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'चिट्ठी आई है' पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता को लिखा भावनात्मक पत्र
भोपाल

'चिट्ठी आई है' पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता को लिखा भावनात्मक पत्र

विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता के नाम पर एक पत्र भेजा है (PM Modi letter)। पत्र में पीएम मोदी ने बड़े ही भावनात्मक तरीके से बीजेपी सरकार के बीस साल का जिक्र करते हुए लिखा है कि मप्र बीमारु राज्य के अपने अतीत से निकल कर सशक्त,समृद्ध और स्वाबलंबी बना है (MP Government)। मोदी आगे लिखते हैं कि पिछले 20 वर्षो से जो भरोसा आपने हम पर दिखाया है उसके चलते मध्यप्रदेश टॉप टेन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। प्रदेश में हुए पांच लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण,16 प्रतिशत से अधिक आर्थिक वृद्धि दर,65 लाख से अधिक घरों में नल से जल,28 हजार मेगावाट ऊर्जा उत्पादन को देख कर मुझे गर्व होता है। यह 20 वर्ष न सिर्फ मध्य प्रदेश के विकास रहे हैं बल्कि यह आपके हम पर विश्वास के भी रहे हैं। आज मध्य प्रदेश का विकास मॉडल (MP model) पूरे देश के लिए गरीब कल्याण महिला उत्थान एवं समग्र प्रोत्साहन का मॉडल बन गया है। पीएम मोदी के इस पत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव घर-घर पहुंचेंगे और पीएम मोदी का भावनात्मक पत्र लोगों को देकर भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील करेंगे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है और यही कारण है कि पीएम मोदी के नाम पर यह पत्र हर घर में भेजा जा रहा है जिससे जनता पीएम मोदी के ऊपर विश्वास करके एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनाने में मदद करे (MP Elections)।

19/10/2023154
'अबकी बार फिर भाजपा सरकार' रथ होंगे 50 हजार,'विकास की बात करेंगे बार-बार
भोपाल

'अबकी बार फिर भाजपा सरकार' रथ होंगे 50 हजार,'विकास की बात करेंगे बार-बार

भारतीय जनता पार्टी ने 230 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के लिए आज पार्टी के प्रदेश कार्यालय से हाईटेक रथों को प्रदेश के हर जिलों के लिए रवाना किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan), पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा (VD Sharma) प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (Hitanand Sharma) ने हाईटेक रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है । इसके अलावा सामूहिक एवं वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा संभागीय मुख्यालयों से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर हाईटेक प्रचार रथों (BJP hitech rath) को रवाना किया गया है। भारतीय जनता पार्टी हाईटेक रथों से प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों के गांव-कस्बों, गली-मोहल्लों में डबल इंजन की सरकार के विकास, गरीब कल्याण और जन हितैषी कार्यों को जनता को बताने के साथ आगामी पांच वर्षों में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी जनता को बताएगी। पार्टी प्रतिदिन लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान 10 रथ सभाएं करेगी। प्रदेश भर में प्रतिदिन लगभग 2300 रथा सभाओं के जरिए भाजपा जनता को अपनी सरकार की उपलब्धियां बताएगी। पूरे चुनाव प्रचार की अवधि में प्रदेश में करीब 50 हजार रथ सभाएं आयोजित की जाएंगी। प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होना है उसके पहले भाजपा इन रथों के माध्यम से यह बताने का प्रयास करेगी कि भाजपा की सरकार क्यों जरुरी है (MP Elections)। रथों के माध्यम से भाजपा 2003 से अब तक के विकास कार्यों को तो बताएगी ही साथ में 2003 से पहले यानि दिग्विजय सरकार के दौरान की सड़कें, और बिजली ब्यवस्थाओं के बारे में भी आज के युवा वोटरों को बताया जाएगा कि भाजपा से पहले प्रदेश की क्या स्थिति हुआ करती थी।

19/10/2023126
पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची
भोपाल

पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची

बड़ी पुरानी कहावत है कि पहले आप -पहले आप। और इस कहावत को चरितार्थ कर रही हैं वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और भारतीय जनता पार्टी (MP Elections)। दरअसल भाजपा ने चार सूचियों में कुल 136 विधानसभा में अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है (BJP Candidate list)। वहीं कांग्रेस ने पहली सूची में ही 144 नाम का ऐलान कर दिया था (Congress Candidate list)। लेकिन अब भाजपा (mp bjp) और कांग्रेस (mp congress) एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा ने जिन चार सूचियों में 136 नाम का ऐलान किया है उसमें से कुछ नाम पर भाजपा में अब भी संशय की स्थिति बनी है। ठीक इसी तरह कांग्रेस ने भी जिन 144 नाम की घोषणा की है उन नाम को लेकर पार्टी के अंदर ही जमकर गुटबाजी देखने को मिल रही है और कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार भाजपा की तुलना में कमजोर नजर आ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को रखते हुए भाजपा और कांग्रेस पहले आप- पहले आप के चक्कर में रुके हुए हैं और सोच रहे हैं कि पहले सामने वाली पार्टी अपने पत्ते खोले। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व (BJP meeting) ने एक दिन पहले घंटों तक मंथन किया है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee) की भी बैठक देर रात तक हुई है जिसमें प्रत्याशियों के चयन पर लगातार मंथन हुआ है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने बची हुई 86 सीटों में 49 प्रत्याशियों को फायनल कर लिया है। साथ ही कांग्रेस शिवपुरी और पिछोर के प्रत्याशियों को बदलने पर भी विचार कर रही है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता और दावेदार सूची के इंतजार में भोपाल के अलग-अलग होटलों में डेरा जमाए हुए हैं और रोजाना कार्यालयों में जाकर सूची के बारे में इधर-उधर पूछते हैं और फिर मायूस होकर होटल के कमरे में फिर चले जाते हैं।

18/10/2023114
भाजपा की सूची में फंसा पेंच, केन्द्रीय नेतृत्व के मंथन में 'विष ही विष' कहां से लाएं 'अमृत'
भोपाल

भाजपा की सूची में फंसा पेंच, केन्द्रीय नेतृत्व के मंथन में 'विष ही विष' कहां से लाएं 'अमृत'

प्रदेश की 94 वे सीटें भाजपा के गले की फांस बनती चली जा रही हैं (MP Elections)। भाजपा ने अब तक चार सूचियों में 136 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है लेकिन 94 वे सीटों पर भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व आकर ठहर गया है (bjp candidate list)। क्योंकि पार्टी के पास दावेदार हैं कार्यकर्ता हैं लेकिन सूची जारी करने की हिम्मत नहीं है। दरअसल भाजपा ने पहली 39 नामों की सूची अगस्त के महीने में जारी की थी, दूसरी 39 नामों की सूची सितंबर के महीने में जारी की जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारा गया, इस दौरान जिन दावेदारों के नाम काटे गए वो और उनके समर्थक बगावत के मूड में आ गए, तीसरी सूची में एक ही नाम आया जिसका जमकर विरोध हुआ, चौथी सूची 57 नामों की आई जिसमें ज्यादातर नेताओं को रिपीट कर दिया गया और यहां समझ में आया की भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व कितने डर में फैसले ले रहा है। अब 94 वे नामों पर भाजपा का लगातार मंथन चल रहा है जिसमें 27 हारी हुई भी सीटें शामिल हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा करीब 20 सिटिंग एमएलए के टिकट काटने के मूड में है क्योंकि उनकी परफॉर्मेंश ठीक नहीं बताई जा रही है। अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व इस दुविधा में है कि अगर इन सीटों पर विधायकों के नाम काटे गए तो पार्टी के कार्यकर्ता विद्रोह की स्थिति में आ जाएंगे और उन्हे डैमेज कंट्रोल करते-करते मतदान का समय आ जाएगा ऐसी स्थिति में भाजपा की तैयारियां कमजोर हो सकती हैं। हांलाकि अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व जल्द ही फैसले लेने वाला है और माना जा रहा है कि एक दिन के अंदर भाजपा अपने बचे हुए 94 वे उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर देगी।

17/10/2023152
भर्तियों में गड़बड़ी की कांग्रेस कराएगी जांच,युवाओं को साधने के लिए कांग्रेस पार्टी की बड़ी रणनीति
भोपाल

भर्तियों में गड़बड़ी की कांग्रेस कराएगी जांच,युवाओं को साधने के लिए कांग्रेस पार्टी की बड़ी रणनीति

मप्र कांग्रेस कमेटी हर वर्ग को साधने के लिए अलग-अलग तरह के प्लान पर काम कर रही है (MP Congress)। कांग्रेस को इस बात का अहसास है कि युवाओं को अपने पक्ष में कर लिया तो विधानसभा चुनाव में फतह हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर शासकीय भर्तियों में हुई गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी (congress vachan patra)। गौरतलब है कि एमपी में बहुचर्चित व्यापम घोटाले (vyapam ghotala) सहित पटवारी चयन परीक्षा (patwari exam) और पुलिस भर्ती सहित अलग-अलग परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोप कांग्रेस पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और अब कांग्रेस उसी आरोप को अपना हथियार बना कर चुनाव मैदान में उतरना चाहती है। गौरतलब है कि नई मतदाता सूची के हिसाब से प्रदेश में 14 लाख से अधिक युवा मतदाता जुड़े हैं और कांग्रेस को मालूम है कि इन युवाओं को अपने पक्ष में कर लिया तो चुनाव में फतह हासिल करने से कोई रोक नहीं पाएगा। क्योंकि इस वक्त प्रदेश में बेरोजगारी युवाओं की दुखती रग माना जाता है। जिस प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में युवाओं का पलायन चल रहा है उससे सरकार के प्रति लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी लिए कांग्रेस पार्टी भर्तियों में गड़बड़ी की जांच की गारंटी दे रही है। कांग्रेस की ओर से इंदौर में एक बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाना है जिसके माध्यम से कांग्रेस इस बात की ब्रैंडिंग करेगी कि कांग्रेस की सरकार बनी तो किस प्रकार से भर्तियों की गड़बड़ी को सामने लाया जाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस इंदौर में बड़ा कार्यक्रम कर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों के युवाओं में एक मैसेज देना चाहती है कि कांग्रेस पर विश्वास कीजिए,सरकार बनी तो भर्तियों की गड़बड़ी का खुलासा होकर रहेगा। हांलाकि ये बात और है कि कांग्रेस ने भाजपा की सरकार पर आज तक जितने भी आरोप लगाए हैं उनको सिद्ध करने में कांग्रेस नाकाम रही है इसी लिए कांग्रेस पर प्रदेश की जनता पूरी तरह से विश्वास भी नहीं कर पा रही है। इससे पहले साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने व्यापम घोटाले को मुद्दा बनाया था और जब सरकार बनी तो कांग्रेस व्यापम घोटाले को भूल गई,ना कोई जांच हुई ना कोई खुलासा हुआ जिसके कारण कांग्रेस की गारंटी पर प्रदेश की जनता विश्वास भी नहीं कर पा रही है।

17/10/2023183
'शक्ति' के भरोसे भाजपा,प्रदेश भर में तीन दिनों तक आयोजित होंगे शक्ति सम्मेलन
भोपाल

'शक्ति' के भरोसे भाजपा,प्रदेश भर में तीन दिनों तक आयोजित होंगे शक्ति सम्मेलन

नवरात्रि के मौके पर भारतीय जनता पार्टी शक्ति की आराधना करने जा रही है। मतलब प्रदेश की आधी आबादी को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी सभी दस हजार मंडलों में तीन दिवसीय शक्ति सम्मेलन का आयोजन करेगी। इस सम्मेलन का आगाज 17 अक्टूबर को होगा जिसका समापन 19 अक्टूबर को किया जाएगा। कल 12 बजे प्रदेश के सभी दस हजार मंडलों में शक्ति सम्मेलन (Shakti Sammelan) की एकसाथ शुरुआत की जाएगी। अगले तीन दिन तक चलने वाले शक्ति सम्मेलनों में भाजपा के सभी दिग्गज एकसाथ जुटेंगे, जिसमें सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और केन्द्रीय मंत्री शामिल होंगे। शक्ति सम्मेलनों के माध्यम भाजपा 51% वोट के लक्ष्य को पाने की कोशिश करेगी जिसमें महिलाओं की अहम भूमिका रहने वाली है (mp women voters)। भाजपा इस सम्मेलन के माध्यम से एक बार फिर प्रदेश की जनता के बीच पहुंच कर उन्हे यह बताना चाहती है कि केन्द्र और राज्य की सरकार मिल कर उनके लिए क्या-क्या योजनाएं संचालित कर रही है और फिर से भाजपा की सरकार क्यों जरुरी है।

16/10/2023400
विंध्य की राजधानी का चुनावी सर्वे: क्या कहता है विंध्य,अबकी बार किसकी सरकार...
मुखबिर विशेष

विंध्य की राजधानी का चुनावी सर्वे: क्या कहता है विंध्य,अबकी बार किसकी सरकार...

मप्र में विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीति पूरे शबाब पर है (MP Elections)। विंध्य में हर व्यक्ति यही बात कर रहा है अबकी बार किसकी सरकार। विंध्य की तासीर भी ऐसी है कि वहां का एक छोटा सा बच्चा भी राजनीति की बात करता है और उसका राजनीतिक ज्ञान भी कमाल का ही रहता है (Vindhya Range)। गांव में ठंड के सीजन में अलाव जलता है वहां बैठे लोग प्रदेश की राजनीति तय कर देते हैं वो यहां तक बता देते हैं कि इस बार प्रदेश का मुखिया कौन होगा। अब बात करते हैं विंध्य में कौन किस पर भारी पड़ सकता है (Vindhya Politics)। रीवा की त्योंथर विधानसभा सीट में बसपा अथवा भाजपा का वर्चश्व रहता है जब भी कांग्रेस और भाजपा ने त्योंथर से ब्राम्हण को चुनाव मैदान में उतारा है तब हमेशा बसपा ने जीत दर्ज की है। पिछले दो चुनाव से बीजेपी ही जीत दर्ज कर रही है क्योंकि कांग्रेस रमाशंकर पटेल (कुर्मी) को अपना उम्मीदवार बना रही है। और इस चुनाव में फिर कांग्रेस ने भाजपा को वाकओवर देते हुए दो बार हार चुके रमाशंकर पटेल (Rama Shankar Patel) को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतार दिया है। देवतालाव की बात करें तो कुर्मी बाहुल सीट है यहां से गिरीश गौतम (Girish Gautam) तीन बार से विधायक हैं लेकिन बसपा यहां से मजबूत रहती है यहां भी अगर भाजपा के बाद कांग्रेस ब्राम्हण को चुनाव मैदान में उतारती है बसपा का उम्मीदवार देवतालाव से जीत दर्ज करता है। मनगंवा आरक्षित सीट है पहले श्रीनिवास तिवारी फिर गिरीश गौतम और अब पंचूलाल प्रजापति (Panchulal Prajapati) वहां से विधायक हैं माना जा रहा है कि गिरीश गौतम ने पंचूलाल प्रजापति को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी ली है इसलिए उन्हे भाजपा एक बार फिर टिकट दे सकती है। मऊगंज आम तौर पर कांग्रेस अथवा बसपा की पारंपरिक सीट मानी जाती है यहां का मतदाता हमेशा चौकाने वाले फैसले करता है। कभी लक्ष्मण तिवारी (Laxman Tiwari) जैसे नेता लोकजन शक्ति पार्टी से चुनाव जीत जाते हैं तो कभी सुखेन्द्र सिंह बन्ना (Sukhendra Singh Banna) कांग्रेस से चुनाव जीत जाते हैं पिछली बार भाजपा उम्मीदवार प्रदीप पटेल (Pradeep Patel) ने मऊगंज से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में उनका भारी विरोध है,और माना जा रहा है कि कांग्रेस नेता सुखेन्द्र सिंह बन्ना का दावा ज्यादा मजबूत है। गुढ़ की बात करें तो यहां से भाजपा उम्मीदवार नागेन्द्र सिंह (Nagendra Singh) जीतते रहे हैं और इस चुनाव में उन्होने फिर दावा ठोंक रखा है कांग्रेस की तरफ से कपिध्वज सिंह (Kapidhwaj Singh) का टिकट फायनल हो चुका है,दोनों तरफ से ठाकुर नेता होने के कारण यहां के राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं। सिरमौर से बीजेपी की तरफ से दिब्यराज सिंह (Divyaraj Singh) हैं जो दो बार के विधायक हैं,यहां से तीन ब्राम्हण चुनाव मैदान में हैं इसलिए माना जा रहा है कि दिब्यराज एकबार फिर फतह हासिल करने में कामयाब हो सकते हैं।

16/10/2023400
कांग्रेस को घेरने के लिए भाजपा ने तैयार किया 'चक्रव्यूह' सीएम शिवराज होंगे व्यूह में सबसे आगे
भोपाल

कांग्रेस को घेरने के लिए भाजपा ने तैयार किया 'चक्रव्यूह' सीएम शिवराज होंगे व्यूह में सबसे आगे

कांग्रेस पार्टी को सभी मोर्चों में करारा जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 'व्यूह' रचना की है। इस व्यूह में सबसे आगे सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) को ही रखा जाएगा। भाजपा की इस रणनीति से यह भी स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सीएम शिवराज पर ही सबसे ज्यादा भरोसा है। सीएम शिवराज के साथ भारतीय जनता पार्टी ने अलग-अलग अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी कांग्रेस (mp congress) की घेराबंदी में लगा रखा है। यह नेता कांग्रेस नेताओं के बयान, आडियो-वीडियो संदेश या किसी रैली में आए तत्थ्यों का करारा जवाब देंगे। कांग्रेस के बड़े नेताओं के प्रवास की हर जानकारी तत्काल इन बड़े नेताओं तक भेजी जा रही है ताकि समय रहते उनका जवाब दिया जा सके। खास कर राहुल गांधी (Rahul Gandhi), प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi), कमलनाथ (Kamal Nath) और दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) की प्रत्येक चुनावी गतिविधि पर भाजपा की तरफ से नजर रखी जा रही है। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ताओं को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने भोपाल में मोर्चा संभाल लिया है। सभी प्रवक्ताओं के साथ दिग्गज नेताओं की प्रतिदिन सुबह वर्चुअल बैठक भी हो रही है, जिसमें कांग्रेस पर किए जाने वाले हमले पर चर्चा कर लाइन तैयार की जा रही है। भाजपा चुनावी तैयारी में कांग्रेस से एक कदम आगे चल रही है। चाहे प्रत्याशियों की घोषणा हो या फिर चुनाव प्रचार को गति देने की बात हो। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी रोड शो और जनसभाएं कर रहे हैं। आचार संहिता (model code of conduct) लगने के बाद से वह भोपाल में तीन सभाएं और रोड शो कर चुके हैं। शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार करने जाएंगे इसके लिए कार्य योजना तैयार की गई है।

15/10/2023172
नारायण ने छोड़ा 'शिव' और 'विष्णु' का साथ,जल्द करेंगे अपने भविष्य का फैसला
भोपाल

नारायण ने छोड़ा 'शिव' और 'विष्णु' का साथ,जल्द करेंगे अपने भविष्य का फैसला

मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी (Narayan Tripathi) ने अपनी विधायकी से इस्तीफा देते हुए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि विधायक नारायण त्रिपाठी को भारतीय जनता पार्टी ने इस बार के विधानसभा चुनाव (MP Elections) में टिकट नहीं दिया है जिससे नारायण त्रिपाठी काफी आहत चल रहे थे। लिहाजा नारायण त्रिपाठी ने विधायकी और पार्टी की सदस्यता से एक साथ इस्तीफा दे दिया है। साथ ही उन्होने यह भी कहा है कि वो जल्द ही खुलासा करेंगे कि आगे क्या करने वाले हैं। नारायण त्रिपाठी कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे और पृथक विंध्य राज्य की मांग को लेकर वो लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। नारायण ने विंध्य राज्य की मांग करते हुए कई यात्राएं भी निकाली थी। मैहर को भी अलग जिला बनाने के लिए उन्होने काफी संघर्ष किया आखिरकार उन्हे सफलता मिली और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने मैहर को अलग जिला बनाने की घोषणा कर दी। माना जा रहा है कि नारायण त्रिपाठी जल्द ही कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं हालाकि उन्होने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं क्योंकि उन्होने खुद की भी पार्टी बनाने की बात कही थी। इसलिए सियासी गलियारों में यह कानाफूसी चल रही है कि शायद नारायण त्रिपाठी खुद की भी पार्टी से चुनाव लड़ सकते हैं। नारायण त्रिपाठी का भाजपा से अलग होने का मतलब है कि सतना में भाजपा का और कमजोर होना। भाजपा ने सतना से सांसद गणेश सिंह (Ganesh Singh) को विधानसभा चुनाव में उतार रखा है और नारायण त्रिपाठी अगर भाजपा गणेश सिंह को हराने में जुट जाएंगे तो यह सीट भाजपा के हाथ में नहीं आएगी। फिलहाल नारायण त्रिपाठी चिंतन और मंथन कर रहे हैं जल्द ही वो अपने सियासी पत्ते खोलेंगे।

13/10/2023212
ज्योतिरादित्य सिंधिया भी लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
भोपाल

ज्योतिरादित्य सिंधिया भी लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

केन्द्रीय मंत्री ज्योजिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। दरअसल कल बीजेपी कोर कमेटी की बैठक हुई थी जिसके बाद कुछ मीडिया संस्थानों के द्वारा खबर प्रकाशित की गई थी जिसमें कहा गया था कि ज्योजिरादित्य सिंधिया ने चुनाव नही लड़ने की इच्छा जताते हुए किसी कार्यकर्ता को मौका देने के लिए कहा है। अब इस खबर का खंडन खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यालय से किया गया है जिसमें कहा गया है कि यह खबर पूरी तरह से निराधार और फर्जी है। सिंधिया के कार्यालय द्वारा इस प्रकार से खंडन करने का मतलब साफ है कि वो चुनाव लड़ने के मूड में हैं। गौरतलब है कि उनकी बुआ यशोधराराजे सिंधिया (Yashodhara Raje Scindia) ने शिवपुरी से स्वास्थ कारणों से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है जिसके बाद कहा जा रहा था कि बुआ की जगह अब भतीजे उसी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन अचानक उनके मना करने की खबर प्रकाशित होते ही सियासी गलियारों में कानाफूसी का दौर तेज हो गया था। अब सिंधिया के कार्यालय से खंडन आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया विधानसभा चुनाव (MP Elections) लड़ने का मूड बना चुके हैं।

13/10/2023367
सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमल नाथ पर किया करारा प्रहार
भोपाल

सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमल नाथ पर किया करारा प्रहार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) के रडार पर इस वक्त पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) हैं। एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि कमलनाथ प्रदेश को बदनाम कर रहे हैं कमलनाथ कहते हैं.... ये बेईमानों का प्रदेश है। यह चौपट प्रदेश है। अरे अपना प्रदेश चौपट प्रदेश लगता है क्या...? मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को बदनाम करते हो, कहते हो यह भ्रष्टाचारियों का प्रदेश है यह बलात्कारियों का प्रदेश है कमलनाथ जी शर्म आना चाहिए जिस मध्यप्रदेश की माटी ने आपको सब कुछ दिया उस प्रदेश को बदनाम करने का पाप कर रहे हो तुम...! पहले कहते थे भारत महान नहीं बदनाम है। क्या सोच है कांग्रेस की, यह अपने देश को बदनाम करते हैं और यह मध्य प्रदेश को बदनाम करते हैं। बात करते हैं भ्रष्टाचार की, मैडम प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi)...अगर मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार का कोई चेहरा है तो वह चेहरा है कमलनाथ जी का और बंटाधार का कोई चेहरा है तो दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) का चेहरा! चुनाव की तारीख जितनी करीब आती जा रही है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उतने ही आक्रामक होते चले जा रहे हैं। सीएम शिवराज को मालूम है कि कांग्रेस का चेहरा कमलनाथ हैं और उन पर सीधा हमला करके ही चुनाव में माहौल तैयार किया जा सकता है इसी लिए कभी करप्शन नाथ कहा जाता है कभी बदनाम नाथ की संज्ञा दी जाती है।

13/10/2023105
कांग्रेस ‘लास्ट’में ‘फास्ट’ होने के चक्कर में ‘कास्ट’ गेम खेल रही है,डॉ. नरोत्तम मिश्रा
भोपाल

कांग्रेस ‘लास्ट’में ‘फास्ट’ होने के चक्कर में ‘कास्ट’ गेम खेल रही है,डॉ. नरोत्तम मिश्रा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा जातिगत जनगणना (Caste Census) कराए जाने की बात पर गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने करारा प्रहार किया है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस लास्ट में फास्ट होने के चक्कर में कास्ट गेम खेल रही है। इनकी शुरु से आदत रही है कि फूट डालो शासन करो। लोगों को अलग-अलग कर सरकार बनाने की इनकी रणनीति हमेशा रही है। वही पित्रपक्ष के दौरान भाजपा की सूची जारी होने पर कांग्रेस द्वारा सवाल खड़े किए जा रहे हैं जिस पर गृह मंत्री ने कहा कि कोई नया काम पित्रपक्ष में नही किया जाता है भाजपा उम्मीदवारों की सूची (BJP Candidate list) तो महीने भर से जारी हो रही है ऐसे में इसमें कुछ नया नही है। और पित्रपक्ष में तो पितरों का आशीर्वाद लिया जाता है इससे अच्छा समय क्या हो सकता है। गृह मंत्री ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) द्वारा सीएम पर सवाल खड़ा करने पर कहा कि जितने महीने कमलनाथ सीएम नहीं रहे उससे ज्यादा साल तक शिवराज सिंह चौहान सीएम रह चुके हैं और अब भी हैं। शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) जैसे नेता पर सवाल खड़ा करने से पहले कमलनाथ और कांग्रेस के नेताओं को सोचना चाहिए। गृह मंत्री ने यह भी दावा किया कि अबकी बार फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है और यह कोई अतिशियोक्ति नहीं है बल्कि सच्चाई है जो तीन दिसंबर को सभी के सामने आ जाएगी।

11/10/2023131
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