#mpbjpsecondlist
Total published stories tagged under #mpbjpsecondlist: 3

विंध्य में सामंजस्य बैठाने में चूकी भाजपा,गणेश सिंह और रीति पाठक दोनों सबसे कमजोर उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी सूची (BJP Second List) में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को टिकट देकर सभी को चौका तो दिया है लेकिन भाजपा का विंध्य में गणेश सिंह (Ganesh Singh) और रीति पाठक (Riti Pathak) पर लगाया दांव खाली जा सकता है। दरअसल भाजपा नेताओं के मुताबिक गणेश सिंह विंध्य से बड़े कुर्मी नेता हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि वो सिर्फ कुर्मी नेता ही हैं उसके अलावा वो और कुछ नहीं हैं। लोकसभा चुनाव में सतना की जनता पीएम मोदी का चेहरा देख कर गणेश सिंह को वोट देती है जिसके कारण गणेश सिंह चुनाव जीत जाते हैं और उनकी उस जीत को भाजपा ने गणेश सिंह की जीत मान लिया है। लेकिन गणेश सिंह पर कट्टर कुर्मी नेता होने का ठप्पा लगा है वो अपने घर में ब्राम्हणों का आना तक पसंद नहीं करते हैं जिसके कारण ब्राम्हण वर्ग के लोग गणेश सिंह से दूर ही रहती है। ऊपर से भाजपा ने गणेश सिंह को जिस सीट से टिकट दिया है वो ब्राम्हण बाहुल सीट है। गणेश सिंह को टिकट मिलते ही सतना में एक ही बात चल रही है अबकी बार गणेश विसर्जन पर वार। दूसरी तरफ सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक को चुनाव मैदान में उतारा गया है जिस सीट से रीति पाठक को मौका मिला है वो सीट भाजपा के कद्दावर नेता केदारनाथ शुक्ला की है जिसमें वो कई बार चुनाव जीत चुके हैं लेकिन पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) के छीटे इतना ज्यादा फैले कि केदारनाथ को टिकट से हाथ धोना पड़ा। अब टिकट नही मिलने के बाद केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) बगावती मूड में आ गए हैं और अगर वो बागी होते हैं तो रीति पाठक का चुनाव जीतना संभव नहीं हो पाएगा। इसके अलावा भाजपा रीवा से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को बड़ा और ब्राम्हण नेता मानती है लेकिन उन्हे रीवा जिले की जनता अपना नेता नहीं मानती। राजेन्द्र शुक्ला की खुद की सीट खतरे में है और भाजपा उनके भरोसे रीवा की सभी आठ सीटों को टारगेट कर रही है। कुल मिला कर भाजपा के पास विंध्य में नेता नहीं है और वहां की जनता इस बार भाजपा से काफी नाराज है जिसको खत्म करने के लिए भाजपा के पास कोई खास प्लान भी नहीं है।

भाजपा की दूसरी लिष्ट जारी होने पर कांग्रेस ने खोया आपा,ट्विटर में बीजेपी नेताओं को लिखा रावण और कुंभकरण
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second List)। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को मौका दिया गया है। लेकिन भाजपा की सूची जारी होने पर कांग्रेस ने खुद से आपा खो दिया है। दरअसल भाजपा की दूसरी सूची में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste),प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और राकेश सिंह (Rakesh Singh)जैसे नेताओं को विधानसभा चुनाव में उतार दिया है (MP Elections)। इन नामों के आते ही कांग्रेस पार्टी ने आपा खो दिया है। एमपी कांग्रेस (MP Congress) ने अपने ऑफिसियल ट्विटर के पोस्ट में लिखा है कि 'हार को सामने देख कर रावण,कुंभकरण,अहिरावण और मेघनाथ को चुनाव मैदान में उतार दिया है' कांग्रेस के ट्वीट से स्पष्ट होता है कि बड़े नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेसी खेमे में बौखलाहट की स्थिति निर्मित हो गई। भाजपा ने जिन उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार दिया है उनसे पार पाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। यही कारण है कि अब कांग्रेस पार्टी की ओर से भाजपा नेताओं की रावण और कुंभकरण से तुलना की जा रही है। कांग्रेस पार्टी को जिस प्रकार से उम्मीद थी उसके ठीक उलट भाजपा की सूची जारी हुई है। जिन नेताओं को भाजपा ने दूसरी सूची में उम्मीदवार बनाया है उन पर खुद की सीट जीतने का दबाव तो है ही बांकी आसपास की अन्य सीटें जितवाने का दबाव भी उन नेताओं पर है। कांग्रेस के कुछ नेता इन सभी नेताओं पर कटाक्ष कर रहे हैं कुछ का कहना है कि इन सभी नेताओं का अंतिम चुनाव है तो वहीं कुछ नेता कह रहे हैं कि अबकी बार लंका दहन होगा।

भाजपा की दूसरी सूची जारी होने पर कांग्रेस में हड़कंप,दिल्ली में हो रही बैठकें
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second list)। दूसरी सूची में जिस प्रकार से भाजपा ने अपने सबसे कद्दावर नेताओं को मौका दिया है उसे कांग्रेसी खेमे में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। सूची को देखकर कांग्रेस के अलग-अलग नेता अलग-अलग तरह से बयान भी दे रहे हैं। जिन नेताओं को भाजपा ने विधानसभा में मौका दिया है वह सभी केंद्र में बड़े पदों पर हैं और पीएम मोदी (PM Modi) के करीबी भी माने जाते हैं। तीन मंत्रियों सहित कुल 7 सांसदों को दूसरी सूची में भाजपा ने विधानसभा उम्मीदवार घोषित किया है। यह सूची घोषित होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने अपने सबसे मजबूत और विश्वसनीय सिपेसालारों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। भाजपा की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस में भी दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू हो गया है (congress meeting) । सोमवार से दिल्ली में कांग्रेस की शुरू हुई बैठक अगले एक-दो दिनों तक चलनी है। बताया जा रहा है कि जहां दावेदारों की संख्या अधिक है वहां पैनल बनाकर कांग्रेस पार्टी केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेगी। सर्वे और संगठन की ओर से दिए गए नाम के आधार पर सूची तैयार कर जातिगत और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी का नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा। प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath), प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार -विमर्श किया है। Mukhbirmp को मिली जानकारी के अनुसार कुछ सीटों पर सर्वे और संगठन की रिपोर्ट में अलग-अलग नाम सामने आए हैं। ऐसी सीटों के लिए पैनल तैयार किया जा रहा है। इस पर स्क्रीनिंग कमेटी में विचार होगा (congress screening committee)। पार्टी का प्रयास है कि प्रत्याशी सहमत के आधार पर चुने जाएं ताकि विरोध जैसी स्थिति ही निर्मित ना हो।