वोट के लिए महिलाओं का 1500 रुपये मूल्य निर्धारित कर 'नारी शक्ति का वंदन' कर रही भाजपा

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा ने जोरदार माहौल बनाने का प्रयास किया। पहले सड़क फिर सदन में जोरदार चर्चा हुई। आजादी से अब तक महिलाओं के विकास की बात होती रही लेकिन उन्हें उनकी क्षमता के अनुसार आज तक वो स्थान नहीं मिला जिसकी वो हकदार थीं। लेकिन साल 2023 विधानसभा चुनाव से भाजपा ने नारी की शक्ति को पहचाना और उन्हें महज एक हजार रुपये देकर उनकी क्षमता का मूल्य निर्धारित किया जो अब 1500 रुपये तक पहुंच चुका है। घर की अर्थव्यवस्था का आधार रही महिलाओं को लेकर उनके विकास और उचित स्थान के लिए देश के राजनीतिक दलों में चर्चा तो होती रही लेकिन वो चर्चा सिर्फ भाषणों तक ही सीमित रही। कांग्रेस में परिवारवाद के बीच नारी को देश के प्रधान मंत्री की कुर्सी तक बैठाया लेकिन वो एक अपवाद बन कर ही रह गया। इंदिरा गंधी जिन्हें आयरन लेडी कहा गया उन्होंने खुद के आगे अन्य किसी महिला को राजनीति में लाने अथवा चूल्हा-चौका से दूर करने की नहीं सोची। 21वीं सदी में अब राजनीति उस दौर में पहुंच चुकी है जहां नारी को सम्मान और उनका अधिकार देने की एक बहस छिड़ चुकी है। लेकिन सवाल इस बात का उठ रहा है कि जो पार्टी यानि भाजपा महिलाओं की शक्ति का मूल्य निर्धारित कर चुकी है वही भाजपा महिलाओं के विकास की बात कर रही है। पिछले कुछ महीनों से भाजपा के संगठन में नियुक्तियां हो रही हैं जिसमें महिलाओं को स्थान दिया जा रहा है। लेकिन अध्यक्ष के तौर पर एक जिला छोड़ कर अन्य किसी जिले में भाजपा ने महिला को जिला अध्यक्ष नहीं बनाया है। भाजपा में जब बड़ी संगठनात्मक बैठकें होती हैं तो उसमें महिलाएं महज भीड़ बढ़ाने का काम करती हैं। किसी भी महिला नेत्री को बोलने का मौका नहीं दिया जाता है। ऐसी स्थिति में भाजपा नारी के वंदन और उसके शक्ति की बात करती है। ऐसा नहीं कि भाजपा में नेतृयों की कमी है। मोहन सरकार से लेकर हेमंत खंडेलवाल के संगठन में की महिलाओं शामिल किया गया है लेकिन सरकार और संगठन में उन्हीं महिलाओं को स्थान मिला है जो सिर्फ भीड़ बढ़ाने का काम करती हैं। कहीं भी राजनीतिक कार्यक्रम में भाजपा की नेतृयों को बोलते हुए नहीं देखा जाता है। ऐसी स्थिति में किस प्रकार से नारी शक्ति का वंदन होगा और किस प्रकार से विकास होगा। महिलाओं को सक्षम और आत्म निर्भर बनाने के बजाय मुफ्त में कुछ राशि देकर उनका वोट लेने की लगातार कोशिश हो रही है और बाद नारी के वंदन और उनके शक्ति के सम्मान की हो रही है।
Reader Reactions
What is your reaction to this story?जिसके साथ जीने मरने की कसम खाई उसी युवती से तंग आकर खुदकुशी कर ली और आरोप पत्नी के साथ दादी सास पर लगाया
दतिया विधानसभा में उप चुनाव लगभग तय बीजेपी ने शुरु की चुनावी तैयारी
Reader Discussion & Comments (0)
Moderated CommentsRelated Top News

नए साल में शासकीय कर्मचारियों को सीएम मोहन यादव की सौगात,पहली तारीख को मिलेगा वेतन
30/12/2023
शासकीय कर्मचारियों को 4% डीए की जल्द मिलेगी सौगात,सीएम यादव जल्द करेंगे घोषणा
1/1/2024
शासकीय कर्मचारियों का मनचाही जगह पर होगा तबादला,वेतन विसंगति दूर करने पर भी सीएम का जोर
29/7/2024