सहकारी समितियों के कर्मचारी होंगे नियमित,चुनाव से पहले सीएम शिवराज का बड़ा दांव
विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) एक और बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं जिसके तहत प्रदेश की साढ़े चार हजार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के 45 हजार कर्मचारियों को सरकार नियमित करेगी। इन्हे सरकारी कर्मचारियों की तरह सुविधा मिलेगी। वेतन का आधा हिस्सा शासन द्वारा संचालित उचित मूल्य की राशन दुकानों के सेल्समैन का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। सहकारिता विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस संबंध में 23 सितंबर को भोपाल के लाल परेड मैदान पर होने वाली सहकारी समितियों (cooperative society) की पंचायत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषणा की जा सकती है। प्रदेश में साढे चार हजार प्राथमिक कृषि साखा सहकारी समितियां हैं। इनमें 45 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। समितियों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण नियमित वेतन का भुगतान नहीं हो पाता है। छठा वेतनमान देने (6th pay commission) का निर्णय के बाद भी वह क्रियान्वित नहीं हो पा रहा है। इससे नाराज कर्मचारी आंदोलन कर रहे थे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार जिस तरह से सरकार ने अन्य कर्मचारी संवर्ग की समस्याओं का निराकरण किया है,उसी तरह सरकारी कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार सेल्समैन को जो वर्तमान में पांच से लेकर साढ़े सात हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं,उसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया जाएगा। समिति प्रबंधन के रिक्त पदों को 60 प्रतिशत सहायक समिति प्रबंधक का चयन करके किया जाएगा, 40 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती होगी।

📷 Shivraj Singh Chouhan
विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) एक और बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं जिसके तहत प्रदेश की साढ़े चार हजार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के 45 हजार कर्मचारियों को सरकार नियमित करेगी। इन्हे सरकारी कर्मचारियों की तरह सुविधा मिलेगी। वेतन का आधा हिस्सा शासन द्वारा संचालित उचित मूल्य की राशन दुकानों के सेल्समैन का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। सहकारिता विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस संबंध में 23 सितंबर को भोपाल के लाल परेड मैदान पर होने वाली सहकारी समितियों (cooperative society) की पंचायत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषणा की जा सकती है। प्रदेश में साढे चार हजार प्राथमिक कृषि साखा सहकारी समितियां हैं। इनमें 45 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। समितियों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण नियमित वेतन का भुगतान नहीं हो पाता है। छठा वेतनमान देने (6th pay commission) का निर्णय के बाद भी वह क्रियान्वित नहीं हो पा रहा है। इससे नाराज कर्मचारी आंदोलन कर रहे थे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार जिस तरह से सरकार ने अन्य कर्मचारी संवर्ग की समस्याओं का निराकरण किया है,उसी तरह सरकारी कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार सेल्समैन को जो वर्तमान में पांच से लेकर साढ़े सात हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं,उसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया जाएगा। समिति प्रबंधन के रिक्त पदों को 60 प्रतिशत सहायक समिति प्रबंधक का चयन करके किया जाएगा, 40 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती होगी।



