सिद्धार्थ तिवारी के बीजेपी ज्वाइन करते ही 'इस्तीफों' की झड़ी,राजेन्द्र शुक्ला के पास पहुंचे मंडल अध्यक्ष
सिद्धार्थ तिवारी (राज) के भाजपा ज्वाइन करते ही त्योंथर विधानसभा के सभी मंडल अध्यक्ष पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल (Rajendra Shukla) के पास इस्तीफा देने पहुंचे। गौरतलब है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के पोते सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भोपाल में सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ले ली है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर विधानसभा में सक्रिय थे और उन्हे टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन उनके मनसूबों पर उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने 144 नामों की पहली सूची जारी की और उसमें सिद्धार्थ के बजाय दो बार विधानसभा का चुनाव हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया गया। टिकट नहीं मिलने से नारा सिद्धार्थ तिवारी (राज) ने बीजेपी नेताओं से संपर्क साधा जिसमें मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भूमिका अहम मानी जा रही है। सभी से संपर्क के बाद सिद्धार्थ तिवारी को भोपाल में भाजपा की सदस्यता दिला दी गई। लेकिन इस सदस्यता का साइडइफेक्ट इतना भयानक होगा भाजपा के संगठन को बिलकुल अंदाजा नहीं था। जैसे ही सिद्धार्थ ने पंजा छोड़ फूल पकड़ा त्योंथर के मंडल अध्यक्षों ने बगावती तेवर अपना लिया। परिणाम यह निकला कि त्योंथर के सभी मंडल अध्यक्ष एक साथ मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास अमहिया पहुंचे इन अध्यक्षों में पार्टी के वरिष्ठ और निष्ठावान मंडल अध्यक्ष राजनारायण तिवारी भी शामिल थे। सभी मंडल अध्यक्षों ने अपने इस्तीफे की पेसकश राजेन्द्र शुक्ला से कर दी। हांलाकी मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सभी को समझाइश देते हुए नेतृत्व से बात करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि सिद्धार्थ तिवारी का पैत्रिक विधानसभा क्षेत्र मनगवां है और वो आरक्षित सीट है जिसके कारण सिद्धार्थ तिवारी अपना राजनीतिक भविष्य त्योंथर में तलाश रहे हैं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी भी जीवन का पहला विधानसभा चुनाव त्योंथर से ही जीते थे। इसी लिए सिद्धार्थ तिवारी को उम्मीद है कि त्योंथर की जनता उनके भविष्य को भी उज्वल करेगी। लेकिन त्योंथर के भाजपा कार्यकर्ता फिलहाल सिद्धार्थ तिवारी को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।

📷 MP elections
सिद्धार्थ तिवारी (राज) के भाजपा ज्वाइन करते ही त्योंथर विधानसभा के सभी मंडल अध्यक्ष पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल (Rajendra Shukla) के पास इस्तीफा देने पहुंचे। गौरतलब है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के पोते सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भोपाल में सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ले ली है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर विधानसभा में सक्रिय थे और उन्हे टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन उनके मनसूबों पर उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने 144 नामों की पहली सूची जारी की और उसमें सिद्धार्थ के बजाय दो बार विधानसभा का चुनाव हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया गया। टिकट नहीं मिलने से नारा सिद्धार्थ तिवारी (राज) ने बीजेपी नेताओं से संपर्क साधा जिसमें मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भूमिका अहम मानी जा रही है। सभी से संपर्क के बाद सिद्धार्थ तिवारी को भोपाल में भाजपा की सदस्यता दिला दी गई। लेकिन इस सदस्यता का साइडइफेक्ट इतना भयानक होगा भाजपा के संगठन को बिलकुल अंदाजा नहीं था। जैसे ही सिद्धार्थ ने पंजा छोड़ फूल पकड़ा त्योंथर के मंडल अध्यक्षों ने बगावती तेवर अपना लिया। परिणाम यह निकला कि त्योंथर के सभी मंडल अध्यक्ष एक साथ मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास अमहिया पहुंचे इन अध्यक्षों में पार्टी के वरिष्ठ और निष्ठावान मंडल अध्यक्ष राजनारायण तिवारी भी शामिल थे। सभी मंडल अध्यक्षों ने अपने इस्तीफे की पेसकश राजेन्द्र शुक्ला से कर दी। हांलाकी मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सभी को समझाइश देते हुए नेतृत्व से बात करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि सिद्धार्थ तिवारी का पैत्रिक विधानसभा क्षेत्र मनगवां है और वो आरक्षित सीट है जिसके कारण सिद्धार्थ तिवारी अपना राजनीतिक भविष्य त्योंथर में तलाश रहे हैं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी भी जीवन का पहला विधानसभा चुनाव त्योंथर से ही जीते थे। इसी लिए सिद्धार्थ तिवारी को उम्मीद है कि त्योंथर की जनता उनके भविष्य को भी उज्वल करेगी। लेकिन त्योंथर के भाजपा कार्यकर्ता फिलहाल सिद्धार्थ तिवारी को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।
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पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची
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