नाथ के अभेद्य किले में 'कमल' का बीज रोपित करेंगे अमित शाह
छिंदवाड़ा लोकसभा सीट (chhindwara constituency) भारतीय जनता पार्टी के लिए हमेशा से अभेद्य किले की तरह रही है। भाजपा ने अपनी ओर से अलग-अलग तरह के कई प्रयास किए लेकिन अभी तक भारतीय जनता पार्टी कमलनाथ (kamal nath) के अभेद्य किले को भेदने में नाकाम साबित हुई है। इस लोकसभा चुनाव में खुद केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छिंदवाड़ा में 'कमल' की फसल लगाने के लिए बड़े तालाब की नींव रखी है। यही कारण है कि कमलनाथ के बेहद करीबी लोगों को पहले भाजपा ने अपने पक्ष में किया उसके बाद छिंदवाड़ा में भाजपा ने अपनी चुनावी विसात बिछाने की तैयारी तेज की है। अब खुद अमित शाह छिंदवाड़ा के दौरे पर पहुंच रहे हैं जहां वो न सिर्फ रोड शो करेंगे बल्कि रात्रि विश्राम भी उनका छिंदवाड़ा में ही होगा (amit shah in chhindwara) । रात्रि विश्राम के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर 19 अप्रैल को होने वाले मतदान की रणनीति तैयार करेंगे। इस बात में कोई सक नहीं कि अमित शाह को आधुनिक युग का चाणक्य कहा जाता है जिनकी बिछाई राजनीतिक विसात कभी खाली नहीं जाती लेकिन इस बार मामला मैनेजमेंट गुरु कमलनाथ का है जो छिंदवाड़ा से भाजपा के लिए हमेशा सिरदर्द रहे हैं। माना जा रहा है कि जिस प्रकार से भाजपा ने इस चुनाव में कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को हराने की योजना बनाई है उससे कमलनाथ भी संशय में पड़े हैं और यही कारण है कि वो इस चुनाव में लगातार भावनात्मक कार्ड खेलते नजर आए हैं।

छिंदवाड़ा लोकसभा सीट (chhindwara constituency) भारतीय जनता पार्टी के लिए हमेशा से अभेद्य किले की तरह रही है। भाजपा ने अपनी ओर से अलग-अलग तरह के कई प्रयास किए लेकिन अभी तक भारतीय जनता पार्टी कमलनाथ (kamal nath) के अभेद्य किले को भेदने में नाकाम साबित हुई है। इस लोकसभा चुनाव में खुद केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छिंदवाड़ा में 'कमल' की फसल लगाने के लिए बड़े तालाब की नींव रखी है। यही कारण है कि कमलनाथ के बेहद करीबी लोगों को पहले भाजपा ने अपने पक्ष में किया उसके बाद छिंदवाड़ा में भाजपा ने अपनी चुनावी विसात बिछाने की तैयारी तेज की है। अब खुद अमित शाह छिंदवाड़ा के दौरे पर पहुंच रहे हैं जहां वो न सिर्फ रोड शो करेंगे बल्कि रात्रि विश्राम भी उनका छिंदवाड़ा में ही होगा (amit shah in chhindwara) । रात्रि विश्राम के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर 19 अप्रैल को होने वाले मतदान की रणनीति तैयार करेंगे। इस बात में कोई सक नहीं कि अमित शाह को आधुनिक युग का चाणक्य कहा जाता है जिनकी बिछाई राजनीतिक विसात कभी खाली नहीं जाती लेकिन इस बार मामला मैनेजमेंट गुरु कमलनाथ का है जो छिंदवाड़ा से भाजपा के लिए हमेशा सिरदर्द रहे हैं। माना जा रहा है कि जिस प्रकार से भाजपा ने इस चुनाव में कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को हराने की योजना बनाई है उससे कमलनाथ भी संशय में पड़े हैं और यही कारण है कि वो इस चुनाव में लगातार भावनात्मक कार्ड खेलते नजर आए हैं।
Reader Reactions
What is your reaction to this story?डॉ. नरोत्तम मिश्रा राजनीति की चलती फिरती पाठशाला,जिसने जीवन में हारना नहीं सीखा
संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, नियमितीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया अहम फैसला
Reader Discussion & Comments (0)
Moderated CommentsRelated Top News

अधिकारियों कर्मचारियों को डीए देने से पहले रिटायरमेंट के बाद राहत देने के मूड में मोहन सरकार
4/2/2024
सीएम मोहन यादव ने शासकीय सेवकों के डीए की मंगाई फाइल,मिल सकती है खुशखबरी
9/3/2024
प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को अचार संहिता लगने से पहले मिलेगा डीए,सरकार ने बनाई कार्ययोजना
1/3/2024