उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के शासकीय आवास पर रीवा की जनता का होता है अपमान
विंध्य क्षेत्र से उप मुख्यमंत्री बनाए गए राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर रीवा सहित विंध्य के रहवासियों के साथ भेदभाव की खबरें आ रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उप मुख्यमंत्री के निजी सचिव आनंद भट्ट का ब्यौहार रीवा की जनता के प्रति ठीक नहीं बताया जाता है। इतना ही नहीं विंध्य क्षेत्र के मीडिया कर्मी जो भोपाल के अलग-अलग न्यूज चैनल अथवा अखबार में काम करते हैं और वो आनंद भट्ट को फोन करते हैं तो आनंद भट्ट बुरी तरह से बात करते हैं। आनंद भट्ट के बात करने के तरीके पर ना सिर्फ मीडिया कर्मी नाराज बताए जा रहे हैं बल्कि विंध्य अथवा रीवा से आने वाले सामान्य नागरिक अथवा भाजपा के कार्यकर्ता भी काफी नाराज नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि राजेन्द्र शुक्ला को ब्राह्मण होने और विंध्य में भाजपा के पक्ष में अच्छे नतीजे आने के इनाम के तौर पर उप मुख्यमंत्री बनाया गया था। राजेन्द्र शुक्ला में तो कमी की शिकायत नहीं है क्योंकि उन तक कोई पहुंच जाता है तो उसका काम हो अथवा नहीं लेकिन राजेन्द्र शुक्ला उसकी बात सुनते हैं और उस काम को पूरा करने का आश्वासन भी देते हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या इसी बात की है कि राजेन्द्र शुक्ला से भोपाल में मिलना आम जनता को मुश्किल हो रहा है। क्योंकि उनका जो स्टाफ है उनका ब्यौहार ही जनता के प्रति ठीक नहीं है। और जिस प्रकार से रीवा-सतना और सीधी के लोगों को उपेक्षित किया जाता है उससे राजेन्द्र शुक्ला के प्रति लोगों के मन में नफरत का माहौल तैयार हो रहा है। राजेन्द्र शुक्ला को विकास पुरुष कहा जाता है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भी एक समस्या है। उनको विंध्य क्षेत्र के मीडिया कर्मियों ने कई बार उनके स्टाफ के बारे में बताने का प्रयास भी किया जिसे राजेन्द्र शुक्ला सुनते तो बड़े ध्यान से हैं लेकिन उसके बाद वो गुनते नहीं हैं। मतलब साफ है कि जनता के साथ जिस प्रकार से दुरव्यहार की खबरें आ रही हैं अथवा उनके साथ जिस प्रकार से दुरव्यहार किया जा रहा है उसमें राजेन्द्र शुक्ला की भी मौन स्वीकृति है। नहीं तो इतनी शिकायतें मिलने के बाद भी राजेन्द्र शुक्ला अपने स्टाफ को नसीहत देते अथवा बदलाव की कोशिश करते।

📷 Rajendra Shukla
विंध्य क्षेत्र से उप मुख्यमंत्री बनाए गए राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर रीवा सहित विंध्य के रहवासियों के साथ भेदभाव की खबरें आ रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उप मुख्यमंत्री के निजी सचिव आनंद भट्ट का ब्यौहार रीवा की जनता के प्रति ठीक नहीं बताया जाता है। इतना ही नहीं विंध्य क्षेत्र के मीडिया कर्मी जो भोपाल के अलग-अलग न्यूज चैनल अथवा अखबार में काम करते हैं और वो आनंद भट्ट को फोन करते हैं तो आनंद भट्ट बुरी तरह से बात करते हैं। आनंद भट्ट के बात करने के तरीके पर ना सिर्फ मीडिया कर्मी नाराज बताए जा रहे हैं बल्कि विंध्य अथवा रीवा से आने वाले सामान्य नागरिक अथवा भाजपा के कार्यकर्ता भी काफी नाराज नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि राजेन्द्र शुक्ला को ब्राह्मण होने और विंध्य में भाजपा के पक्ष में अच्छे नतीजे आने के इनाम के तौर पर उप मुख्यमंत्री बनाया गया था। राजेन्द्र शुक्ला में तो कमी की शिकायत नहीं है क्योंकि उन तक कोई पहुंच जाता है तो उसका काम हो अथवा नहीं लेकिन राजेन्द्र शुक्ला उसकी बात सुनते हैं और उस काम को पूरा करने का आश्वासन भी देते हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या इसी बात की है कि राजेन्द्र शुक्ला से भोपाल में मिलना आम जनता को मुश्किल हो रहा है। क्योंकि उनका जो स्टाफ है उनका ब्यौहार ही जनता के प्रति ठीक नहीं है। और जिस प्रकार से रीवा-सतना और सीधी के लोगों को उपेक्षित किया जाता है उससे राजेन्द्र शुक्ला के प्रति लोगों के मन में नफरत का माहौल तैयार हो रहा है। राजेन्द्र शुक्ला को विकास पुरुष कहा जाता है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भी एक समस्या है। उनको विंध्य क्षेत्र के मीडिया कर्मियों ने कई बार उनके स्टाफ के बारे में बताने का प्रयास भी किया जिसे राजेन्द्र शुक्ला सुनते तो बड़े ध्यान से हैं लेकिन उसके बाद वो गुनते नहीं हैं। मतलब साफ है कि जनता के साथ जिस प्रकार से दुरव्यहार की खबरें आ रही हैं अथवा उनके साथ जिस प्रकार से दुरव्यहार किया जा रहा है उसमें राजेन्द्र शुक्ला की भी मौन स्वीकृति है। नहीं तो इतनी शिकायतें मिलने के बाद भी राजेन्द्र शुक्ला अपने स्टाफ को नसीहत देते अथवा बदलाव की कोशिश करते।
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