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सीधी में कमलेश्वर पटेल की हार तय करने बीजेपी का मास्टर प्लान तैयार
सीधी लोकसभा चुनाव का मतदान 19 अप्रैल को होना है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश्वर पटेल (kamleshwar patel) ने बीजेपी को परास्त करने के लिए अलग-अलग तरीके निकाले और उससे स्थानीय जनता कहने लगी कि कमलेश्वर पटेल चुनाव जीत सकते हैं। लेकिन कमलेश्वर पटेल और उनके समर्थकों को यह नहीं मालूम कि भाजपा पहले विपक्षी की क्षमता को खंगालती है। और इस बीच यह देखती है कि उसकी ताकत क्या है और दुर्बलता कहां है। अब तक हुए चुनाव प्रचार में कमलेश्वर पटेल ने जम कर धन और बल का प्रदर्शन किया है। अब बारी भाजपा की है। भारतीय जनता पार्टी के नेता अब सीधी (sidhi constituency) में डेरा डालने वाले हैं। जिसकी शुरुआत राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 12 अप्रैल से करने जा रहे हैं। इस दिन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीधी में न सिर्फ एक चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे बल्कि सीधी लोकसभा सीट की जीत की आधारशिला भी रखेंगे। अभी तक यह माना जा रहा था कि धन और बल के कारण कांग्रेस उम्मीदवार भाजपा के उम्मीदवार राजेश मिश्रा पर हावी दिख रहे थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। भारतीय जनता पार्टी ने ऐसे ब्यूह की रचना की है जिससे कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश्वर पटेल चारों खाने चित्त हो जाएंगे। भाजपा अब सीधे कमलेश्वर पटेल पर काउंटर अटैक करने जा रही है। जिस प्रकार से कमलेश्वर पटेल ने अपनी राजनीतिक रसूक के बल पर कई गांव में अपनी जमीन और घर दर्शा कर करोड़ों रुपये का फर्जी मुआबजा प्राप्त किया है भाजपा उसका भी खुलासा करने वाली है। भाजपा की स्थानीय इकाई कमलेश्वर पटेल की कुंडली को खंगालने में लगी है जिससे लोकसभा चुनाव में उनकी सच्चाई जनता के सामने लाई जा सके।

कमलेश्वर पटेल की सच्चाई उजागर करने पर Mukhbir को मिल रही धमकियां
सीधी से कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार कमलेश्वर पटेल (kamleshwar patel) के भ्रष्टाचार की खबर Mukhbirmp.com ने प्रमुखता से प्रसारित की थी। जिसमें कमलेश्वर पटेल ने अवैध तरीके से छह करोड़ का मुआबजा बनवाया है। कमलेश्वर पटेल ने अलग-अलग गांव में अपने घर दर्शाए हैं और भाई,पत्नी,बेटी और बेटे के नाम पर करीब छह करोड़ रुपये का अवैध तरीके से मुआबजा बनवाया है। इस खबर को Mukhbir ने प्रकाशित करते हुए सरकार से जांच की मांग की थी। खबर जैसे ही प्रकाशित हुई तो कमलेश्वर पटेल के करीबियों द्वारा धमकी देने का सिलसिला शुरु हो गया है। कमलेश्वर पटेल के लोग अलग-अलग मोबाइल नंबरों से वाट्सेप कॉल करके जान से मारनी की धमकी देने के अलावा देख लेंगे की धमकी दे रहे हैं। इस बात में कोई सक नहीं है कि सीधी से कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश्वर पटेल ने न सिर्फ मुआबजे के रुप में करोड़ों रुपये का गवन किया है बल्कि मेडिकल कालेज से लेकर कई अलग-अलग संस्थाएं संचालित कर रखी है और सभी में राजश्व के चोरी की बात सामने आ रही है। लेकिन राज्य सरकार से मिली भगत और राजनीतिक रसूख के चलते कमलेश्वर पटेल के खिलाफ अब तक किसी प्रकार की वैधानिक कार्रवाई नहीं हुई है। मतलब साफ है कि कमलेश्वर पटेल को राज्य सरकार की तरफ से भी संरक्षण दिया जा रहा है। यही कारण है कि खबर प्रकाशित होने के बाद कमलेश्वर पटेल के लोग धमकी देने के लिए वाट्सेप कॉल का इस्तेमाल करते है जिससे किसी प्रकार का सबूत इकट्ठा न होने पाए। कमलेश्वर पटेल और उनके साथी कितना भी दबाव बनाएं लेकिन खबरों का कारवां थमने वाला नहीं है। उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की एक बड़ी लिष्ट है जिसे सबके सामने लाया जाएगा।

कमलेश्वर पटेल का बड़ा कारनामा,पत्नी,बेटे और भाई के नाम पर बनवाया छह करोड़ का मुआबजा
सीधी लोकसभा (sidhi lok sabha) से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी एवं कमलनाथ (kamal nath) की 15 महीने की सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रहे सिहावल के पूर्व विधायक कमलेश्वर पटेल (kamleshwar patel) के ऊपर करोड़ों के भू-अर्जन भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। सिंगरौली कलेक्टर की आधिकारिक वेबसाइट पर धिरौली कोल ब्लॉक परियोजना हेतु किए गए भू- अर्जन का अपलोड किया गया अवार्ड एवं गणना पत्रक पूरे विंध्य में चर्चा का केन्द्र बना हुआ है। मुखबिर को मिले दस्तावेजों की सूची में धिरौली कोल ब्लॉक में प्रभावित विभिन्न ग्रामों में कमलेश्वर पटेल की पत्नी प्रीति पटेल उनके सुपुत्र ईशान पटेल सुपुत्री ईशा पटेल एवं भाई अजीत पटेल के नाम करीबन 6 करोड रुपए का मुआबजा तैयार किया गया है। उक्त ग्रामों में कोल उत्खनन हेतु अधिग्रहण की सूचना लगते ही कमलेश्वर पटेल एवं उनके परिजनों के द्वारा गरीब किसानों से बेहद ही मामूली कीमत पर जमीन क्रय कर ली गई और अपने राजनीतिक रसूल का उपयोग कर उन जमीनों पर फर्जी मकान एवं पर संपत्तियां दर्शाकर करोड़ों का मुआबजे का खेल खेलने की एक पूरी साजिश रची गई है। जाहिर है कांग्रेस सरकार में मिले मंत्री पद का रसूक बड़ी मुआबजे प्रतिकार की राशि में कमलेश्वर पटेल के काम आया ऐसे में अब बड़ा सवाल यह उठत है की क्या प्रदेश की भाजपा सरकार मामला प्रकाश में आ जाने के बावजूद संपूर्ण मुआबजा कमलेश्वर पटेल को प्रदान करेगी अथवा मामले की गंभीरता से जांच करवाएगी। सिंगरौली में कमलेश्वर पटेल की ही तरह विभिन्न रसूखदारों ने मुआबजे का अरबों में गबन किया है। मुआबजा प्रभावित ग्रामों में ना तो कमलेश्वर पटेल कभी गए ना ही उनके परिजन नहीं उनके पास बिजली पानी राशन कार्ड जैसी कोई चीज का मुआबजा प्रभावित गांव की है फिर भी स्थानीय लोगों से ज्यादा मुआबजा उनके नाम कैसे तैयार हो गया यह गंभीर प्रश्न है। अन्य नेताओं अधिकारियों मीडिया कर्मियों और पुलिस के लोगों के मुआवजे के बंदर पाट की जानकारी mukhbirmp.com आपके साथ शेयर करता रहेगा। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने जिस प्रकार से भाजपा की सरकार में अवैध तरीके से वैध राशि को निकालने का एक बड़ा शड़यंत्र रचा है उससे स्पष्ट है की इस पूरे मामले में भाजपा के नेताओं का भी हाथ है। इसी लिए अभी तक बीजेपी के किसी भी नेता ने इस मामले में किसी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया। अब इस पूरे मामले में ईडी की क्या भूमिका रहेगी यह तो वक्त बताएगा। कमलेश्वर पटेल के द्वारा फर्जी तरीके से निकाली जा रही मुआबजे की राशि की लिष्ट यहीं खत्म नहीं होती है। उनके कारनामें और हैं जिन्हे Mukhbir में आगे प्रकाशित किया जाएगा।