गृह मंत्री को विधानसभा चुनाव में हरा कर पीसी शर्मा ने लहराया था जीत का पर्चम
भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट को भाजपा अपनी सीट मान कर चलती है और इस सीट से तत्कालीन गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता (umashankar gupta) चुनाव लड़ा करते थे। उमाशंकर गुप्ता का बड़ा राजनीतिक कद माना जाता है वो भोपाल के महापौर भी रह चुके हैं। लेकिन साल 2018 में उन्हे पीसी शर्मा (PC Sharma) से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। भारतीय जनता पार्टी यह मान कर चल रही थी कि दक्षिण-पश्चिम से किसी भी भाजपा नेता को कोई कांग्रेस नेता शिकस्त नहीं दे पाएगा लेकिन भाजपा के मुगालते उस वक्त दूर हो गए जब कांग्रेस पार्टी ने अपने तुरुप के इक्के यानि पीसी शर्मा को चुनाव मैदान में उतार दिया। पीसी शर्मा कांग्रेस के उन नेताओं में शुमार किए जाते हैं जिन्हे भोपाल की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा दो वो पार्टी के लिए पूरी क्षमता के साथ जी जान लगा कर जुट जाते हैं । उनकी छवि भी निर्दाग और मिलनसार है यही कारण है कि कांग्रेस ने जब पीसी शर्मा पर दांव लगाया तो भाजपा को बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी कि पीसी शर्मा उमाशंकर गुप्ता को हरा पाएंगे लेकिन आखिर में वही परिणाम आए जिसकी भाजपा को उम्मीद भी नहीं थी। अब एक बार फिर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा दक्षिण-पश्चिम (dakshin paschim) विधानसभा से चुनाव मैदान में हैं और जनता का आशीर्वाद चाहते हैं। इस बात में कोई शक नहीं कि पीसी शर्मा को भोपाल की 108 भी कहा जाता है मतलब घटना होने के बाद एंबुलेंस भले लेट पहुंचे लेकिन पीसी शर्मा घटना स्थल पर तुरंत पहुंचते हैं।

📷 PC Sharma
भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट को भाजपा अपनी सीट मान कर चलती है और इस सीट से तत्कालीन गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता (umashankar gupta) चुनाव लड़ा करते थे। उमाशंकर गुप्ता का बड़ा राजनीतिक कद माना जाता है वो भोपाल के महापौर भी रह चुके हैं। लेकिन साल 2018 में उन्हे पीसी शर्मा (PC Sharma) से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। भारतीय जनता पार्टी यह मान कर चल रही थी कि दक्षिण-पश्चिम से किसी भी भाजपा नेता को कोई कांग्रेस नेता शिकस्त नहीं दे पाएगा लेकिन भाजपा के मुगालते उस वक्त दूर हो गए जब कांग्रेस पार्टी ने अपने तुरुप के इक्के यानि पीसी शर्मा को चुनाव मैदान में उतार दिया। पीसी शर्मा कांग्रेस के उन नेताओं में शुमार किए जाते हैं जिन्हे भोपाल की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा दो वो पार्टी के लिए पूरी क्षमता के साथ जी जान लगा कर जुट जाते हैं । उनकी छवि भी निर्दाग और मिलनसार है यही कारण है कि कांग्रेस ने जब पीसी शर्मा पर दांव लगाया तो भाजपा को बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी कि पीसी शर्मा उमाशंकर गुप्ता को हरा पाएंगे लेकिन आखिर में वही परिणाम आए जिसकी भाजपा को उम्मीद भी नहीं थी। अब एक बार फिर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा दक्षिण-पश्चिम (dakshin paschim) विधानसभा से चुनाव मैदान में हैं और जनता का आशीर्वाद चाहते हैं। इस बात में कोई शक नहीं कि पीसी शर्मा को भोपाल की 108 भी कहा जाता है मतलब घटना होने के बाद एंबुलेंस भले लेट पहुंचे लेकिन पीसी शर्मा घटना स्थल पर तुरंत पहुंचते हैं।
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What is your reaction to this story?मौन होकर चुनाव की बिसात बिछा रहे भाजपा के नेता,असंतुष्टों को भी साधने में हो रहे कामयाब
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