स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खबर,हफ्ते में एक दिन बैग के बगैर जाएंगे स्कूल,शख्ती से नियम का होगा पालन
प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन बिना स्कूल बैग के कक्षाएं लगाई जाएंगी (department of school education) । दूसरी कक्षा तक के बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए शासन ने बस्ती का वजन तय कर दिया है। दरअसल इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने 2022 में आदेश जारी किया था। अब नए शैक्षणिक सत्र से इसके शक्ति से पालन के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी प्रत्येक तीन माह में विद्यार्थियों के स्कूल बैग की जांच कराएंगे। गौर तलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। इसके तहत स्कूलों में बस से के वजन को कम करने की योजना बनाई गई थी। शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई के घंटे भी तय किए हैं। दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा तीसरी से पांचवी तक के विद्यार्थियों को प्रति सप्ताह 2 घंटे छठवीं से आठवीं तक प्रतिदिन एक घंटे और नवमी से 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 2 घंटे का होमवर्क दिया जाएगा। शिक्षा विभाग में सत्य निर्देश देते हुए स्कूलों में नोटिस बोर्ड का चार्ट लगाने के लिए निर्देशों का पालन करने को कहा है। जिसके तहत प्रत्येक स्कूल को नोटिस बोर्ड एवं कक्षा में बस्ती के वजन का चार्ट लगाना होगा। स्कूल डायरी का वजन भी इसमें शामिल किया गया है साथ ही साला प्रबंधन समिति द्वारा ऐसी समय सारणी तैयार की जाएगी जिससे विद्यार्थियों को प्रतिदिन सभी पुस्तक अभ्यास पुस्तिकाएं और कॉपियां नहीं लानी पड़ें।

प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन बिना स्कूल बैग के कक्षाएं लगाई जाएंगी (department of school education) । दूसरी कक्षा तक के बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए शासन ने बस्ती का वजन तय कर दिया है। दरअसल इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने 2022 में आदेश जारी किया था। अब नए शैक्षणिक सत्र से इसके शक्ति से पालन के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी प्रत्येक तीन माह में विद्यार्थियों के स्कूल बैग की जांच कराएंगे। गौर तलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। इसके तहत स्कूलों में बस से के वजन को कम करने की योजना बनाई गई थी। शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई के घंटे भी तय किए हैं। दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा तीसरी से पांचवी तक के विद्यार्थियों को प्रति सप्ताह 2 घंटे छठवीं से आठवीं तक प्रतिदिन एक घंटे और नवमी से 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 2 घंटे का होमवर्क दिया जाएगा। शिक्षा विभाग में सत्य निर्देश देते हुए स्कूलों में नोटिस बोर्ड का चार्ट लगाने के लिए निर्देशों का पालन करने को कहा है। जिसके तहत प्रत्येक स्कूल को नोटिस बोर्ड एवं कक्षा में बस्ती के वजन का चार्ट लगाना होगा। स्कूल डायरी का वजन भी इसमें शामिल किया गया है साथ ही साला प्रबंधन समिति द्वारा ऐसी समय सारणी तैयार की जाएगी जिससे विद्यार्थियों को प्रतिदिन सभी पुस्तक अभ्यास पुस्तिकाएं और कॉपियां नहीं लानी पड़ें।
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