ति को ध्यान में रख कर यह लाइनें लिखी गई हैं। 'मनुष्य को चाहिए कि वह परिस्थितियों से लड़े एक स्वप्न टूटे तो दूसरा गढ़े' आज की राजनीति को देखकर ऐसा लगता है कि यह लाइनें ठीक उसी वट वृक्ष के लिए हैं जो पिछले 18 साल से अनवरत खड़ा था कई आंधी और तूफान आए लेकिन कोई उस वट बृक्ष को हिला नहीं पाया लेकिन इस बार की सुनामी से वो वट वृक्ष जमीन से उखड़ कर धराशाही हो गया।

महाकाल को 'मोहने' निकले डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) भोपाल में शपथ लेते ही महाकाल की नगरी के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने भगवान महाकाल (mahakaleshwar) का पूरे विधि विधान के साथ पूजन किया और प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन के ही रहने वाले हैं और वो अक्शर भगवान महाकाल का दर्शन करने के लिए जाते हैं। मुख्यमंत्री के पिता भी महाकाल के भक्त हैं। मोहन यादव के सीएम बनने के बाद उनके पिता का बयान भी आया था कि वो भगवान महाकाल के सेवक हैं और उसी सेवा के फल स्वरुप उनके बेटे को प्रदेश का सीएम बनने का मौका मिला है।

कार्यकारी सीएम शिवराज का बयान,यह अंत नहीं लौट कर आउंगा
प्रदेश की 18 साल तक बागडोर संभालने वाले कार्यकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने प्रेसवार्ता आयोजित कर अपने 18 साल के कार्यकाल की जानकारी दी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब वो मुख्यमंत्री बने थे तब प्रदेश बीमारु राज्य हुआ करता था जिसको उन्होने दिन रात मेहनत कर विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा किया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लाड़ली बहना योजना उन्होने महिलाओं वोट के लिए नहीं शुरु की थी बल्कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाने के प्रयास किया था। और उसका असर भी देखने को माला है। कार्यकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि भाई बहन और मामा का जो रिस्ता है वो हमेशा आखिरी सांस तक बना रहेगा। प्रेसवार्ता समाप्त होने के बाद शिवराज सिंह चौहान जब मीडिया कर्मियों के बीच आए तो उन्होने कहा कि यह अंत नहीं है लौक कर जरुर आउंगा किसी न किसी भूमिका में। शिवराज सिंह चौहान जब 74 बंगला स्थित उनके नवीन भवन में पहुंचे तो उनसे मिलने के लिए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला भी उनका स्वागत करने के लिए आए। जहां दोनों नेताओं ने काफी देर तक आपस में बात की। गौरतलब है कि राजेन्द्र शुक्ला और शिवराज सिंह चौहान को एक दूसरे का बेहद करीबी माना जाता है।