Categories: भोपाल
Latest news, live updates & exclusive reports from भोपाल

कांग्रेस आरोप और प्रत्यारोप की पार्टी है,कांग्रेस को शशि थरुर से सीख लेनी चाहिए:वीडी शर्मा ने दिखाया आइना
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भोपाल के एक दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। उसके पहले प्रदेश में सियासत का बाजार गर्म हो गया है। महिला सशक्तिकरण पर आधारित इस कार्यक्रम पर कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने करारा प्रहार किया तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उन्हे चारों खाने चित्त कर दिया। बीजेपी अध्यक्ष ने न सिर्फ उमंग सिंघार को जवाब दिया बल्कि पूरी कांग्रेस को आइना दिखाते उए कहा कि कांग्रेस अब सिर्फ आरोप और प्रत्यारोप की पार्टी बन कर रह गई है। कांग्रेस के नेताओं को उनके नेता शशि थरुर से सीख लेनी चाहिए। गौरतलब है कि भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान को करारा जवाब देने के बाद देश के सर्वदलीय पार्टियों के चुनिंदा सांसदों का डेलीगेशन अलग-अलग देसों में भेजा गया है। जिसमें एक दल का नेतृत्व शशि थरुर कर रहे हैं। दो दिन पहले ही शशि थरुर ने एक प्रेसवार्ता के दौरान पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अब भारत में एक ऐसी सरकार है जो विरोधियों को करारा जवाब देने में विश्वास रखते हैं। शशि थरुर के इस बयान के बाद उनकी देश भर में तारीफ हो रही है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की तरफ से शशि थरुर का उदाहरण देने पर कांग्रेस के नेता जवाब देने से बच रहे हैं। और यहीं से भाजपा को ताकत मिल रही है। बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान पर भी बड़ा हमला किया है।

पीएम मोदी की सुरक्षा में जंबूरी मैदान "रेड ज़ोन" और "नो-फ्लाई ज़ोन" घोषित
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल आगमन के दृष्टिगत उनके Z+ सुरक्षा दर्जे एवं SPG सुरक्षा कवर को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था के लिये आदेश जारी किये गये हैं। पुलिस उपायुक्त, आसूचना एवं सुरक्षा नगरीय पुलिस सोनाक्षी सक्सेना द्वारा जारी आदेश में प्रधानमंत्री मोदी का भ्रमण कार्यक्रम 31 मई को जम्बूरी मैदान में प्रस्तावित है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कार्यक्रम स्थल से 05 किलोमीटर की परिधि में ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट बैलून एवं अन्य फ्लाईंग ऑब्जेक्ट्स के उड़ान पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।यह प्रतिबंध 31 मई शनिवार को प्रातः 6 बजे से सायं 4 बजे तक रहेगा। जंबूरी से लगे क्षेत्र को "रेड ज़ोन" तथा "नो-फ्लाई ज़ोन" घोषित किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। कमर्शियल फ्लाइट्स इस प्रतिबंधात्मक आदेश से मुक्त रहेंगी।

मोहन सरकार ने खेल को बढ़ावा देने के लिए बजट किया दोगुना,प्रतिभाओं को उभारने का होगा काम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने खेल बजट दोगुना कर दिया है। राज्य सरकार ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 50 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी। प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में खेल के सर्व सुविधायुक्त मैदान सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे है। खेलो को शिक्षा नीति का अभिन्न अंग बनाकर खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों को भी महत्वपूर्ण पद दिए जायेंगे। यह सब प्रयास से प्रदेश को देश में खेल का नंबर 1 राज्य बनाएंगे। प्राचीन काल से खेल पुरुषार्थ की सबसे अनूठी मिसाल है। खेल के मैदानों में अब आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे रात में भी खेलो का आयोजन किया जा रहा है। उज्जैन में भी विश्व स्तरीय खेल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उज्जैन में जल्द ही एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण कर विश्वस्तरीय सुविधा हॉकी के लिए भी उपलब्ध कराई जाएगी।

भोपाल में लव ‘आतंकवाद’ की गिरफ्त में तीन युवतियां,अश्लील वीडियो बना कर आरोपी करते रहे अपनी हसरतें पूरी
आतंकवाद सिर्फ AK47 से गोलियां चला कर ही नहीं फैलाया जा सकता। आतंकवाद प्रेम का जाल बिछा कर भी परवान चढ़ाया जा सकता है। जिसे सरल भाषा में लव जिहाद का नाम दिया गया है। भोपाल के बागसेवनियां थाना में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां तीन युवतियों के शिकायत दर्ज कर अपनी पीड़ा पुलिस के सामने बयां की है। हांलाकि पुलिस ने पहले इस मामले में ना नुकुर किया लेकिन एक के बाद जब दूसरी और फिर तीसरी युवती ने अपनी शिकायत पुलिस के पास दर्ज कराई तो पुलिस को इस मामले को गंभीरता से लेना पड़ा। दरअसल भोपाल के टीआइटी कॉलेज में तीन युवतियां पढ़ाई कर रही थीं जहां मुस्लिम समुदाय के तीन युवकों ने अपना नाम बदल कर पहले एक युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया उसके साथ आंतरिक संबंध बनाया और फिर उसके अश्वील वीडियो बना लिए। अश्लील वीडियो बनाने के बाद आरोपियों ने पीड़िता से उसकी सहेलियों को भी बुलाने के लिए दबाव बनाया जिसके बाद वो दो और युवतियों को लेकर आई और फिर आरोपियों ने उन दोनों युवतियों को भी अपनी हवस का शिकार बनाते हुए उनका अश्लील वीडियो बना लिया। वीडियो बनाने के बाद अब तीनों आरोपी युवतियों को जिस्म फरोसी के धंधे में उतारना चाहते थे और ऐसा नहीं करने पर वो वीडियो को बहुप्रसारित करने की धमकी दे रहे थे। लेकिन तीनों युवतियों में एक ने हिम्मत दिखाते हुए मामले की शिकायत बागसेवनिया थाने में दर्ज करा दी। लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया लेकिन उसके बाद दो और युवतियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस के कान खड़े हो गए मामले आनन फानन में एसआइटी टीम का गठन कर मामले की जांच शुरु कर दी गई। जिन तीन आरोपियों ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया उनमें फरहान खान, साहिल खान, और अली खान शामिल हैं। अब सवाल इस बात का उठता है कि इन आरोपियों की गिरफ्त में सिर्फ यही तीन युवतियां शामिल थीं अथवा और लड़कियां भी शामिल हैं जिनका पता लगाने में पुलिस जुट गई है।

कांग्रेस झूठ की फसल बोने का काम करती है,बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए झूठ की फसल बोने का आरोप लगाया है। वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस किसानों की बात करती है प्रदेश में 15 महीने तक कांग्रेस की सरकार रही है कांग्रेस ने ऋण माफी का दावा किया था क्या हुआ किसी किसान का ऋण माफ हुआ था क्या? गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी किसानों की समस्या को लेकर 20 सितंबर को प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने जा रही है जिसका जवाब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दे रहे थे। बीजेपी अध्यक्ष ने ये भी कहा कि कांग्रेस ने किसानों को धोखा दिया है। कांग्रेस की केंद्र और राज्य सरकारों ने किसानों के साथ हमेशा छल और कपट किया है। बीजेपी अध्यक्ष ने तत्कालीन सीएम दिग्विजय सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने मुल्ताई में किसानों पर गोलियां चलवाई थी। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष यहीं नहीं रुके उन्होने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को आतंकियों का हिमायती बताते हुए उन्हे गले तक लगाने का आरोप लगाया है। साथ में बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि एससी-एसटी वर्ग को भाजपा की सरकार में नौकरी मिल रही है तो दिग्विजय सिंह के पेट में दर्द हो रहा है। इससे कांग्रेस के बारे में पता चलता है कि वो किसके बारे में कैसी सोच रखती है। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि एक विशेष वर्ग का दर्द समझते हैं दिग्विजय सिंह। आम आदमी के दर्द की दिग्विजय सिंह को चिंता नहीं है।

भ्रष्टाचार की डामर से बनी सड़कों के बारिश में बहने के लिए एक महीने चला पेंचवर्क अभियान,फिर बही सड़कें
महज कुछ महीनों पहले बनी एमपी की सैकड़ों सड़कें बह गई जिसको फिर सुधारने के लिए मध्यप्रदेश में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया गया और PWD विभाग द्वारा 7 से 22 अगस्त तक एक वृहद् पेंचवर्क अभियान चलाया गया जिसके अंतर्गत सभी विभागीय इंजीनियरों को जिम्मेदारी सौंपी गई और प्रदेशभर में लोक निर्माण विभाग की सड़कों की स्थिति का निरीक्षण किया गया एवं मरम्मत कार्य शीघ्रता से पूरा कराया गया। सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए विधानसभा में लोकपथ एप भी लांच किया गया जिसमें अब तक 2762 शिकायतें प्राप्त हुई हैं उन शिकायतों में 2699 शिकायतों का निराकरण करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन हकीकत ठीक इसके विपरीत ही दिखाई पड़ रही है। भोपाल में ही नजर डालें तो सभी सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे दिखाई पड़ते हैं कहीं भी प्लेन सड़क देखने को नहीं मिल रही है और इंजीनियरों द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर PWD मंत्री राकेश सिंह खुद की पीठ थपथपाते हुए नजर आ रहे हैं।

हाजिर जवावी में सरदार जी का कोई जवाब नहीं लेकिन तनखैया भैया भी पीछे नहीं,किस्सा अमरवाड़ा सीट की हार का है जब दोनों के बीच ट्विटर पर जंग छिड़ी
छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा विधानसभा सीट के नतीजे आ चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट को जीतने में कामयाबी हासिल की है| जिस वक्त मतगणना चल रही थी और मुकाबला T20 मैच की तरह इधर से उधर हो रहा था उस वक्त सरदार जी और एक तनखैया भइया के बीच ट्विटर वार चल रहा था| सबसे पहले शुरुआत सरदार जी ने की जब चुटकी लेते हुए सरदार जी ने लिखा कि ‘तनखैया भैया अपने मालिक की पोल खोल रहा है’ इस बात का तपाक से जवाब देते हुए तनखैया भैया ने ट्वीट किया ‘एक दलबदलु प्रवक्ता ही एक दलबदलु विधायक की आकिरी तीन राउंड के खेल में पर्ची वाले सीएम के फोन के बाद जी को स्वस्थ लोकतंत्र की जीत बता रहा है’ जब तनखैया भैया ने सरदार जी पर ट्विटर से कटाक्ष किया तो सरकार जी ने असरदारी दिखाते हुए फिर एक ट्वीट किया है उसमें लिखा कि ‘तनखैया भैया पूर्व में कमलनाथ सरकार के द्वारा किए काम को बताने का प्रयास कर रहे हैं’ गौरतलब है कि तनखैया भैया और सरदार जी की अदावत वर्षों पुरानी है जो दल बदलने के बाद भी लगातार जारी है| तनखैया भैया उन में से हैं जो तथाकथित पत्रकार का तमगा लेकर कांग्रेस पार्टी में आए थे और पूर्व मुख्यमंत्री के सिपेसालारों में शामिल हो गए थे जिसके बाद सरकार जी को वहां से अपनी रवानगी लेनी पड़ी| सरकार जी ने तो ऐन मौके पर दल बदल कर होशियारी दिखाई लेकिन तनखैया भैया न इधर के रहे न उधर के रहे| एक जमाने में तनखैया भैया का कांग्रेस कार्यालय में दबदबा चला करता था| वो पार्टी कार्यालय में बैठ कर सरकार बनाने का काम करते थे| यहां तक कि वो उन पत्रकारों को भी चिन्हित करने का काम किया करते थे कि कौन सा पत्रकार कांग्रेस की मानशिकता वाला है और कौन सा पत्रकार भाजपा की विचारधारा वाला है| ये इसलिए किया जा रहा था कि जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो उन पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा और उन्हे कांग्रेस की गुड लिष्ट में शामिल कर जनसंपर्क से मिलने वाली विशेश सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा लेकिन तनखैया भैया के मनसूबों पर उस वक्त जबरदस्त पानी फिर गया जब कांग्रेस को साल 2023 के विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस के सारे दावे और सपने पानी में कागज की नांव की तरह बह गए| कांग्रेस की करारी हार के बाद पूर्व पीसीसी का बोरिया बिस्तरा तो बंधा ही तनखैया भैया का भी बोरिया विस्तरा कांग्रेस से बंध गया| सरदार जी तो भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता बन गए लेकिन अब तनखैया भैया सिर्फ ट्विटर पर ही खुद को जिंदा रखे हुए हैं|

अधिकारियों की लगेगी क्लाश,प्रमुख सचिव वीरा राणां अधिकारियों से हुई नाराज,15 से 29 जुलाई के बीच होगी अधिकारियों की रिव्यू मीटिंग
राज्य सरकार की ओर से बनाई जा रही योजनाओं को लेकर प्रदेश के अलग-अलग विभागों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी गंभीर नहीं हैं| अधिकारियों और कर्मचारियों की इस उदासीनता से नाराज प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणां अब अफसरों की क्लास लेने की योजना तैयार कर रही हैं| सीएस वीरा राणा ने 15 से 29 जुलाई तक अलग-अलग विभागों की रिव्यू मीटिंग बुलाई है| जिसमें सभी अफसरों को रिपोर्ट के साथ तबल होने के निर्देश दिए गए है। दरअसल, प्रदेश में मुख्य सचिव द्वारा सीएस मानिट में रखे जाने वाले प्रकरणों के निराकरण को लेकर विभाग और अधिकारी गंभीर नहीं हैं। सीएस मानिट में पांच साल से अधिक समय के केस पेंडिंग हैं, जिसका निराकरण नहीं हो पा रहा है। सबसे अधिक 518 मामले गृह विभाग के पेंडिंग हैं। नगरीय विकास और आवास विभाग के 274 केस लंबित है। मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को पोर्टल पर इसकी रिपोर्ट अपडेट करने के साथ मानिट रिव्यू मीटिंग में अफसरों को भेजने के लिए नोटशीट लिखी। बार-बार पत्र लिखने के बावजूद भी अफसरशाही पर कोई असर नहीं पड़ा। जिसके बाद सीएस वीरा राणा ने सभी अफसरों को रिपोर्ट के साथ तलब किया है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के पास विभिन्न विभागों से संबंधित ऐसे मामले जिनके निराकरण को प्रायोरिटी दी जाती है और लोकहित से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों को सीएम या सीएस मानिट में शामिल किया जाता है। इसके लिए एक अलग सेल सीएम और सीएस मानिट की बनी हुई है।

कांग्रेस के पराजित प्रत्याशियों ने कमजोर संगठन और रणनीतिक कमजोरी के साथ चुनाव प्रचार के लिए समय नहीं मिलने के लिए बताया हार का कारण
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी एकबार फिर अपनी हार पर मंथन कर रही है| कांग्रेस का पिछला मंथन जून के महीने में हुआ था जब तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने भोपाल आकर लोकसभा प्रत्याशियों के साथ हार की समीक्षा की थी| शनिवार से दो दिनों तक चल रहे इस मंथन में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के हारे प्रत्याशियों के साथ एक-एक कर प्रतिक्रिया ली है| इस मंथन के दौरान कांग्रेस के प्रत्याशियों ने बराजित होने का बड़ा कारण कमजोर संगठन,रणनीति और प्रचार के लिए कम समय मिलने का कारण बताया है| इसके साथ कांग्रेस उम्मीदवारों ने हार के बड़े कारणों में भितरघात को भी बताया है| प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित दो दिवसीय मंथन में प्रदेश प्रभारी जितेन्द्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शामिल हुए| कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में संभागवार उम्मीदवारों को एक-एक कर बुलाया गया और उनसे चुनाव की हार पर चर्चा की गई| चर्चा के दौरान यह बात भी निकल कर सामने आई कि कांग्रेस का संगठन जनता तक नहीं पहुंच पाया| गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में करारी हार के कारणों का पता लगाने के साथ ही अगले चुनावों के लिए रणनीति भी बनाने की तैयारी कर रही है| इस बैठक के दौरान संगठन को मजबूत करने के लिए प्रत्याशियों से लिखित में संगठन को मजबूत करने के लिए सलाह भी मंगी जा रही है| इसके लिए पार्टी की तरफ से बकायदा एक फार्म भी दिया गया था| जिसमें चुनाव के दौरान संगठन की भूमिका के बारे में प्रश्न पूछे गए थे जिसमें वर्तमान में संगठन की स्थिति,विधानसभा और लोकसभा चुनाव में युवा कांग्रेस,महिला कांग्रेस,सेवादल,एनएसयूआई की भूमिका,मंडलम सेक्टर,बूथ अध्यक्षों का योगदान,प्रदेश में सपा,बसपा और अन्य दलों की स्थिति दोनों चुनाव में जिला और ब्लाक अध्यक्षों की भूमिका,दोनों चुनाव के प्रमुख कारण जानने के साथ ही पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सुझाव मांगे गए| कुछ सदस्यों ने यह सलाह भी दी है कि नीचे से ऊपर की ओर संगठन में नियुक्तियां की जाएं| पहले ब्लाक फिर जिला और बाद में प्रदेश स्तर में नियुक्तियां की जाएं|

कांग्रेस के हाथ लगा चिराग,घिसते ही निकलेगी घोटालों की परत,विधानसभा में और तेज होगा कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में इस बार अच्छा होमवर्क किया है| उमंग सिंघार के नेतृत्व में सभी विधायक अभी तक एकजुट भी नजर आए हैं| जिस प्रकार से सदन में कांग्रेस के सभी विधायक दाखिल हुए उससे यह समझ में आ गया कि कांग्रेस विधायकों के मनसूबे इस बार ठीक नहीं हैं मतलब साफ है कि कांग्रेस के हाथ में अल्लादीन का एक ऐसा चिराग लग गया है जिसको घसने पर घोटालों की एक बड़ी परत मिलने वाली है| दरअसल नर्सिंग घोटाले के मामले में पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग पर कांग्रेस पार्टी ने मिली भगत का आरोप लगाया है| कांग्रेस का आरोप है कि इस पूरे मामले में विश्वास सारंग दोषी हैं और जिस मंत्री के विरोध में न्यायालय में प्रकरण चल रहा है जिस पर लगातार घोटाले के आरोप लगाए जा रहे हैं उस मंत्री का नैतिकता के आधार पर इस्तीफा होना चाहिए| जांच पूरी होने और न्यायालय का फैसला आने के बाद सरकार उन्हे फिर मंत्री बना दे कांग्रेस को उससे कोई दिक्कत नहीं होगी| फिलहाल प्रदेश के लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है जिस प्रकार से नर्सिंग घोटाला सामने आया है और उस पूरे मामले में राज्य सरकार बचती नजर आ रही है उससे यह स्पष्ट है कि सरकार अपने मंत्री को बचाना चाहती है| नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि अगर सरकार सही है और भाजपा सरकार के नेतृत्व में कोई घुटाला नहीं हुआ है तो फिर सरकार सदन में चर्चा से क्यों बचना चाहती है| उमंग सिंघार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकार जब तक नर्सिंग घोटाले पर चर्चा नहीं करेगी तब तक सदन में पक्ष औऱ विपक्ष के बीच गतिरोध चलता रहेगा| उमंग सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार हमेशा कांग्रेस पार्टी पर ही आरोप मढ़ती आई है कि वो सदन की कार्रवाई को चलने नहीं देती है लेकिन विपक्ष का तो काम ही है कि जो गलत हो रहा है उसके खिलाफ आवाज उठाना है|

नर्सिंग एप्रिन पहन कर कांग्रेस विधायक पहुंचे विधानसभा,जमकर किया हंगामा
विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज हो चुका है। लेकिन कांग्रेस विधायकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार की विधानसभा आसान नहीं होने वाली है। सदन की कार्रवाई शुरु होने से पहले ही कांग्रेस के सभी विधायक विधानसभा परिषर स्थित गांधी की प्रतिमा के पास नर्सिंग एप्रिन पहन कर जमकर हंगामा किया। दिलचश्प बात यह भी थी कि कांग्रेस के सभी विधायक एप्रिन पहनने के साद गले में नर्सिंह घोटाले की चिट लगाकर सदन में दाखिल हुए। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में बड़ा नर्सिंग घोटाला हुआ है और पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की देख रेख में पूरा घोटाला किया गया है लिहाजा इतने बड़े घोटाले की जांच चल रही है तो नैतिकता के आधार पर भाजपा सरकार को विश्वास सारंग का इस्तीफा लेना चाहिए। उमंग सिंघार ने साफ शब्दों में कहा कि जिस प्रकार से प्रदेश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है उसकी जिम्मेदारी तो किसी को लेनी होगी। जिन बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है उनसे जाकर पूछो उनके दिल में क्या गुजर रही है। उमंग सिंघार ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक विश्वास सारंग का इस्तीफा नहीं हो जाता है तब कांग्रेस की तरफ से विरोध प्रदर्शन का दौर जारी रहेगा। वहीं कांग्रेस के जवाब में राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को कुछ नहीं आता उन्हे अभी बहुत सीखने की जरुरत है। जब मामला सीबीआई के पास है और उसमें जांच चल रही है तो इंतजार करें कुछ दिनों में सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

एक जुलाई से बदल जाएगा कानून,'अब दंड संहिता के बजाय न्याय संहिता की होगी बात'
एक जुलाई देश के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। इस दिन देश के कानून ब्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एक जुलाई का दिन पूरे देश और प्रदेश के लिए एक विशेष दिन होगा। अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आईपीसी अर्थात भारतीय दंड संहिता, सीआरपीसी अर्थात दंड प्रक्रिया संहिता, आईईए अर्थात भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सारे नियम बदलते हुए नए प्रकार के कानून लागू होने वाले हैं। अब दंड संहिता के बजाय न्याय संहिता की बात की जाएगी। अर्थात न्याय के आधार पर हमारी व्यवस्था चलनी चाहिए। अंग्रेज जब तक हम पर हावी थे तब तक वो दंड की बात करते थे। हमारी परंपरा न्याय की परंपरा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीवी चैनल प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ये तीनों कानून पूरे देशवासियों के जीवन में अंगीकार होंगे। उससे सुविधा मिलेगी। अपनी संस्कृति पर गर्व करने का मौका भी मिलेगा। आमजन के माध्यम से पूरे प्रदेश में जो अभियान चलेगा, इस व्यवस्था के लिए थाने के अंदर सभी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए और जनता की जन जागृति के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। उम्मीद करता हूं इसका लाभ सभी मिलकर उठाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री जी इसके लिए बधाई और सराहना के हकदार हैं। मैं आश्वस्त करता हूँ कि हमारी सरकार इस अभियान का अक्षरश: पालन करेगी।