मप्र भाजपा अध्यक्ष पर 'भ्रम जाल' का 'चक्र ब्यूह, निशाने पर संभावित 'अभिमन्यु

मप्र भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर लगातार सस्पेंश बर्करार है। हर दिन खबर आती है कि आज प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा हो जाएगी। फिर अगले ही पल एक सिगूफा फैला दिया जाता है कि अब वर्तमान अध्यक्ष के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाया जा रहा है। भविष्य में क्या होगा यह किसी को नहीं मालूम है। लेकिन इस वक्त एमपी बीजेपी में अजीबो गरीब स्थिति बन गई है। भाजपा में भ्रम जाल बनाया जा रहा है। भाजपा के ही नेता एक दूसरे की जड़ खोदने में लगे हुए हैं। जिस नेता की हवा बनती है कि फला नेता अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे है उसके अगले पल ही उस संभावित दावेदार के काले चिट्ठे सोशल मीडिया के माध्यम से खोले जाने लगते हैं। ऐसे ही एक दावेदार पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भी माना जाता है। हांलाकि उन्होने इस बात को कभी भी स्वीकार नहीं किया कि वो अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं। उन्होने हमेशा यही कहा है कि वो किसी दौड़ में नहीं हैं उन्हे पार्टी जो भी काम देती है उसे वो सहर्श स्वीकार करते हैं और पूरी निष्ठा से अपने काम को अंजाम देते हैं। लेकिन उनके खिलाफ भी भाजपा में एक विरोधी माहौल तैयार किया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से आए दिन पूर्व गृह मंत्री के लिए कोई मनगणंत अफवाह उड़ाई जाती है। लेकिन ये कभी नहीं बताया जाता कि पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा तत्कालीन शिवराज सरकार के संकचमोचक कहे जाते थे। आपरेशन लोटस से लेकर कई ऐसे काम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही जिसमें भाजपा को बल मिला। लोकसभा चुनाव के दौरान जिस प्रकार से कांग्रेसी खेमें में तोड़फोड़ कर पूरी कांग्रेस को तहस नहस कर दिया। लाखों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा में ज्वाइन करवा दिया जिससे कांग्रेस उबर नहीं पाई और नतीजा यह निकला कि मप्र में भाजपा ने पहली बार क्लीन स्वीप कर दिया। इससे पहले चलें तो पश्चिम बंगाल चुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा की ड्यूटी लगाई गई,उसके बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ड्यूटी लगी फिर महाराष्ट्र चुनाव में भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा की ड्यूटी लगी और हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा एक लौते नेता थे जिनकी एमपी से ड्यूटी लगाई गई और उसके सार्थक परिणाम भी आए। भारतीय जनता पार्टी को जब एक कुशल रणनीतिकार की जरुरत होती है तो डॉ. नरोत्तम मिश्रा चाणक्य की भूमिका में होते हैं और जब आमने-सामने लड़ाई की बात होती है तो डॉ. नरोत्तम मिश्रा अर्जुन की भूमिका में होते हैं। आज जब प्रदेश अध्यक्ष में उनका नाम आता है तो 'अभिमन्यु' बना कर चक्रब्यूह में धकेल दिया जाता है। इस वक्त भाजपा में अनेक ऐसे गुरु द्रोण तैयार हो चुके हैं जिनके साथ दुर्योधन,अश्वस्थामा और कर्ण जैसे लोगों की फौज है और वो अपने चक्रब्यूह का अभेद्य जाल तैयार करके अभिमन्यु का शिकार करने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन भाजपा के नेताओं को इस बात का अहसास नहीं है कि उनका सामना अर्जुन से हो रहा है जिसे चक्रब्यूह तोड़ना आता है।
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