कमलनाथ की राह पर मोहन यादव,हर तीसरे दिन उज्जैन में करते हैं प्रवास
मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) आज तक उज्जैन से बाहर नहीं निकल पाए हैं। इसकी बानगी उस वक्त देखने को मिलती है जब हर तीसरे दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन के प्रवास में रहते हैं। इस बात में कोई सक नहीं है कि उज्जैन एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी है लेकिन मुख्यमंत्री को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वो अकेले उज्जैन के सीएम नहीं हैं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री वही हैं। सीएम बनने के बाद विधानसभा में भी जब मुख्यमंत्री मोहन यादव का पहला भाषण हुआ तो उन्होने अपने 15 मिनट के भाषण में करीब 10 बार उज्जैन का नाम लिया। ठीक इसी प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) का भी छिंदवाड़ा प्रेम देखने को मिलता था। हर तीसरे दिन सीएम रहते उनका छिंदवाड़ा दौरा होता था कोई विकास की बात हो तो छिंदवाड़ा से ही शुरु होती थी। कमलनाथ अपने 15 महीने के कार्यकाल में छिंदवाड़ा से बाहर नहीं निकल पाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी ठीक उन्ही के रास्ते पर चल पड़े हैं। करीब डेढ़ महीने मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने हो चुका है इस बीच करीब 20 दौरे वो उज्जैन के कर चुके हैं हर तीसरा दिन मोहन यादव का उज्जैन में ही बीतता है। और अब इस बात के चर्चे तो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच में भी होने लगे हैं। पार्टी के किसी नेता को मुख्यमंत्री से मुलाकात करनी हो तो मुलाकात नहीं हो पाती। प्रदेश की जनता भी अब दवी जुवान ये कहने लगी है कि मोहन यादव उज्जैन के ही मुख्यमंत्री बन कर रहना चाहते हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार संघ भी मोहन यादव के उज्जैन दौरे और उज्जैन प्रेम पर काफी नजर रख रहा है।

📷 Mohan Yadav- Kamal Nath
मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) आज तक उज्जैन से बाहर नहीं निकल पाए हैं। इसकी बानगी उस वक्त देखने को मिलती है जब हर तीसरे दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन के प्रवास में रहते हैं। इस बात में कोई सक नहीं है कि उज्जैन एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी है लेकिन मुख्यमंत्री को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वो अकेले उज्जैन के सीएम नहीं हैं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री वही हैं। सीएम बनने के बाद विधानसभा में भी जब मुख्यमंत्री मोहन यादव का पहला भाषण हुआ तो उन्होने अपने 15 मिनट के भाषण में करीब 10 बार उज्जैन का नाम लिया। ठीक इसी प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) का भी छिंदवाड़ा प्रेम देखने को मिलता था। हर तीसरे दिन सीएम रहते उनका छिंदवाड़ा दौरा होता था कोई विकास की बात हो तो छिंदवाड़ा से ही शुरु होती थी। कमलनाथ अपने 15 महीने के कार्यकाल में छिंदवाड़ा से बाहर नहीं निकल पाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी ठीक उन्ही के रास्ते पर चल पड़े हैं। करीब डेढ़ महीने मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने हो चुका है इस बीच करीब 20 दौरे वो उज्जैन के कर चुके हैं हर तीसरा दिन मोहन यादव का उज्जैन में ही बीतता है। और अब इस बात के चर्चे तो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच में भी होने लगे हैं। पार्टी के किसी नेता को मुख्यमंत्री से मुलाकात करनी हो तो मुलाकात नहीं हो पाती। प्रदेश की जनता भी अब दवी जुवान ये कहने लगी है कि मोहन यादव उज्जैन के ही मुख्यमंत्री बन कर रहना चाहते हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार संघ भी मोहन यादव के उज्जैन दौरे और उज्जैन प्रेम पर काफी नजर रख रहा है।
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