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'नरेन्द्र सिंह तोमर होंगे प्रदेश के अगले सीएम',दो डिप्टी सीएम और और 29 मंत्री लेंगे शपथ
मप्र में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इस बात को लेकर संशय और कयासों का दौर लगातार जारी है (mp chief minister)। सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की बैठक होने जा रही है। केन्द्रीय पर्यवेक्षक बैठक में शामिल होंगे। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) स्पेशल विमान से अन्य नेताओं के साथ भोपाल बैठक बैठक में शामिल होने के लिए आएंगे। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार अगली सरकार में 29 मंत्रियों को शपथ दलाई जाएगी। सबसे अहम बात यह है कि लोकसभा चुना को देखते हुए छिंदवाड़ा के अलावा हल लोकसभा सीट से एक मंत्री बनाया जाएगा। माना यह भी जा रहा है कि सागर जिले से दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। दिल्ली के सूत्रों के मुताबिक नरेन्द्र सिंह तोमर पर सहमति बना ली गई है,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नरेन्द्र सिंह तोमर पर सहमति जता दी है। हांलाकि अभी यह खबर सूत्रों पर आधारित है क्योंकि भाजपा लोकसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए कई प्रकार के विकल्पों पर भी विचार कर रही है। नरेन्द्र सिंह तोमर का नाम आने के कारण कोई भी नेता विरोध करने की स्थिति में दिखाई नहीं पड़ रहा है लेकिन सभी नेताओं के बीच कानाफूसी का दौर जरुर जरी है। प्रदेश कार्यालय में होने वाली बैठक को देखते हुए भारी संख्या में सुरक्षा ब्यवस्था तैनात की गई है। प्रदेश कार्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया है।

कुशल रणनीतिकार वीडी शर्मा का दिल्ली दौरा,केन्द्रीय नेत्रृत्व से की मुलाकात
भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल किया है। इस जीत के बड़े सूत्रधारों में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) भी हैं। लोग लाड़ली बहना (ladli behna) और मोदी मैजिक की बात कर रहे हैं लेकिन संगठन में ठीक तरीके से कसावट ही नहीं होगी तो कितना भी बड़ा नेता हो सिर्फ भाषणा से जनता का दिल नहीं जीत सकता है। साल 2018 में राकेश सिंह (rakesh singh)प्रदेश अध्यक्ष थे और भाजपा जीत के मुहानज तक पहुंचते-पहुंचते रह गई थी। उसके बाद युवा नेता वीडी शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई। सिंधिया भाजपा में आए 28 सीटों पर उप चुना हुआ जिसमें भाजपा ने 19 सीट जीत कर प्रदेश में स्थाई सरकार बना ली। इसी लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भाजपा में शुभंकर नेता कहा जाता है। प्रदेश अध्यक्ष यहीं नहीं रुके उन्होने लगातार संगठन को मजबूत करने के लिए दिन रात एक कर दिया। एक अभियान समाप्त होता उसके पहले दूसरे अभियान का रुट प्लान तैयार रहता था। वीडी शर्मा के इन्ही कामों को देखते हुए पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष की तारीफ की थी। अब एक बार फिर प्रदेश में भाजपा ने 163 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। चुनाव के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से कोई पूछता था कि आपको किसती सीटों की उम्मीद है जिसका वो एक ही जवाब देते थे कि इस बार ऐसा बहुमत मिलेगा जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी। आखिर तीन दिसंबर का वो दिन भी आया जब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की कही हर बात सभु साबित हुई। अब प्रदेश में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली दौरे पर हैं जहां वो लगातार केन्द्रीय नेत्रृत्व से मुलाकात कर रहे हैं।

सीएम शिवराज के बाद प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा मै सीएम पद का दावेदार नहीं हूं
मप्र में इस वक्त हर ब्यक्ति की जुवां पर एक ही सवाल है कि अगला सीएम कौन होगा। इस सवाल का जवाब तो भाजपा के नेता भी उतना भी जानने के लिए बेकरार हैं जितना प्रदेश की आम जिनता (madhya pradesh cm)। लेकिन इस बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वो सीएम पद की दौड़ में नहीं हैं। वो पार्टी के एक कार्यकर्ता हैं और पार्टी दरी भी बिछाने के लिए कहेगी तो वो करने के लिए तैयार हैं। सीएम के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने कहा है कि वो भी सीएम की दौड़ में शामिल नहीं हैं पार्टी के कार्यकर्ता के रुप में जो काम दिया जाएगा वो करते रहेंगे। अब सवाल इस बात का उठता है कि दो बड़े नेता सीएम पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं तो फिर अगला सीएम कौन होगा। हांलाकि इनके अलावा नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) ,प्रहलाद पटेल (prahlad patel) और कैलाश विजयवर्गीय (kailash vijayvargiya) भी बड़े नेता दावेदारों की सूची में शामिल हैं। लेकिन दिल्ली से भाजपा सूत्रों का मानना है कि पार्टी किसी नए चेहरे की तलाश में है। माना यह भी जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में महिलाओं का वोट हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी इस बार कोई महिला सीएम प्रदेश को दे सकती है। महिलाओं में सीधी से विधायक रीती पाठक का भी नाम आ रहा है जिसकी चर्चा दूर-दूर तक नहीं है। इसके अलाव यह भी माना जा रहा है कि भाजपा किसी ऐसे चेहरे की भी तलाश कर रही है जो अभी विधायक नहीं है और पार्टी में जमीनी स्तर पर काफी सक्रिय हो। फिलहाल तो यह सब कयास और सुनी सुनाई बातें हैं क्योंकि भाजपा में वही होगा जो पीएम मोदी और अमित शाह मिल कर फैसला करेंगे।

वीडियो वॉर पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का पलटवार
मप्र विधानसभा चुनाव की वोटिंग 17 नवंबर को होनी है उससे पहले प्रदेश में वीडियो वॉर तेज हो गया है। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) का एक वीडियो जारी हुआ और हफ्ते भर बाद ही उनके बेटे का दूसरा वीडियो जारी हो गया जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी हर्कत में आ गई। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने प्रेसवार्ता आयोजित कर कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नही इसलिए फेक वीडियो जारी किया जा रहा है। चुनाव आते ही ऐसे फेक वीडयो जारी किए जा रहे हैं।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इसकी शिकायत की गई है,वीडियो की जांच की जांच हो रही है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने साफ कहा कि इन हथकंडों से चुनाव नही जीता जा सकता कांग्रेस खुद भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी ही है। कांग्रेस के 15 महीने की सरकार में 281 करोड़ ऑन रिकॉर्ड पकड़े गए। वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष रागिनी नायक (ragini nayak) ने पलटवार करते हुए कहा कि जनता मान चुकी ही, 50% कमीशन और भ्रष्टाचार भाजपा का पर्याय बन गया है। नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे का नया वीडियो वायरल हो रहा है। जनता के खून पसीने की गाड़ी कमाई उनके खाते से निकलकर नेताओं की जेब में जा रही है मोदी जी का नारा था, ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा। रिश्वत खोरी, मुनाफा खोरी, काला धन मोदी जी के राज में फलफूल रहे हैं राज्य सरकार को जवाब देना चाहिए।

'कैसे बनेगी भाजपा की सरकार',कितनी सीटें घटेंगी और कितनी बढ़ेंगी,कमलनाथ अपने ही करीबियों के शब्दजाल में फंसे
हर जगह एक ही सवाल किसकी सरकार होगी। सरकार बनेगी तो कैसे बनेगी। हर जगह गुड़ा भाग,राजनीतिक हिसाब लगाए जा रहे हैं सारे सियासी पंडित चार दीवारी में बैठ कर सरकार तय कर रहे हैं कुछ राजनीतिक पंडित टीवी डिवेट में बैठ कर सरकार बना रहे हैं (MP Elections)। कांग्रेस के प्रवक्ता और नेता कहते हैं कि इस बार कांग्रेस 150 से 180 सीटों के आस पास लेकर आएगी। पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) को भी उनके करीबी सलाहकार 180 सीटों का ही सपना दिखा रहे हैं। जब उनके करीबी उनके पास से निकल जाते हैं तो फिर कमलनाथ मन में सोचते हैं कि इसमें अगर कम करो तो 140 सीट तो आ ही जाएगी। लेकिन उसके उलट भाजपा के गणित की बात करें तो वहां कुछ और ही खिचड़ी पक रही है जिस पर कांग्रेस की शायद नजर नहीं पड़ी अथवा पड़ी भी है तो कोई ध्यान नहीं देना चाहता क्योंकि कांग्रेस में विश्वास कम अति विश्वास ज्यादा दिखाई पड़ रहा है। अब बात भाजपा के गणित की करते हैं। वर्तमान में भाजपा के पास 127 विधायक हैं। भाजपा यह मान कर चल रही है कि 127 में 57 सीट वो हार सकती है मतलब 70 सीट भाजपा 127 वर्तमान की सीटों में बचा पाएगी। इसकी पुष्टि तो कांग्रेस की वो 66 सीटें भी कर रही हैं जहां कांग्रेस लगातार तीन बार से हार रही है और भाजपा की वो सीटें गढ़ बनी हुई हैं। 230 विधानसभा सीटों में 127 विधायक भाजपा के पास हैं। 95 वे विधायक कांग्रेस के पास हैं बांकी अन्य,सपा बसपा के पास हैं। भाजपा ने हारी हुई 103 सीट जिन्हे आकांक्षी विधानसभा सीटों का नाम भी दिया गया था। उन सीटों पर भाजपा ने करीब एक साल से ही मंथन करना शुरु कर दिया था। आकांक्षी सीटों पर भाजपा ने जमकर काम किया,हर दावेदार के हिसाब से पार्टी ने सर्वे भी कराया यही कारण है कि आकांक्षी सीटों पर जहां भाजपा के पास जिताऊ उम्मीदवार नहीं थे वहां पर भाजपा ने नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) और प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) जैसे नेताओं नेताओं को चुनाव मैदान पर उतार दिया। मतलब साफ है सरकार कैसे बनाना है भाजपा को मालूम है। भाजपा का हिसाब है कि 103 आकांक्षी सीटों में भाजपा 50 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। ऐसी स्थिति में 70 और 50 को प्लस करें तो भाजपा को 120 सीट मिल रही है और वो सरकार बना रही है। इससे कुछ ऊपर नीचे होता है तो भाजपा उस पर अलग से विचार कर रही है पार्टी के नेता अलग-अलग आप्शनों पर भी काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की बात करें तो कमलनाथ के करीबी उन्हे 180 सीटों का सपना दिखा रहे हैं जिस पर कमलनाथ 140 सीट का आंकड़ा लेकर चल रहे हैं।