बीजेपी के पोस्टरों से गायब होंगे 'मामा' मोहन युग की ओर आगे बढ़ेगी बीजेपी
मप्र बीजेपी ने अब तय कर दिया है कि 'मामा' राज खत्म हो चुका है। इसकी बानगी के तौर पर पहले सीएम पद की कुर्सी छीनी गई उसके बाद उन्हे एमपी में कोई जिम्मेदारी देने के बजाय साउथ में सक्रिय होने का निर्देश जारी किया गया। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब एमपी बीजेपी हर पोस्टर से पूर्व सीएम को हटाने की योजना पर काम कर रही है। दरअसल 18 साल तक एमपी में सीएम रहे मामा ने अन्य किसी नेता को एमपी बीजेपी में पनपने नहीं दिया यही कारण है कि आज भारतीय जनता पार्टी को चुनाव के दौरान मोदी के सहारे ही चलना पड़ता है। लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) को भी पूर्व सीएम ने केन्द्र सरकार की बगैर अनुमति के शुरु किया था जो आज मोहन सरकार (mohan government) के लिए समस्य बन चुकी है हर महीने सरकार को 1500 करोड़ से ऊपर का बजट लाड़ली बहना योजना के लिए बनाना पड़ रहा है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार लाड़ली बहना योजना की फरवरी में मिलने वाली किस्त के लिए राज्य सरकार के पास बजट नहीं है। यही कारण है कि सरकार को फिर कर्ज लेना पड़ रहा है। पूर्व सीएम के द्वारा अनेकों ऐसी योजनाएं हैं जिनमें सरकार को प्रतिमाह हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है और सरकार लगातार कर्ज के बोझ में दबती चली जा रही है। इसी लिए केन्द्रीय नेत्रृत्व ने तय किया है कि मामा द्वारा शुरु की गई योजनाओं को धीरे-धीरे बंद किया जाना चाहिए। उसके पहले पोस्टर बैनर से गायब करने की योजना है जिससे लोगों को ज्यादा भनक न लगने पाए। प्रदेश की जनता के मन में मोहन यादव को जगह दिलाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे एक नए युग की शुरुआत की जा सके। (mp bjp)

मप्र बीजेपी ने अब तय कर दिया है कि 'मामा' राज खत्म हो चुका है। इसकी बानगी के तौर पर पहले सीएम पद की कुर्सी छीनी गई उसके बाद उन्हे एमपी में कोई जिम्मेदारी देने के बजाय साउथ में सक्रिय होने का निर्देश जारी किया गया। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब एमपी बीजेपी हर पोस्टर से पूर्व सीएम को हटाने की योजना पर काम कर रही है। दरअसल 18 साल तक एमपी में सीएम रहे मामा ने अन्य किसी नेता को एमपी बीजेपी में पनपने नहीं दिया यही कारण है कि आज भारतीय जनता पार्टी को चुनाव के दौरान मोदी के सहारे ही चलना पड़ता है। लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) को भी पूर्व सीएम ने केन्द्र सरकार की बगैर अनुमति के शुरु किया था जो आज मोहन सरकार (mohan government) के लिए समस्य बन चुकी है हर महीने सरकार को 1500 करोड़ से ऊपर का बजट लाड़ली बहना योजना के लिए बनाना पड़ रहा है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार लाड़ली बहना योजना की फरवरी में मिलने वाली किस्त के लिए राज्य सरकार के पास बजट नहीं है। यही कारण है कि सरकार को फिर कर्ज लेना पड़ रहा है। पूर्व सीएम के द्वारा अनेकों ऐसी योजनाएं हैं जिनमें सरकार को प्रतिमाह हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है और सरकार लगातार कर्ज के बोझ में दबती चली जा रही है। इसी लिए केन्द्रीय नेत्रृत्व ने तय किया है कि मामा द्वारा शुरु की गई योजनाओं को धीरे-धीरे बंद किया जाना चाहिए। उसके पहले पोस्टर बैनर से गायब करने की योजना है जिससे लोगों को ज्यादा भनक न लगने पाए। प्रदेश की जनता के मन में मोहन यादव को जगह दिलाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे एक नए युग की शुरुआत की जा सके। (mp bjp)
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