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धर्म से बात न बने तो जातियों को अलग कर सत्ता तक पहुंचा जा सकता है,ऐसा सोचते हैं कांग्रेस के कार्यकर्ता
मिशन 2024 की तैयारियों में जुटी भाजपा और कांग्रेस में इन दिनों जनता के दिल तक उतरने के लिए मुद्दों की तलाश है। भाजपा का स्टैंड तो क्लियर है राम मंदिर और हिंदुत्व लेकिन कांग्रेस अब तक अपना चुनावी एजेंडा तय नहीं कर पाई कि चुनाव में जाकर वो भाजपा का काउंटर कैसे करेगी। ऐसे में शुक्रवार को कांग्रेस का एक कार्यकर्ता पीसीसी चीफ जीतू पटवारी (jitu patwari) के पास टिकट की चाहत लिए पहुंचता है। जीतू पटवारी कहते हैं कि युवा वर्ग चुनाव लड़ने का इच्छुक है अच्छी बात है लेकिन चुनावी समर में जब उतरोगे तो भाजपा के बड़े मुद्दों का काउंटर कैसे करोगे। ऐसे में कांग्रेस के कार्यकर्ता का जवाब आता है कि भाजपा धर्म की और भगवा की बात करती है जो जनता को पसंद आती है। इसकी काट यही है कि हम लगातार जातियों की बात करें। जाति आधारित जनगणना की बात करे। अलग-अलग वर्गों के पास जाएं बार-बार उनके पिछड़े होने का अहसास दिलाएं और बताएं की जातियों की जनगणना होने से सभी जातियों की संख्या क्लियर हो जाएगी और उससे विकास के नए दरवाजे खुलेंगे। मतलब साफ है कि कांग्रेस के पास भाजपा का काउंटर करने के लिए कुछ नहीं बचा तो डिवाइड एंड रुल की पॉलिसी पर कांग्रेस काम करने लगी मतलब फूट डालो और शासन करो की रणनीति पर कगंग्रेस पार्टी आगे बढ़ रही है। राहुल गांधी भी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान हर जगह अपने संबोधन में जाति आधारित जनगणना कराने की बात करते हैं। सत्ता पाने के लिए जब धर्म का मुद्दा काम नहीं आया तो कांग्रेस ने जातियों का सहारा लेना शुरु कर दिया है।

चयनित पटवारियों के लिए खुशखबरी,नियुक्ति संबंधी जारी हुए आदेश
कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा (patwari exam) के घोषित परिणाम के आधार पर नियुक्ति संबंधी कार्यवाही के आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संबंधित विभागों को दिए गए हैं। गौरतलब है कि पटवारी परीक्षा (mp patwari) में धांधरी का आरोप लगा कर चयनित पटवारियों की नियुक्ति पर रोक लगाते हुए चांच बैठा दी गई थी। जिसके बाद चयनित पटवारियों ने लगातार नेताओं के चक्कर काटे साथ ही उन्होने न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया। आखिरकार उनके नियुक्ति संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं अब सामान्य प्रशासन विभाग अब भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रुप देगा।

चयनित पटवारियों को 6 महीने बीतने के बाद भी नहीं मिला न्याय,ज्वाइनिंग का कर रहे इंतजार
मध्य प्रदेश के चयनित पटवारियों (patwari exam) की आज तक ज्वाइनिंग नहीं हुई। दरअसल मध्य प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा के लिए एग्जाम (patwari) ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 के अंतर्गत कराया गया था, जिसमें विभाग द्वारा लगभग 7000 पद निर्धारित किए गए हैं। प्रदेश में हुई पटवारी भर्ती परीक्षा का रिजल्ट पिछले साल 30 जून 2023 को कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी किया गया था। जिसके बाद पटवारियों की नियुक्ति की जानी थी, लेकिन तकरीबन 6 महीने बीत चुके हैं पर राज्य सरकार की तरफ से जॉइनिंग से संबंधित कोई अपडेट नहीं मिला। दरअसल इस भर्ती प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगे थे, जिसके बाद पूर्व सीएम शिवराज ने जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित हुए लगभग 6 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक राज्य सरकार की तरफ से अभ्यर्थियों की जॉइनिंग की कोई तारीख नहीं तय नहीं हो पाई। यही कारण है कि कई अभ्यर्थी बहुत चिंतित हैं, उनके मन में यह सवाल तेजी से घर बना रहा है कि यदि पूरी भर्ती परीक्षा रद्द की जाती है तो उनकी इतनी मेहनत का क्या होगा। अभ्यर्थियों को इंतजार है कि सरकार जल्द ही जांच रिपोर्ट जारी करें। मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती परीक्षा की जॉइनिंग को लेकर उम्मीदवारों का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है, क्योंकि यह भर्ती जभी होगी जब राज्य सरकार की तरफ से जांच रिपोर्ट जारी की जाएगी। जाँच रिपोर्ट इसलिए तैयार की जा रही है क्योंकि कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पटवारी भर्ती परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद इस पर धांधली के आरोप लगे थे, क्योंकि इस भर्ती परीक्षा में एक ही केंद्र के 7 अभ्यर्थियों ने टॉप किया था। इस मामले के बाद इस भर्ती परीक्षा पर सवाल उठाए जाने पर पूर्व शिवराज सरकार ने जांच रिपोर्ट जारी करने के निर्देश दिए थे। तकरीबन 6 महीने के अंतराल के बाद अब अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्य सरकार की तरफ से पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच रिपोर्ट फरवरी एवं मार्च माह तक जारी की जाएगी।

असम में राहुल गांधी पर हुए हमले के विरोध में भोपाल में मौन धरना
जहां एक ओर पूरा देश राम मय है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन (mp congress protest) का रास्ता अपना रखा है। दरअसल राहुल गांधी (rahul gandhi) की भारत जोड़ो न्याय यात्रा (bharat jodo nyay yatra) पर असम में हमला होने का आरोप लगाया जा रहा है। लिहाजा कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में भोपाल में मौन प्रदर्शन किया है। कार्यक्रम में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता हाथ में काली पट्टी बांधकर बैठे। कांग्रेस का यह धरना भोपाल के रोशनपुरा में आयोजित किया गया था जिसमें कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बेमन ही सही आखिर कमलनाथ और जीतू पटवारी ने एक दूसरे से की मुलाकात
विधासभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को पीसीसी चीफ पद से बड़ी बेरहमी के साथ हटा कर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (jitu patwari) को प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान थमा दी ग ई। और कांग्रेस ने कमलनाथ को यह सीधे तौर पर बता दिया कि 'तुमसे ने हो पाएगा' कमलनाथ लिधानसभा के सत्र में भी उपस्थित नहीं हुए थे,विधायक पद की शपथ भी उन्होने नहीं ली थी। भाजपा के नेता आरोप लगा रहे थे कि कमलनाथ को पार्टी ने जिस प्रकार अध्यक्ष पद से निकाला है उसी से वो नाराज हैं। बहरहाल देर आए दुरुस्त आए। कमलनाथ अब भोपाल आ चुके हैं। और उनके आने की खबर मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कमलनाथ के निवास पहुंचे और उनसे काफी देर तक बंद कमरे में बात की। इन सब बातों के बीच यह स्पष्ट नजर आ रहा था कि कमलनाथ जीतू पटवारी से खुश नहीं हैं। माना यह भी जा रहा है कि जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनने के बाद अब कमलनाथ का एमपी कांग्रेस में किसी प्रकार का हस्तक्षेप भी नहीं रहेगा। फिलहाल चुनाव में करारी हार के चलते अब कमलनाथ को जीवन के आखिरी दौर में फिर से अपनी जमीन तैयार करने के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ रही है।

जीतू पटवारी बने पीसीसी चीफ,उमंग सिंघार होंगे नेता प्रतिपक्ष
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद एआईसीसी ने एमपी कांग्रेस में बड़ा फेर बदल किया है (mpcc)। अब मध्य प्रदेश कांग्रेस की कमान युवा नेता जीतू पटवारी (jitu patwari) के हाथों में होगी जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है। वही आदिवासी नेता उमंग सिंघार (umang singhar) विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे। हेमंत कटारे (hemant katare) को उप नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। विधानसभा चुनाव में हर के बाद लगातार इस बात के प्रयास लगाए जा रहे थे कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में अब फेरबदल होगा और आज वह फिर बदल व्यापक स्तर पर देखने को मिला है। माना यह जा रहा है कि जीतू पटवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस पार्टी की स्थिति सुधरेगी और उसमें युवाओं को मौका मिलेगा।

भर्तियों में गड़बड़ी की कांग्रेस कराएगी जांच,युवाओं को साधने के लिए कांग्रेस पार्टी की बड़ी रणनीति
मप्र कांग्रेस कमेटी हर वर्ग को साधने के लिए अलग-अलग तरह के प्लान पर काम कर रही है (MP Congress)। कांग्रेस को इस बात का अहसास है कि युवाओं को अपने पक्ष में कर लिया तो विधानसभा चुनाव में फतह हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर शासकीय भर्तियों में हुई गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी (congress vachan patra)। गौरतलब है कि एमपी में बहुचर्चित व्यापम घोटाले (vyapam ghotala) सहित पटवारी चयन परीक्षा (patwari exam) और पुलिस भर्ती सहित अलग-अलग परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोप कांग्रेस पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और अब कांग्रेस उसी आरोप को अपना हथियार बना कर चुनाव मैदान में उतरना चाहती है। गौरतलब है कि नई मतदाता सूची के हिसाब से प्रदेश में 14 लाख से अधिक युवा मतदाता जुड़े हैं और कांग्रेस को मालूम है कि इन युवाओं को अपने पक्ष में कर लिया तो चुनाव में फतह हासिल करने से कोई रोक नहीं पाएगा। क्योंकि इस वक्त प्रदेश में बेरोजगारी युवाओं की दुखती रग माना जाता है। जिस प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में युवाओं का पलायन चल रहा है उससे सरकार के प्रति लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी लिए कांग्रेस पार्टी भर्तियों में गड़बड़ी की जांच की गारंटी दे रही है। कांग्रेस की ओर से इंदौर में एक बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाना है जिसके माध्यम से कांग्रेस इस बात की ब्रैंडिंग करेगी कि कांग्रेस की सरकार बनी तो किस प्रकार से भर्तियों की गड़बड़ी को सामने लाया जाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस इंदौर में बड़ा कार्यक्रम कर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों के युवाओं में एक मैसेज देना चाहती है कि कांग्रेस पर विश्वास कीजिए,सरकार बनी तो भर्तियों की गड़बड़ी का खुलासा होकर रहेगा। हांलाकि ये बात और है कि कांग्रेस ने भाजपा की सरकार पर आज तक जितने भी आरोप लगाए हैं उनको सिद्ध करने में कांग्रेस नाकाम रही है इसी लिए कांग्रेस पर प्रदेश की जनता पूरी तरह से विश्वास भी नहीं कर पा रही है। इससे पहले साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने व्यापम घोटाले को मुद्दा बनाया था और जब सरकार बनी तो कांग्रेस व्यापम घोटाले को भूल गई,ना कोई जांच हुई ना कोई खुलासा हुआ जिसके कारण कांग्रेस की गारंटी पर प्रदेश की जनता विश्वास भी नहीं कर पा रही है।

पूरे देश में ट्विटर पर ट्रेंड किया युवाओं का कैंपेन,युवा मांगे रोजगार
प्रदेश के चयनित पटवारियों (mp patwari) द्वारा ट्विटर पर युवा मांगे रोजगार अभियान चलाया गया जो की पूरे देश में ट्रेंड किया और कुछ ही घंटो में 80 हजार से ज्यादा युवाओं ने ट्वीट किया। इस कैंपेन की कुछ प्रमुख मांगे थी चयनित पटवारियों को नियुक्ति, चयनित सब इंजीनियर्स को नियुक्ति, 51000 पद वृद्धि (वर्ग 3), MBBS PMS OBC को स्कॉलरशिप, बेरोजगारी से मुक्ति, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया (MPSI, वनरक्षक, महिला पर्यवेक्षक, जेल प्रहरी एवं समस्त सरकारी भर्तियां) इस कैंपेन में मध्यप्रदेश के हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया (Patwari News)। युवा हल्ला बोल के प्रदेश अध्यक्ष अरुणोदय सिंह परमार (Arunoday Singh Parmar) ने इस मौके पर कहा की आज का कैंपेन पूरे देश में ट्रेंड किया यह मध्यप्रदेश के युवाओं के आक्रोश को बताता है। युवा अब अपने रोजगार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। आज मध्यप्रदेश युवा हल्ला बोल द्वारा "युवा मांगता गारंटी" अभियान शुरू किया गया है जिसका पोस्टर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस अभियान के तहत हम मध्यप्रदेश के युवाओं से उसे वोट देने का आह्वान करेंगे जो पहली कैबिनेट बैठक में युवाओं के इन मुद्दों चयनित पटवारियों को नियुक्ति, चयनित सब इंजीनियर्स को नियुक्ति, 51000 पद वृद्धि (वर्ग 3), MBBS PMS OBC को स्कॉलरशिप, बेरोजगारी से मुक्ति, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया (MPSI, वनरक्षक, महिला पर्यवेक्षक, जेल प्रहरी एवं समस्त सरकारी भर्तियां) का समाधान करने की गारंटी देगा। परमार ने यह भी कहा की नियुक्ति नहीं तो वोट नहीं, स्कॉलरशिप नहीं तो वोट नहीं, 51 हजार पद वृद्धि नहीं तो वोट नहीं, बेरोजगारी से मुक्ति नहीं तो वोट नहीं, कुल मिला कर अगर युवा हितों की बात नहीं तो वोट नहीं।

हड़ताल कर रहे पटवारियों के लिए सरकार हुई सख्त,कार्रवाई के लिए जारी हुआ आदेश
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हड़ताल कर रहे पटवारियों पर प्रदेश सरकार (MP Government) सख्त हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने एक आदेश जारी कर कहा है कि 28 अगस्त से हड़ताल कर रहे पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए (Patwari Strike)। आदेश में कहा गया है कि प्रतिदिन 12 बजे तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले पटवारियों (Patwari MP) की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि प्रदेश में हड़ताल कर रहे यह पटवारी, 25 साल से प्रमोशन न मिलने, ग्रेड-पे न बढ़ने, समयमान वेतनमान न दिए जाने, खाली पदों पर भर्ती न कर अतिरिक्त काम कराने और उसका वेतन न देने, यात्रा-मकान भत्ता जैसे सुविधाएं नहीं बढ़ाने की वजह से खासा नाराज हैं। उनकी इन मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है।

चयनित पटवारियों का अनूठा डिजिटल प्रदर्शन,सोशल मीडिया पर भगवान श्री गणेश के साथ फोटो डालकर नियुक्ति के लिए कर रहे है प्रार्थना
नियुक्ति मांग के लिए चयनित पटवारी (selected patwaris) लगातार अलग-अलग तरह से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) मनाते हुए चयनित पटवारियों ने अनोखा प्रदर्शन किया (patwari news)। चयनित पटवारियों ने गणेश चतुर्थी के अगले दिन सोशल मीडिया पर डिजिटल प्रदर्शन किया जिसके तहत X (पहले ट्विटर) पर इस हैशटैग (#bappa_niyukti_dilado और #mamaji_mppatwari_niyuktido) के साथ फोटो डाले गए। फोटो में भगवान श्री गणेश जी से चयनित पटवारी अपनी नियुक्ति के लिए प्रार्थना करते नजर आये. #mama आपको बता दें कि इसके पहले भी चयनित पटवारी अपनी नियुक्ति के लिए डिजिटल प्रोटेस्ट कर चुके है (patwari protest) । 10 सितंबर के डिजिटल प्रोटेस्ट में चयनित पटवारियों ने कटोरा और किताब के साथ फोटो डाली थी। इस डिजिटल प्रोटेस्ट की कॉल युवा हल्ला बोल की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुणोदय सिंह परमार (Arunoday Singh Parmar) ने दी थी 15 सितंबर को युवा हल्ला बोल के डिजिटल मंच पर चयनित पटवारियों ने महापंचायत भी बुलाई थी। इस महापंचायत में चयनित पटवारियों ने प्रस्ताव पेश करते हुए 19 सितंबर तक का अल्टीमेटम शिवराज सरकार (MP government) को दिया था। इस प्रस्ताव को महापंचायत का नेतृत्व कर रहे अरुणोदय सिंह परमार ने स्वीकृति प्रदान की थी। युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने हजारों चयनित पटवारियों को सम्बोधित किया था। आज के डिजिटल प्रदर्शन जिसमे चयनित पटवारी भगवान श्री गणेश के साथ फोटो डाल रहे हैं उसपर चर्चा करते हुए युवा हल्ला बोल की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुणोदय सिंह परमार ने कहा की मध्यप्रदेश के चयनित पटवारी लम्बे समय से अपनी नियुक्ति की राह देख रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला है। हम लगातार उनकी आवाज उठा रहे हैं लेकिन शिवराज सरकार (Shivraj government) ने अभी तक उनकी नियुक्ति की दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया है। मध्यप्रदेश के 8000 से ज्यादा परिवारों का भविष्य अंधकार में है। चयनित पटवारियों का अनोखा प्रदर्शन सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। चयनित पटवारियों का कहना है कि ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 और पटवारी भर्ती परीक्षा की नियम पुस्तिका के बिंदु 13(3) के अनुसार परिणाम के प्रकाशन से लेकर 90 दिनों की अवधि में नियुक्ति देने के प्रावधान पर विचार करते हुए सितंबर माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

नियुक्ति की मांग के लिए चयनित पटवारी करेंगे सीएम हाउस का घेराव फिर आमरण अंशन
नियुक्ति की मांग कर रहे चयनित पटवारियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने चयनित पटवारी अभ्यर्थियों से कहा है कि डरना मत और थकना मत आपको आपके हक की लड़ाई में कोई नहीं हरा सकता। यह बात डिजिटल महापंचायत के दौरान कही गई। महापंचायत का नेतृत्व कर रहे अरुणोदय सिंह परमार ने शिवराज सरकार (Shivraj Government) को चेतावनी देते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि मध्यप्रदेश के चयनित पटवारियों ( mp selected patwaris) की नियुक्ति पर 19 सितंबर तक सरकार फैसला ले नहीं तो हजारों चयनित अभ्यर्थियों के साथ CM हाउस का घेराव किया जाएगा।गौरतलब है कि 15 सितंबर को मध्यप्रदेश के चयनित पटवारियों ने युवा हल्ला बोल के फेसबुक पेज पर हजारों की तादात में फेसबुक लाईव के माध्यम से जुड़ कर महापंचायत की। जिसमें चयनित पटवारियों ने प्रस्ताव पेश किया की मध्यप्रदेश सरकार 19 सितंबर तक चयनित पटवारियों की नियुक्ति के लिए निर्णायक कदम उठाए और 3 सितम्बर के आंदोलन में दर्ज हुए मुकदमे वापस ले (MP Patwari)। यदि 19 सितंबर तक चयनित पटवारियों की मांगों को लेकर सरकार द्वारा कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया जाता है तो सभी चयनित पटवारी भोपाल में एकत्रित होकर आमरण अनशन करेंगे। इसी के साथ कई चयनित पटवारियों ने अपनी दर्द भरी दास्तां इस महापंचायत (patwari mahapanchayat) में रखी और सरकार से उन्हें नियुक्ति देने की गुहार लगाई। सभी चयनित पटवारियों का कहना है कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से परीक्षा पास (patwari exam)की है। सरकार चाहे तो शपथ पत्र लेले लेकिन हमारी नियुक्ति रोक के हमारे भविष्य से ना खेले। इस महापंचायत को युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत देश में आज हर भर्ती का भरता बना दिया जाता है। मध्यप्रदेश के चयनित पटवारियों से अनुपम ने कहा कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई में या तो व्यक्ति डर जाता है, या थक जाता है या जीत जाता है। आप डरना मत और थकना मत, अगर आप डरे नहीं और थके नहीं तो अपने हक की लड़ाई जरूर जीतेंगे। युवा हल्ला बोल देश के हर युवा के हक की लड़ाई लड़ रहा है हम आपकी लड़ाई में भी आपके साथ पूरी ताकत से खड़े हैं। डिजिटल महापंचायत के दौरान चयनित पटवारियों ने कहा कि ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 और पटवारी भर्ती परीक्षा की नियम पुस्तिका के बिंदु 13(3) के अनुसार परिणाम के प्रकाशन से लेकर 90 दिनों की अवधि में नियुक्ति देने के प्रावधान पर विचार करते हुए सितंबर माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

कांग्रेस सरकार बनते ही पटवारियों की 2800 रुपए ग्रेड-पे दिए जाएंगेःकमलनाथ
छिंदवाड़ा में अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले 21 अगस्त से आंदोलनरत पटवारियों (patwaris) के बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal natha) पहुंचे और पटवारियों से मुलाकात कर चर्चा की, साथ ही उनकी मांगों का समर्थन भी किया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हड़ताल स्थल पर पहुंचकर हडताल कर रहे पटवारियों (patwari strike) को यह आश्वासन दिया की आपने 25 साल इंतजार कर लिया है तीन महीने और इंतजार कर लीजिए, मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही आपकी 2800 ग्रेड-पे दिए जाने की 25 साल पुरानी मांग सबसे पहले पूरी की जाएगी। कमलनाथ ने कहा कि सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के संघर्ष में वो उनके साथ हैं, उन्होंने यह भी कहा कि हर वर्ग के साथ न्याय होना चाहिए। पटवारियों से संवाद करते हुए कमलनाथ ने कहा कि एक पटवारी का रोल कितना महत्वपूर्ण होता है, वह कितने विभागों का काम अकेला करता है, यह बात सभी जानते हैं। सभी के साथ न्याय हो ऐसी सरकार होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आगे यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार बनते ही हम पुरानी पेंशन स्कीम लागू करेंगे और सभी सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ न्याय हो ऐसी सरकार स्थापित करेंगे। कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश की तस्वीर आप सबके सामने हैं, आज मध्य प्रदेश की सरकार कर्ज पर कर्ज लेती जा रही है और मध्य प्रदेश पर 3 लाख 30 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्जा हो गया है, लेकिन इस कर्ज का वह कर क्या रही है, यह बात देखने लायक है। भाजपा सरकार कर्ज लेकर बड़े-बड़े ठेके दे रही है, ताकि उनका कमीशन बन सके, सरकार द्वारा लिए गए कर्ज से किसी कर्मचारी का, आशा, उषा बहनों का, आउटसोर्स कर्मचारियों का पटवारियों का, किसी का भला नहीं हो रहा है। यदि भला हो रहा है तो चंद ठेकेदारों और भाजपा नेताओं का। उन्होंने कहा कि आज यह बात हम सबको समझना है कि हमारा प्रदेश कहां घसीटा जा रहा है। मुख्यमंत्री घोषणाओं पर घोषणाएं करते जा रहे हैं, चुनाव सर पर है जो चाहे वह, सब कुछ बोल दो। लेकिन आप सबको भी जागरूक बनना पड़ेगा और आम जनता को भी जागरूक करना पड़ेगा। कमलनाथ ने यह भी कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि मध्य प्रदेश की जनता सच्चाई का साथ देगी, कांग्रेस का साथ देगी।