शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सरकार का दोहरा रवैया,छोटे कर्मचारियों के लिए समय की पावंदी और अधिकारियों के लिए कोई नियम नहीं

प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों के लिए एक आदेश जारी हुआ जिसके तहत सभी कर्मचारियों को सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक कार्यालय में उपलब्ध रहना अनिवार्य है| कर्मचारियों के लिए यह आदेश बुधवार को जारी हुआ था| लेकिन गुरुवार को जब वल्लभ भवन में इस पूरे मामले की तहकीकात की गई तो सभी शासकीय कर्मचारी 11 से 12 बजे के बाद कार्यालय आते दिखे| कर्मचारियों से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सरकार कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भेद-भाव पूर्ण रवैया अपना रही है| कर्मचारियों का कहना है कि यह ब्यवस्था नहीं सुधर सकती| उसका कारण बताते हुए उन्होने कहा कि जब तक अधिकारी दस बजे नहीं आएंगे तब तक कर्मचारी दस बजे कैसे आएंगे| कर्मचारियों का साफ कहना है कि कई काम ऐसे होते हैं कि जब छोटे कर्मचारी कर देते हैं तो उसके बाद बड़े अधिकारियों की जरुरत होती है लेकिन वो तो अपने शाही समय पर ही आएंगे| ऐसी स्थिति में सिर्फ छोटे कर्मचारियों के लिए ही इस प्रकार का नियम क्यों|कई कर्मचारियों ने साफ कहा कि सरकार की तरफ से कर्मचारियों के खिलाफ यह दोहरा रवैया है जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा| सरकार को अगर अनुशासन का पालन करवाना है तो उन्हे अधिकारियों के लिए भी समय सीमा निर्धारित करना होगा|
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