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शासकीय पेंशरों को सीएम का दिवाली तोहफा,55 फीसदी की दर से मिलेगा मंहगाई भत्ता

मध्यप्रदेश के 10 जिले अटल पेंशन योजना में टॉप टेन में,बालाघाट देश में अटल पेंशन योजना में पहले स्थान पर

शासकीय कर्मचारियों में नई पेंशन योजना को लेकर असमंजस,केन्द्र ने लागू की है यूनिफाइड पेंशन स्कीम

ओल्ड पेंशन स्कीम पर मोदी सरकार का फैसला,25 साल की नौकरी पर 50% पेंशन,अब मोहन सरकार की बारी

60 की उम्र के बाद मोहन सरकार पेंशन देने की बना रही योजना,मंत्री प्रहलाद पटेल ने की समीक्षा
मोहन सरकार (mohan government मजदूरों को 60 की उम्र के बाद पेंशन देने की योजना पर विचार कर रही है। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है बहुत जल्दी घोषणा होने वाली है। प्रदेश के श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल (prahlad patel) ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही है। प्रहलाद पटेल ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन दिया जाना निश्चित किया जा रहा है। कितनी पेंशन दी जाएगी इस पर अभी विचार होना शेष है। इसके लिए विचार विमर्श का चल रहा है बहुत जल्दी प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की टीम पूरी तरह से प्रदेश के विकास कार्य में जुड़ चुकी है। प्रदेश के श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने विभागीय समीक्षा के दौरान असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को लेकर कई बड़े सुधार करने की घोषणा की है। साथ ही असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन देने की योजना पर काम किया जा रहा है। श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि 60 की उम्र के बाद मजदूर में काम करने की क्षमता घट जाती है ऐसे में उनके शारीरिक श्रम को ध्यान में रखते हुए पेंशन की योजना बनाई जा रही है। श्री पटेल का कहना था कि मजदूरों के संबंध में प्रावधानों और निर्णय में संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाए। मजदूरों के पंजीयन निरस्त होने की स्थिति में अनुविभागीय आधिकारिक के यहां होने वाली अपील के प्रावधान को हटाया जाएगा। श्रम मंत्री का कहना है कि गरीब व्यक्ति को अनावश्यक रूप से होने वाली परेशानी से बचाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। कहा गया है की अपील का प्रावधान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी या श्रम बोर्ड के समक्ष विचार के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को 45 वर्ष की उम्र के बाद बीमा योजना में कर करने संबंधी निर्णय लिया जाएगा। साथ ही 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन का लाभ दिया जाए। जनकल्याण संबल योजना तथा मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के विभिन्न प्रावधानों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

ओल्ड पेंशन स्कीम फिर लागू करने पर केन्द्र कर रहा विचार,तैयार किया ड्रॉफ्ट
न्यू पेंशन स्कीम (New Pension Scheme) के खिलाफ कई राज्यों में विरोध के बीच जानकारी है कि सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम (old pension scheme) का विकल्प तैयार कर लिया है। NPS में कई नए प्रावधान लाए जाने पर चर्चा चल रही है। इसमें मिनिमम गारंटीड रिटर्न भी शामिल है। इसपर वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) में चर्चा हो रही हैं। हालांकि, कई राज्य सरकारों ने पहले ही न्यू पेंशन स्कीम को अपनाने से इनकार कर दिया है और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को ही बरकरार रखा है। जानकारी है कि न्यू पेंशन स्कीम में मिनिमम गारंटीड पेंशन का प्लान हो सकता है और अतिरिक्त कमाई भी पेंशनर को मिलेगी। कंट्रीब्यूशन 14% से ज्यादा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकारी खजाने पर बिना बोझ डाले कंट्रीब्यूशन बढ़ेगा। पेंशन बढ़ाने के लिए एन्यूटी (Annuity) में ज्यादा निवेश संभव हो सकता है। फिलहाल कुल फंड का 40% एन्यूटी में निवेश होता है, जिससे आखिरी वेतन की करीब 35% पेंशन मिलती है। हालांकि, मार्केट से लिंक होने पर इसकी गारंटी नहीं होती। नेशनल पेंशन योजना (National Pension Scheme) देश में 1 अप्रैल, 2004 से प्रभावी है। ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme -OPS) को दिसंबर 2003 में वाजपेयी सरकार ने बंद कर दिया था। पुरानी पेंशन योजना में सरकारी कर्मचारियों को आखिरी वेतन की 50 फीसदी पेंशन मिलती थी। इसकी पूरी राशि का भुगतान सरकार करती थी। वहीं, NPS में उन कर्मचारियों के लिए है, जो 1 अप्रैल 2004 के बाद सरकारी नौकरी में शामिल हुए। कर्मचारी अपनी सैलरी से 10 फीसदी हिस्सा पेंशन के लिए योगदान करते हैं। इसके अलावा राज्य सरकाराें का 14 फीसदी योगदान होता है। पेंशन का पूरा पैसा पेंशन रेगुलेटर PFRDA के पास जमा होता है, जो इसे निवेश करता है। साल 2004 में सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) शुरू की थी। NPS सरकारी कर्मचारियों को निवेश की मंजूरी देता है. इसके तहत वो अपने पूरे करियर में पेंशन खाते में नियमित तौर पर योगदान करके अपने पैसे के निवेश को अनुमति दे सकते हैं. रिटायरमेंट के बाद पेंशन राशि का एक हिस्सा एकमुश्त निकालने की छूट है. बाकी रकम के लिए एन्युटी (Annuity) प्लान खरीद सकते हैं. एन्युटी एक तरह का इंश्योरेंस प्रोडक्ट है. इसमें एकमुश्त निवेश करना होता है. इसे मंथली, क्वॉटरली या सालाना विड्रॉल कर सकते हैं. रिटायर्ड कर्मचारी की मृत्यु तक उसे नियमित आमदनी मिलती है. वहीं, मृत्यु के बाद पूरा पैसा नॉमिनी को मिल जाता है।